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झरिया कोयला खदानें: यह सबसे महत्वपूर्ण और पुरानी खदानों में से एक है
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
झरिया कोयला खदानें: यह सबसे महत्वपूर्ण और पुरानी खदानों में से एक है
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- ग्रामीणों ने माता रानी की पूजा-अर्चना के बाद जवारे को सिर पर रखकर पूरे गांव में शोभायात्रा निकाली। ढोल-नगाड़ों और माता के जयकारों से पूरा गांव भक्तिमय माहौल में डूब गया। इस दौरान पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।2
- झरिया कोयला खदानें: यह सबसे महत्वपूर्ण और पुरानी खदानों में से एक है1
- महोबा जनपद स्पेशल।। भले ही हमारी सरकार लाखों का बजट खर्च करके गांव और शहरों की गलियो को स्वच्छ बनाने का काम कर रही हो। परंतु कुछ अधिकारियों कर्मचारियों की ढुलमुल रवैया से कई गांवों में रास्तों की हालत इतनी खराब है कि लोग निकलने में परेशान हो रहे है। जनपद महोबा अंतर्गत विकासखंड चरखारी के ग्राम बपरेथा का मामला।। #गड़बड़झाला #mahobanews #चरखारी1
- Post by बजरंग दल अध्यक्ष कबरई1
- यूपी के महोबा में तहबाजारी ठेका की खुली बोली प्रक्रिया के दौरान ईओ और चेयरमैन की मौजूदगी में नगर पालिका के दो सभासदों के बीच नोंक-झोंक हो गई। दबंग सभासद ने दर्जनों लोगों के सामने सामूहिक रूप से दलित सभासद को अपमानित किया इतने पर भी उसका मन नहीं भरा तो दलित सभासद के साथ जमकर गाली गलौज कर अभद्रता की गई। नगर पालिका सभागार में हुई नोंकझोंक का वीडियो कैमरे में कैद हो गया जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। दबँग की दबँगई का शिकार हुए पीड़ित सभासद ने कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। नगर पालिका में दर्जनों लोगों के सामने सामूहिक रूप से सभासद द्वारा दूसरे सभासद को अपमानित किया गया यह अपने आप में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल मामला शहर कोतवाली कस्बा क्षेत्र के नगर पालिका परिसर का है। जहां ईओ और चेयरमैन की मौजूदगी में तहबाजारी ठेका की खुली बोली लगाई जा रही थी अधिशाषी अधिकारी अवधेश कुमार और नगर पालिका अध्यक्ष डॉ संतोष कुमार चौरसिया सहित नगर पालिका के सभी सभासदों एवं ठेकेदारों की मौजूदगी में चल रही ठेका की बोली प्रक्रिया के दौरान अचानक बोली रोकने के लिए एक सभासद द्वारा प्रयास किया जाने लगा जिसका विरोध दूसरे सभासद ने किया इसके बाद आक्रोशित हुए सभासद द्वारा दलित सभासद के साथ जमकर अभद्रता की गई इतने पर भी दबंग सभासद का मन नहीं भरा और उसने सामूहिक रूप से गाली गलौज करते हुए दलित सभासद को अपमानित कर दिया। अधिशाषी अधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष के सामने यह सब होता रहा लेकिन मूकदर्शक बने बैठे दोनों जिम्मेदार बगलें झांकते नजर आए। दबंग सभासद की दबंगई का वीडियो कैमरे में कैद हो गया जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।पीड़ित सभासद का कहना है कि बीते कई सालों से इन लोगों द्वारा करोड़ों रुपए का घोटाला करके टेंडर प्रक्रिया को बाधित किया जाता रहा है इस वर्ष निष्पक्ष टेंडर प्रक्रिया चल रही थी जिसे इन लोगों द्वारा रोकने का प्रयास किया गया मेरे द्वारा बोली ना रोकने और प्रक्रिया को जारी रखने की बात कही गई जिसके बाद सभासद शैलू पाण्डेय आक्रोशित हो गए और अभद्रता करने लगे इसके साथ ही उनके द्वारा गाली गलौज की गई बीते साल महज 10 लाख रुपए में टेंडर हुआ था इस बार खुली बोली लगाई जा रही थी सभी लोग मौजूद थे हमारे द्वारा प्रयास किया जा रहा था कि नगर पालिका का राजस्व बढ़ाया जाए और जो ठेकेदार ज्यादा बोली लगाए उसका ठेका हो लेकिन इसका विरोध इन लोगों द्वारा किया जा रहा था मुझे सामूहिक रूप से अपमानित किया गया है,मैं इस मामले में विचार करके कानूनी कार्रवाई करूंगा। मामले को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष डॉ संतोष कुमार चौरसिया का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया संपन्न कराई गई है,टेंडर प्रक्रिया पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार अच्छा राजस्व देकर गई है पिछले वर्ष 10 लाख 51000 में टेंडर हुआ था लेकिन इस वर्ष 32 लाख 77000 में अंतिम बोली लगाई गई है। बोली के दौरान दो सभासदों में आपस में नोंक झोंक हो गई थी दोनों को बुलाकर शांत करा दिया गया है। बहरहाल जिस तरीके से नगर पालिका सभागार में टेंडर प्रक्रिया की बोली के दौरान दबंग सभासद ने दलित सभासद के साथ अभद्रता कर उसे अपमानित किया है,इससे नगर पालिका में फैले भ्रष्टाचार और दबंगई को सामने लाकर रख दिया है अब देखने वाली बात होगी इस मामले में क्या कार्रवाई अमल में लाई जाती है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।1
- हमीरपुर के सरीला तहसील अंतर्गत ग्राम मनकहरी जरियाटीला में विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण आग लगने से डेढ़ बीघा की फसल जलकर राख हो गई। किसान राधा चरन पुत्र श्रीचन्द्र का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका कहना है कि कैसे वह अपने बाल-बच्चों का भरण-पोषण करेंगे। राधा चरन ने सरकार और विद्युत विभाग से उचित मुआवजा दिलाए जाने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उनकी फसल ही उनकी जीविका का साधन है, जो अब जलकर राख हो गई है। उन्होंने प्रशासन से मदद की अपील की है और कहा है कि अगर उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलता है तो उनका परिवार कैसे चलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है और विभाग को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द किसान को मुआवजा दिलाया जाए और विद्युत विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जाए। क्या आपको लगता है कि विद्युत विभाग को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और किसान को मुआवजा दिलाने में मदद करनी चाहिए?3
- Post by Vijay pal1
- रामनवमी पर्व पर महोबा प्रशासन की सुदृढ व्यवस्थाए1