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concrete Karan karne hetu... DRM office Road shanidev mandir se lekar Jaipur golden transport tak bhari matra me khadde pade huye he jo ki barsat ke vakt najar nahi aate he pani bhare ke vajahse. logo ko pareshani ho rahi he
Shailjitsingh sisodiya
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- यह मामला बांग्लादेश की राजधानी ढाका से जुड़ा हुआ है, जहाँ १३ साल की एक किशोर वधू और माँ अनामिया अख्तर जुई ने अपने ७ महीने के दुधमुंहे बच्चे को वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी और अदालत का दरवाजा खटखटाया था। सोशल मीडिया (फेसबुक) के जरिए अनामिया अख्तर जुई की पहचान शकिल उर्फ शकीब मिया (लगभग २२ वर्ष) से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और कम उम्र (अनामिका के नाबालिग होने के दौरान) में ही उनका विवाह हो गया। शादी के बाद उनके घर एक पुत्र का जन्म हुआ। लेकिन कुछ समय बाद पति और ससुराल वालों ने कथित तौर पर ७ महीने के दुधमुंहे बच्चे को अपने पास ही रख लिया और मां अनामिका को घर से बाहर निकाल दिया। हार न मानते हुए १३ वर्षीय जुई ने अपने बच्चे को पाने के लिए गत ९ जुलाई को ढाका के चीफ लीगल एड (Chief Legal Aid) कार्यालय में गुहार लगाई।1