कहलगांव में प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में 440 मामले का किया गया निपटारा 1.76 करोड़ का समझौता कहलगांव व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शनिवार को दोपहर 3:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार बताया गया की इस लोक अदालत में आपसी सहमति से कुल 440 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में 1 करोड़ 76 लाख 35 हजार 73 रुपये की राशि पर समझौता हुआ, जबकि 1 करोड़ 40 लाख 72 हजार 303 रुपये की राशि की वसूली भी की गई। प्रथम बेंच में अवर न्यायाधीश प्रथम अखिलेश कुमार और अधिवक्ता शंकर रविदास न्यायिक पदाधिकारी के रूप में शामिल थे। इस बेंच ने मनी सूट के दो मामलों सहित कुल 304 मामलों का निपटारा किया। इन मामलों में 1 करोड़ 14 लाख 36 हजार 651 रुपये की राशि पर समझौता हुआ।दूसरी बेंच की न्यायिक पदाधिकारी मुंसिफ प्रज्ञा मिश्रा और अधिवक्ता शंकर प्रसाद शाह थे। इस बेंच ने कुल 136 मामलों का निस्तारण किया, जिसमें 61 लाख 98 हजार 422 रुपये की राशि पर समझौता हुआ तथा 37 लाख 93 हजार 182 रुपये की वसूली की गई। निष्पादित मामलों में विभिन्न बैंकों और संस्थानों से जुड़े प्रकरण शामिल थे। इनमें स्टेट बैंक के 95, यूको बैंक के 143, ग्रामीण बैंक के 147, यूनियन बैंक के 14, बीएसएनएल का 1, आरोहण के 22, बैंक ऑफ बड़ौदा के 9, इंडियन ओवरसीज बैंक के 2, पंजाब नेशनल बैंक के 3 और केनरा बैंक के 2 मामले शामिल थे। इन सभी मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्राधिकार के अध्यक्ष अवर न्यायाधीश अखिलेश कुमार, सचिव मुंसिफ प्रज्ञा मिश्रा, प्राधिकार के मनीष पांडेय, शिवनारायणपुर स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर परमानंद शुक्ला और धनंजय कुमार मौजूद थे। अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने अपने संबोधन में बैंकरों से मामलों के निष्पादन में लचीला रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य सुलह और समझौते के माध्यम से लंबित वादों का त्वरित निस्तारण कर लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना है।
कहलगांव में प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में 440 मामले का किया गया निपटारा 1.76 करोड़ का समझौता कहलगांव व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शनिवार को दोपहर 3:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार बताया गया की इस लोक अदालत में आपसी सहमति से कुल 440 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में 1 करोड़ 76 लाख 35 हजार 73 रुपये की राशि पर समझौता हुआ, जबकि 1 करोड़ 40 लाख 72 हजार 303 रुपये की राशि की वसूली भी की गई। प्रथम बेंच में अवर न्यायाधीश प्रथम अखिलेश कुमार और अधिवक्ता शंकर रविदास न्यायिक पदाधिकारी के रूप में शामिल थे। इस बेंच ने मनी सूट के दो मामलों सहित कुल 304 मामलों का निपटारा किया। इन मामलों में 1 करोड़ 14 लाख 36 हजार 651 रुपये की राशि पर समझौता हुआ।दूसरी बेंच की न्यायिक पदाधिकारी मुंसिफ प्रज्ञा मिश्रा और अधिवक्ता शंकर प्रसाद शाह थे। इस बेंच ने कुल 136 मामलों का निस्तारण किया, जिसमें 61 लाख 98 हजार 422 रुपये की राशि पर समझौता हुआ तथा 37 लाख 93 हजार 182 रुपये की वसूली की गई। निष्पादित मामलों में विभिन्न बैंकों और संस्थानों से जुड़े प्रकरण शामिल थे। इनमें स्टेट बैंक के 95, यूको बैंक के 143, ग्रामीण बैंक के 147, यूनियन बैंक के 14, बीएसएनएल का 1, आरोहण के 22, बैंक ऑफ बड़ौदा के 9, इंडियन ओवरसीज बैंक के 2, पंजाब नेशनल बैंक के 3 और केनरा बैंक के 2 मामले शामिल थे। इन सभी मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्राधिकार के अध्यक्ष अवर न्यायाधीश अखिलेश कुमार, सचिव मुंसिफ प्रज्ञा मिश्रा, प्राधिकार के मनीष पांडेय, शिवनारायणपुर स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर परमानंद शुक्ला और धनंजय कुमार मौजूद थे। अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने अपने संबोधन में बैंकरों से मामलों के निष्पादन में लचीला रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य सुलह और समझौते के माध्यम से लंबित वादों का त्वरित निस्तारण कर लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना है।
- आखिरी बार देवनंदन अपने पिता के बरसी पर तीन साल पहले आया था। दो साल हो गए हैं, उसका चेहरा तक नहीं देखा। सरकार से अपील है कि किसी तरह मेरे बेटे की लाश को मेरे घर पहुंचा दे ताकि आखिरी बार जी-भरकर अपने बेटे को निहार सकूं, आखिरी बार उसे घर से विदा कर सकूं। पति 2023 में मुझे अकेला छोड़ गए थे, अब बेटा भी बेसहारा कर गया।भागलपुर के सन्हौला प्रखंड के रानी बमिया गांव की रहने वाली 78 साल की गायत्री सिंह ने शनिवार को संध्या 4:00 बजे ये बातें कही हैं। दरअसल, गायत्री सिंह के सबसे बड़े बेटे 55 साल के देवनंदन प्रसाद सिंह 11 मार्च को ईरान की ओर से किए गए एक हमले के शिकार हो गए। देवनंदन घटना के दौरान अमेरिकी तेल टैंकर सेफ-सी विष्णु पर तैनात थे। वे पेशे से चीफ इंजीनियर थे। फिलहाल, देवनंदन की लाश भारत नहीं लाई गई है। इस बारे में देवनंदन के परिजन को भी कुछ जानकारी नहीं है। गायत्री सिंह के मुताबिक, देवनंदन की पत्नी, मेरी पोती कोमल और मेरा छोटा बेटा कृष्णानंद सिंह दिल्ली गए हुए हैं। गायत्री सिंह ने कहा कि 12 मार्च की सुबह ही छोटे बेटे को देवनंदन की मौत की खबर मिल चुकी थी। घर में उसने देर शाम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देवनंदन का बेटा क्षितिज देव जापान में इंजीनियर है, जबकि बेटी कोमल मेडिकल की तैयारी कर रही है। गायत्री ने बताया कि आखिरी बार तीन साल पहले देवनंदन भागलपुर आया था। तब मेरे पति और उसके पिता की बरसी थी। उसके बाद से बेटे से फोन पर ही बात होती थी। देवनंदन अपनी पत्नी कुमकुम के साथ मुंबई में रहता है। उन्होंने बताया कि देवनंदन साल 1994 से ही पानी वाले जहाज पर जॉब करने लगा था। नौकरी लगने के बाद भी वो पर्व, त्योहार पर भागलपुर अपने गांव आता-जाता था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईराक के समुद्री क्षेत्र में 11 मार्च को अमेरिकी तेल टैंकर 'सेफ-सी विष्णु' पर हमला कर दिया था। इस हमले में 27 लोग घायल हो गए, जबकि देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई थी।1
- पेयजल संकट पर फूटा गुस्सा, डुमरामा वार्ड नंबर 3 के लोगों ने किया प्रदर्शन अमरपुर नगर पंचायत के डुमरामा वार्ड नंबर तीन यादव मोहल्ले में पेयजल संकट को लेकर शनिवार को वार्ड वासियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने वार्ड में स्थित जलमीनार के पास एकजुट होकर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।1
- भागलपुर जिले के सनहौला प्रखंड के बड़ी नेकी गांव के रहने वाले मुहम्मद नजीर की होली (3 मार्च) के दिन बेरहमी से हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि वह घोघा थाना क्षेत्र के एकचारी स्थित एक होटल में काम करते थे। आरोप है कि हत्या के बाद उनके शव को सात टुकड़ों में काट दिया गया और सिर को अलग कर मिट्टी में दफना दिया गया। 6 मार्च को मामले की सूचना मिलने पर घोघा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आज परिजन शव लेने पहुंचे, लेकिन शव की हालत इतनी खराब थी कि उसे ले जाना संभव नहीं हो पाया। पुलिस की पूछताछ के बाद आरोपी ने सिर को दफनाने की बात कबूल की। मुहम्मद नजीर अपने पीछे दो बेटियां छोड़ गए हैं, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है जबकि दूसरी की शादी बाकी है। अब सवाल उठ रहा है कि इस परिवार की जिम्मेदारी कौन लेगा और उन्हें न्याय कब मिलेगा?1
- भागलपुर संभावित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड के बैजानी गांव में जिला प्रशासन की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया निरीक्षण के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार, डीडीसी प्रदीप कुमार, एसडीएम समेत जिले के कई वरीय पदाधिकारी काफिले के साथ बैजानी पहुंचे। अधिकारियों ने संभावित कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया और वहां की व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, मंच तथा अन्य सुविधाओं का बारीकी से सर्वे किया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर अभी तिथि निर्धारित नहीं हुई है, लेकिन संभावित आगमन को देखते हुए प्रशासन पहले से ही तैयारी में जुट गया है उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम जगदीशपुर के बैजानी में आयोजित होता है तो यहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। साथ ही कार्यक्रम को लेकर सभी मजिस्ट्रेट की तैनाती की योजना भी तैयार कर ली गई है।वहीं वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि संभावित कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के हर पहलू का आकलन किया जा रहा है ताकि मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का किसी जिले में आगमन वहां के लिए खुशी और गौरव की बात होती है। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि यदि कार्यक्रम तय होता है तो सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारु और व्यवस्थित रहें बाइट -- डॉ नवल किशोर चौधरी जिलाधिकारी भागलपुर3
- Post by User7197 मेराज सिलवर1
- सुंदरचक स्थित Sunrise Public School में आज रोज़ेदारों के लिए दावत-ए-इफ्तार का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर इलाके के सैकड़ों रोज़ेदारों और गणमान्य लोगों ने शिरकत की। इफ्तार से पहले सभी ने मुल्क में अमन, भाईचारा और तरक्की के लिए दुआएं मांगी। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल के संचालक Md Arshad Jamil के नेतृत्व में किया गया, जहां स्कूल की पूरी टीम ने मिलकर मेहमानों की बेहतरीन मेहमाननवाज़ी की। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बावजूद व्यवस्था काफी शानदार रही, जिसे देखकर सभी लोग आयोजकों की सराहना करते नजर आए1
- गैस की समस्या को लेकर लोग परेशान,जिला अधिकारी ने कहा अफवाह पर ध्यान न दें।1
- कहलगांव व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शनिवार को दोपहर 3:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार बताया गया की इस लोक अदालत में आपसी सहमति से कुल 440 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में 1 करोड़ 76 लाख 35 हजार 73 रुपये की राशि पर समझौता हुआ, जबकि 1 करोड़ 40 लाख 72 हजार 303 रुपये की राशि की वसूली भी की गई। प्रथम बेंच में अवर न्यायाधीश प्रथम अखिलेश कुमार और अधिवक्ता शंकर रविदास न्यायिक पदाधिकारी के रूप में शामिल थे। इस बेंच ने मनी सूट के दो मामलों सहित कुल 304 मामलों का निपटारा किया। इन मामलों में 1 करोड़ 14 लाख 36 हजार 651 रुपये की राशि पर समझौता हुआ।दूसरी बेंच की न्यायिक पदाधिकारी मुंसिफ प्रज्ञा मिश्रा और अधिवक्ता शंकर प्रसाद शाह थे। इस बेंच ने कुल 136 मामलों का निस्तारण किया, जिसमें 61 लाख 98 हजार 422 रुपये की राशि पर समझौता हुआ तथा 37 लाख 93 हजार 182 रुपये की वसूली की गई। निष्पादित मामलों में विभिन्न बैंकों और संस्थानों से जुड़े प्रकरण शामिल थे। इनमें स्टेट बैंक के 95, यूको बैंक के 143, ग्रामीण बैंक के 147, यूनियन बैंक के 14, बीएसएनएल का 1, आरोहण के 22, बैंक ऑफ बड़ौदा के 9, इंडियन ओवरसीज बैंक के 2, पंजाब नेशनल बैंक के 3 और केनरा बैंक के 2 मामले शामिल थे। इन सभी मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्राधिकार के अध्यक्ष अवर न्यायाधीश अखिलेश कुमार, सचिव मुंसिफ प्रज्ञा मिश्रा, प्राधिकार के मनीष पांडेय, शिवनारायणपुर स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर परमानंद शुक्ला और धनंजय कुमार मौजूद थे। अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने अपने संबोधन में बैंकरों से मामलों के निष्पादन में लचीला रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य सुलह और समझौते के माध्यम से लंबित वादों का त्वरित निस्तारण कर लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना है।1