Shuru
Apke Nagar Ki App…
विधायक पद की शपथ लेने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बोलें:- "बिहार के जिस सदन के सदस्य के तौर पर भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी,कृष्ण बाबू,अनुग्रह नारायण जी,नीतीश जी,लालू जी,रामविलास जी और सुशील मोदी जी रहे हैं,उस सदन के सदस्य के तौर शपथ लेना मेरे लिए गौरव की बात है,ये मेरे लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है" #Bihar #PrashantKishor
Seemanchal Bytes
विधायक पद की शपथ लेने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बोलें:- "बिहार के जिस सदन के सदस्य के तौर पर भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी,कृष्ण बाबू,अनुग्रह नारायण जी,नीतीश जी,लालू जी,रामविलास जी और सुशील मोदी जी रहे हैं,उस सदन के सदस्य के तौर शपथ लेना मेरे लिए गौरव की बात है,ये मेरे लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है" #Bihar #PrashantKishor
More news from Bihar and nearby areas
- विधायक पद की शपथ लेने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बोलें:- "बिहार के जिस सदन के सदस्य के तौर पर भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी,कृष्ण बाबू,अनुग्रह नारायण जी,नीतीश जी,लालू जी,रामविलास जी और सुशील मोदी जी रहे हैं,उस सदन के सदस्य के तौर शपथ लेना मेरे लिए गौरव की बात है,ये मेरे लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है" #Bihar #PrashantKishor1
- एक अच्छे शिक्षक की अच्छी सोच जय माता रानी कोचिंग सेंटर मीरगंज के डायरेक्टर गौरव सर ने पूरे शिक्षक समाज को दिया एक खूबसूरत मैसेज इस तरह की सोच हर एक शिक्षक की होनी चाहिए उन्होंने कहा सब शिक्षक को एक होने की जरूरत हैं एक अच्छे शिक्षक की अच्छी सोच जय माता रानी कोचिंग सेंटर मीरगंज के डायरेक्टर गौरव सर ने पूरे शिक्षक समाज को दिया एक खूबसूरत मैसेज इस तरह की सोच हर एक शिक्षक की होनी चाहिए उन्होंने कहा सब शिक्षक को एक होने की जरूरत हैं1
- जीनियस पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना स्वतंत्रता दिवस, बच्चों ने देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता का दिया संदेश #स्वतंत्रता_दिवस #स्वतंत्रता_दिवस2026 #15अगस्त #80वां_स्वतंत्रता_दिवस #जीनियस_पब्लिक_स्कूल #सोसा #गोआसी #केनगर #पूर्णिया #देशभक्ति #देशभक्ति_कार्यक्रम #सांस्कृतिक_कार्यक्रम #नशामुक्ति #सोशल_मीडिया_जागरूकता #छात्र_प्रतिभा #स्कूल_कार्यक्रम #हर_घर_तिरंगा #राष्ट्रहित #एकता_अखंडता #खबर_हर_पल1
- जलालगढ़ प्रखंड में नाग पंचमी के अवसर पर बिषहरी पूजा की धूम जलालगढ़ प्रखंड क्षेत्र में सोमवार को नाग पंचमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर बिषहरी माता की पूजा-अर्चना श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई। सुबह से ही पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और सर्पदंश से रक्षा की कामना की। पूजा स्थलों पर भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से माहौल भक्तिमय बना रहा। नाग पंचमी इस वर्ष 17 अगस्त को मनाई जा रही है और यह दिन सावन की तीसरी सोमवारी के साथ भी पड़ा है।1
- अररिया बस्ती पंचायत में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ का आयोजन, बुजुर्गों को सम्मानित किया गया।मुखिया शाद अहमद बबलू1
- फुटपाथ दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनाने की मांग तेज, रेल प्रशासन से पहल की अपील फुटपाथ दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनाने की मांग तेज, रेल प्रशासन से पहल की अपील कटिहार। कटिहार रेलवे स्टेशन के आसपास फुटपाथ पर दुकान लगाकर रोजगार करने वाले दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनाने की मांग तेज हो गई है। इसको लेकर राजद के निवर्तमान प्रदेश महासचिव समरेंद्र कुणाल ने सैकड़ों स्टेशन दुकानदारों के साथ बैठक कर रेल प्रशासन से जल्द प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। समरेंद्र कुणाल ने कहा कि करीब 20 दिन पहले फुटपाथ दुकानदारों के प्रतिनिधिमंडल ने कटिहार मंडल रेल प्रबंधक से मुलाकात की थी। उस दौरान डीआरएम ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत फुटपाथ दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनाने पर विचार करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि संबंधित रेल अधिकारियों से विचार-विमर्श कर इसकी रूपरेखा तैयार की जाएगी। अब इस दिशा में जल्द कार्रवाई शुरू होनी चाहिए। कुणाल ने कहा कि रेलवे यात्रियों में करीब 70 प्रतिशत गरीब और मध्यम वर्ग के लोग शामिल होते हैं। स्टेशन के आसपास रेस्टोरेंट, कैंटीन और होटलों में खाने-पीने की वस्तुएं महंगी होती हैं। ऐसे में गरीब यात्रियों के लिए फुटपाथ दुकानों पर कम कीमत में मिलने वाली चाय, नाश्ता और भोजन काफी सुविधाजनक होता है। दूसरी ओर, स्टेशन के आसपास करीब 50 वर्षों से दुकान लगाकर रोजगार करने वाले सैकड़ों दुकानदारों का कारोबार कार्रवाई के कारण प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि रेलवे यात्रियों और फुटपाथ दुकानदारों की जरूरतें एक-दूसरे से जुड़ी हैं। इसलिए रेल प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि कटिहार रेलवे स्टेशन के पूर्व और पश्चिम दिशा में उचित स्थान चिह्नित कर वेंडिंग जोन बनाया जाए, ताकि यातायात प्रभावित न हो और स्टेशन की साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण भी बरकरार रहे। दुकानों के लिए एक समान डिजाइन निर्धारित करने के साथ बिजली और पानी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। कुणाल ने कहा कि रेलवे टैक्सी, टेंपो, कार, साइकिल और मोटरसाइकिल के लिए पार्किंग बनाकर किराया वसूलता है। इसी तर्ज पर गरीब दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनाकर उनसे निर्धारित शुल्क लिया जा सकता है। इससे दुकानदारों को रोजगार मिलेगा और रेलवे को भी राजस्व प्राप्त होगा। बैठक में अफरोज आलम, मंगेश पोद्दार, बिनोद सिंह, जियाउल हक, रामाशीष सिंह, संतोष सिंह, छोटू राय, मो. समुद्दीन, किशन कुमार सिंह, अनिल पासवान समेत सैकड़ों दुकानदार मौजूद थे।1
- बरनडी नदी में दर्दनाक हादसा: स्नान करने गए पांच बच्चे डूबे, तीन की मौत फलका थाना क्षेत्र में सुबह-सुबह हुआ दर्दनाक हादसा, तीन मासूमों की मौत से मोरसंडा गांव में पसरा मातम; ग्रामीणों ने नदी में बैरिकेडिंग और पुल निर्माण की उठाई मांग कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र के मोरसंडा पंचायत अंतर्गत मोरसंडा गांव के समीप सोमवार की सुबह बरनडी नदी में एक दर्दनाक हादसा हो गया। करीब छह बजे नदी में स्नान करने गए पांच बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे। बच्चों को डूबता देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय गोताखोरों की मदद से पांचों बच्चों को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक तीन बच्चों की मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते मोरसंडा गांव मातम में डूब गया। मृतकों की पहचान सत्यम कुमार (11 वर्ष), पिता चिरंजीव कुमार साह, दिव्यांशु कुमार (10 वर्ष), पिता विजय कुमार तथा अमन कुमार (11 वर्ष), पिता मनोज साह के रूप में हुई है। बताया गया कि सत्यम दो भाइयों में छोटा था। अपने मासूम बेटे की मौत की खबर सुनकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर तरफ करुण क्रंदन का माहौल बना हुआ है। वहीं नदी में डूबने के बाद सुजीत कुमार (14 वर्ष), पिता मनोज साह और आशीष कुमार (16 वर्ष), पिता अमरेश साह को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोनों बच्चों के सुरक्षित बचने से जहां लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं तीन बच्चों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, बच्चे बरनडी नदी में स्नान करने के बाद नदी के समीप स्थित शिव मंदिर में जल चढ़ाकर पूजा करने जाने वाले थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि मंदिर में पूजा करने की तैयारी कर रहे बच्चों के परिवारों को कुछ ही देर में ऐसी हृदयविदारक खबर सुननी पड़ेगी। घटना की सूचना मिलते ही फलका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे ने खड़े किए कई सवाल बरनडी नदी में आए दिन लोगों के स्नान और अन्य कार्यों के लिए पहुंचने के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के खतरनाक और गहरे हिस्सों को चिह्नित कर वहां बैरिकेडिंग की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई कि क्षेत्र में आवागमन और सुरक्षा की दृष्टि से बरनडी नदी पर पुल का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से नदी पर पुल की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। तीन मासूमों की मौत के बाद ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक ऐसी घटनाओं के बाद सिर्फ संवेदना जताई जाती रहेगी और नदी की सुरक्षा व्यवस्था कब मजबूत होगी? मोरसंडा गांव में हुई इस त्रासदी ने एक बार फिर नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक आधारभूत संरचना को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन हादसे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नदी में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अपने मासूम बच्चों को इस तरह न खोना पड़े।1
- बरनडी नदी में दर्दनाक हादसा: स्नान करने गए पांच बच्चे डूबे, तीन की मौत बरनडी नदी में दर्दनाक हादसा: स्नान करने गए पांच बच्चे डूबे, तीन की मौत फलका थाना क्षेत्र में सुबह-सुबह हुआ दर्दनाक हादसा, तीन मासूमों की मौत से मोरसंडा गांव में पसरा मातम; ग्रामीणों ने नदी में बैरिकेडिंग और पुल निर्माण की उठाई मांग कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र के मोरसंडा पंचायत अंतर्गत मोरसंडा गांव के समीप सोमवार की सुबह बरनडी नदी में एक दर्दनाक हादसा हो गया। करीब छह बजे नदी में स्नान करने गए पांच बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे। बच्चों को डूबता देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय गोताखोरों की मदद से पांचों बच्चों को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक तीन बच्चों की मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते मोरसंडा गांव मातम में डूब गया। मृतकों की पहचान सत्यम कुमार (11 वर्ष), पिता चिरंजीव कुमार साह, दिव्यांशु कुमार (10 वर्ष), पिता विजय कुमार तथा अमन कुमार (11 वर्ष), पिता मनोज साह के रूप में हुई है। बताया गया कि सत्यम दो भाइयों में छोटा था। अपने मासूम बेटे की मौत की खबर सुनकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर तरफ करुण क्रंदन का माहौल बना हुआ है। वहीं नदी में डूबने के बाद सुजीत कुमार (14 वर्ष), पिता मनोज साह और आशीष कुमार (16 वर्ष), पिता अमरेश साह को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोनों बच्चों के सुरक्षित बचने से जहां लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं तीन बच्चों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, बच्चे बरनडी नदी में स्नान करने के बाद नदी के समीप स्थित शिव मंदिर में जल चढ़ाकर पूजा करने जाने वाले थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि मंदिर में पूजा करने की तैयारी कर रहे बच्चों के परिवारों को कुछ ही देर में ऐसी हृदयविदारक खबर सुननी पड़ेगी। घटना की सूचना मिलते ही फलका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे ने खड़े किए कई सवाल बरनडी नदी में आए दिन लोगों के स्नान और अन्य कार्यों के लिए पहुंचने के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के खतरनाक और गहरे हिस्सों को चिह्नित कर वहां बैरिकेडिंग की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई कि क्षेत्र में आवागमन और सुरक्षा की दृष्टि से बरनडी नदी पर पुल का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से नदी पर पुल की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। तीन मासूमों की मौत के बाद ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक ऐसी घटनाओं के बाद सिर्फ संवेदना जताई जाती रहेगी और नदी की सुरक्षा व्यवस्था कब मजबूत होगी? मोरसंडा गांव में हुई इस त्रासदी ने एक बार फिर नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक आधारभूत संरचना को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन हादसे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नदी में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अपने मासूम बच्चों को इस तरह न खोना पड़े।3