27 जुलाई का दिन इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का साक्षी रहा है। 1656 में प्रसिद्ध दार्शनिक बारुख स्पिनोज़ा को यहूदी समुदाय से निष्कासित किया गया था। वहीं वर्ष 1940 में दुनिया के लोकप्रिय कार्टून किरदार बग्स बनी ने पहली बार फिल्म 'A Wild Hare' में आधिकारिक रूप से पदार्पण किया। इसके बाद 1953 में कोरियाई युद्ध को समाप्त करने के लिए युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। 1996 में अमेरिका के अटलांटा ओलंपिक के दौरान सेंटेनियल ओलंपिक पार्क में बम विस्फोट हुआ था। इसी तारीख को साल 2015 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का आईआईएम शिलांग में व्याख्यान देते समय निधन हो गया था। इसके साथ ही, 27 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस भी मनाया जाता है। यह दिन पर्यावरण की रक्षा, जैव विविधता के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत एवं जिम्मेदार उपयोग का संदेश देता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित भविष्य बनाया जा सके।
27 जुलाई का दिन इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का साक्षी रहा है। 1656 में प्रसिद्ध दार्शनिक बारुख स्पिनोज़ा को यहूदी समुदाय से निष्कासित किया गया था। वहीं वर्ष 1940 में दुनिया के लोकप्रिय कार्टून किरदार बग्स बनी ने पहली बार फिल्म 'A Wild Hare' में आधिकारिक रूप से पदार्पण किया। इसके बाद 1953 में कोरियाई युद्ध को समाप्त करने के लिए युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। 1996 में अमेरिका के अटलांटा ओलंपिक के दौरान सेंटेनियल ओलंपिक पार्क में बम विस्फोट हुआ था। इसी तारीख को साल 2015 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का आईआईएम शिलांग में व्याख्यान देते समय निधन हो गया था। इसके साथ ही, 27 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस भी मनाया जाता है। यह दिन पर्यावरण की रक्षा, जैव विविधता के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत एवं जिम्मेदार उपयोग का संदेश देता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित भविष्य बनाया जा सके।
- मध्य प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध संस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग और उनसे समन्वय को बहुत आवश्यक बताया गया है। रीवा जिले के हुज़ूर में यह बात सामने आई है कि सभी चिकित्सा संस्थानों की परीक्षाएं और मूल्यांकन समय पर पूरे किए जा रहे हैं ताकि चिकित्सा शिक्षा को और सुदृढ़ किया जा सके। इस प्रयास का मकसद मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।1
- रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह के आरोपों के बाद 13 पार्षदों ने संयुक्त प्रेस वार्ता की और अपनी बात रखी। पार्षदों ने अध्यक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए अविश्वास प्रस्ताव को लोकतांत्रिक निर्णय बताया। इसके साथ ही पार्षदों ने नगर परिषद में कथित वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी भुगतान और प्रशासनिक मनमानी के आरोप लगाए। उन्होंने पूरे कार्यकाल की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही, जांच पूरी होने तक अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार समाप्त करने की मांग भी उठाई। वहीं, अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह पहले ही इन आरोपों को निराधार बता चुकी हैं।1
- रीवा जिले के गूढ़ क्षेत्र में पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अविश्वास प्रस्ताव के इस पूरे घटनाक्रम पर पार्षदों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है।1
- सतना के बेला में 04 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक चलने वाले 'स्वैच्छिकता पर्व एवं दस्तक अभियान' के तहत शनिवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग, टीकाकरण, विटामिन-जिंक-ओआरएस का वितरण, वजन-लंबाई माप, कुपोषित बच्चों की पहचान और पोषण आहार पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि समिति के सदस्य घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने का प्रयास करेंगे। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि दस्तक अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना और कुपोषण को जड़ से खत्म करना है। सभी ने मिलकर अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। मुख्य रूप से बैठक में ममता सिंह (ब्लॉक समन्वयक), संदीप वर्मा (अध्यक्ष, अस्तित्व पब्लिक वेलफेयर सोसाइटी बेला), राम प्रसाद साहू (पत्रकार), संगीता विश्वकर्मा (अध्यक्ष, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति), सौरभ सेन (सचिव), ओ.पी. तिवारी (सुपरवाइजर), सीएचओ प्रमोद सिंह, सीएचओ खुशबू सिंह, सीएचओ ललित सिंह, सीएचओ रजनी पटेल, प्रवीण कुशवाहा, पूजा दहिया (ANM), ममता शर्मा, मंजू वर्मा (नर्स) सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।4
- NEET और CBSE परीक्षा परिणामों में व्यापक अनियमितता और आंदोलनरत छात्रों पर राजतंत्र की बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार 25 जुलाई 2026 को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बेला ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर ब्लॉक अध्यक्ष शिवशंकर गौटिया के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जेपी मोड़ स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय से गोविंदगढ़ मोड़ तक कैंडल लाइट मार्च निकालकर सरकार को घेरा। मार्च में हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर 'छात्र विरोधी सरकार मुर्दाबाद', 'शिक्षा में भ्रष्टाचार बंद करो' के नारे गूंजे। वक्ताओं ने कहा कि NEET में पेपर लीक और CBSE रिजल्ट में गड़बड़ी से देश के लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। न्याय मांगने पर छात्रों पर लाठीचार्ज कर लोकतंत्र की हत्या की गई। कांग्रेस ने मांग की कि मामले की जांच CBI से कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से ब्लॉक अध्यक्ष शिवशंकर गौटिया के साथ डॉ राजेश पांडे, बसंत मिश्रा, मंडलम ककलपुर, ओमकार प्यासी, जय प्रकाश, शोभनाथ सिंह, संदीप सिंह युवा अध्यक्ष, जय प्रकाश साकेत, बाबूलाल गुप्ता साकेत, अरविंद साकेत, रामजी गुप्ता, वृंदावन गुप्ता, इंद्रभान कुशवाहा, राजेश वर्मा, पहलवान उर्फ, कमलाकांत मिश्रा, सोहनलाल कोल, रामकुशल कोल, सुदर्शन प्रसाद कोल, वंशपति कोल, रामेश्वर केवट, मंगलेश्वर पटेल, इंद्रजीत साकेत, दिनेश कोल, प्रशांत कोल, राम विश्वराम सोधिया, प्रदीप साकेत, सचिन सिंह, भरत मिश्रा, गौरीशंकर केवट, संजय सिंह, राजकुमार केवट, जोगाल केवट, रमेश प्रसाद केवट, संतोष केवट, धर्मेंद्र केवट, लोकेश केवट, पप्पू साकेत, सुरेश केवट, राकेश केवट, रामलाल केवट, सुनील केवट, अनिल केवट, राजू केवट, संजय केवट, संतोष केवट, अजय केवट, राजेश केवट, राकेश केवट, संजय केवट शामिल रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत मांगें नहीं मानी तो कांग्रेस प्रदेशभर में उग्र आंदोलन करेगी।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन का निरीक्षण करते हुए प्रभारीमंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। रीवा जिले के हुज़ूर उप-जिले में स्थित इस न्यायालय भवन के निर्माण की प्रगति का जायजा लेने के दौरान, श्रीमती उईके ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया और समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस निरीक्षण के दौरान, उन्होंने निर्माण से जुड़ी विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- रीवा के हुजूर स्थित पीटीएस चौराहे पर हल्की-हल्की बारिश में ही पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे आम जनता का वहां से निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम रीवा के अध्यक्ष का घर इसी क्षेत्र में होने के बावजूद जलभराव की इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क पर पानी भरने के साथ-साथ चौराहे पर यातायात संचालन की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऑटो चालकों ने इस चौराहे को ही अपना ऑटो स्टैंड बना रखा है। प्रशासन की इस घोर उदासीनता के चलते पीटीएस चौराहे पर किसी भी दिन कोई अप्रिय घटना घटने की पूरी आशंका बनी हुई है।2