हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच व इलाज के लिए प्रेरित करना है। हेपेटाइटिस लिवर (जिगर) में सूजन की बीमारी है। कई बार इसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे "साइलेंट डिजीज" भी कहा जाता है। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के सीनियर डायरेक्टर – गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं एंडोस्कोपी, डॉ. संजय कुमार ने बीमारी से जुड़े मिथकों को खारिज करते हुए बताया कि हेपेटाइटिस केवल गंदे खान-पान से नहीं होता। हेपेटाइटिस A और E दूषित भोजन व पानी से फैलते हैं, जबकि हेपेटाइटिस B और C संक्रमित खून, असुरक्षित सुई और असुरक्षित यौन संबंधों के कारण हो सकते हैं। फैटी लिवर, शराब का अधिक सेवन और कुछ दवाइयां भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। शुरुआती चरण में थकान, कमजोरी, भूख कम लगना या हल्का बुखार हो सकता है, जबकि बीमारी बढ़ने पर पीलिया, गहरे रंग का पेशाब, उल्टी और पेट में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। सही इलाज से अधिकांश मरीज ठीक हो सकते हैं, वहीं गंभीर मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है। हेपेटाइटिस से बचाव के लिए साफ पानी और स्वच्छ भोजन का सेवन करने, शराब से बचने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संक्रमित सुई या रेजर साझा न करने और हेपेटाइटिस B का टीका लगवाने की सलाह दी गई है। सही जानकारी और समय पर जांच से इससे होने वाली गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच व इलाज के लिए प्रेरित करना है। हेपेटाइटिस लिवर (जिगर) में सूजन की बीमारी है। कई बार इसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे "साइलेंट डिजीज" भी कहा जाता है। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के सीनियर डायरेक्टर – गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं एंडोस्कोपी, डॉ. संजय कुमार ने बीमारी से जुड़े मिथकों को खारिज करते हुए बताया कि हेपेटाइटिस केवल गंदे खान-पान से नहीं होता। हेपेटाइटिस A और E दूषित भोजन व पानी से फैलते हैं, जबकि हेपेटाइटिस B और C संक्रमित खून, असुरक्षित सुई और असुरक्षित यौन संबंधों के कारण हो सकते हैं। फैटी लिवर, शराब का अधिक सेवन और कुछ दवाइयां भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। शुरुआती चरण में थकान, कमजोरी, भूख कम लगना या हल्का बुखार हो सकता है, जबकि बीमारी बढ़ने पर पीलिया, गहरे रंग का पेशाब, उल्टी और पेट में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। सही इलाज से अधिकांश मरीज ठीक हो सकते हैं, वहीं गंभीर मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है। हेपेटाइटिस से बचाव के लिए साफ पानी और स्वच्छ भोजन का सेवन करने, शराब से बचने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संक्रमित सुई या रेजर साझा न करने और हेपेटाइटिस B का टीका लगवाने की सलाह दी गई है। सही जानकारी और समय पर जांच से इससे होने वाली गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
- हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच व इलाज के लिए प्रेरित करना है। हेपेटाइटिस लिवर (जिगर) में सूजन की बीमारी है। कई बार इसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे "साइलेंट डिजीज" भी कहा जाता है। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के सीनियर डायरेक्टर – गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं एंडोस्कोपी, डॉ. संजय कुमार ने बीमारी से जुड़े मिथकों को खारिज करते हुए बताया कि हेपेटाइटिस केवल गंदे खान-पान से नहीं होता। हेपेटाइटिस A और E दूषित भोजन व पानी से फैलते हैं, जबकि हेपेटाइटिस B और C संक्रमित खून, असुरक्षित सुई और असुरक्षित यौन संबंधों के कारण हो सकते हैं। फैटी लिवर, शराब का अधिक सेवन और कुछ दवाइयां भी लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। शुरुआती चरण में थकान, कमजोरी, भूख कम लगना या हल्का बुखार हो सकता है, जबकि बीमारी बढ़ने पर पीलिया, गहरे रंग का पेशाब, उल्टी और पेट में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। सही इलाज से अधिकांश मरीज ठीक हो सकते हैं, वहीं गंभीर मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है। हेपेटाइटिस से बचाव के लिए साफ पानी और स्वच्छ भोजन का सेवन करने, शराब से बचने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संक्रमित सुई या रेजर साझा न करने और हेपेटाइटिस B का टीका लगवाने की सलाह दी गई है। सही जानकारी और समय पर जांच से इससे होने वाली गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।1
- बुलंदशहर में श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष ठाकुर जगवीर भाटी को स्थानीय प्रशासन द्वारा उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे जिलाध्यक्ष को 23 जुलाई से लगातार पुलिस की नजरबंदी में रखा गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए महासभा के संरक्षक ठाकुर उदयपाल सिंह और जिला प्रवक्ता नरेंद्र प्रताप सिंह ने इसे मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन बताया है। उन्होंने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि अपनी बात को शांतिपूर्ण तरीके से रखने के लिए दिल्ली जा रहे संगठन के प्रमुख को इस प्रकार रोकना पूरी तरह गलत है और इससे पूरे समाज में गहरा रोष व्याप्त है। मामले में संगठन के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसे कदमों से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटने वाला नहीं है। उन्होंने जिलाध्यक्ष ठाकुर जगवीर भाटी को जल्द से जल्द मुक्त करने की मांग की है और कहा है कि यदि उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो क्षत्रिय महासभा जिला स्तर पर व्यापक आंदोलन करने के लिए विवश होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।4
- दिल्ली में सीजेपी विरोध प्रदर्शन के दौरान 'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए!' का संदेश देकर अभिजीत दीपके ने अपना आक्रामक और आत्मविश्वासी रुख जाहिर किया है। सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहे इस बयान के जरिए उन्होंने साफ तौर पर यह तेवर दिखाया है कि मजबूत इरादों के आगे दुनिया को झुकना ही पड़ता है।1
- हापुड़ के थाना पिलखुआ कोतवाली क्षेत्र में ससुराल वालों का एक महिला पर कहर देखने को मिला है। छोटी-छोटी बातों को लेकर महिला के साथ मारपीट की गई और लात-घूसों से उसकी जमकर पिटाई कर दी गई। इस मारपीट के दौरान पीड़िता के निजी अंगों को भी नहीं छोड़ा गया और ससुराल पक्ष द्वारा उसे जान से मारने का प्रयास किया गया। गंभीर प्रताड़ना के बाद महिला किसी तरह अपनी जान बचाकर सीधे थाने भागी। मामले की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता का सरकारी अस्पताल में उपचार कराया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा देहात क्षेत्र स्थित दिनोल गाँव में एक बेहद लापरवाही भरा और डरावना मामला सामने आया है। यहाँ सरकारी जूनियर हाईस्कूल में पहली कक्षा में पढ़ने वाला 4 वर्षीय मासूम सोहम, पुत्र सोनू, स्कूल बंद होने के बाद कमरे के अंदर ही बंद रह गया। रोज की तरह स्कूल की छुट्टी होने पर पूरे स्टाफ ने गेट पर ताला लगाया और घर चले गए, लेकिन किसी को यह याद ही नहीं रहा कि पहली क्लास का मासूम बच्चा अभी भी कमरे के अंदर बैठा है। मासूम बच्चा करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में गर्मी के बीच बिलखता और रोता-चिल्लाता रहा, लेकिन उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। जब काफी देर तक बच्चा घर नहीं पहुंचा तो परिजन घबरा गए और उसे ढूंढते-ढूंढते स्कूल पहुंचे। कमरे के अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई देने पर ग्रामीणों ने मिलकर आनन-फानन में ताला तोड़ा और बच्चे को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और दोषी शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामला सामने आने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी बुलंदशहर ने बताया कि हेड मास्टर की भारी लापरवाही हुई है, जिस पर कार्रवाई के लिए पत्र बनवाया जा रहा है। वहीं खुर्जा देहात थाना प्रभारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस टीम को मौके पर भेज दिया गया है और अभिभावकों की तरफ से कोई प्रार्थना पत्र मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्चे को सुरक्षित घर भेज दिया गया है, लेकिन इस घटना के बाद से अभिभावकों में भारी गुस्सा है और स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- बुलंदशहर में मामूली कहासुनी के बाद दबंगों ने युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक ही परिवार के चार भाई घायल हो गए हैं। वारदात के बाद सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1