अररिया के फारबिसगंज की ये घटना सिर्फ एक हत्या नहीं है, ये समाज के आईने पर पड़ा एक गहरा दाग है। दिन-दहाड़े एक इंसान का गला काट दिया जाता है… और आसपास खड़े लोग? कोई दौड़कर बचाने नहीं जाता, कोई चीखकर भीड़ को रोकने की कोशिश नहीं करता—सबके हाथों में सिर्फ मोबाइल है, और आँखों में सनसनी का लालच , खुदगर्ज़ी की भूख समाज को अकेला खड़ा कर दिया है। आज इंसान मर रहा है, और इंसानियत वीडियो बना रही है। ये वही समाज है जहाँ हम बड़े गर्व से कहते हैं—“हम सभ्य हैं, जागरूक हैं।” पर सच्चाई ये है कि हम सिर्फ दर्शक बन चुके हैं, वो भी ऐसे दर्शक जिन्हें खून भी अब कंटेंट लगता है ये मुर्दा समाज की निशानी है। कातिल से बड़ा गुनहगार वो सन्नाटा है, जो भीड़ के बीच खड़ा होकर भी कुछ नहीं करता। सोचिए, अगर उस भीड़ में से 5 लोग भी हिम्मत दिखाते, तो शायद एक जान बच सकती थी। लेकिन यहाँ तो हर कोई अपने आप को अलग थलग रखन चाहता था और “वायरल वीडियो” का हिस्सा बनना चाहता था, “इंसान” बनने की कीमत पर। आज सवाल सिर्फ उस हत्यारे पर नहीं है— सवाल हम सब पर है। क्या हम सच में इतने बेबस हैं, या फिर हमने अपनी इंसानियत को खुद ही मार दिया है?
अररिया के फारबिसगंज की ये घटना सिर्फ एक हत्या नहीं है, ये समाज के आईने पर पड़ा एक गहरा दाग है। दिन-दहाड़े एक इंसान का गला काट दिया जाता है… और आसपास खड़े लोग? कोई दौड़कर बचाने नहीं जाता, कोई चीखकर भीड़ को रोकने की कोशिश नहीं करता—सबके हाथों में सिर्फ मोबाइल है, और आँखों में सनसनी का लालच , खुदगर्ज़ी की भूख समाज को अकेला खड़ा कर दिया है। आज इंसान मर रहा है, और इंसानियत वीडियो बना रही है। ये वही समाज है जहाँ हम बड़े गर्व से कहते हैं—“हम सभ्य हैं, जागरूक हैं।” पर सच्चाई ये है कि हम सिर्फ दर्शक बन चुके हैं, वो भी ऐसे दर्शक जिन्हें खून भी अब कंटेंट लगता है ये मुर्दा समाज की निशानी है। कातिल से बड़ा गुनहगार वो सन्नाटा है, जो भीड़ के बीच खड़ा होकर भी कुछ नहीं करता। सोचिए, अगर उस भीड़ में से 5 लोग भी हिम्मत दिखाते, तो शायद एक जान बच सकती थी। लेकिन यहाँ तो हर कोई अपने आप को अलग थलग रखन चाहता था और “वायरल वीडियो” का हिस्सा बनना चाहता था, “इंसान” बनने की कीमत पर। आज सवाल सिर्फ उस हत्यारे पर नहीं है— सवाल हम सब पर है। क्या हम सच में इतने बेबस हैं, या फिर हमने अपनी इंसानियत को खुद ही मार दिया है?
- दिन-दहाड़े एक इंसान का गला काट दिया जाता है… और आसपास खड़े लोग? कोई दौड़कर बचाने नहीं जाता, कोई चीखकर भीड़ को रोकने की कोशिश नहीं करता—सबके हाथों में सिर्फ मोबाइल है, और आँखों में सनसनी का लालच , खुदगर्ज़ी की भूख समाज को अकेला खड़ा कर दिया है। आज इंसान मर रहा है, और इंसानियत वीडियो बना रही है। ये वही समाज है जहाँ हम बड़े गर्व से कहते हैं—“हम सभ्य हैं, जागरूक हैं।” पर सच्चाई ये है कि हम सिर्फ दर्शक बन चुके हैं, वो भी ऐसे दर्शक जिन्हें खून भी अब कंटेंट लगता है ये मुर्दा समाज की निशानी है। कातिल से बड़ा गुनहगार वो सन्नाटा है, जो भीड़ के बीच खड़ा होकर भी कुछ नहीं करता। सोचिए, अगर उस भीड़ में से 5 लोग भी हिम्मत दिखाते, तो शायद एक जान बच सकती थी। लेकिन यहाँ तो हर कोई अपने आप को अलग थलग रखन चाहता था और “वायरल वीडियो” का हिस्सा बनना चाहता था, “इंसान” बनने की कीमत पर। आज सवाल सिर्फ उस हत्यारे पर नहीं है— सवाल हम सब पर है। क्या हम सच में इतने बेबस हैं, या फिर हमने अपनी इंसानियत को खुद ही मार दिया है?1
- मां ने ली अपनी दो साल की बेटी की जान1
- दिनांक 3 अप्रैल 2026 को फ़िरोज़ाबाद कें थाना उत्तर में टप्पेबाजी की घटना में पंजीकरण मुकदमा संख्या - 170 /2026 138 (4) बीएनएस पंजीकृत किया गया था | वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद ने इसमें दो पुलिस टीमों का गठन किया | जिसमें सीसीटीवी का इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संकलन के आधार पर 3 अभियुक्तगण प्रकाश में आए | 8 अप्रैल कों मुखबिर की सूचना कें आधार पर इन्ही अभियुक्तों में एक गौरव पुत्र राकेश निवासी शाहगंज जनपद आगरा बेंदी की पुलिया पर साथियों का इंतज़ार कर रहा था | पुलिस कों आता देख जान से मारने की नीयत से पुलिस पर फायर किया | आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हो गया |पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है | अभियुक्त के कब्जे से एक तमंचा 315 बोर दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और 16 हजार 500 रुपये बरामद हुए है | Updated News-09/अप्रैल /26 - AIN नेटवर्क से अनुज रावत की व्यरों रिपोर्ट1
- * प्रयुक्त स्वराज ट्रैक्टर कीमती 8 लाख रुपए को 12 घंटे के अंदर आरोपी के कब्जे से बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा ।* दिनांक 06/04/2026 को फरियादी विनोद चौधरी पुत्र भनता चौधरी निवासी ग्राम जामखो द्वारा थाना सिरसौद आकर रिपोर्ट किया कि दिनांक 05/04/2026 की रात्रि में उसकी नीले रंग की ट्रॉली उसके भाई मुकेश जाटव के घर के बाहर झिरी खोरघार रोड पर रखी थी जिसको फरियादी द्वारा सुबह उठकर देखने पर नहीं मिली फरियादी द्वारा आसपास ट्रॉली को तलाश किया तो कोई जानकारी नहीं मिली फरियादी द्वारा उसकी नीले रंग की ट्रॉली कीमती करीबन ढाई लाख रुपए को अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले जाने की रिपोर्ट पर थाना सिरसौद पर अपराध क्रमांक 101/2026 धारा 303(2) बीएनएस का कायम कर विवेचना में लिया गया। पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्री अमन सिंह राठौड़ द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सिरसौद उप निरीक्षक मुकेश दुबौलिया को टीम बनाकर माल मुल्जिम की पतारसी करने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्री संजीव मुले एवं एसडीओपी पोहरी श्री आनंद राय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिरसौद उप निरीक्षक मुकेश दुबौलिया की टीम द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर माल मुल्जिम की पतारसी हेतु लगातार प्रयास कर अलग अलग स्थानों पर दबिश दी गई एवं तलाशी के दौरान मुखबिर द्वारा एक व्यक्ति के ट्रैक्टर ट्रॉली सहित ग्राम खोरघार में खेत में छिपे होने की सूचना प्राप्त हुई उक्त सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल खोरघार पहुंचकर दबिश दी तो एक व्यक्ति वीरेंद्र रावत पुत्र जलेश्वर रावत उम्र 35 साल निवासी ग्राम रतनपुर थाना सबलगढ़ जिला मुरैना का ट्रॉली में छुपा मिला जिससे विस्तृत पूछताछ करने पर उसके द्वारा दिनांक 5- 6 अप्रैल की रात्रि में अपने स्वराज ट्रैक्टर में ट्रॉली को लगाकर चोरी करना बताया आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्वराज ट्रैक्टर कीमती 8 लाख रुपए एवम् फरियादी की ट्रॉली कीमती ढाई लाख रुपए कुल ट्रैक्टर ट्रॉली की कीमत 10 लाख 50 हजार को बरामद कर जप्त किया गया एवं आरोपी वीरेंद्र रावत को गिरफ्तार किया गया, जिसको आज आज माननीय न्यायालय में पेश किया गया एवम् माननीय न्यायालय के आदेश से आरोपी को शिवपुरी जेल में भेजा गया। सराहनीय भूमिका - उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी सिरसौद उपनिरीक्षक मुकेश दुबौलिया,सहायक उपनिरीक्षक जगदीश भिलाला,प्रधान आरक्षक बृजेंद्र गुर्जर, रविन्द्र सिनोरिया,वीरेंद्र सिंह,बलवंत पाल,आरक्षक प्रांशु जादौन,मनोज एवं आरक्षक चालक रमेश कमल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- यह गलत बात बोल रही है 👿1
- 🥺🥺🤦🤦2
- Post by राहुल अग्रवाल क्राइम रिपोर्टर1
- पुराना हनुमान मंदिर डांडिया की जर्जर दीवार अचानक ढही। दीवार के पास बनी झुग्गी में सो रहा 6 महीने का मासूम मलबे में दबा। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। गंभीर हालत में बच्चे को अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए KGMU रेफर किया। इलाज के दौरान मासूम की हुई मौत, परिजनों में मातम। हादसे को लेकर पुलिस जांच में जुटी, वैधानिक कार्रवाई जारी।1