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रायपुर : विशेष लेख : आशीर्वाद का दीया : प्रधानमंत्री मोदी जी 25 वर्षों के सेवा से संकल्प को जनमानस का आभार डॉ. ओम प्रकाश डहरिया सहा. जनसंपर्क अधिकारी (जनसंपर्क) रायपुर, 16 सितम्बर 2026 कुछ अवसर केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होते, वे स्मृतियों, भावनाओं और संकल्पों को एक साथ जोड़ने वाले पड़ाव बन जाते हैं। 17 सितंबर ऐसा ही एक अवसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के साथ इस वर्ष उनकी 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा-यात्रा का संदर्भ जुड़ रहा है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई शासन-यात्रा से लेकर देश के प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सार्वजनिक दायित्व निभाने तक का यह कालखंड भारतीय लोकतांत्रिक जीवन में एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। इसी उपलक्ष्य पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जनमानस के आभार और संकल्प की एक आत्मीय अभिव्यक्ति के रूप में सामने आ रहा है। दीप भारतीय संस्कृति में केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है, वह शुभकामना, आशा और संकल्प का भी प्रतीक है। जब 17 सितंबर की शाम घर-घर ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित होगा, तो उसके प्रकाश में बीते 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा-यात्रा की स्मृतियां और आने वाले भारत के प्रति नागरिकों की आकांक्षाएं एक साथ दिखाई देंगी। यह दीप उस भाव को अभिव्यक्त करेगा जिसमें जनमानस अपनी शुभकामनाओं के साथ राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प भी दोहराता है। पिछले वर्षों में जनधन, उज्ज्वला, स्वच्छ भारत, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास, जल जीवन मिशन, डिजिटल इंडिया, पीएम-किसान और स्टार्टअप इंडिया व्होकल-फॉर-लोकल और एआई की उपयोगिता को बढ़ावा जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से शासन और नागरिक जीवन के अनेक क्षेत्रों में परिवर्तन के प्रयास किए गए हैं। इन पहलों की उपलब्धियों और प्रभावों पर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन इनका एक साझा पक्ष यह है कि इन्होंने विकास और जनभागीदारी की चर्चा को देश के गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा और सामान्य परिवार के जीवन से जोड़ने का प्रयास किया। ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी व्यापक जनभावना को एक प्रतीकात्मक रूप देता है’’सेवा के प्रति आभार, वर्तमान के प्रति जिम्मेदारी और विकसित भारत /2047 के लिए सामूहिक संकल्प का है।’’ एक दीप जब दूसरे दीप से जुड़ता है तो प्रकाश बढ़ता जाता है। उसी तरह नागरिकों की छोटी-छोटी सहभागिताएं मिलकर राष्ट्र निर्माण के बड़े संकल्प को शक्ति देती हैं। यही इस दीप की सबसे बड़ी सार्थकता है। 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी अभियान का आत्मीय और सांस्कृतिक प्रतीक है। भारतीय परंपरा में दीप केवल प्रकाश का साधन नहीं, बल्कि आशा, ज्ञान, सकारात्मकता और संकल्प का प्रतीक रहा है। जब कोई दीप किसी शुभ अवसर पर जलता है तो उसमें केवल तेल और बाती का प्रकाश नहीं होता, उसमें शुभकामनाओं और बेहतर भविष्य की कामना भी जुड़ी होती है। इसी भाव के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा के प्रति नागरिक आभार और राष्ट्र निर्माण के अगले चरण के लिए सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनता है। पिछले वर्षों में देश में अनेक ऐसी योजनाएं और सुधार लागू हुए हैं, जिनका सीधा संबंध सामान्य नागरिक के जीवन से है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने करोड़ों लोगों को औपचारिक बैंकिंग और स्वरोजगार व्यवस्था से जोड़ने में भूमिका निभाई। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और डिजिटल भुगतान के विस्तार ने सरकारी सहायता तथा आर्थिक लेन-देन की व्यवस्था को अधिक डिजिटल बनाया। डिजिटल इंडिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं और तकनीक की पहुंच को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया। आज डिजिटल माध्यम सामान्य नागरिक के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब परिवार की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में पहल हुई। जल जीवन मिशन ने ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के पक्के घर के सपने को पूरा करने का प्रयास हुआ। आयुष्मान भारत ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाया। इन पहलों ने विकास के उस दृष्टिकोण को सामने रखा जिसमें बुनियादी सुविधाओं को नागरिक जीवन की गरिमा से जोड़ा गया। किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी प्रत्यक्ष सहायता योजना लागू की गई। स्टार्टअप इंडिया और नवाचार से जुड़ी पहलों ने युवाओं को रोजगार खोजने वाले से रोजगार देने वाले बनने की दिशा में प्रोत्साहित किया। मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन जैसी पहलों ने देश में विनिर्माण और घरेलू उत्पादन की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। वस्तु एवं सेवा कर जैसे आर्थिक सुधारों ने देश के कर ढांचे में व्यापक परिवर्तन किया। नई शिक्षा नीति, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे कदमों ने भी बदलते भारत की नई तस्वीर को आकार दिया है। इन पहलों की चर्चा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी भी सरकार की नीतियों का वास्तविक अर्थ तब सामने आता है, जब उनका प्रभाव नागरिक के दैनिक जीवन में दिखाई देता है। एक बैंक खाता खुलना, घर तक पानी पहुंचना, गरीब परिवार को पक्का आवास मिलना, किसान को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिलना, डिजिटल माध्यम से भुगतान होना या युवा का अपना उद्यम शुरू करना ये सभी बदलाव विकास को आंकड़ों से निकालकर व्यक्ति के जीवन से जोड़ते हैं। आज भारत के सामने अगला बड़ा लक्ष्य विकसित भारत 2047 का है। स्वतंत्रता की शताब्दी तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की यह परिकल्पना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसमें किसान, श्रमिक, युवा, महिला, उद्यमी, विद्यार्थी, वैज्ञानिक, कर्मचारी और समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ का मूल संदेश भी जनभागीदारी से जुड़ता है। 17 सितंबर की शाम जब ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित होगा, तब वह दीप बीते 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा-यात्रा के प्रति आभार का प्रतीक होगा, लेकिन उसका प्रकाश केवल अतीत तक सीमित नहीं रहेगा। वह आने वाले भारत की आकांक्षाओं को भी रोशन करेगा। एक दीप से दूसरे दीप का जलना उस विचार का प्रतीक है कि राष्ट्र निर्माण किसी एक व्यक्ति या संस्था का कार्य नहीं, बल्कि सामूहिक सहभागिता की सतत प्रक्रिया है।

2 hrs ago
user_Khilwantin banjare
Khilwantin banjare
TV News Anchor धरसींवा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago
5f8822f3-3f0c-4224-aba4-883f05048e21

रायपुर : विशेष लेख : आशीर्वाद का दीया : प्रधानमंत्री मोदी जी 25 वर्षों के सेवा से संकल्प को जनमानस का आभार डॉ. ओम प्रकाश डहरिया सहा. जनसंपर्क अधिकारी (जनसंपर्क) रायपुर, 16 सितम्बर 2026 कुछ अवसर केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होते, वे स्मृतियों, भावनाओं और संकल्पों को एक साथ जोड़ने वाले पड़ाव बन जाते हैं। 17 सितंबर ऐसा ही एक अवसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के साथ इस वर्ष उनकी 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा-यात्रा का संदर्भ जुड़ रहा है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई शासन-यात्रा से लेकर देश के प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सार्वजनिक दायित्व निभाने तक का यह कालखंड भारतीय लोकतांत्रिक जीवन में एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। इसी उपलक्ष्य पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जनमानस के आभार और संकल्प की एक आत्मीय अभिव्यक्ति के रूप में सामने आ रहा है। दीप भारतीय संस्कृति में केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है, वह शुभकामना, आशा और संकल्प का भी प्रतीक है। जब 17 सितंबर की शाम घर-घर ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित होगा, तो उसके प्रकाश में बीते 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा-यात्रा की स्मृतियां और आने वाले भारत के प्रति नागरिकों की आकांक्षाएं एक साथ दिखाई देंगी। यह दीप उस भाव को अभिव्यक्त करेगा जिसमें जनमानस अपनी शुभकामनाओं के साथ राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प भी दोहराता है। पिछले वर्षों में जनधन, उज्ज्वला, स्वच्छ भारत, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास, जल जीवन मिशन, डिजिटल इंडिया, पीएम-किसान और स्टार्टअप इंडिया व्होकल-फॉर-लोकल और एआई की उपयोगिता को बढ़ावा जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से शासन और नागरिक जीवन के अनेक क्षेत्रों में परिवर्तन के प्रयास किए गए हैं। इन पहलों की उपलब्धियों और प्रभावों पर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन इनका एक साझा पक्ष यह है कि इन्होंने विकास और जनभागीदारी की चर्चा को देश के गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा और सामान्य परिवार के जीवन से जोड़ने का प्रयास किया। ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी व्यापक जनभावना को एक प्रतीकात्मक रूप देता है’’सेवा के प्रति आभार, वर्तमान के प्रति जिम्मेदारी और विकसित भारत /2047 के लिए सामूहिक संकल्प का है।’’ एक दीप जब दूसरे दीप से जुड़ता है तो प्रकाश बढ़ता जाता है। उसी तरह नागरिकों की छोटी-छोटी सहभागिताएं मिलकर राष्ट्र निर्माण के बड़े संकल्प को शक्ति देती हैं। यही इस दीप की सबसे बड़ी सार्थकता है। 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी अभियान का आत्मीय और सांस्कृतिक प्रतीक है। भारतीय परंपरा में दीप केवल प्रकाश का साधन नहीं, बल्कि आशा, ज्ञान, सकारात्मकता और संकल्प का प्रतीक रहा है। जब कोई दीप किसी शुभ अवसर पर जलता है तो उसमें केवल तेल और बाती का प्रकाश नहीं होता, उसमें शुभकामनाओं और बेहतर भविष्य की कामना भी जुड़ी होती है। इसी भाव के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा के प्रति नागरिक आभार और राष्ट्र निर्माण के अगले चरण के लिए सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनता है। पिछले वर्षों में देश में अनेक ऐसी योजनाएं और सुधार लागू हुए हैं, जिनका सीधा संबंध सामान्य नागरिक के जीवन से है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने करोड़ों लोगों को औपचारिक बैंकिंग और स्वरोजगार व्यवस्था से जोड़ने में भूमिका निभाई। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और डिजिटल भुगतान के विस्तार ने सरकारी सहायता तथा आर्थिक लेन-देन की व्यवस्था को अधिक डिजिटल बनाया। डिजिटल इंडिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं और तकनीक की पहुंच को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया। आज डिजिटल माध्यम सामान्य नागरिक के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब परिवार की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में पहल हुई। जल जीवन मिशन ने ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के पक्के घर के सपने को पूरा करने का प्रयास हुआ। आयुष्मान भारत ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाया। इन पहलों ने विकास के उस दृष्टिकोण को सामने रखा जिसमें बुनियादी सुविधाओं को नागरिक जीवन की गरिमा से जोड़ा गया। किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी प्रत्यक्ष सहायता योजना लागू की गई। स्टार्टअप इंडिया और नवाचार से जुड़ी पहलों ने युवाओं को रोजगार खोजने वाले से रोजगार देने वाले बनने की दिशा में प्रोत्साहित किया। मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन जैसी पहलों ने देश में विनिर्माण और घरेलू उत्पादन की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। वस्तु एवं सेवा कर जैसे आर्थिक सुधारों ने देश के कर ढांचे में व्यापक परिवर्तन किया। नई शिक्षा नीति, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे कदमों ने भी बदलते भारत की नई तस्वीर को आकार दिया है। इन पहलों की चर्चा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी भी सरकार की नीतियों का वास्तविक अर्थ तब सामने आता है, जब उनका प्रभाव नागरिक के दैनिक जीवन में दिखाई देता है। एक बैंक खाता खुलना, घर तक पानी पहुंचना, गरीब परिवार को पक्का आवास मिलना, किसान को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिलना, डिजिटल माध्यम से भुगतान होना या युवा का अपना उद्यम शुरू करना ये सभी बदलाव विकास को आंकड़ों से निकालकर व्यक्ति के जीवन से जोड़ते हैं। आज भारत के सामने अगला बड़ा लक्ष्य विकसित भारत 2047 का है। स्वतंत्रता की शताब्दी तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की यह परिकल्पना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसमें किसान, श्रमिक, युवा, महिला, उद्यमी, विद्यार्थी, वैज्ञानिक, कर्मचारी और समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ का मूल संदेश भी जनभागीदारी से जुड़ता है। 17 सितंबर की शाम जब ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित होगा, तब वह दीप बीते 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा-यात्रा के प्रति आभार का प्रतीक होगा, लेकिन उसका प्रकाश केवल अतीत तक सीमित नहीं रहेगा। वह आने वाले भारत की आकांक्षाओं को भी रोशन करेगा। एक दीप से दूसरे दीप का जलना उस विचार का प्रतीक है कि राष्ट्र निर्माण किसी एक व्यक्ति या संस्था का कार्य नहीं, बल्कि सामूहिक सहभागिता की सतत प्रक्रिया है।

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  • 102 वर्षीय बेदूबाई ने रखा निर्जला तीजा व्रत, आस्था और परंपरा के प्रति दिखा अटूट समर्पण नवापारा-राजिम। तीजा पर्व पर नवापारा के बगदेही पारा स्थित शांति चौक में आस्था और परंपरा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहां 102 वर्षीय वृद्धा बेदूबाई अग्रवाल ने भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ निर्जला तीजा व्रत रखा। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बढ़ती उम्र के बावजूद बेदूबाई का तीजा पर्व के प्रति उत्साह और धार्मिक आस्था लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार के सदस्यों के अनुसार वे लंबे समय से तीजा पर्व की परंपरा का निर्वहन करती आ रही हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अपनी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए व्रत रखा। बेदूबाई का कहना है कि तीजा उनके लिए केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि परिवार और समाज से जुड़े संस्कारों एवं परंपराओं का पर्व है। शिव-पार्वती की आराधना से उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक संतोष मिलता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि 102 वर्ष की उम्र में भी बेदूबाई द्वारा निर्जला व्रत रखना उनकी दृढ़ आस्था और संकल्प का परिचायक है। उनकी श्रद्धा नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायी है। बेदूबाई का यह समर्पण छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक मान्यताओं और पारिवारिक संस्कारों से गहरे जुड़ाव की मिसाल प्रस्तुत करता है।
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    102 वर्षीय बेदूबाई ने रखा निर्जला तीजा व्रत, आस्था और परंपरा के प्रति दिखा अटूट समर्पण
नवापारा-राजिम। तीजा पर्व पर नवापारा के बगदेही पारा स्थित शांति चौक में आस्था और परंपरा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहां 102 वर्षीय वृद्धा बेदूबाई अग्रवाल ने भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ निर्जला तीजा व्रत रखा। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
बढ़ती उम्र के बावजूद बेदूबाई का तीजा पर्व के प्रति उत्साह और धार्मिक आस्था लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार के सदस्यों के अनुसार वे लंबे समय से तीजा पर्व की परंपरा का निर्वहन करती आ रही हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अपनी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए व्रत रखा।
बेदूबाई का कहना है कि तीजा उनके लिए केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि परिवार और समाज से जुड़े संस्कारों एवं परंपराओं का पर्व है। शिव-पार्वती की आराधना से उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक संतोष मिलता है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि 102 वर्ष की उम्र में भी बेदूबाई द्वारा निर्जला व्रत रखना उनकी दृढ़ आस्था और संकल्प का परिचायक है। उनकी श्रद्धा नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायी है। बेदूबाई का यह समर्पण छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक मान्यताओं और पारिवारिक संस्कारों से गहरे जुड़ाव की मिसाल प्रस्तुत करता है।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist Gobra Navapara, Raipur•
    5 min ago
  • गाय के नाम पर राजनीति या वास्तव में चिंता निगम की व्यवस्था रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे का कहना है कि सड़कों पर जो गए घूम रही है जिनके लिए अव्यवस्थाएं हो रही है उसका सीधा और सरल जिम्मेदार अगर कोई व्यक्ति है तो सबसे पहले वह व्यक्ति जो इन गायों का मालिक है वह अगर इनको खुल नहीं छोड़ेंगे तो सड़कों पर इतनी अव्यवस्थाएं नहीं फैलेगी
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    गाय के नाम पर राजनीति या वास्तव में चिंता निगम की व्यवस्था
रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे का कहना है कि सड़कों पर जो गए घूम रही है जिनके लिए अव्यवस्थाएं हो रही है उसका सीधा और सरल जिम्मेदार अगर कोई व्यक्ति है तो सबसे पहले वह व्यक्ति जो इन गायों का मालिक है वह अगर इनको खुल नहीं छोड़ेंगे तो सड़कों पर इतनी अव्यवस्थाएं नहीं फैलेगी
    user_Aman Prakash
    Aman Prakash
    Local News Reporter Raipur, Chhattisgarh•
    10 hrs ago
  • गणेश पर्व में हुड़दंग और शांति भंग करने वाले तीन असामाजिक तत्व जेल भेजे गए तिल्दा-नेवरा पुलिस की कार्रवाई, विवाद और मारपीट पर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत एक्शन तिल्दा-नेवरा। गणेश पर्व के दौरान क्षेत्र में शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तिल्दा-नेवरा पुलिस द्वारा असामाजिक एवं उपद्रवी तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विवाद और लड़ाई-झगड़ा कर शांति भंग करने की स्थिति पैदा करने वाले तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार थाना तिल्दा-नेवरा के सामने आम रोड तथा ग्राम किरना में विवाद और लड़ाई-झगड़े की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा संबंधित लोगों को समझाइश दी गई, लेकिन वे कथित तौर पर उग्र होकर मारपीट करने पर उतारू हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धारा 170 बीएनएसएस के तहत तीनों को गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपियों को अनुविभागीय दंडाधिकारी न्यायालय, तिल्दा-नेवरा के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय से जेल वारंट जारी होने के बाद तीनों को जेल निरुद्ध कर दिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपी 1. पवन कुमार ध्रुव, पिता मालिक राम ध्रुव, उम्र 31 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 15, दीनदयाल चौक, तिल्दा। 2. हीरालाल नवरंगे, पिता स्व. भागीरथी नवरंगे, उम्र 30 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 02, प्राथमिक शाला के पीछे, ग्राम सांकरा। 3. उमेश कुमार वर्मा, पिता सुरेश कुमार वर्मा, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम किरना। त्यौहार में हुड़दंग करने वालों को स्पष्ट संदेश तिल्दा-नेवरा पुलिस द्वारा गणेश पर्व एवं आगामी त्यौहारों को देखते हुए क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और संवेदनशील इलाकों में भ्रमण किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक शांति भंग करने, विवाद करने अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि गणेश पर्व सहित सभी त्यौहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं और किसी भी प्रकार के विवाद, हुड़दंग या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि से दूर रहें। तिल्दा-नेवरा से पवन बघेल की रिपोर्ट। PNBCG NEWS TILDA NEORA
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    गणेश पर्व में हुड़दंग और शांति भंग करने वाले तीन असामाजिक तत्व जेल भेजे गए
तिल्दा-नेवरा पुलिस की कार्रवाई, विवाद और मारपीट पर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत एक्शन
तिल्दा-नेवरा। गणेश पर्व के दौरान क्षेत्र में शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तिल्दा-नेवरा पुलिस द्वारा असामाजिक एवं उपद्रवी तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विवाद और लड़ाई-झगड़ा कर शांति भंग करने की स्थिति पैदा करने वाले तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार थाना तिल्दा-नेवरा के सामने आम रोड तथा ग्राम किरना में विवाद और लड़ाई-झगड़े की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा संबंधित लोगों को समझाइश दी गई, लेकिन वे कथित तौर पर उग्र होकर मारपीट करने पर उतारू हो गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धारा 170 बीएनएसएस के तहत तीनों को गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपियों को अनुविभागीय दंडाधिकारी न्यायालय, तिल्दा-नेवरा के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय से जेल वारंट जारी होने के बाद तीनों को जेल निरुद्ध कर दिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
1. पवन कुमार ध्रुव, पिता मालिक राम ध्रुव, उम्र 31 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 15, दीनदयाल चौक, तिल्दा।
2. हीरालाल नवरंगे, पिता स्व. भागीरथी नवरंगे, उम्र 30 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 02, प्राथमिक शाला के पीछे, ग्राम सांकरा।
3. उमेश कुमार वर्मा, पिता सुरेश कुमार वर्मा, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम किरना।
त्यौहार में हुड़दंग करने वालों को स्पष्ट संदेश
तिल्दा-नेवरा पुलिस द्वारा गणेश पर्व एवं आगामी त्यौहारों को देखते हुए क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और संवेदनशील इलाकों में भ्रमण किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक शांति भंग करने, विवाद करने अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि गणेश पर्व सहित सभी त्यौहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं और किसी भी प्रकार के विवाद, हुड़दंग या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि से दूर रहें।
तिल्दा-नेवरा से पवन बघेल की रिपोर्ट।
PNBCG NEWS TILDA NEORA
    user_Pavan Baghel
    Pavan Baghel
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • ढाबा बंद कराने की बात को लेकर घर में घुसकर तोड़फोड़ करने, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने वाले 05 आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स / अन्य संगीन धाराओं के तहत कार्रवाई *ढाबा बंद कराने की बात को लेकर घर में घुसकर तोड़फोड़ करने, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने वाले 05 आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स / अन्य संगीन धाराओं के तहत कार्रवाई* ▪️ *मुखबिर व पीड़ित की सूचना पर थाना पुलगांव / चौकी अंजोरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर 05 आरोपियों को पकड़ा.* ▪️ *आरोपियों द्वारा ढाबा बंद करने का दबाव बनाते हुए घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई.* ▪️ *आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डंडे बरामद कर विधिवत जप्ती की कार्रवाई की गई*. ▪️ *प्रकरण में अपराध क्रमांक 0808/2026, धारा 191(2), 331(6), 296, 351(3), 324(4) बी.एन.एस. के तहत कार्रवाई कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया.* मुख्य बिंदु दिनांक 14.09.2026 को थाना पुलगांव अंतर्गत चौकी अंजोरा क्षेत्र में ढाबा संचालक को फोन पर धमकाते हुए घर में घुसकर तोड़फोड़ करने और मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. संक्षिप्त विवरण दिनांक 14.09.2026 की रात्रि में आरोपी चेतन खन्ना उर्फ सनी एवं उसके साथियों द्वारा ढाबा बंद करने को लेकर पीड़ित के मोबाईल पर लगातार फोन कर धमकाया गया. इसके पश्चात सभी आरोपी एकजुट होकर पीड़ित के किराए के मकान में जबरन घुसे, गाली-गलौज की तथा घर के बाहर रखे सामान व लाइटिंग आदि में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया. सूचना पर थाना पुलगांव/अंजोरा पुलिस ने तत्काल वैधानिक कार्रवाई करते हुए अपराध पंजीबद्ध किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा. घटना स्थल काली मंदिर के पास, अंजोरा (चौकी अंजोरा, थाना पुलगांव क्षेत्र), जिला दुर्ग. गिरफ्तार आरोपियों के नाम व पते 1)सनी उर्फ चेतन खन्ना पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम पुलगांव। 2)धर्मपाल खन्ना उर्फ गोल्डी पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 29 वर्ष, निवासी पुलगांव। 3)चंद्रप्रकाश खन्ना उर्फ मनी पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 31 वर्ष, निवासी पुलगांव। 4)गणेश साहू पिता दीपक साहू, उम्र 22 वर्ष, निवासी अटारी नंदनवन बगलामुखी मंदिर के पास, टाटीबंध, रायपुर। 5)नीरें सुबह पिता राजेश सुबह, उम्र 26 वर्ष, साकिन चूहा पढ़ती गार्डन, जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल), हाल मुकाम- खन्ना ढाबा, जोड़ा। जप्त सामग्री घटना में प्रयुक्त डंडे। आरोपियों के मोबाइल फोन्स। दुर्ग पुलिस की अपील दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें तथा तुरंत पुलिस को सूूचित करें। इस तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों और हुड़दंगई करने वालों पर पुलिस द्वारा सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। —0000—
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    ढाबा बंद कराने की बात को लेकर घर में घुसकर तोड़फोड़ करने, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने वाले 05 आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स / अन्य संगीन धाराओं के तहत कार्रवाई
*ढाबा बंद कराने की बात को लेकर घर में घुसकर तोड़फोड़ करने, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने वाले 05 आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स / अन्य संगीन धाराओं के तहत कार्रवाई*
▪️ *मुखबिर व पीड़ित की सूचना पर थाना पुलगांव / चौकी अंजोरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर 05 आरोपियों को पकड़ा.*
▪️ *आरोपियों द्वारा ढाबा बंद करने का दबाव बनाते हुए घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई.*
▪️ *आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डंडे बरामद कर विधिवत जप्ती की कार्रवाई की गई*.
▪️ *प्रकरण में अपराध क्रमांक 0808/2026, धारा 191(2), 331(6), 296, 351(3), 324(4) बी.एन.एस. के तहत कार्रवाई कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया.*
मुख्य बिंदु
दिनांक 14.09.2026 को थाना पुलगांव अंतर्गत चौकी अंजोरा क्षेत्र में ढाबा संचालक को फोन पर धमकाते हुए घर में घुसकर तोड़फोड़ करने और मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
संक्षिप्त विवरण
दिनांक 14.09.2026 की रात्रि में आरोपी चेतन खन्ना उर्फ सनी एवं उसके साथियों द्वारा ढाबा बंद करने को लेकर पीड़ित के मोबाईल पर लगातार फोन कर धमकाया गया. इसके पश्चात सभी आरोपी एकजुट होकर पीड़ित के किराए के मकान में जबरन घुसे, गाली-गलौज की तथा घर के बाहर रखे सामान व लाइटिंग आदि में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया. सूचना पर थाना पुलगांव/अंजोरा पुलिस ने तत्काल वैधानिक कार्रवाई करते हुए अपराध पंजीबद्ध किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा.
घटना स्थल
काली मंदिर के पास, अंजोरा (चौकी अंजोरा, थाना पुलगांव क्षेत्र), जिला दुर्ग.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम व पते
1)सनी उर्फ चेतन खन्ना पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम पुलगांव।
2)धर्मपाल खन्ना उर्फ गोल्डी पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 29 वर्ष, निवासी पुलगांव।
3)चंद्रप्रकाश खन्ना उर्फ मनी पिता स्वर्गीय अनिल खन्ना, उम्र 31 वर्ष, निवासी पुलगांव।
4)गणेश साहू पिता दीपक साहू, उम्र 22 वर्ष, निवासी अटारी नंदनवन बगलामुखी मंदिर के पास, टाटीबंध, रायपुर।
5)नीरें सुबह पिता राजेश सुबह, उम्र 26 वर्ष, साकिन चूहा पढ़ती गार्डन, जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल), हाल मुकाम- खन्ना ढाबा, जोड़ा।
जप्त सामग्री
घटना में प्रयुक्त डंडे।
आरोपियों के मोबाइल फोन्स।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें तथा तुरंत पुलिस को सूूचित करें। इस तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों और हुड़दंगई करने वालों पर पुलिस द्वारा सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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    user_हेमंत उमरे ,7509375525
    हेमंत उमरे ,7509375525
    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    55 min ago
  • युवती को पकड़कर सड़क किनारे बैठ गया युवक, मदद की गुहार पर जुटी भीड़ गुरुग्राम के सिविल लाइंस इलाके में सड़क किनारे एक युवक अचानक एक युवती को पकड़कर बैठ गया और राहगीरों से मदद की गुहार लगाने लगा। मौके पर भीड़ जुट गई और लोग वीडियो बनाने लगे। युवती ने लोगों से कैमरा बंद करने की अपील की। सूचना मिलने पर पुलिस ने युवक को शांत कराया। जांच में सामने आया कि युवक दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है और मानसिक तनाव से गुजर रहा है। परिजनों द्वारा इलाज से जुड़े दस्तावेज दिखाने के बाद पुलिस ने उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया। ऐसी स्थिति में वीडियो बनाने के बजाय युवती को पकड़कर सड़क किनारे बैठ गया युवक, मदद की गुहार पर जुटी भीड़ गुरुग्राम के सिविल लाइंस इलाके में सड़क किनारे एक युवक अचानक एक युवती को पकड़कर बैठ गया और राहगीरों से मदद की गुहार लगाने लगा। मौके पर भीड़ जुट गई और लोग वीडियो बनाने लगे। युवती ने लोगों से कैमरा बंद करने की अपील की। सूचना मिलने पर पुलिस ने युवक को शांत कराया। जांच में सामने आया कि युवक दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है और मानसिक तनाव से गुजर रहा है। परिजनों द्वारा इलाज से जुड़े दस्तावेज दिखाने के बाद पुलिस ने उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया। ऐसी स्थिति में वीडियो बनाने के बजाय संवेदनशीलता और मदद को प्राथमिकता देना जरूरी है।
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    युवती को पकड़कर सड़क किनारे बैठ गया युवक, मदद की गुहार पर जुटी भीड़ गुरुग्राम के सिविल लाइंस इलाके में सड़क किनारे एक युवक अचानक एक युवती को पकड़कर बैठ गया और राहगीरों से मदद की गुहार लगाने लगा। मौके पर भीड़ जुट गई और लोग वीडियो बनाने लगे। युवती ने लोगों से कैमरा बंद करने की अपील की। सूचना मिलने पर पुलिस ने युवक को शांत कराया। जांच में सामने आया कि युवक दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है और मानसिक तनाव से गुजर रहा है। परिजनों द्वारा इलाज से जुड़े दस्तावेज दिखाने के बाद पुलिस ने उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया। ऐसी स्थिति में वीडियो बनाने के बजाय 
युवती को पकड़कर सड़क किनारे बैठ गया युवक, मदद की गुहार पर जुटी भीड़ गुरुग्राम के सिविल लाइंस इलाके में सड़क किनारे एक युवक अचानक एक युवती को पकड़कर बैठ गया और राहगीरों से मदद की गुहार लगाने लगा। मौके पर भीड़ जुट गई और लोग वीडियो बनाने लगे। युवती ने लोगों से कैमरा बंद करने की अपील की। सूचना मिलने पर पुलिस ने युवक को शांत कराया। जांच में सामने आया कि युवक दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है और मानसिक तनाव से गुजर रहा है। परिजनों द्वारा इलाज से जुड़े दस्तावेज दिखाने के बाद पुलिस ने उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया। ऐसी स्थिति में वीडियो बनाने के बजाय संवेदनशीलता और मदद को प्राथमिकता देना जरूरी है।
    user_Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Voice of people दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • पूर्ण और अपडेटेड फैक्ट्स: राहुल गांधी का UPI MDR आरोप और असलियत (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) 15 सितंबर 2026 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल रही है। राहुल गांधी का पूरा आरोप (X पोस्ट से) मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट UPI लेन-देन पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाया जा सकता है। ये लेन-देन संख्या में सिर्फ 5% हैं, लेकिन UPI के कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का करीब 65% इन्हीं में है। सरकार कहती है ग्राहक से फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फीस कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से निकलेगी। अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध कर रही हैं। अब सरकार उसी दिशा में नीति बदल रही है। “US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।” असल में क्या हुआ है? (सरकारी नोटिफिकेशन और NPCI) 14 सितंबर 2026 की गजट नोटिफिकेशन: बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स ₹2,000 तक के UPI ट्रांजेक्शन और RuPay डेबिट कार्ड भुगतान पर कोई डायरेक्ट या इंडायरेक्ट चार्ज नहीं लगा सकते। यह कानूनी सुरक्षा है। 15 सितंबर 2026 को NPCI ने फ्रेमवर्क क्लियर किया: P2P (व्यक्ति-से-व्यक्ति) ट्रांजेक्शन: पूरी तरह मुफ्त, कोई लिमिट नहीं। मर्चेंट ट्रांजेक्शन ₹2,000 तक: मुफ्त (लगभग 96% वॉल्यूम)। मर्चेंट ट्रांजेक्शन ₹2,000 से ऊपर: 0.4% MDR (मर्चेंट पे करेगा)। ₹75,000 और उससे ऊपर: कैप ₹300 प्रति ट्रांजेक्शन। जरूरी सेक्टर (रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल आदि): फ्लैट ₹5। छोटे मर्चेंट (P2PM फ्रेमवर्क, मासिक ₹1 लाख तक UPI QR से कमाई): अभी भी सुरक्षित। लागू होने की तारीख: 15 अक्टूबर 2026। महत्वपूर्ण: ग्राहक से सीधे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। MDR मर्चेंट (दुकानदार/बिजनेस) पर लगेगा और पेमेंट इकोसिस्टम (बैंक, ऐप्स) में बंटेगा। सरकार या NPCI इसे टैक्स के रूप में नहीं ले रहा। सरकार और भाजपा का जवाब वित्त मंत्रालय और NPCI साफ कह रहे हैं कि 96% मर्चेंट ट्रांजेक्शन प्रभावित नहीं होंगे। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राहुल गांधी के आरोप को “पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद” बताया। उन्होंने कहा कि अभी कोई ऐसा फैसला नहीं हुआ है कि ₹2,000 से ऊपर फीस लगेगी (बाद में NPCI ने 0.4% फ्रेमवर्क जारी कर दिया)। भाजपा ने कांग्रेस पर “फेक न्यूज” फैलाने का आरोप लगाया। अमेरिकी दबाव वाला एंगल राहुल गांधी और कांग्रेस ने इसे अमेरिका (Visa-Mastercard) के दबाव से जोड़ा। अमेरिकी ट्रेड रिपोर्ट्स में पहले भी भारत की zero-MDR नीति पर आपत्ति जताई गई थी। कुछ थिंक-टैंक (जैसे GTRI) ने भी चेतावनी दी थी कि नीति बदलते समय बाहरी दबाव से बचना चाहिए। सरकार का रुख है कि यह UPI इकोसिस्टम की सस्टेनेबिलिटी के लिए जरूरी है, क्योंकि शून्य-MDR से सालाना हजारों करोड़ का खर्च आ रहा था। सारांश (फुल फैक्ट्स) बिंदु राहुल गांधी का दावा असल स्थिति फीस लग रही है? चुपचाप रास्ता खोला ₹2,000 तक पूरी तरह मुफ्त; ऊपर 0.4% सिर्फ मर्चेंट पर (15 अक्टूबर से) ग्राहक पर असर कीमत बढ़ेगी सीधे नहीं, लेकिन मर्चेंट लागत बढ़ा सकते हैं वॉल्यूम 5% ट्रांजेक्शन = 65% वैल्यू सही आंकड़े (सरकारी/NPCI डेटा से मेल खाते हैं) अमेरिका वाला एंगल Surrender विवादित; सरकार इनकार करती है निष्कर्ष: राहुल गांधी का आरोप आंशिक रूप से सही है कि ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR का रास्ता खुल गया है और फ्रेमवर्क जारी हो चुका है। लेकिन “सरेंडर” और “ग्राहक से सीधे फीस” वाला दावा सरकारी स्पष्टीकरण से मेल नहीं खाता। UPI अभी भी आम आदमी के लिए मुफ्त बना हुआ है। स्रोत: The Hindu, LiveMint, Business Today, NPCI FAQ, PIB, X पोस्ट (RahulGandhi) और अन्य विश्वसनीय रिपोर्ट्स (15 सितंबर 2026 तक अपडेटेड)। मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ. #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
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    पूर्ण और अपडेटेड फैक्ट्स: राहुल गांधी का UPI MDR आरोप और असलियत
(स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़)
15 सितंबर 2026 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल रही है।
राहुल गांधी का पूरा आरोप (X पोस्ट से)
मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।
₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट UPI लेन-देन पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाया जा सकता है।
ये लेन-देन संख्या में सिर्फ 5% हैं, लेकिन UPI के कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का करीब 65% इन्हीं में है।
सरकार कहती है ग्राहक से फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फीस कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से निकलेगी।
अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध कर रही हैं। अब सरकार उसी दिशा में नीति बदल रही है।
“US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।”
असल में क्या हुआ है? (सरकारी नोटिफिकेशन और NPCI)
14 सितंबर 2026 की गजट नोटिफिकेशन:
बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स ₹2,000 तक के UPI ट्रांजेक्शन और RuPay डेबिट कार्ड भुगतान पर कोई डायरेक्ट या इंडायरेक्ट चार्ज नहीं लगा सकते। यह कानूनी सुरक्षा है।
15 सितंबर 2026 को NPCI ने फ्रेमवर्क क्लियर किया:
P2P (व्यक्ति-से-व्यक्ति) ट्रांजेक्शन: पूरी तरह मुफ्त, कोई लिमिट नहीं।
मर्चेंट ट्रांजेक्शन ₹2,000 तक: मुफ्त (लगभग 96% वॉल्यूम)।
मर्चेंट ट्रांजेक्शन ₹2,000 से ऊपर: 0.4% MDR (मर्चेंट पे करेगा)।
₹75,000 और उससे ऊपर: कैप ₹300 प्रति ट्रांजेक्शन।
जरूरी सेक्टर (रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल आदि): फ्लैट ₹5।
छोटे मर्चेंट (P2PM फ्रेमवर्क, मासिक ₹1 लाख तक UPI QR से कमाई): अभी भी सुरक्षित।
लागू होने की तारीख: 15 अक्टूबर 2026।
महत्वपूर्ण: ग्राहक से सीधे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। MDR मर्चेंट (दुकानदार/बिजनेस) पर लगेगा और पेमेंट इकोसिस्टम (बैंक, ऐप्स) में बंटेगा। सरकार या NPCI इसे टैक्स के रूप में नहीं ले रहा।
सरकार और भाजपा का जवाब
वित्त मंत्रालय और NPCI साफ कह रहे हैं कि 96% मर्चेंट ट्रांजेक्शन प्रभावित नहीं होंगे।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राहुल गांधी के आरोप को “पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद” बताया। उन्होंने कहा कि अभी कोई ऐसा फैसला नहीं हुआ है कि ₹2,000 से ऊपर फीस लगेगी (बाद में NPCI ने 0.4% फ्रेमवर्क जारी कर दिया)।
भाजपा ने कांग्रेस पर “फेक न्यूज” फैलाने का आरोप लगाया।
अमेरिकी दबाव वाला एंगल
राहुल गांधी और कांग्रेस ने इसे अमेरिका (Visa-Mastercard) के दबाव से जोड़ा। अमेरिकी ट्रेड रिपोर्ट्स में पहले भी भारत की zero-MDR नीति पर आपत्ति जताई गई थी। कुछ थिंक-टैंक (जैसे GTRI) ने भी चेतावनी दी थी कि नीति बदलते समय बाहरी दबाव से बचना चाहिए। सरकार का रुख है कि यह UPI इकोसिस्टम की सस्टेनेबिलिटी के लिए जरूरी है, क्योंकि शून्य-MDR से सालाना हजारों करोड़ का खर्च आ रहा था।
सारांश (फुल फैक्ट्स)
बिंदु
राहुल गांधी का दावा
असल स्थिति
फीस लग रही है?
चुपचाप रास्ता खोला
₹2,000 तक पूरी तरह मुफ्त; ऊपर 0.4% सिर्फ मर्चेंट पर (15 अक्टूबर से)
ग्राहक पर असर
कीमत बढ़ेगी
सीधे नहीं, लेकिन मर्चेंट लागत बढ़ा सकते हैं
वॉल्यूम
5% ट्रांजेक्शन = 65% वैल्यू
सही आंकड़े (सरकारी/NPCI डेटा से मेल खाते हैं)
अमेरिका वाला एंगल
Surrender
विवादित; सरकार इनकार करती है
निष्कर्ष: राहुल गांधी का आरोप आंशिक रूप से सही है कि ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR का रास्ता खुल गया है और फ्रेमवर्क जारी हो चुका है। लेकिन “सरेंडर” और “ग्राहक से सीधे फीस” वाला दावा सरकारी स्पष्टीकरण से मेल नहीं खाता। UPI अभी भी आम आदमी के लिए मुफ्त बना हुआ है।
स्रोत: The Hindu, LiveMint, Business Today, NPCI FAQ, PIB, X पोस्ट (RahulGandhi) और अन्य विश्वसनीय रिपोर्ट्स (15 सितंबर 2026 तक अपडेटेड)।
मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ.
#swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey  SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
    user_SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
    SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • तीज पर्व पर ग्राम कारी में सजा खेलों का रंग, माताओं-बहनों ने दिखाया हुनर विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताओं में उमड़ा उत्साह, विजेताओं का हुआ सम्मान कारी। तीज पर्व के अवसर पर ग्राम कारी में लवली याराना ग्रुप के तत्वावधान में माताओं एवं बहनों के लिए विभिन्न खेल एवं मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साह और उमंग के साथ भागीदारी करते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान कुर्सी दौड़, गुब्बारा फुलाना,मटकी फोड़, सरगुल्ला-चम्मच, पानी डिस्पोज सहित अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया। प्रतिभागियों ने खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आयोजन का आनंद उठाया। प्रतियोगिताओं में विजेता रहीं माताओं एवं बहनों को आयोजन समिति की ओर से सम्मान के साथ सहयोग राशि प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। विजेताओं के सम्मान से महिलाओं का उत्साह बढ़ा और आयोजन स्थल पर खुशी का माहौल रहा। आयोजन समिति के अनुसार तीज पर्व के अवसर पर इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को मनोरंजन के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आपसी मेल-जोल बढ़ाने तथा सामाजिक सहभागिता का अवसर उपलब्ध कराना था। लवली याराना ग्रुप की इस पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की।
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    तीज पर्व पर ग्राम कारी में सजा खेलों का रंग, माताओं-बहनों ने दिखाया हुनर
विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताओं में उमड़ा उत्साह, विजेताओं का हुआ सम्मान

कारी। तीज पर्व के अवसर पर ग्राम कारी में लवली याराना ग्रुप के तत्वावधान में माताओं एवं बहनों के लिए विभिन्न खेल एवं मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साह और उमंग के साथ भागीदारी करते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन किया।
आयोजन के दौरान कुर्सी दौड़, गुब्बारा फुलाना,मटकी फोड़, सरगुल्ला-चम्मच, पानी डिस्पोज सहित अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया। प्रतिभागियों ने खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आयोजन का आनंद उठाया।
प्रतियोगिताओं में विजेता रहीं माताओं एवं बहनों को आयोजन समिति की ओर से सम्मान के साथ सहयोग राशि प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। विजेताओं के सम्मान से महिलाओं का उत्साह बढ़ा और आयोजन स्थल पर खुशी का माहौल रहा।
आयोजन समिति के अनुसार तीज पर्व के अवसर पर इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को मनोरंजन के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आपसी मेल-जोल बढ़ाने तथा सामाजिक सहभागिता का अवसर उपलब्ध कराना था। लवली याराना ग्रुप की इस पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की।
    user_Kishor Banjare
    Kishor Banjare
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • ऋषि पंचमी पर राजिम के निकट ग्राम देवरी में निकली नागों की शोभायात्रा पूजा के बाद सांपों को जंगल में छोड़ने की परंपरा निभाई गई, बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग राजिम।ऋषि पंचमी पर मंगलवार को राजिम के ग्राम देवरी में वर्षों पुरानी लोकपरंपरा देखने को मिली। तंत्र-मंत्र और पारंपरिक मान्यताओं के बीच सांपों की विशेष पूजा-अर्चना कर उनकी शोभायात्रा निकाली गई। नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन में आस्था के साथ लोगों में कौतूहल भी नजर आया। ग्रामीणों के अनुसार, ऋषि पंचमी पर देवरी में विशेष परंपरा के तहत सांपों को पकड़ा जाता है। इसके बाद गांव के सांवरा बैगा द्वारा पारंपरिक विधि-विधान और तंत्र-मंत्र के बीच उनकी पूजा की जाती है। ग्रामीणों की मान्यता है कि नाग देवता को प्रसन्न करने से गांव में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। पूजा के बाद नागों को लेकर शोभायात्रा निकाली गई। यह अटल चौक से होते हुए शीतला माता प्रांगण तक पहुंची। रास्तेभर नागों के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। तीजहारिन बहनों सहित ग्रामीणों ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। ग्रामीणों का कहना है कि देवरी में नाग पूजा की यह परंपरा नई नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही है। ऋषि पंचमी आते ही आयोजन की तैयारी शुरू हो जाती है। बैगा परंपरा, तंत्र-मंत्र और नाग पूजा से जुड़ी मान्यताओं के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचते हैं। पूजा के के बाद बाद जंगल में छोड़ते हैं ग्रामीणों के अनुसार पूजा और शोभायात्रा के बाद सांपों को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ने की परंपरा है। वे इसे नाग देवता के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के सम्मान से जोड़ते हैं। यही परंपरा देवरी को आसपास के गांवों से अलग पहचान देती है।
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    ऋषि पंचमी पर राजिम के निकट ग्राम देवरी में निकली नागों की शोभायात्रा
पूजा के बाद सांपों को जंगल में छोड़ने की परंपरा निभाई गई, बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण
नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
राजिम।ऋषि पंचमी पर मंगलवार को राजिम के ग्राम देवरी में वर्षों पुरानी लोकपरंपरा देखने को मिली। तंत्र-मंत्र और पारंपरिक मान्यताओं के बीच सांपों की विशेष पूजा-अर्चना कर उनकी शोभायात्रा निकाली गई। नागों की शोभायात्रा देखने देवरी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन
में आस्था के साथ लोगों में कौतूहल भी नजर आया। ग्रामीणों के अनुसार, ऋषि पंचमी पर देवरी में विशेष परंपरा के तहत सांपों को पकड़ा जाता है। इसके बाद गांव के सांवरा बैगा द्वारा पारंपरिक विधि-विधान और तंत्र-मंत्र के बीच उनकी पूजा की जाती है। ग्रामीणों की मान्यता है कि नाग देवता को प्रसन्न करने से गांव में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। पूजा के बाद नागों को लेकर शोभायात्रा
निकाली गई। यह अटल चौक से होते हुए शीतला माता प्रांगण तक पहुंची। रास्तेभर नागों के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। तीजहारिन बहनों सहित ग्रामीणों ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की।
ग्रामीणों का कहना है कि देवरी में नाग पूजा की यह परंपरा नई नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही है। ऋषि पंचमी आते ही आयोजन की तैयारी शुरू हो जाती है। बैगा परंपरा, तंत्र-मंत्र और नाग
पूजा से जुड़ी मान्यताओं के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचते हैं।
पूजा के के बाद बाद जंगल में छोड़ते हैं ग्रामीणों के अनुसार पूजा और शोभायात्रा के बाद सांपों को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ने की परंपरा है। वे इसे नाग देवता के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के सम्मान से जोड़ते हैं। यही परंपरा देवरी को आसपास के गांवों से अलग पहचान देती है।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist Gobra Navapara, Raipur•
    1 hr ago
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