भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के आधार पर निजी एवं सहकारी संस्थाओं से उर्वरक प्राप्त करें किसान : कलेक्टर प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक का होगा वितरण, कालाबाजारी एवं ओवररेटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई अम्बाह/मुरैना कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने शुक्रवार को कृषि विभाग के अधिकारियों, निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा ई-टोकन व्यवस्था में संशोधन किए जाने के उपरांत अब किसान अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निजी अथवा सहकारी संस्थाओं से अपनी भूमि के रकबे के अनुरूप उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना तथा वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिक भूमि धारित करने वाले किसानों को प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक ही वितरित किए जाए। यदि किसी किसान को अतिरिक्त उर्वरक की आवश्यकता हो, तो वह पुनः अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं को निर्देशित किया कि बिना भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के किसी भी किसान को उर्वरक का वितरण न किया जाए। साथ ही प्रत्येक वितरण का विधिवत विवरण भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका में अंकित किया जाए तथा निर्धारित रजिस्टरों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन किसानों के पूर्व में ई-टोकन जारी हो चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या ओवररेटिंग करते हुए पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से उर्वरक वितरण व्यवस्था ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही थी। शासन द्वारा 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक इस व्यवस्था को हाईब्रिड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था ई-विकास प्रणाली के सरलीकरण हेतु गठित समिति की अनुशंसाएं प्राप्त होने तक प्रभावी रहेगी। निर्देशानुसार 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक प्रत्येक उर्वरक विक्रय के लिए किसान के आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर, नाम एवं पता, उर्वरक कंपनी का नाम, उर्वरक का प्रकार एवं ग्रेड तथा वितरित मात्रा का निर्धारित प्रपत्र में संधारण अनिवार्य होगा। विक्रय की समस्त जानकारी बाद में ई-विकास पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने जिले के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं, पैक्स समितियों, विपणन संघ के डबल लॉक केंद्रों तथा एमपी एग्रो विक्रय केंद्रों को शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेखों एवं रजिस्टरों का नियमित संधारण किया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी एवं व्यवस्थित रहे, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), उप संचालक कृषि श्री अनंत सड़ैया, कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।
भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के आधार पर निजी एवं सहकारी संस्थाओं से उर्वरक प्राप्त करें किसान : कलेक्टर प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक का होगा वितरण, कालाबाजारी एवं ओवररेटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई अम्बाह/मुरैना कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने शुक्रवार को कृषि विभाग के अधिकारियों, निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा ई-टोकन व्यवस्था में संशोधन किए जाने के उपरांत अब किसान अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निजी अथवा सहकारी संस्थाओं से अपनी भूमि के रकबे के अनुरूप उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना तथा वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिक भूमि धारित करने वाले किसानों को प्रथम चरण में अधिकतम 10 कट्टे उर्वरक ही वितरित किए जाए। यदि किसी किसान को अतिरिक्त उर्वरक की आवश्यकता हो, तो वह पुनः अपनी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रस्तुत कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी संस्थाओं को निर्देशित किया कि बिना भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका के किसी भी किसान को उर्वरक का वितरण न किया जाए। साथ ही प्रत्येक वितरण का विधिवत विवरण भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका में अंकित किया जाए तथा निर्धारित रजिस्टरों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन किसानों के पूर्व में ई-टोकन जारी हो चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या ओवररेटिंग करते हुए पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से उर्वरक वितरण व्यवस्था ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही थी। शासन द्वारा 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक इस व्यवस्था को हाईब्रिड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था ई-विकास प्रणाली के सरलीकरण हेतु गठित समिति की अनुशंसाएं प्राप्त होने तक प्रभावी रहेगी। निर्देशानुसार 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक प्रत्येक उर्वरक विक्रय के लिए किसान के आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर, नाम एवं पता, उर्वरक कंपनी का नाम, उर्वरक का प्रकार एवं ग्रेड तथा वितरित मात्रा का निर्धारित प्रपत्र में संधारण अनिवार्य होगा। विक्रय की समस्त जानकारी बाद में ई-विकास पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने जिले के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं, पैक्स समितियों, विपणन संघ के डबल लॉक केंद्रों तथा एमपी एग्रो विक्रय केंद्रों को शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेखों एवं रजिस्टरों का नियमित संधारण किया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी एवं व्यवस्थित रहे, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), उप संचालक कृषि श्री अनंत सड़ैया, कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।
- नशा मुक्ति अभियान को लेकर मेहगांव थाना प्रभारी एवं एसडीओ की लोगों से अभी थाना परिषद में सदस्य समस्त स्टाफ में मिलकर बनाया शॉर्ट वीडियो नशा मुक्ति अभियान को लेकर मेहगांव थाना प्रभारी एवं एसडीओ की लोगों से अभी थाना परिषद में सदस्य समस्त स्टाफ में मिलकर बनाया शॉर्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल1
- स्वच्छ बाड़ी के संकल्प को साकार करती नगर पालिका, वार्ड-वार्ड में चल रहा विशेष सफाई अभियान धौलपुर (बाड़ी)। नगरपालिका बाड़ी द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं जलभराव मुक्त बनाने के उद्देश्य से सभी वार्डों में प्रतिदिन विशेष नाली तलीझाड़ एवं सफाई अभियान संचालित किया जा रहा है। अधिशाषी अधिकारी दीपक गोयल के निर्देशन में यह अभियान पूरे शहर में प्रभावी रूप से चलाया जा रहा है। सफाई प्रभारी अंकित कुमार एवं सुरेंद्र दांत्रे की देखरेख में नगर पालिका की विशेष सफाई टीमें प्रतिदिन प्रातःकाल से ही विभिन्न वार्डों, गलियों एवं मोहल्लों में पहुंचकर नालियों की तलीझाड़, गाद निकासी तथा व्यापक साफ-सफाई का कार्य कर रही हैं। अभियान के दौरान नालियों से निकाली गई गाद का तत्काल उठाव भी सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही ईओ दीपक गोयल स्वयं भी सफाई व्यवस्था का नियमित निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका बाड़ी शहर की स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और साफ-सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन कर प्रत्येक वार्ड में नियमित रूप से कार्य कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि सफाई कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित वार्ड पार्षदों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके तथा प्रत्येक वार्ड में समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सफाई सुनिश्चित हो। ईओ गोयल ने शहरवासियों से अपील की कि वे स्वच्छता बनाए रखने में नगर पालिका का सहयोग करें, कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें तथा अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।4
- मुरैना पहाड़गढ़ Sp साहब..पुलिस से बचाइए! रात को घर में घुसकर गर्भवती महिलाओं को मारती है डंडे1
- अरनोटा तिराहे पर पीडब्लूडी का रास्ता है और पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से जिस रास्ते से हजारों लोगो का रोजाना आवागवन होता है और बरसात के समय वहाँ पानी भर जाता है यहाँ की प्रॉब्लम किसी को नहीं दिख रही नेताओं का क्या ही कहना है ज़ब जनता को ही दिक्कत नहीं है तो बेसे किसी जगह पर अधिक गंदगी का होना लोगो के लिए घातक होता है क्यों गंदगी बीमारी पैदा करती है हमारा मकसद हर गांव हर तिराहा विकास का हो1
- ब्रेकिंग न्यूज आगरा जगनेर दहेज के लिए सास ससुर और पति ने की मारपीट निशा 22वर्ष थाना बसई जगनेर निवाशी इनकी शादी 1/5/2023 को मालोंनी पमार थाना कोलारी धौलपुर राजस्थान में हुई थी इनका पति बंटू पुत्र विजय सिंह शराब पीकर मारपीट करता है और साथ में सास ससुर भी शामिल है उसे रोज दहेज के प्रताड़ित करते निशा ने बताया। प्लॉट ओर भेष भी बेच दी ओर मुझे बोलते है अपने माता पिता से पैसे लेकर आओ तभी यहां रखेंगे तुम्हे महिला ने कोर्ट की शरद ली कोर्ट के दुवारा 16 लोगो के ख़िलाफ़ ओर साथ में सास ससुर देहेज अधिनियम के तहत मुकदमा पंचीकृत हुआ है वीडियो के माध्यम से अपनी बात मीडिया को बताई आरोपी,,,,अजय पुत्र केदार, आकाश पुत्र दिनेश, राम बरन पुत्र होरि लाल, शांति पत्नी केदार पुत्र निरोती निवाशी मालोंनी पमार थाना कोलारी जिला धोलपुर . पीड़िता निशा मोबाइल 98706295261
- धौलपुर पुलिस की पैदल गश्त से अपराधियों में खौफ, आमजन में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा।। धौलपुर पुलिस जिलेभर में प्रतिदिन सभी थाना क्षेत्रों में सघन पैदल गश्त कर अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नजर रख रही है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के तहत बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धार्मिक स्थलों, स्कूल-कॉलेजों तथा संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है। गश्त के दौरान पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है, वहीं व्यापारियों और आमजन से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनने के साथ साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था को लेकर जागरूक भी कर रही है। एसपी विकास सांगवान ने कहा कि धौलपुर पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराधों की रोकथाम कर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। नियमित पैदल गश्त से अपराधियों में कानून का भय बना है और आमजन का पुलिस पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।धौलपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना अथवा पुलिस कंट्रोल रूम 9530411842 एवं 9530411843 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। धौलपुर पुलिस की पैदल गश्त से अपराधियों में खौफ, आमजन में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा।। धौलपुर पुलिस जिलेभर में प्रतिदिन सभी थाना क्षेत्रों में सघन पैदल गश्त कर अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नजर रख रही है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के तहत बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धार्मिक स्थलों, स्कूल-कॉलेजों तथा संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है। गश्त के दौरान पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है, वहीं व्यापारियों और आमजन से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनने के साथ साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था को लेकर जागरूक भी कर रही है। एसपी विकास सांगवान ने कहा कि धौलपुर पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराधों की रोकथाम कर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। नियमित पैदल गश्त से अपराधियों में कानून का भय बना है और आमजन का पुलिस पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।धौलपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना अथवा पुलिस कंट्रोल रूम 9530411842 एवं 9530411843 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।4
- धौलपुर पुलिस की पैदल गश्त से अपराधियों में खौफ, आमजन में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा जिले के सभी थाना क्षेत्रों में रोजाना हो रही सघन गश्त, संदिग्धों पर कड़ी नजर धौलपुर। जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से धौलपुर पुलिस द्वारा सभी थाना क्षेत्रों में प्रतिदिन सघन पैदल गश्त की जा रही है। पुलिस की नियमित मौजूदगी से जहां अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों में भय का माहौल है, वहीं आम नागरिकों का पुलिस के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडीएफ) बाड़ी श्रवण कुमार झोरड़ के सुपरविजन में जिलेभर में यह अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। पैदल गश्त के दौरान थाना प्रभारियों के नेतृत्व में पुलिस टीमें प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धार्मिक स्थलों, संवेदनशील इलाकों, स्कूल-कॉलेजों के आसपास तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगातार भ्रमण कर रही हैं। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। गश्त के दौरान पुलिसकर्मी व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुन रहे हैं। साथ ही लोगों को कानून व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन की जानकारी भी दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि धौलपुर पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराधों की प्रभावी रोकथाम कर जिले में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि नियमित पैदल गश्त से पुलिस की सतत मौजूदगी बनी रहती है, जिससे असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगता है और आमजन स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। धौलपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि अथवा अपराध संबंधी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाने या पुलिस कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9530411842 एवं 9530411843 पर दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।2
- फतेहाबाद के छतरियापुरा में घर में निकला काला सांप, वन विभाग ने सुरक्षित किया रेस्क्यू फतेहाबाद। आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र के ग्राम छतरियापुरा में शुक्रवार को एक मकान में काला सांप निकलने से हड़कंप मच गया। सांप को देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए और आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा, जिसके बाद सांप मकान के अंदर छिप गया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी केशव के घर में अचानक काला सांप दिखाई दिया। परिवार ने बिना देरी किए इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। वन विभाग के कर्मचारी भूरी सिंह ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने सांप को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन क्षेत्राधिकारी विशाल सिंह राठौर ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया था। प्रशिक्षित कर्मचारियों ने सुरक्षित तरीके से सांप का रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर या आसपास कहीं भी सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से उसका रेस्क्यू कर सके। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया और क्षेत्र के लोगों ने विभाग की कार्यशैली की सराहना की।1