logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

पलिया-खीरी में भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 39वीं वाहिनी और थाना संपूर्णानगर पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को हुई इस कार्रवाई में संयुक्त गश्त के दौरान सीमा स्तंभ संख्या 762/1 के निकट भारतीय क्षेत्र से एक लावारिस मोटरसाइकिल के साथ तीन बोरी खाद बरामद की गई। बरामद खाद में एक बोरी यूरिया खाद और दो बोरी एनपीके खाद शामिल थी। सुरक्षा बलों ने इसके बाद आसपास के क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन मौके पर खाद और मोटरसाइकिल का कोई स्वामी या संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। आशंका जताई जा रही है कि तस्कर सुरक्षा बलों की सक्रियता को देखते हुए अपना सामान छोड़कर फरार हो गए थे। एसएसबी और पुलिस की टीम ने बरामद खाद और मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की, जिसके बाद समस्त बरामद सामान एवं संबंधित दस्तावेज अग्रिम कार्रवाई के लिए थाना संपूर्णानगर को सौंप दिए गए। एसएसबी अधिकारियों ने इस दौरान बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी, गैरकानूनी गतिविधियों और सीमा अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं, ताकि सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सके।

2 hrs ago
user_Anand Kumar
Anand Kumar
Local News Reporter पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
0504b1ca-2b08-44eb-87a6-073bdc8a685d

पलिया-खीरी में भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 39वीं वाहिनी और थाना संपूर्णानगर पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को हुई इस कार्रवाई में संयुक्त गश्त के दौरान सीमा स्तंभ संख्या 762/1 के निकट भारतीय क्षेत्र से एक लावारिस मोटरसाइकिल के साथ तीन बोरी खाद बरामद की गई। बरामद खाद में एक बोरी यूरिया खाद और दो बोरी एनपीके खाद शामिल थी। सुरक्षा बलों ने इसके बाद आसपास के क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन मौके पर खाद और मोटरसाइकिल का कोई स्वामी या संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। आशंका जताई जा रही है कि तस्कर सुरक्षा बलों की सक्रियता को देखते हुए अपना सामान छोड़कर फरार हो गए थे। एसएसबी और पुलिस की टीम ने बरामद खाद और मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की, जिसके बाद समस्त बरामद सामान एवं संबंधित दस्तावेज अग्रिम कार्रवाई के लिए थाना संपूर्णानगर को सौंप दिए गए। एसएसबी अधिकारियों ने इस दौरान बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी, गैरकानूनी गतिविधियों और सीमा अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं, ताकि सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सके।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • पलिया कलां खीरी स्थित गुड्डी सेवा अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के दौरान एक पाँच दिन के नवजात शिशु की मौत के बाद अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के संचालक और वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.के. अवस्थी पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और एक आठ साल के बच्चे के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। मृतक नवजात की माँ खुशबू और पिता मनोज ने रोते-बिलखते हुए बताया कि उनके बच्चे को समय पर सही उपचार नहीं मिला, जिसके कारण उसकी असमय मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर संवेदनहीनता की सारी हदें पार करने का आरोप लगाया, जिसके बाद पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। दूसरी ओर, आरोपी चिकित्सक डॉ. ए.के. अवस्थी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं और दोषी पाए जाने पर हर कार्रवाई भुगतने को राजी हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई, जहाँ नवजात की मौत के कई घंटों बाद तक उसके शव को एनआईसीयू (NICU) वार्ड से बाहर नहीं निकाला गया। इससे वार्ड में भर्ती तीन अन्य नवजात शिशुओं के परिजनों में हड़कंप मच गया, जिन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराते हुए दूसरे बच्चों में गंभीर संक्रमण फैलने का खतरा बताया। घटना की सूचना मिलते ही पलिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची, स्थिति को नियंत्रित किया और नवजात के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। फिलहाल क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी तनाव और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
    4
    पलिया कलां खीरी स्थित गुड्डी सेवा अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के दौरान एक पाँच दिन के नवजात शिशु की मौत के बाद अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के संचालक और वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.के. अवस्थी पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और एक आठ साल के बच्चे के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।

मृतक नवजात की माँ खुशबू और पिता मनोज ने रोते-बिलखते हुए बताया कि उनके बच्चे को समय पर सही उपचार नहीं मिला, जिसके कारण उसकी असमय मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर संवेदनहीनता की सारी हदें पार करने का आरोप लगाया, जिसके बाद पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। दूसरी ओर, आरोपी चिकित्सक डॉ. ए.के. अवस्थी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं और दोषी पाए जाने पर हर कार्रवाई भुगतने को राजी हैं।

घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई, जहाँ नवजात की मौत के कई घंटों बाद तक उसके शव को एनआईसीयू (NICU) वार्ड से बाहर नहीं निकाला गया। इससे वार्ड में भर्ती तीन अन्य नवजात शिशुओं के परिजनों में हड़कंप मच गया, जिन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराते हुए दूसरे बच्चों में गंभीर संक्रमण फैलने का खतरा बताया। घटना की सूचना मिलते ही पलिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची, स्थिति को नियंत्रित किया और नवजात के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। फिलहाल क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी तनाव और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
    user_READ NEWS
    READ NEWS
    Banker पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र स्थित दुबहा गाँव में दशकों पुरानी प्रमुख सिंचाई नहर की हालत बदहाल है, जहाँ समुचित देखभाल के अभाव में यह नहर झाड़ियों, खरपतवार और जमा गंदगी से अटी पड़ी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले जिस नहर में पानी का सुचारु प्रवाह रहता था, वह अब जंगली घास, वनस्पतियों, प्लास्टिक और घरेलू कचरे से इस कदर भर गई है कि इसका बहाव नलियों जैसा दिख रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग समय-समय पर नहर की सफाई के दावे तो करता रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है, क्योंकि नियमित सफाई न होने के कारण नहर की क्षमता घट गई है। इस स्थिति से बारिश के समय जलभराव और जलस्रोतों के दूषित होने जैसी चिंताएँ बढ़ गई हैं। किसानों ने विशेष चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सिंचाई के लिए नहरों का सुचारु संचालन बेहद आवश्यक है, और यदि इसकी अभी सफाई नहीं की गई तो आने वाले सीजन में खेतों तक पानी पहुंचाने में बाधा आ सकती है, जिससे रबी और खरीफ दोनों फसलें प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत नहर की सफाई कराने, उचित निकासी सुनिश्चित करने और एक नियमित निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि नहरों की उपेक्षा से न केवल जल प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ेगा, बल्कि आसपास के पर्यावरण और ग्रामीण स्वच्छता भी प्रभावित होगी। गाँव के बुजुर्गों ने पिछली बार सफाई के वादों पर भरोसा जताने का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे। निगरानी में तैनात कुछ स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी सुझाव दिया है कि सफाई केवल अनौपचारिक निरीक्षणों तक सीमित न रहे, बल्कि बाकायदा मशीनों और जनशक्ति का उपयोग किया जाए। उन्होंने नहर के किनारे कूड़ा जलाने और फेंकने पर रोक लगाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर हेल्पडेस्क बनाकर शिकायतों का नियमित निस्तारण करने की भी सिफारिश की है। फिलहाल, इस मुद्दे पर अधिकारी स्तर से कोई समेकित टिप्पणी नहीं मिली है, हालांकि प्रशासन ने पहले नहरों की सफाई को योजनानुसार जारी रखने की बात कही थी। ग्रामीण अब प्रशासन की वास्तविक कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि सिंचाई व्यवस्था और स्थानीय पर्यावरण दोनों को सुरक्षित किया जा सके।
    1
    लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र स्थित दुबहा गाँव में दशकों पुरानी प्रमुख सिंचाई नहर की हालत बदहाल है, जहाँ समुचित देखभाल के अभाव में यह नहर झाड़ियों, खरपतवार और जमा गंदगी से अटी पड़ी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले जिस नहर में पानी का सुचारु प्रवाह रहता था, वह अब जंगली घास, वनस्पतियों, प्लास्टिक और घरेलू कचरे से इस कदर भर गई है कि इसका बहाव नलियों जैसा दिख रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग समय-समय पर नहर की सफाई के दावे तो करता रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है, क्योंकि नियमित सफाई न होने के कारण नहर की क्षमता घट गई है। इस स्थिति से बारिश के समय जलभराव और जलस्रोतों के दूषित होने जैसी चिंताएँ बढ़ गई हैं। किसानों ने विशेष चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सिंचाई के लिए नहरों का सुचारु संचालन बेहद आवश्यक है, और यदि इसकी अभी सफाई नहीं की गई तो आने वाले सीजन में खेतों तक पानी पहुंचाने में बाधा आ सकती है, जिससे रबी और खरीफ दोनों फसलें प्रभावित हो सकती हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत नहर की सफाई कराने, उचित निकासी सुनिश्चित करने और एक नियमित निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि नहरों की उपेक्षा से न केवल जल प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ेगा, बल्कि आसपास के पर्यावरण और ग्रामीण स्वच्छता भी प्रभावित होगी। गाँव के बुजुर्गों ने पिछली बार सफाई के वादों पर भरोसा जताने का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे। निगरानी में तैनात कुछ स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी सुझाव दिया है कि सफाई केवल अनौपचारिक निरीक्षणों तक सीमित न रहे, बल्कि बाकायदा मशीनों और जनशक्ति का उपयोग किया जाए। उन्होंने नहर के किनारे कूड़ा जलाने और फेंकने पर रोक लगाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर हेल्पडेस्क बनाकर शिकायतों का नियमित निस्तारण करने की भी सिफारिश की है।

फिलहाल, इस मुद्दे पर अधिकारी स्तर से कोई समेकित टिप्पणी नहीं मिली है, हालांकि प्रशासन ने पहले नहरों की सफाई को योजनानुसार जारी रखने की बात कही थी। ग्रामीण अब प्रशासन की वास्तविक कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि सिंचाई व्यवस्था और स्थानीय पर्यावरण दोनों को सुरक्षित किया जा सके।
    user_न्यूज़ पेपर
    न्यूज़ पेपर
    Reporter निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी के इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित तिकुनिया कस्बे में महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज ग्राउंड पर पहली बार एक भव्य नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (APPJA) के बैनर तले आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। टूर्नामेंट का शानदार शुभारंभ 20 जून 2026 की शाम 7 बजे पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने फीता काटकर किया। इस उद्घाटन समारोह में उन्होंने स्वयं पिच पर बल्ला थामकर कुछ शानदार शॉट खेले और खिलाड़ियों का भरपूर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर APPJA के जिला सचिव अतीक शेख, तिकुनिया इकाई अध्यक्ष राजीव खत्री, संरक्षक रूपनारायण मिश्रा, कोषाध्यक्ष अतुल तिवारी, महामंत्री आनंद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी सुरेंद्र सिंगल ‘चट्टान’, उपाध्यक्ष विशाल विश्वकर्मा और महासचिव मुन्नालाल विश्वकर्मा समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं, जिसमें विजेता टीम को ₹31,000 नकद के साथ ट्रॉफी, उपविजेता टीम को ₹15,000 नकद के साथ ट्रॉफी और मैन ऑफ द सीरीज चुने जाने वाले खिलाड़ी को ₹2,100 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। तिकुनिया इकाई अध्यक्ष राजीव खत्री के नेतृत्व में आयोजित इस टूर्नामेंट को सफल बनाने में तिकुनिया व्यापार मंडल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके अध्यक्ष हैप्पी कुंछल सहित सभी पदाधिकारी सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज के प्रबंधक आशीष अग्रवाल और कॉलेज प्रशासन भी इस आयोजन में पूरा सहयोग कर रहा है। आयोजकों ने दूर-दराज से आने वाली सभी टीमों के लिए भोजन और ठहरने की उचित व्यवस्था भी की है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस रोमांचक प्रतियोगिता पर टिकी हैं, यह जानने के लिए कि 16 टीमों के बीच होने वाले इन मुकाबलों में कौन सी टीम चैंपियन बनेगी और किस खिलाड़ी को अपनी नई पहचान मिलेगी।
    1
    लखीमपुर खीरी के इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित तिकुनिया कस्बे में महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज ग्राउंड पर पहली बार एक भव्य नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (APPJA) के बैनर तले आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

टूर्नामेंट का शानदार शुभारंभ 20 जून 2026 की शाम 7 बजे पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने फीता काटकर किया। इस उद्घाटन समारोह में उन्होंने स्वयं पिच पर बल्ला थामकर कुछ शानदार शॉट खेले और खिलाड़ियों का भरपूर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर APPJA के जिला सचिव अतीक शेख, तिकुनिया इकाई अध्यक्ष राजीव खत्री, संरक्षक रूपनारायण मिश्रा, कोषाध्यक्ष अतुल तिवारी, महामंत्री आनंद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी सुरेंद्र सिंगल ‘चट्टान’, उपाध्यक्ष विशाल विश्वकर्मा और महासचिव मुन्नालाल विश्वकर्मा समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं, जिसमें विजेता टीम को ₹31,000 नकद के साथ ट्रॉफी, उपविजेता टीम को ₹15,000 नकद के साथ ट्रॉफी और मैन ऑफ द सीरीज चुने जाने वाले खिलाड़ी को ₹2,100 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। तिकुनिया इकाई अध्यक्ष राजीव खत्री के नेतृत्व में आयोजित इस टूर्नामेंट को सफल बनाने में तिकुनिया व्यापार मंडल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके अध्यक्ष हैप्पी कुंछल सहित सभी पदाधिकारी सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज के प्रबंधक आशीष अग्रवाल और कॉलेज प्रशासन भी इस आयोजन में पूरा सहयोग कर रहा है। आयोजकों ने दूर-दराज से आने वाली सभी टीमों के लिए भोजन और ठहरने की उचित व्यवस्था भी की है।

अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस रोमांचक प्रतियोगिता पर टिकी हैं, यह जानने के लिए कि 16 टीमों के बीच होने वाले इन मुकाबलों में कौन सी टीम चैंपियन बनेगी और किस खिलाड़ी को अपनी नई पहचान मिलेगी।
    user_Rajeev Khatri
    Rajeev Khatri
    निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • NTA पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि जहाँ छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए पूरे साल का समय मिलता है, वहीं NTA ने परीक्षा केंद्र बदलने के लिए मात्र 10 मिनट का ही समय दिया है। एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए, इस स्थिति को डिजिटल इंडिया का एक 'चमत्कार' बताते हुए तीखा व्यंग्य किया गया है कि एडमिट कार्ड भी 'गिरगिट की तरह रंग बदल' रहे हैं, जिससे छात्रों को भारी परेशानी हो रही है। छात्रों के भविष्य के साथ इस 'थ्रिलर' गेम के लिए शिक्षा मंत्री और NTA को '21 तोपों की सलामी' देते हुए तंज कसा गया है, साथ ही यह मार्मिक प्रश्न भी उठाया गया है कि छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें या सिस्टम की इन नाकामियों से जूझें। इस पूरे घटनाक्रम को 'काफ़ी भावुक कर देने वाला पल' बताया गया है, जो छात्रों की गहरी निराशा और चिंता को दर्शाता है।
    1
    NTA पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि जहाँ छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए पूरे साल का समय मिलता है, वहीं NTA ने परीक्षा केंद्र बदलने के लिए मात्र 10 मिनट का ही समय दिया है। एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए, इस स्थिति को डिजिटल इंडिया का एक 'चमत्कार' बताते हुए तीखा व्यंग्य किया गया है कि एडमिट कार्ड भी 'गिरगिट की तरह रंग बदल' रहे हैं, जिससे छात्रों को भारी परेशानी हो रही है। छात्रों के भविष्य के साथ इस 'थ्रिलर' गेम के लिए शिक्षा मंत्री और NTA को '21 तोपों की सलामी' देते हुए तंज कसा गया है, साथ ही यह मार्मिक प्रश्न भी उठाया गया है कि छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें या सिस्टम की इन नाकामियों से जूझें। इस पूरे घटनाक्रम को 'काफ़ी भावुक कर देने वाला पल' बताया गया है, जो छात्रों की गहरी निराशा और चिंता को दर्शाता है।
    user_फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    Media house Puranpur, Pilibhit•
    12 min ago
  • बेंगलुरु में आयोजित NEET-UG 2026 की री-एग्जाम के दौरान शहर में उत्पन्न हुई भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कांग्रेस की एक विशाल रैली के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों और उनके अभिभावकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा। इस अव्यवस्था के चलते कुछ अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र तक समय पर न पहुंच पाने के दावे भी सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कई अभिभावकों ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक आयोजनों की वजह से छात्रों के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में कांग्रेस के कार्यक्रम के कारण शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक का भारी दबाव बढ़ गया। इस मामले को लेकर भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा के प्रभावित होने के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान प्रशासन और राजनीतिक दलों को बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना चाहिए। जैसा कि कहा गया है, "छात्रों का भविष्य राजनीति से ऊपर है। परीक्षा के दिनों में किसी भी तरह के बड़े आयोजन से बचना सभी दलों और प्रशासन की जिम्मेदारी है।" यह आवश्यक है ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।
    1
    बेंगलुरु में आयोजित NEET-UG 2026 की री-एग्जाम के दौरान शहर में उत्पन्न हुई भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कांग्रेस की एक विशाल रैली के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों और उनके अभिभावकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा। इस अव्यवस्था के चलते कुछ अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र तक समय पर न पहुंच पाने के दावे भी सामने आए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कई अभिभावकों ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक आयोजनों की वजह से छात्रों के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में कांग्रेस के कार्यक्रम के कारण शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक का भारी दबाव बढ़ गया। इस मामले को लेकर भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा के प्रभावित होने के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान प्रशासन और राजनीतिक दलों को बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना चाहिए। जैसा कि कहा गया है, "छात्रों का भविष्य राजनीति से ऊपर है। परीक्षा के दिनों में किसी भी तरह के बड़े आयोजन से बचना सभी दलों और प्रशासन की जिम्मेदारी है।" यह आवश्यक है ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।
    user_RAM NIWAS GUPTA
    RAM NIWAS GUPTA
    Insurance Agent Gola Gokaran Nath, Lakhimpur Kheri•
    2 hrs ago
  • आरोग्य भारती लखीमपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखीमपुर खीरी के पवित्र देवकली तीर्थ स्थित श्रीमती चंद्रकला आश्रम में एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राकृतिक छटा के बीच संपन्न हुआ। इस आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय चित्रकार व ज्योतिष गुरु अरविंद ओझा, विशिष्ट अतिथि आचार्य प्रमोद दीक्षित, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज पांडे और योग गुरु अकेश जी द्वारा भगवान धन्वंतरि के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि अरविंद ओझा ने इस अवसर पर जीवन में योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। सामूहिक योगाभ्यास सत्र में अंगचालन और प्राणायाम के साथ-साथ विशेष रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया। इस कार्यक्रम में प्रांतीय उपाध्यक्ष आरोग्य भारती डॉ. अश्वनी गुप्ता, विभाग संयोजक डॉ. दिलबाग सिंह रंधावा, डॉ. अमित विश्वकर्मा, सुरेश कुमार, आश्रम परिवार के छात्र, आचार्य और गांव के ग्रामीण सहित लगभग 200 लोग सम्मिलित हुए।
    2
    आरोग्य भारती लखीमपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखीमपुर खीरी के पवित्र देवकली तीर्थ स्थित श्रीमती चंद्रकला आश्रम में एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राकृतिक छटा के बीच संपन्न हुआ।

इस आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय चित्रकार व ज्योतिष गुरु अरविंद ओझा, विशिष्ट अतिथि आचार्य प्रमोद दीक्षित, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज पांडे और योग गुरु अकेश जी द्वारा भगवान धन्वंतरि के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि अरविंद ओझा ने इस अवसर पर जीवन में योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

सामूहिक योगाभ्यास सत्र में अंगचालन और प्राणायाम के साथ-साथ विशेष रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया। इस कार्यक्रम में प्रांतीय उपाध्यक्ष आरोग्य भारती डॉ. अश्वनी गुप्ता, विभाग संयोजक डॉ. दिलबाग सिंह रंधावा, डॉ. अमित विश्वकर्मा, सुरेश कुमार, आश्रम परिवार के छात्र, आचार्य और गांव के ग्रामीण सहित लगभग 200 लोग सम्मिलित हुए।
    user_सुधीर गुप्ता
    सुधीर गुप्ता
    Electrician गोला गोकरन नाथ, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • शहीद भारत भूषण तिवारी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी शहादत से ठीक पहले के अपने “आखिरी लब्ज़” बयां किए हैं। इस वीडियो में उन्होंने सीधे तौर पर बिहार के मुख्यमंत्री और बिहार सरकार के प्रशासन के कुछ अधिकारियों, जिन्हें वे “गदहवा सब साला SDM वा” कहते हैं, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, ये अधिकारी SDM के इशारे पर उनका “एनकाउंटर” कराना चाहते हैं। तिवारी ने यह भी बताया है कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि अब बाहर से एक टीम पूरी तैयारी के साथ उनका एनकाउंटर करने के लिए आ रही है। तिवारी ने इन आरोपों के साथ एक ज़बरदस्त चुनौती भी दी है, यह पूछते हुए कि “अब कई भेड़ीएं मिलकर एक शेर का शिकार करेगा रे?” उन्होंने ललकारा है कि अब उनके साथ “शिकार शिकार हिं खेला जाएगा”। उन्होंने इसे “समाज और देश के इस युद्ध” का हिस्सा बताया है, जिसमें वे खुद को “सिर्फ अकेला” और दूसरे पक्ष को “तुमसभी भेड़ीए” कहकर संबोधित करते हैं, और कहते हैं कि इसमें “आनंद हिं आनंद आएगा”। उन्होंने सभी लोगों से यह भी कहा है कि उन्हें यह देखना चाहिए कि ऐसे युद्ध करने में व्यक्ति को अपना “बहुत कुछ कैसे खो देना पड़ता है”। तिवारी के अनुसार, यह तो “सिर्फ शुरुवात है” और समाज व देश के लिए अभी “बहुत कुछ त्याग देना पड़ेगा”, क्योंकि किसी भी देश में कोई क्रांति ऐसे ही नहीं आती। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें अब इसका “फल धीरे धीरे मिलना शुरू हो गया है” और “कुछ बदलाव जरूर आने वाला है”।
    1
    शहीद भारत भूषण तिवारी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी शहादत से ठीक पहले के अपने “आखिरी लब्ज़” बयां किए हैं। इस वीडियो में उन्होंने सीधे तौर पर बिहार के मुख्यमंत्री और बिहार सरकार के प्रशासन के कुछ अधिकारियों, जिन्हें वे “गदहवा सब साला SDM वा” कहते हैं, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, ये अधिकारी SDM के इशारे पर उनका “एनकाउंटर” कराना चाहते हैं। तिवारी ने यह भी बताया है कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि अब बाहर से एक टीम पूरी तैयारी के साथ उनका एनकाउंटर करने के लिए आ रही है।

तिवारी ने इन आरोपों के साथ एक ज़बरदस्त चुनौती भी दी है, यह पूछते हुए कि “अब कई भेड़ीएं मिलकर एक शेर का शिकार करेगा रे?” उन्होंने ललकारा है कि अब उनके साथ “शिकार शिकार हिं खेला जाएगा”। उन्होंने इसे “समाज और देश के इस युद्ध” का हिस्सा बताया है, जिसमें वे खुद को “सिर्फ अकेला” और दूसरे पक्ष को “तुमसभी भेड़ीए” कहकर संबोधित करते हैं, और कहते हैं कि इसमें “आनंद हिं आनंद आएगा”।

उन्होंने सभी लोगों से यह भी कहा है कि उन्हें यह देखना चाहिए कि ऐसे युद्ध करने में व्यक्ति को अपना “बहुत कुछ कैसे खो देना पड़ता है”। तिवारी के अनुसार, यह तो “सिर्फ शुरुवात है” और समाज व देश के लिए अभी “बहुत कुछ त्याग देना पड़ेगा”, क्योंकि किसी भी देश में कोई क्रांति ऐसे ही नहीं आती। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें अब इसका “फल धीरे धीरे मिलना शुरू हो गया है” और “कुछ बदलाव जरूर आने वाला है”।
    user_Mandeep Singh
    Mandeep Singh
    Farmer पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • मिली जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले ही भरत तिवारी जी से मुलाकात हुई थी। अब यह दुखद समाचार मिला है कि उन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते हुए शहादत प्राप्त की है।
    1
    मिली जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले ही भरत तिवारी जी से मुलाकात हुई थी। अब यह दुखद समाचार मिला है कि उन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते हुए शहादत प्राप्त की है।
    user_Mandeep Singh
    Mandeep Singh
    Farmer पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.