Shuru
Apke Nagar Ki App…
झारखंड के खूंटी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण मूरहू प्रखंड अंतर्गत स्थित पंचघाघ जलप्रपात उफान पर आ गया है।
Durga Baraik
झारखंड के खूंटी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण मूरहू प्रखंड अंतर्गत स्थित पंचघाघ जलप्रपात उफान पर आ गया है।
More news from झारखंड and nearby areas
- झारखंड में मानसून को देखते हुए NDRF हाई अलर्ट मोड पर है। रांची के धुर्वा स्थित NDRF कैंप से मिली जानकारी के मुताबिक, रांची, जमशेदपुर और देवघर में रेस्क्यू टीमें तैनात कर दी गई हैं। मानसून के दौरान किसी भी आपदा से निपटने के लिए NDRF ने अपनी पूरी तैयारी पूरी कर ली है। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में नदियों, झरनों और तेज बहाव वाले जलाशयों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही प्राकृतिक जल स्रोतों के पास न जाने और प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली सलाह का पालन करने को कहा गया है।1
- रांची में अपनी स्कूटी से जगन्नाथपुर मेला देखने जा रहे शिव प्रसाद साहू की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें पारस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल पर मौजूद लोगों और पुलिस ने त्वरित सहायता की। वहीं, विधानसभा थाना प्रभारी गणेश यादव ने मौके पर पहुँचकर व्यवस्था संभाली और प्राथमिक सहायता में सहयोग दिया। घटना के बाद झारखंड प्रदेश तेली समाज के जिला अध्यक्ष जेम्स कुमार कश्यप और सुगनु समाज के अध्यक्ष आलोक कुमार साहू ने मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि जल विभाग द्वारा रोड की मार्किंग लाइन पर रखा गया वाटर नोजल रात में दिखाई नहीं देता और यह सीधा जानलेवा खतरा बन चुका था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले भी कई दुर्घटनाएँ हुईं और शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। तेज आक्रोश जताते हुए समाज के नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि वह तुरंत नोजल हटाकर मार्ग सुरक्षित करे और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।1
- झारखंड के लोहरदगा और गुमला क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां डॉक्टर की लापरवाही और जर्जर एंबुलेंस के कारण एक बेटी की जान चली गई। इस हादसे के बाद पीड़िता की मां का दर्द छलक पड़ा है। मां ने डॉक्टर की गंभीर अनदेखी और खटारा एंबुलेंस की बदहाल स्थिति को अपनी बेटी की मौत का जिम्मेदार ठहराया है।1
- देश के संसद भवन के बाहर अपने हक के लिए आवाज उठा रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया है। प्रदर्शनकारी छात्र आने वाले समय में परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं को दूर करने और किसी बेबस छात्र को मौत के मुंह में जाने से बचाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। पुलिस की इस दमनकारी कार्रवाई पर गहरा आक्रोश जताते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या एक लोकतांत्रिक देश में अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करना भी मना है? क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां बरसाना ही लोकतंत्र की असली तस्वीर है?1
- झारखंड के खूंटी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण मूरहू प्रखंड अंतर्गत स्थित पंचघाघ जलप्रपात उफान पर आ गया है।1
- झारखंड के रांची में 'छात्रों की गूंज' अभियान और पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस द्वारा मशाल जुलूस निकाला गया। जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकले इस मार्च में छात्र, युवा और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। इस विरोध जुलूस में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह भी शामिल हुईं।1
- राँची के रातू काठीटांड स्थित प्रसिद्ध प्राचीन संकट मोचन मंदिर में मंगलवार शाम आरती के बाद भव्य सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी मौजूद रहे। शाम होते ही पूरा मंदिर परिसर 'जय श्रीराम' और 'बजरंगबली' के जयकारों से गूंज उठा और पूरे समय भक्तिभाव का माहौल बना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हिन्दु हृदय सम्राट भैरव सिंह और विशिष्ट अतिथि फन कैसल पार्क के निदेशक नीतेश नाथ शाहदेव शामिल हुए। भैरव सिंह ने उपस्थित लोगों से हनुमान चालीसा का पाठ करवाया। आयोजकों ने बताया कि हर मंगलवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में शांति, सौहार्द और एकता का संदेश देना है। मान्यता है कि इस मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया तथा देश-दुनिया में सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की गई। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने सभी भक्तों का आभार जताया और आगे भी ऐसे धार्मिक आयोजन होते रहने की बात कही।1
- झारखंड में भर्ती घोटालों पर जिस तरह जवाब माँगा जाता है, ठीक उसी तरह राष्ट्रीय स्तर के विवादों पर भी उतनी ही पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए। यह सवाल किसी एक राजनीतिक दल से नहीं बल्कि सीधे व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़ा है, क्योंकि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यही है कि सवाल पूछने का अधिकार सत्ता देखकर नहीं बदलता। NEET पेपर लीक और JPSC जैसे भर्ती घोटालों के बीच छात्रों और युवाओं के अधिकारों को लेकर यह माँग उठाई गई है कि जवाबदेही का दायरा हर स्तर पर निष्पक्ष और समान होना चाहिए। इस गंभीर मुद्दे पर देश के नागरिकों से कमेंट में अपनी बात और राय रखने की अपील भी की गई है।1