यूजीसी के खिलाफ श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना और समाज के प्रबुद्ध लोग करणी माता के दरबार से लगभग 15 दिनों से 800 किलोमीटर की पैदल यात्रा निकाल रहे हैं। यह टीम गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को इस कानून के प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है। आंदोलन को मजबूत करने के लिए टीम के 5 सदस्यों ने अब अन्न का त्याग भी कर दिया है। इस अभियान के तहत 3 तारीख को सभी लोगों को जयपुर पहुंचने, यात्रा का स्वागत करने और शाम को आयोजित होने वाली मशाल यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया गया है। करणी सेना के झुंझुनू जिला अध्यक्ष सुरेंद्र फौजी ने इसे बच्चों और बहन-बेटियों के भविष्य तथा न्याय की लड़ाई बताते हुए सभी से साथ देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में सिर गिने जाते हैं, इसलिए इस काले कानून के विरोध में सभी को एकजुट होकर समर्थन देना होगा।
यूजीसी के खिलाफ श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना और समाज के प्रबुद्ध लोग करणी माता के दरबार से लगभग 15 दिनों से 800 किलोमीटर की पैदल यात्रा निकाल रहे हैं। यह टीम गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को इस कानून के प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है। आंदोलन को मजबूत करने के लिए टीम के 5 सदस्यों ने अब अन्न का त्याग भी कर दिया है। इस अभियान के तहत 3 तारीख को सभी लोगों को जयपुर पहुंचने, यात्रा का स्वागत करने और शाम को आयोजित होने वाली मशाल यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया गया है। करणी सेना के झुंझुनू जिला अध्यक्ष सुरेंद्र फौजी ने इसे बच्चों और बहन-बेटियों के भविष्य तथा न्याय की लड़ाई बताते हुए सभी से साथ देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में सिर गिने जाते हैं, इसलिए इस काले कानून के विरोध में सभी को एकजुट होकर समर्थन देना होगा।
- यूजीसी के खिलाफ श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना और समाज के प्रबुद्ध लोग करणी माता के दरबार से लगभग 15 दिनों से 800 किलोमीटर की पैदल यात्रा निकाल रहे हैं। यह टीम गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को इस कानून के प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है। आंदोलन को मजबूत करने के लिए टीम के 5 सदस्यों ने अब अन्न का त्याग भी कर दिया है। इस अभियान के तहत 3 तारीख को सभी लोगों को जयपुर पहुंचने, यात्रा का स्वागत करने और शाम को आयोजित होने वाली मशाल यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया गया है। करणी सेना के झुंझुनू जिला अध्यक्ष सुरेंद्र फौजी ने इसे बच्चों और बहन-बेटियों के भविष्य तथा न्याय की लड़ाई बताते हुए सभी से साथ देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में सिर गिने जाते हैं, इसलिए इस काले कानून के विरोध में सभी को एकजुट होकर समर्थन देना होगा।1
- रेलवे ने दिल्ली-सिरसा एक्सप्रेस ट्रेन को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके तहत इस ट्रेन की रफ्तार में बदलाव किया जाएगा।1
- मेदांता अस्पताल देश की राजनीति का मुख्य केंद्र बन गया है, जहां जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं से हुई इस अहम मुलाकात के बाद सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना 26 दिनों से चला आ रहा अनशन समाप्त कर दिया है। इस बड़े घटनाक्रम के सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार को झुकना पड़ा है या फिर इस पूरे मामले का कोई समाधान निकल आया है।1
- पीएम मोदी ने जानकारी दी है कि शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के मामलों पर अधिक सख्त कदम उठाए जाएंगे।1
- भिवानी में पवन बुवानीवाला ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार अपनी मनमानी कर रही है।1
- हरियाणा के चरखी दादरी में सर्वजातीय फोगाट खाप के प्रधान सुरेश फोगाट ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बच्चों की शिक्षा, दवाइयों और पेपर लीक जैसी जायज मांगों पर तानाशाही नहीं चलेगी। उन्होंने साफ कहा कि इतिहास गवाह है, सरकारों को आखिरकार जनता की बात सुननी ही पड़ती है। सरकार को बड़ी चेतावनी देते हुए खाप प्रधान ने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आज लाखों हैं और कल करोड़ों लोग दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। इस दौरान धरने पर खाप प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और आशा वर्कर्स भी पहुंचे हैं।1
- भिवानी के वार्ड नंबर 1 में स्थित देवनगर कॉलोनी के अप्रूव न होने के कारण यहाँ के निवासी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अनेक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। वार्ड वासी सूर्या तंवर और अन्य क्षेत्र वासियों का कहना है कि करीब 25 वर्षों से देवनगर के लोग बिजली, पानी, बरसाती जलभराव और कच्ची गलियों की गंभीर समस्याओं से परेशान हैं। क्षेत्र वासियों के अनुसार, वे इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित कर चुके हैं, लेकिन उनकी परेशानियों पर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है। लगातार हो रही अनदेखी से आहत होकर निवासियों ने अब प्रशासन से अपनी समस्याओं के शीघ्र समाधान की माँग की है।1
- दिल्ली पुलिस का एक बेहद शर्मसार कर देने वाला रवैया सामने आया है, जहाँ वकीलों के साथ अभद्रता की गई है। थाने में वकीलों के साथ बदसलूकी करते हुए उन्हें धक्के मार कर थाने से बाहर निकाल दिया गया। पुलिस का यह रवैया और वकीलों के साथ किया गया ऐसा बर्ताव बेहद शर्मनाक है।1