गांव बड़वन निवासी मुकेश मीणा ने अपने घर के सामने बने नाले से आ रही गंदगी को लेकर गंभीर शिकायत की है। उनके अनुसार, सामने वाले घर के पीछे से निकाले गए पाइपों से बाथरूम, शौचालय और रसोई का सारा गंदा पानी उनके घर के सामने बने इस नाले में छोड़ा जा रहा है, जिससे यह नाला बेहद गंदा हो चुका है। मुकेश मीणा ने बताया कि यह घर गांव बड़वन की एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता माया पति धर्मेंद्र रायकवार का है। उन्होंने माया से कई बार नाले की सफाई के लिए कहा, लेकिन वह यह कहकर साफ करने से मना कर देती हैं कि उनके घर की मुख्य निकासी आगे है, इसलिए वह पीछे की सफाई क्यों करें। माया ने मुकेश मीणा को यह भी कहा कि 'जो करना है कर लो'। इस बीच, पिछले 10-15 दिनों से पड़ोस के घर वालों ने भी इसी तरह पीछे की ओर पाइप निकाल दिए हैं और वे भी सफाई करने से इनकार कर रहे हैं। मुकेश मीणा काफी समय से इस परेशानी का सामना कर रहे हैं और उन्होंने पंचायत में आवेदन देने के साथ ही 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। मुकेश मीणा ने मीडिया के माध्यम से जल्द से जल्द इस समस्या के निराकरण की अपील की है, ताकि इन सभी घरों के पाइपों की निकासी उनके घर के सामने बनी नाली में की जा सके, जो उनके घर के आगे ही मौजूद है।
गांव बड़वन निवासी मुकेश मीणा ने अपने घर के सामने बने नाले से आ रही गंदगी को लेकर गंभीर शिकायत की है। उनके अनुसार, सामने वाले घर के पीछे से निकाले गए पाइपों से बाथरूम, शौचालय और रसोई का सारा गंदा पानी उनके घर के सामने बने इस नाले में छोड़ा जा रहा है, जिससे यह नाला बेहद गंदा हो चुका है। मुकेश मीणा ने बताया कि यह घर गांव बड़वन की एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता माया पति धर्मेंद्र रायकवार का है। उन्होंने माया से कई बार नाले की सफाई के लिए कहा, लेकिन वह यह कहकर साफ करने से मना कर देती हैं कि उनके घर की मुख्य निकासी आगे है, इसलिए वह पीछे की सफाई क्यों करें। माया ने मुकेश मीणा को
यह भी कहा कि 'जो करना है कर लो'। इस बीच, पिछले 10-15 दिनों से पड़ोस के घर वालों ने भी इसी तरह पीछे की ओर पाइप निकाल दिए हैं और वे भी सफाई करने से इनकार कर रहे हैं। मुकेश मीणा काफी समय से इस परेशानी का सामना कर रहे हैं और उन्होंने पंचायत में आवेदन देने के साथ ही 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। मुकेश मीणा ने मीडिया के माध्यम से जल्द से जल्द इस समस्या के निराकरण की अपील की है, ताकि इन सभी घरों के पाइपों की निकासी उनके घर के सामने बनी नाली में की जा सके, जो उनके घर के आगे ही मौजूद है।
- गांव बड़वन निवासी मुकेश मीणा ने अपने घर के सामने बने नाले से आ रही गंदगी को लेकर गंभीर शिकायत की है। उनके अनुसार, सामने वाले घर के पीछे से निकाले गए पाइपों से बाथरूम, शौचालय और रसोई का सारा गंदा पानी उनके घर के सामने बने इस नाले में छोड़ा जा रहा है, जिससे यह नाला बेहद गंदा हो चुका है। मुकेश मीणा ने बताया कि यह घर गांव बड़वन की एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता माया पति धर्मेंद्र रायकवार का है। उन्होंने माया से कई बार नाले की सफाई के लिए कहा, लेकिन वह यह कहकर साफ करने से मना कर देती हैं कि उनके घर की मुख्य निकासी आगे है, इसलिए वह पीछे की सफाई क्यों करें। माया ने मुकेश मीणा को यह भी कहा कि 'जो करना है कर लो'। इस बीच, पिछले 10-15 दिनों से पड़ोस के घर वालों ने भी इसी तरह पीछे की ओर पाइप निकाल दिए हैं और वे भी सफाई करने से इनकार कर रहे हैं। मुकेश मीणा काफी समय से इस परेशानी का सामना कर रहे हैं और उन्होंने पंचायत में आवेदन देने के साथ ही 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। मुकेश मीणा ने मीडिया के माध्यम से जल्द से जल्द इस समस्या के निराकरण की अपील की है, ताकि इन सभी घरों के पाइपों की निकासी उनके घर के सामने बनी नाली में की जा सके, जो उनके घर के आगे ही मौजूद है।2
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मंदसौर जिले की सीतामऊ तहसील के ग्राम ढिकनिया में नशा मुक्ति महासभा में शामिल होने का आह्वान किया गया है। इस महासभा का मुख्य उद्देश्य समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेना है। लोगों से 'नशा छोड़ेंगे, जीवन जोड़ेंगे' के प्रेरक संदेश के साथ नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवन अपनाने का आग्रह किया गया है।1
- प्रतापगढ़ पुलिस ने 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत कार्रवाई करते हुए, एनडीपीएस एक्ट के तहत दो साल से फरार वांछित अभियुक्त कमल उर्फ कमलेश पाटीदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमल उर्फ कमलेश को उसके साथी दिनेश उर्फ कालू फींच की गिरफ्तारी के बाद से ही तलाश कर रही थी। यह मामला धमोतर थाने में दर्ज किया गया था, जब मुंशी मोहम्मद उनि. थानाधिकारी धमोतर ने एक आईसर ट्रक कंटेनर से 30 क्विंटल 41 किलो 100 ग्राम अफीम का अधकुचला डोडाचूरा जब्त किया था। यह ट्रक सुमेरराम पुत्र देवाराम विश्नोई, निवासी चिरडाणी, थाना पीपाड़ सिटी, जिला जोधपुर का था। कमल उर्फ कमलेश इस डोडाचूरा की खरीद-फरोख्त में संलिप्त था और लगभग दो साल से फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने उसकी गहनता से पड़ताल करते हुए उसे हिरासत में लिया, जिसके बाद पूछताछ कर एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर सक्रिय अनाधिकृत गाइडों और तथाकथित 'लपकों' के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर चित्तौड़गढ़ गाइड संस्थान ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है। संस्थान ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण दुर्ग परिसर में ऐसे अनाधिकृत लोगों का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है, जिससे पर्यटक गुमराह हो रहे हैं और विश्व प्रसिद्ध दुर्ग की ऐतिहासिक छवि भी प्रभावित हो रही है। वरिष्ठ गाइड संजीव शर्मा ने बताया कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग देश-दुनिया के लाखों पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण केंद्र है और यहाँ गाइडिंग का कार्य केवल पर्यटन विभाग से अधिकृत गाइड ही कर सकते हैं। यह प्रावधान केंद्रीय कानून, पुरातत्व विभाग के नियमों और राजस्थान पर्यटन विभाग की गाइडलाइन में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान पुलिस अधिनियम-2007 के तहत अनाधिकृत गाइडों और 'लपकों' को हटाने का प्रावधान है, वहीं पर्यटकों से धोखाधड़ी, गुमराह करने, भय पैदा करने या अवैध वसूली जैसी गतिविधियों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इसके बावजूद, कलक्ट्रेट सर्किल से लेकर पाड़न पोल, रामपोल और टिकट विंडो तक अनाधिकृत 'लपकों' का जमावड़ा बना रहता है। गाइड संस्थान का कहना है कि ये लोग पर्यटकों को भ्रमित कर मनगढ़ंत इतिहास बताते हैं और कई मामलों में उनका आर्थिक शोषण भी करते हैं। इससे एक ओर अधिकृत गाइडों की आजीविका प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर चित्तौड़गढ़ दुर्ग की अंतरराष्ट्रीय पहचान पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। संस्थान ने प्रशासन को विश्वास दिलाया कि गाइड एसोसिएशन ऐसे अनाधिकृत गाइडों और 'लपकों' की पहचान करने में हरसंभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने तत्काल ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके, दुर्ग की गरिमा बनी रहे और पर्यटन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।3
- रास्ते में पानी और कीचड़ जमा होने के कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय पंचायत में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद, इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है। प्रभावित लोग नाली और सीसी (कंक्रीट) सड़क के निर्माण की माँग कर रहे हैं ताकि उनकी परेशानी दूर हो सके।3
- बिल्लौद में रात्रि के समय बाछड़ा समुदाय के एक युवक के साथ शराब ठेकेदार से जुड़े लोगों ने शराब बेचने को लेकर गंभीर रूप से मारपीट की। इस मारपीट में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसके परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे।1