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मध्य प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध संस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग और उनसे समन्वय को बहुत आवश्यक बताया गया है। रीवा जिले के हुज़ूर में यह बात सामने आई है कि सभी चिकित्सा संस्थानों की परीक्षाएं और मूल्यांकन समय पर पूरे किए जा रहे हैं ताकि चिकित्सा शिक्षा को और सुदृढ़ किया जा सके। इस प्रयास का मकसद मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
Abhishek Pandey
मध्य प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध संस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग और उनसे समन्वय को बहुत आवश्यक बताया गया है। रीवा जिले के हुज़ूर में यह बात सामने आई है कि सभी चिकित्सा संस्थानों की परीक्षाएं और मूल्यांकन समय पर पूरे किए जा रहे हैं ताकि चिकित्सा शिक्षा को और सुदृढ़ किया जा सके। इस प्रयास का मकसद मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह के आरोपों के बाद 13 पार्षदों ने संयुक्त प्रेस वार्ता की और अपनी बात रखी। पार्षदों ने अध्यक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए अविश्वास प्रस्ताव को लोकतांत्रिक निर्णय बताया। इसके साथ ही पार्षदों ने नगर परिषद में कथित वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी भुगतान और प्रशासनिक मनमानी के आरोप लगाए। उन्होंने पूरे कार्यकाल की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही, जांच पूरी होने तक अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार समाप्त करने की मांग भी उठाई। वहीं, अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह पहले ही इन आरोपों को निराधार बता चुकी हैं।1
- स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में इतिहास रच दिया है। 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक जीत लिया है। यह उनका लगातार चौथा कॉमनवेल्थ मेडल है। मीराबाई चानू की इस ऐतिहासिक और धमाकेदार जीत से पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। उनकी इस उपलब्धि ने भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला गोल्ड दिलाया है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दतिया में एक महत्वपूर्ण रोड शो किया। यह रोड शो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने जनता से आग्रह किया कि वे आशुतोष तिवारी को समर्थन दें और भाजपा को ऐतिहासिक मतों से विजयी बनाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य विकास और सुशासन है और जनता का समर्थन इसी लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दतिया की जनता भाजपा को निराश नहीं करेगी और प्रचंड मतों से जीत दिलाएगी।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सेमरिया उप-जिले में स्थित मनगवां विधानसभा क्षेत्र से अभी-अभी ब्रेकिंग न्यूज़ अपडेट सामने आई है। इस क्षेत्र से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए news के साथ बने रहिए।1
- Post by Beerendar Aadiwashi1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के मंगवां में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के सम्मान में समाज एकजुट हुआ है। यहां बाबा साहब की प्रतिमा के पुनर्निर्माण को लेकर सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक संकल्प लिया गया है। इस संकल्प में समाज के सभी वर्गों ने हिस्सा लिया और प्रतिमा के पुनर्निर्माण के लिए अपना समर्थन जताया। इस अवसर पर आयोजित सभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और बाबा साहब के योगदान को याद किया गया। समाज के नेताओं ने कहा कि यह प्रतिमा न केवल एक स्मारक है, बल्कि बाबा साहब के आदर्शों और सिद्धांतों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा का पुनर्निर्माण समाज में एकता और बाबा साहब के प्रति सम्मान को और मजबूत करेगा।1
- रीवा जिले के जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बड़ागांव पिछले लगभग डेढ़ माह से सचिव विहीन चल रही है। इस कारण पंचायत के समस्त प्रशासनिक और विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। बारिश के इस मौसम में जहाँ गाँव में जलभराव, गंदगी और नाली नाले की सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं से निपटने की तुरंत जरूरत है वहीं आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए दर दर भटकने को मजबूर है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब वे अपनी समस्याओं को लेकर सरपंच के पास जाते हैं तो सरपंच द्वारा भी सचिव न होने की बात कहकर अपनी लाचारी व्यक्त कर दी जाती है। ऐसे संकटपूर्ण समय में डेढ़ महीने बीत जाने के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत में नए सचिव की पदस्थापना न किया जाना प्रशासनिक कार्यशैली और मंशानिरपेक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्राम पंचायत बड़ागांव में सचिव की पदस्थापना में हो रहे इस अत्यधिक विलंब का मुख्य कारण राजनीतिक खींचतान बताया जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, ग्राम पंचायत बड़ागांव में अपने अपने चहेते सचिव को पदस्थ कराने के लिए कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसी राजनीतिक रस्साकशी के कारण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा द्वारा अब तक किसी निष्पक्ष अधिकारी की पदस्थापना नहीं की जा सकी है। ग्राम पंचायत बड़ागांव की आम जनता ने जिला प्रशासन एवं सीईओ जिला पंचायत से गुहार लगाई है कि पंचायत के हित को सर्वोपरि रखते हुए तत्काल सचिव की पदस्थापना की जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से माँग की है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उस सचिव की पदस्थापना करें जिसका नाम जनपद पंचायत से भेजे गए विवादित प्रस्ताव में शामिल न हो। यदि जनपद से भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर किसी सचिव की नियुक्ति की जाती है तो गाँव में लगातार विरोध की स्थिति बनी रहेगी। इसलिए उस प्रस्ताव से हटकर किसी अन्य निष्पक्ष एवं कार्यकुशल सचिव को यहाँ पदस्थ किया जाए ताकि पंचायत का माहौल शांतिपूर्ण रहे और विकास कार्यों को गति मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जो तथाकथित नेता अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए गांव के विकास में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, आने वाले समय में जनता उन्हें करारा जवाब देगी। गांव के विकास विरोधी ऐसे कथित नेताओं को पद पर रहने या जनप्रतिनिधित्व करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर रीवा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से मांग की है कि राजनीतिक दबाव से परे हटकर जनहित में तत्काल प्रभाव से बड़ागांव पंचायत में स्वतंत्र एवं योग्य सचिव की नियुक्ति की जाए ताकि वर्षाकाल में ग्रामीणों को राहत मिल सके।1
- 27 जुलाई का दिन इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का साक्षी रहा है। 1656 में प्रसिद्ध दार्शनिक बारुख स्पिनोज़ा को यहूदी समुदाय से निष्कासित किया गया था। वहीं वर्ष 1940 में दुनिया के लोकप्रिय कार्टून किरदार बग्स बनी ने पहली बार फिल्म 'A Wild Hare' में आधिकारिक रूप से पदार्पण किया। इसके बाद 1953 में कोरियाई युद्ध को समाप्त करने के लिए युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। 1996 में अमेरिका के अटलांटा ओलंपिक के दौरान सेंटेनियल ओलंपिक पार्क में बम विस्फोट हुआ था। इसी तारीख को साल 2015 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का आईआईएम शिलांग में व्याख्यान देते समय निधन हो गया था। इसके साथ ही, 27 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस भी मनाया जाता है। यह दिन पर्यावरण की रक्षा, जैव विविधता के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत एवं जिम्मेदार उपयोग का संदेश देता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित भविष्य बनाया जा सके।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में नागपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर मृतक महिला के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि महिला की मौत के बाद अस्पताल के डॉक्टर विपिन सिंह ने शव सौंपने से पहले ₹25 हजार की मांग की। विरोध करने पर कथित तौर पर अभद्रता की गई और शव देने में घंटों की देरी की गई। परिजनों के मुताबिक, महज करीब 3 घंटे के इलाज के बदले ₹25 हजार मांगे जा रहे थे। मामला बिगड़ता देख और पत्रकारों के अस्पताल पहुंचने के बाद कथित रूप से ₹13 हजार लेकर शव सौंपा गया। अब सवाल यह है कि क्या अस्पताल में इलाज के नाम पर मनमानी वसूली का खेल चल रहा है? क्या मौत के बाद भी परिजनों की मजबूरी को कमाई का जरिया बनाया जा रहा है? पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। अब निगाहें प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं।1