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चारभुजा नाथ के चरणों में संवाददाता संवाददाता नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में प्रसारित
फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान
चारभुजा नाथ के चरणों में संवाददाता संवाददाता नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में प्रसारित
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- फालना रेलवे स्टेशन के पास पटरी पार करते समय एक युवक की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान इंदिरा कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय जितेंद्र कुमार पुत्र शंकर लाल मीणा के रूप में हुई है।1
- बाली उपखण्ड के भाटूंद मे 8 फरवरी को होने वाले हिंदू सम्मेलन को लेकर पत्रिका विमोचन किया गया इस दौरान भाटूंद के चेतन बालाजी मंदिर में विशेष पूजा अर्चना के बाद निमंत्रण पत्रिका अर्पित की समिति के लालाराम ने बताया कि भाटूंद में होने वाले विशाल हिंदू सम्मेलन में कलश यात्रा एवं धर्म सभा का आयोजन होगा इस कार्यक्रम में बेड़ा मंडल के 7 गांवों के हिन्दु भाग लेंगे घर घर पीले चावल व निमंत्रण पत्रिका देकर आमंत्रित किया आजाएगा । इस सम्मेलन में साधु संत धर्म प्रेमी भाग लेंगे । आयोजन भाटूंद के खेल मैदान में किया जाएगा । आयोजन समिति ने ज्यादा से ज्यादा संख्या में हिन्दुओं को भाग लेने की अपील की गयी1
- श्री लक्ष्मी नाथ भगवान जी की मंगला आरती दर्शन गांव पुठोली चंदेरिया चित्तौरगढ़ राजस्थान हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय2
- जब चाँदी की कीमत 4,00,000 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गई थी, तब मेरे मन में विचार आया कि क्यों न उन चाँदी के आभूषणों को बेच दिया जाए जो अब मेरे किसी काम के नहीं रहे—कुछ टूट चुके थे और कुछ वर्षों से यूँ ही रखे थे। कुल मिलाकर उनका वजन लगभग 600 ग्राम था। लेकिन आप यह जानकर हैरान रह जाएँगे कि जब मैं उन आभूषणों को बेचने के लिए बाज़ार गई, तो किसी भी सुनार ने उन्हें खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। कारण यह था कि उस समय चाँदी बहुत महँगी हो चुकी थी। सुनारों का साफ कहना था कि जब दाम इतने ऊँचे हैं, तब वे चाँदी खरीदने का जोखिम नहीं उठा सकते। वे पहले से खरीदी हुई चाँदी ही बेचने में लगे थे, नई चाँदी खरीदने को तैयार नहीं थे। यह अनुभव एक महत्वपूर्ण सच्चाई की ओर इशारा करता है। जब किसी धातु या वस्तु के दाम तेजी से बढ़ते हैं, तब अक्सर यह प्रचार किया जाता है कि कीमतें और बढ़ेंगी, इसलिए अभी खरीद लेना समझदारी है। लेकिन वास्तविकता यह है कि ऊँचे दामों पर खरीददार तो मिल जाते हैं, पर जब वही वस्तु बेचने की बारी आती है, तो खरीदार मिलना मुश्किल हो जाता है। इसलिए केवल “महँगा हो रहा है, महँगा हो रहा है” के शोर में आकर अपना पैसा फँसाना समझदारी नहीं है। जब दाम बढ़ते हैं, तब वह बढ़ोतरी अक्सर बेचने वालों के फायदे के लिए होती है, न कि आम लोगों के लिए। और जब आप बेचने जाते हैं, तब बाज़ार में कोई लेने वाला नहीं मिलता, क्योंकि बड़े व्यापारी उस समय खुद बेच रहे होते हैं। निष्कर्ष यही है कि बिना सोच-समझे, केवल कीमतों के बढ़ने के लालच में निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है।1
- झाड़ोल–कोटड़ा उपखंड के आदिवासी ग्रामीणों को एक ही स्थान पर प्रशासनिक सुविधाएं देने के लिए 2015 में शुरू की गई लगभग एक करोड़ रुपये की अत्याधुनिक सरकारी बस वर्ष 2018 से झाड़ोल थाने परिसर में खड़ी कबाड़ बन रही है। चालक का मानदेय बकाया है और कई अधिकारी योजना से अनजान हैं।1
- बलाना गांव के किसानों को पिछले चार महीनों से खेतों में आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव से बिटिया माइनर की ओर जाने वाले रास्ते पर नहर से पहले पानी भर जाने के कारण पूरा मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। वर्षा ऋतु के साथ-साथ रबी फसल के समय यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। किसानों का कहना है कि पानी जमा होने से ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और पैदल आवागमन तक मुश्किल हो गया है, जिससे खेती के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी परेशानी रखते हुए मांग की है कि उक्त स्थान पर पुल या पक्का रास्ता बनाया जाए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को रोज़मर्रा के कामों में दिक्कत न हो। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में फसलों की देखभाल और कटाई में और ज्यादा समस्याएं उत्पन्न होंगी। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेकर स्थायी समाधान करता है।1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान1
- बाली अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा), राजस्थान की बाली इकाई ने राज-सेस (Raj-CES) महाविद्यालयों की वर्तमान संकल्पना और संचालन व्यवस्था के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्राध्यापकों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर और प्ले-कार्ड लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। महासंघ ने स्पष्ट किया कि राज-सेस योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के विपरीत है। स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव, अपर्याप्त अधोसंरचना और संसाधन, शोध व नवाचार की सीमित संभावनाएं और संविदा/अस्थायी नियुक्तियों पर आधारित अध्यापन व्यवस्था राज्य की उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और अकादमिक निरंतरता को प्रभावित कर रही है।1
- बाली नगरपालिका प्रशासन ने बुधवार को पृथ्वीराज चौहान चौक से रंजन सराय तक सड़क पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान जेसीबी मशीन, ट्रैक्टर और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। सड़क किनारे अवैध रूप से लगाए गए ठेले, दुकानों के बाहर रखा सामान और अस्थायी निर्माण हटाए गए। कई स्थानों से ठेले और अन्य सामग्री जब्त की गई। ट्रैक्टरों की मदद से अतिक्रमण हटाकर सड़क को साफ कराया गया। अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित हो रहा था। आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नगरपालिका अधिकारियों ने कार्रवाई को आवश्यक बताया। शहर को सुव्यवस्थित बनाने के लिए अभियान चलाया गया। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई।1