पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र में विकास के दावों के बावजूद व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ देवहा बैगुल फीडर नहर मार्ग पर धुंधरी पुल से घेरा शरीफ होते हुए बहेड़ी जाने वाली सड़क इन दिनों बदहाली का शिकार है। लगभग चार किलोमीटर लंबा यह मार्ग बारिश के बाद मिट्टी के दलदल में बदल गया है, जिससे राहगीरों के लिए यात्रा करना बेहद जोखिम भरा हो गया है। इस बदहाल सड़क पर दोपहिया वाहन चालकों के फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है, वहीं पैदल चलने वाले ग्रामीण भी कीचड़ से बचते-बचाते मुश्किल से रास्ता पार कर पाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार रात हुई बारिश ने स्थिति को और बिगाड़ दिया, जिसके बाद शुक्रवार को सुस्वार निवासी लालता प्रसाद अपनी पत्नी के साथ धुंधरी भट्ठे के पास बाइक फिसलने से घायल हो गए। इसी तरह फरीदपुर निवासी हरेन्द्र रस्तोगी भी बाइक से गिरकर चोटिल हुए। ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग पर आए दिन हादसे होते रहते हैं और बहेड़ी, फरीदपुर, सरैनी तिरकुनियां, ढेरम, तुमड़िया, मुगला खेड़ा और धुंधरी सहित दर्जनों गाँवों के लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की दुर्दशा के कारण उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के ईंट भट्ठों द्वारा खेतों से जेसीबी मशीनों से मिट्टी निकाली जा रही है, और ट्रैक्टर-ट्रालियों से मिट्टी ले जाते समय सड़क पर गिर जाती है, जो बारिश में दलदल बन जाती है। उनकी शिकायत है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क से मिट्टी हटाने, जलभराव की समस्या दूर करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में, एसडीएम मयंक गोस्वामी ने बताया है कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और संबंधित विभाग को अवगत कराकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। अब ग्रामीणों की नज़र प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है, इस सवाल के साथ कि आखिर कब तक यह दलदल बनी सड़क फिर से लोगों के लिए सुरक्षित राह बन पाएगी।
पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र में विकास के दावों के बावजूद व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ देवहा बैगुल फीडर नहर मार्ग पर धुंधरी पुल से घेरा शरीफ होते हुए बहेड़ी जाने वाली सड़क इन दिनों बदहाली का शिकार है। लगभग चार किलोमीटर लंबा यह मार्ग बारिश के बाद मिट्टी के दलदल में बदल गया है, जिससे राहगीरों के लिए यात्रा करना बेहद जोखिम भरा हो गया है। इस बदहाल सड़क पर दोपहिया वाहन चालकों के फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है, वहीं पैदल चलने वाले ग्रामीण भी कीचड़ से बचते-बचाते मुश्किल से रास्ता पार कर पाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार रात हुई बारिश ने स्थिति को और बिगाड़ दिया, जिसके बाद शुक्रवार को सुस्वार निवासी लालता प्रसाद अपनी पत्नी के साथ धुंधरी भट्ठे के पास बाइक फिसलने से घायल हो गए। इसी तरह फरीदपुर निवासी हरेन्द्र रस्तोगी भी बाइक से गिरकर चोटिल हुए। ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग पर आए दिन हादसे होते रहते हैं और बहेड़ी, फरीदपुर, सरैनी तिरकुनियां, ढेरम, तुमड़िया, मुगला खेड़ा और धुंधरी सहित दर्जनों गाँवों के लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की दुर्दशा के कारण उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के ईंट भट्ठों द्वारा खेतों से जेसीबी मशीनों से मिट्टी निकाली जा रही है, और ट्रैक्टर-ट्रालियों से मिट्टी ले जाते समय सड़क पर गिर जाती है, जो बारिश में दलदल बन जाती है। उनकी शिकायत है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क से मिट्टी हटाने, जलभराव की समस्या दूर करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में, एसडीएम मयंक गोस्वामी ने बताया है कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और संबंधित विभाग को अवगत कराकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। अब ग्रामीणों की नज़र प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है, इस सवाल के साथ कि आखिर कब तक यह दलदल बनी सड़क फिर से लोगों के लिए सुरक्षित राह बन पाएगी।
- अमरिया में जनकल्याण और स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री ने एक बच्चे को खीर खिलाई, साथ ही उन्होंने पौधारोपण भी किया।1
- बरेली से मिली खबर के अनुसार, मंत्री संजय सिंह गंगवार के भतीजे वीर सिंह चाइनीज मांझे की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना ने चाइनीज मांझे के कहर को एक बार फिर उजागर किया है।1
- बरेली के श्यामगंज, बारादरी थाना क्षेत्र में एक युवक के चाइनीज मांझे से घायल होने की सूचना मिली है। इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बरेली, श्री अनुराग आर्य ने अपनी बाइट जारी की है, जिसमें पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई है।1
- बरेली के भुता थाना क्षेत्र के नगीरामपुर गांव में एक विधवा महिला की झोपड़ी और जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़िता ने गांव के दो युवकों पर गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाते हुए भुता थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता अफसाना, जो स्वर्गीय मोहम्मद ताहिर की पत्नी हैं, ने बताया कि वह पिछले सात वर्षों से सरकारी जमीन पर बनी अपनी झोपड़ी में रह रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव निवासी इस्लाम और नमाज, जो अशफाक के पुत्र हैं, उनकी इस जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते हैं। पीड़िता के अनुसार, 15 जून 2026 को सुबह करीब 7 बजे दोनों आरोपी लाठी-डंडे लेकर उनकी झोपड़ी पर पहुंचे और उन्हें गाली-गलौज करते हुए वहां से निकालने की कोशिश की। जब उन्होंने मना किया तो आरोपियों ने मारपीट करने की धमकी दी और उनकी झोपड़ी से सामान बाहर फेंकने लगे। अफसाना ने यह भी बताया कि वह विधवा होने के कारण अकेली रहती हैं, जिसका फायदा उठाकर आरोपी उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। पीड़िता ने उसी दिन, यानी 15 जून 2026 को थाना भुता के प्रभारी निरीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपनी आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आरोपी उनकी झोपड़ी पर कब्जा कर लेंगे और उन्हें बेघर कर देंगे। इस शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोप लगाने वाले पक्ष के लोगों से भी संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।4
- पीलीभीत के गांधी सभागार में 14 जून 2026 को माननीय जनप्रतिनिधियों की अध्यक्षता में एक विशेष जन-सम्पर्क एवं जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद स्थापित किया गया। इस कार्यक्रम में माननीय राज्यमंत्री/प्रभारी मंत्री (पीलीभीत) तथा कृषि, कृषि एवं अनुसंधान विभाग, उत्तर प्रदेश के श्री बलदेव सिंह औलख जी, माननीय राज्यमंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश के श्री संजय सिंह गंगवार जी, जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। संवाद के दौरान, प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश, राज्य और जनपद में कराए गए प्रमुख विकास कार्यों, परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने सरकार के 'सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास' के आधार पर कार्य करने की बात दोहराई और किसानों के खातों में सीधे किसान सम्मान निधि की किस्तों के हस्तांतरण का भी जिक्र किया। माननीय मंत्री श्री बलदेव सिंह औलख जी ने जनपद में चल रही और प्रस्तावित विभिन्न विकास परियोजनाओं की जानकारी दी। इसमें 269.13 करोड़ रुपये की लागत से धनारा घाट शारदा नदी सेतु पहुंच मार्ग निर्माण, 35.33 करोड़ रुपये की लागत से मझोला बिरहनी मार्ग के 4-लेन चैड़ीकरण का कार्य, जिसमें दो देवहा नदी सेतु भी शामिल हैं, तथा 31.69 करोड़ रुपये की लागत से बीसलपुर के ग्राम कितनापुर व भौरूआ के मध्य देवहा नदी पर सेतु निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त, कलीनगर के हरदोई नहर पर ग्राम डगा के पास पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर पूर्व निर्मित सेतु के समानान्तर शारदा नहर पर सेतु एवं पहुंच मार्ग का निर्माण 25.83 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। उन्होंने 115.40 करोड़ रुपये की लागत से पीलीभीत मझोला मार्ग से माधोपुर चैक फरीदपुर अमखिडिया डांग रिछा जहानाबाद मार्ग पर क्षतिग्रस्त रपटा, पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्यों की स्वीकृति की भी जानकारी दी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 700 किलोमीटर लंबे गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस वे के निर्माण की घोषणा की गई है, जो जनपद की तहसील बीसलपुर की 41 ग्राम पंचायतों को जोड़ेगा। 23.96 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय बिठौरा कला का निर्माण, 284 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण, और 116.92 करोड़ रुपये की लागत से देवहा नदी/भगा मोहम्मदगंज से माधोपुर भिखारीपुर एनएच-74 के मध्य सेतु का निर्माण भी पूरा किया गया है। उन्होंने अन्य निर्माणाधीन व पूर्ण हो चुके कार्यों की भी जानकारी दी। माननीय राज्यमंत्री श्री संजय सिंह गंगवार जी ने जनपद को मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धि मिलने, मिशन अलंकार के तहत स्कूलों के कायाकल्प होने और नए स्कूल मिलने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि जनपद में शीघ्र ही नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा, पूरे शहर को सीसीटीवी से लैस किया जाएगा और एक विश्वविद्यालय बनाने का कार्य भी शुरू किया जाएगा। संवाद के दौरान, प्रबुद्धजनों ने माननीय मंत्रियों से नेपाल के लिए सड़क निर्माण की मांग की, ताकि जनपद में निर्यात और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल सके। हीमोफीलिया से ग्रसित बच्चों के लिए फैक्टर 8 व 9 उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई। सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने पर प्रबुद्धजनों द्वारा हर्ष व्यक्त किया गया। इस संवाद कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) प्रसून द्विवेदी, जिला विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।4
- पीलीभीत जनपद के मरौरी ब्लॉक में स्थित ग्राम पंचायत ढेरम मंडरिया सहराई के कई परिवार पिछले लगभग 30 वर्षों से बिजली और सरकारी आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस लंबी अवधि के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन आज तक उनकी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार, ब्लॉक स्तर पर कई बार सर्वे कराए गए और अधिकारियों की टीमें भी मौके पर जांच के लिए पहुंचीं। इसके बावजूद, सर्वे के बाद भी पात्र परिवारों को न तो बिजली कनेक्शन मिला और न ही उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ दिया गया। इस निरंतर उपेक्षा के कारण स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी बढ़ती जा रही है, क्योंकि वे बरसों से कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। इन परिवारों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि पात्र व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच की जाए और उन्हें जल्द से जल्द बिजली और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।1
- पीलीभीत में एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह के अंतर्गत उन सभी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपनी परीक्षाओं में 70% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।1
- जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के निःशुल्क कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पात्र अनाथ बच्चों को प्रति माह 2500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। साथ ही, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, ब्लॉक प्रमुख निशान सिंह, पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी भुवन चन्द्र पंत और ग्राम प्रधान परमिन्दर सिंह सहित कई अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दौरान मैदान पर उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया और हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तान की खिलाड़ी फ़ातिमा सना के बीच तीखी बहस हो गई। मैच के दौरान किसी बात को लेकर दोनों टीमों की खिलाड़ियों में नोकझोंक हुई, जिसने दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हालांकि, बाद में अंपायर और अन्य खिलाड़ियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया और खेल आगे जारी रहा।1