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लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र स्थित दुबहा गाँव में दशकों पुरानी प्रमुख सिंचाई नहर की हालत बदहाल है, जहाँ समुचित देखभाल के अभाव में यह नहर झाड़ियों, खरपतवार और जमा गंदगी से अटी पड़ी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले जिस नहर में पानी का सुचारु प्रवाह रहता था, वह अब जंगली घास, वनस्पतियों, प्लास्टिक और घरेलू कचरे से इस कदर भर गई है कि इसका बहाव नलियों जैसा दिख रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग समय-समय पर नहर की सफाई के दावे तो करता रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है, क्योंकि नियमित सफाई न होने के कारण नहर की क्षमता घट गई है। इस स्थिति से बारिश के समय जलभराव और जलस्रोतों के दूषित होने जैसी चिंताएँ बढ़ गई हैं। किसानों ने विशेष चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सिंचाई के लिए नहरों का सुचारु संचालन बेहद आवश्यक है, और यदि इसकी अभी सफाई नहीं की गई तो आने वाले सीजन में खेतों तक पानी पहुंचाने में बाधा आ सकती है, जिससे रबी और खरीफ दोनों फसलें प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत नहर की सफाई कराने, उचित निकासी सुनिश्चित करने और एक नियमित निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि नहरों की उपेक्षा से न केवल जल प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ेगा, बल्कि आसपास के पर्यावरण और ग्रामीण स्वच्छता भी प्रभावित होगी। गाँव के बुजुर्गों ने पिछली बार सफाई के वादों पर भरोसा जताने का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे। निगरानी में तैनात कुछ स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी सुझाव दिया है कि सफाई केवल अनौपचारिक निरीक्षणों तक सीमित न रहे, बल्कि बाकायदा मशीनों और जनशक्ति का उपयोग किया जाए। उन्होंने नहर के किनारे कूड़ा जलाने और फेंकने पर रोक लगाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर हेल्पडेस्क बनाकर शिकायतों का नियमित निस्तारण करने की भी सिफारिश की है। फिलहाल, इस मुद्दे पर अधिकारी स्तर से कोई समेकित टिप्पणी नहीं मिली है, हालांकि प्रशासन ने पहले नहरों की सफाई को योजनानुसार जारी रखने की बात कही थी। ग्रामीण अब प्रशासन की वास्तविक कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि सिंचाई व्यवस्था और स्थानीय पर्यावरण दोनों को सुरक्षित किया जा सके।

1 hr ago
user_न्यूज़ पेपर
न्यूज़ पेपर
Reporter निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र स्थित दुबहा गाँव में दशकों पुरानी प्रमुख सिंचाई नहर की हालत बदहाल है, जहाँ समुचित देखभाल के अभाव में यह नहर झाड़ियों, खरपतवार और जमा गंदगी से अटी पड़ी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले जिस नहर में पानी का सुचारु प्रवाह रहता था, वह अब जंगली घास, वनस्पतियों, प्लास्टिक और घरेलू कचरे से इस कदर भर गई है कि इसका बहाव नलियों जैसा दिख रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग समय-समय पर नहर की सफाई के दावे तो करता रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है, क्योंकि नियमित सफाई न होने के कारण नहर की क्षमता घट गई है। इस स्थिति से बारिश के समय जलभराव और जलस्रोतों के दूषित होने जैसी चिंताएँ बढ़ गई हैं। किसानों ने विशेष चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सिंचाई के लिए नहरों का सुचारु संचालन बेहद आवश्यक है, और यदि इसकी अभी सफाई नहीं की गई तो आने वाले सीजन में खेतों तक पानी पहुंचाने में बाधा आ सकती है, जिससे रबी और खरीफ दोनों फसलें प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत नहर की सफाई कराने, उचित निकासी सुनिश्चित करने और एक नियमित निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि नहरों की उपेक्षा से न केवल जल प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ेगा, बल्कि आसपास के पर्यावरण और ग्रामीण स्वच्छता भी प्रभावित होगी। गाँव के बुजुर्गों ने पिछली बार सफाई के वादों पर भरोसा जताने का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे। निगरानी में तैनात कुछ स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी सुझाव दिया है कि सफाई केवल अनौपचारिक निरीक्षणों तक सीमित न रहे, बल्कि बाकायदा मशीनों और जनशक्ति का उपयोग किया जाए। उन्होंने नहर के किनारे कूड़ा जलाने और फेंकने पर रोक लगाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर हेल्पडेस्क बनाकर शिकायतों का नियमित निस्तारण करने की भी सिफारिश की है। फिलहाल, इस मुद्दे पर अधिकारी स्तर से कोई समेकित टिप्पणी नहीं मिली है, हालांकि प्रशासन ने पहले नहरों की सफाई को योजनानुसार जारी रखने की बात कही थी। ग्रामीण अब प्रशासन की वास्तविक कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि सिंचाई व्यवस्था और स्थानीय पर्यावरण दोनों को सुरक्षित किया जा सके।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में मझगई पुलिस ने अवैध कच्ची शराब के काले कारोबार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक प्रहार किया है, जिससे माफियाओं का अवैध साम्राज्य पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। नवागंतुक थानाध्यक्ष अनिल सिंह पंकज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है, जिससे पूरे इलाके के अपराधियों और माफियाओं में भारी दहशत फैल गई है। मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए, मझगई पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर धावा बोला और मौके पर धधक रही भट्टियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, जमीन में छिपाकर रखे गए हजारों लीटर लहन और शराब बनाने के सभी उपकरणों को भी तहस-नहस कर दिया गया। इसी विशेष अभियान के तहत, पुलिस टीम ने ग्राम बम्हनपुर में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब के साथ दो अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस काले धंधे की पूरी फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगालने में जुटी है। इस रौद्र कार्रवाई के बाद, थानाध्यक्ष अनिल सिंह पंकज ने अपराधियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी क्षेत्र में अवैध शराब बनाते, परिवहन करते या बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ इतनी सख्त और ऐतिहासिक कार्रवाई की जाएगी कि उसे सीधे जेल का रास्ता देखना पड़ेगा। उन्होंने साफ किया कि अपराधियों और माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मझगई क्षेत्र में कानून का राज चलेगा, माफियाओं का नहीं। मझगई पुलिस की इस त्वरित और बड़ी कार्रवाई की आम जनता और प्रबुद्ध वर्ग द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।
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    उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में मझगई पुलिस ने अवैध कच्ची शराब के काले कारोबार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक प्रहार किया है, जिससे माफियाओं का अवैध साम्राज्य पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। नवागंतुक थानाध्यक्ष अनिल सिंह पंकज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है, जिससे पूरे इलाके के अपराधियों और माफियाओं में भारी दहशत फैल गई है।

मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए, मझगई पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर धावा बोला और मौके पर धधक रही भट्टियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, जमीन में छिपाकर रखे गए हजारों लीटर लहन और शराब बनाने के सभी उपकरणों को भी तहस-नहस कर दिया गया। इसी विशेष अभियान के तहत, पुलिस टीम ने ग्राम बम्हनपुर में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब के साथ दो अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस काले धंधे की पूरी फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगालने में जुटी है।

इस रौद्र कार्रवाई के बाद, थानाध्यक्ष अनिल सिंह पंकज ने अपराधियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी क्षेत्र में अवैध शराब बनाते, परिवहन करते या बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ इतनी सख्त और ऐतिहासिक कार्रवाई की जाएगी कि उसे सीधे जेल का रास्ता देखना पड़ेगा। उन्होंने साफ किया कि अपराधियों और माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मझगई क्षेत्र में कानून का राज चलेगा, माफियाओं का नहीं। मझगई पुलिस की इस त्वरित और बड़ी कार्रवाई की आम जनता और प्रबुद्ध वर्ग द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।
    user_Reporter nirvendarkumr
    Reporter nirvendarkumr
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • शहीद भारत भूषण तिवारी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी शहादत से ठीक पहले के अपने “आखिरी लब्ज़” बयां किए हैं। इस वीडियो में उन्होंने सीधे तौर पर बिहार के मुख्यमंत्री और बिहार सरकार के प्रशासन के कुछ अधिकारियों, जिन्हें वे “गदहवा सब साला SDM वा” कहते हैं, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, ये अधिकारी SDM के इशारे पर उनका “एनकाउंटर” कराना चाहते हैं। तिवारी ने यह भी बताया है कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि अब बाहर से एक टीम पूरी तैयारी के साथ उनका एनकाउंटर करने के लिए आ रही है। तिवारी ने इन आरोपों के साथ एक ज़बरदस्त चुनौती भी दी है, यह पूछते हुए कि “अब कई भेड़ीएं मिलकर एक शेर का शिकार करेगा रे?” उन्होंने ललकारा है कि अब उनके साथ “शिकार शिकार हिं खेला जाएगा”। उन्होंने इसे “समाज और देश के इस युद्ध” का हिस्सा बताया है, जिसमें वे खुद को “सिर्फ अकेला” और दूसरे पक्ष को “तुमसभी भेड़ीए” कहकर संबोधित करते हैं, और कहते हैं कि इसमें “आनंद हिं आनंद आएगा”। उन्होंने सभी लोगों से यह भी कहा है कि उन्हें यह देखना चाहिए कि ऐसे युद्ध करने में व्यक्ति को अपना “बहुत कुछ कैसे खो देना पड़ता है”। तिवारी के अनुसार, यह तो “सिर्फ शुरुवात है” और समाज व देश के लिए अभी “बहुत कुछ त्याग देना पड़ेगा”, क्योंकि किसी भी देश में कोई क्रांति ऐसे ही नहीं आती। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें अब इसका “फल धीरे धीरे मिलना शुरू हो गया है” और “कुछ बदलाव जरूर आने वाला है”।
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    शहीद भारत भूषण तिवारी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी शहादत से ठीक पहले के अपने “आखिरी लब्ज़” बयां किए हैं। इस वीडियो में उन्होंने सीधे तौर पर बिहार के मुख्यमंत्री और बिहार सरकार के प्रशासन के कुछ अधिकारियों, जिन्हें वे “गदहवा सब साला SDM वा” कहते हैं, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, ये अधिकारी SDM के इशारे पर उनका “एनकाउंटर” कराना चाहते हैं। तिवारी ने यह भी बताया है कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि अब बाहर से एक टीम पूरी तैयारी के साथ उनका एनकाउंटर करने के लिए आ रही है।

तिवारी ने इन आरोपों के साथ एक ज़बरदस्त चुनौती भी दी है, यह पूछते हुए कि “अब कई भेड़ीएं मिलकर एक शेर का शिकार करेगा रे?” उन्होंने ललकारा है कि अब उनके साथ “शिकार शिकार हिं खेला जाएगा”। उन्होंने इसे “समाज और देश के इस युद्ध” का हिस्सा बताया है, जिसमें वे खुद को “सिर्फ अकेला” और दूसरे पक्ष को “तुमसभी भेड़ीए” कहकर संबोधित करते हैं, और कहते हैं कि इसमें “आनंद हिं आनंद आएगा”।

उन्होंने सभी लोगों से यह भी कहा है कि उन्हें यह देखना चाहिए कि ऐसे युद्ध करने में व्यक्ति को अपना “बहुत कुछ कैसे खो देना पड़ता है”। तिवारी के अनुसार, यह तो “सिर्फ शुरुवात है” और समाज व देश के लिए अभी “बहुत कुछ त्याग देना पड़ेगा”, क्योंकि किसी भी देश में कोई क्रांति ऐसे ही नहीं आती। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें अब इसका “फल धीरे धीरे मिलना शुरू हो गया है” और “कुछ बदलाव जरूर आने वाला है”।
    user_Mandeep Singh
    Mandeep Singh
    Farmer पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में कई NEET उम्मीदवार अपनी निर्धारित परीक्षा नहीं दे पाए। उन्हें गलत जगह का रास्ता दिखाने के कारण गूगल मैप की गलती की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई। परीक्षार्थी समय पर अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र R.N. इंटर कॉलेज नहीं पहुँच सके, जिस कारण उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया गया। इस घटना के साथ, यह फिर एक बार सामने आया है कि गूगल मैप की वजह से कई लोगों की परीक्षा छूट गई।
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    उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में कई NEET उम्मीदवार अपनी निर्धारित परीक्षा नहीं दे पाए। उन्हें गलत जगह का रास्ता दिखाने के कारण गूगल मैप की गलती की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई। परीक्षार्थी समय पर अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र R.N. इंटर कॉलेज नहीं पहुँच सके, जिस कारण उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया गया। इस घटना के साथ, यह फिर एक बार सामने आया है कि गूगल मैप की वजह से कई लोगों की परीक्षा छूट गई।
    user_संदीप कुमार शर्मा
    संदीप कुमार शर्मा
    Photographer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • पलिया कलां खीरी स्थित गुड्डी सेवा अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के दौरान एक पाँच दिन के नवजात शिशु की मौत के बाद अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के संचालक और वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.के. अवस्थी पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और एक आठ साल के बच्चे के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। मृतक नवजात की माँ खुशबू और पिता मनोज ने रोते-बिलखते हुए बताया कि उनके बच्चे को समय पर सही उपचार नहीं मिला, जिसके कारण उसकी असमय मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर संवेदनहीनता की सारी हदें पार करने का आरोप लगाया, जिसके बाद पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। दूसरी ओर, आरोपी चिकित्सक डॉ. ए.के. अवस्थी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं और दोषी पाए जाने पर हर कार्रवाई भुगतने को राजी हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई, जहाँ नवजात की मौत के कई घंटों बाद तक उसके शव को एनआईसीयू (NICU) वार्ड से बाहर नहीं निकाला गया। इससे वार्ड में भर्ती तीन अन्य नवजात शिशुओं के परिजनों में हड़कंप मच गया, जिन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराते हुए दूसरे बच्चों में गंभीर संक्रमण फैलने का खतरा बताया। घटना की सूचना मिलते ही पलिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची, स्थिति को नियंत्रित किया और नवजात के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। फिलहाल क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी तनाव और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
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    पलिया कलां खीरी स्थित गुड्डी सेवा अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के दौरान एक पाँच दिन के नवजात शिशु की मौत के बाद अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के संचालक और वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.के. अवस्थी पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और एक आठ साल के बच्चे के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।

मृतक नवजात की माँ खुशबू और पिता मनोज ने रोते-बिलखते हुए बताया कि उनके बच्चे को समय पर सही उपचार नहीं मिला, जिसके कारण उसकी असमय मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर संवेदनहीनता की सारी हदें पार करने का आरोप लगाया, जिसके बाद पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। दूसरी ओर, आरोपी चिकित्सक डॉ. ए.के. अवस्थी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं और दोषी पाए जाने पर हर कार्रवाई भुगतने को राजी हैं।

घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई, जहाँ नवजात की मौत के कई घंटों बाद तक उसके शव को एनआईसीयू (NICU) वार्ड से बाहर नहीं निकाला गया। इससे वार्ड में भर्ती तीन अन्य नवजात शिशुओं के परिजनों में हड़कंप मच गया, जिन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराते हुए दूसरे बच्चों में गंभीर संक्रमण फैलने का खतरा बताया। घटना की सूचना मिलते ही पलिया कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची, स्थिति को नियंत्रित किया और नवजात के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। फिलहाल क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी तनाव और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
    user_READ NEWS
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    Banker पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से विकास कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय के फरधान थाना क्षेत्र के सकतापुर नहर मार्ग पर हाल ही में बनी सड़क, स्थानीय ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार, निर्माण के एक सप्ताह के भीतर ही उखड़ने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग या संबंधित विभाग ने लाखों रुपये की लागत से इस सड़क का कायाकल्प किया था ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिले। लेकिन, ठेकेदार और संबंधित जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत के कारण निर्माण मानकों की अनदेखी की गई। स्थिति यह है कि सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह से पूरी तरह साफ हो चुकी है और गिट्टी व डामर बिखर रहे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा घटिया निर्माण का विरोध करने और ठेकेदार से शिकायत करने पर, आरोप है कि ठेकेदार ने अपनी गलती सुधारने के बजाय ग्रामीणों को धमकाने का प्रयास किया। सड़क की बदहाली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन इसे लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से इस पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, मौके का मुआयना करने और दोषी ठेकेदार व इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर कब तक जांच के आदेश जारी करता है।
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    उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से विकास कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय के फरधान थाना क्षेत्र के सकतापुर नहर मार्ग पर हाल ही में बनी सड़क, स्थानीय ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार, निर्माण के एक सप्ताह के भीतर ही उखड़ने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग या संबंधित विभाग ने लाखों रुपये की लागत से इस सड़क का कायाकल्प किया था ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिले। लेकिन, ठेकेदार और संबंधित जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत के कारण निर्माण मानकों की अनदेखी की गई। स्थिति यह है कि सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह से पूरी तरह साफ हो चुकी है और गिट्टी व डामर बिखर रहे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा घटिया निर्माण का विरोध करने और ठेकेदार से शिकायत करने पर, आरोप है कि ठेकेदार ने अपनी गलती सुधारने के बजाय ग्रामीणों को धमकाने का प्रयास किया।

सड़क की बदहाली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन इसे लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से इस पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, मौके का मुआयना करने और दोषी ठेकेदार व इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर कब तक जांच के आदेश जारी करता है।
    user_Sanjay rathour
    Sanjay rathour
    Tour operator लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, 26 यूपी बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में कुल 581 एनसीसी कैडेट्स, एएनओ और स्टाफ सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान, कैडेट्स ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया, जहाँ योग प्रशिक्षकों ने उन्हें योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और नियमित योग को एक स्वस्थ और अनुशासित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने और समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि योग भारत की एक प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज संपूर्ण विश्व अपना रहा है। यह कार्यक्रम “योग करें, निरोग रहें” और “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” जैसे महत्वपूर्ण संदेशों के साथ संपन्न हुआ। एनसीसी द्वारा आयोजित यह पहल युवाओं में स्वास्थ्य, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
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    लखीमपुर खीरी में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, 26 यूपी बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में कुल 581 एनसीसी कैडेट्स, एएनओ और स्टाफ सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान, कैडेट्स ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया, जहाँ योग प्रशिक्षकों ने उन्हें योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और नियमित योग को एक स्वस्थ और अनुशासित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने और समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि योग भारत की एक प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज संपूर्ण विश्व अपना रहा है। यह कार्यक्रम “योग करें, निरोग रहें” और “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” जैसे महत्वपूर्ण संदेशों के साथ संपन्न हुआ। एनसीसी द्वारा आयोजित यह पहल युवाओं में स्वास्थ्य, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
    user_Harsh Gupta Journalist
    Harsh Gupta Journalist
    Local News Reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक घटना सामने आई है, जहाँ CO अंजनी चतुर्वेदी ने सांसद चंद्रशेखर के प्रतिनिधि को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान, बीच-बचाव करने आए एक इंस्पेक्टर को भी CO ने अपनी नसीहतों के लपेटे में ले लिया। यह पूरी घटना उन पुलिसकर्मियों के लिए खास तौर पर देखने लायक बताई जा रही है जो नेताओं की चमचागिरी में लिप्त रहते हैं, एक ऐसा पाठ पढ़ाया गया जिससे पुलिसकर्मियों को सीखने की बात कही गई है।
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    उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक घटना सामने आई है, जहाँ CO अंजनी चतुर्वेदी ने सांसद चंद्रशेखर के प्रतिनिधि को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान, बीच-बचाव करने आए एक इंस्पेक्टर को भी CO ने अपनी नसीहतों के लपेटे में ले लिया। यह पूरी घटना उन पुलिसकर्मियों के लिए खास तौर पर देखने लायक बताई जा रही है जो नेताओं की चमचागिरी में लिप्त रहते हैं, एक ऐसा पाठ पढ़ाया गया जिससे पुलिसकर्मियों को सीखने की बात कही गई है।
    user_न्यूज़ पेपर
    न्यूज़ पेपर
    Reporter निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • आज एक बार फिर एक 'भगत सिंह' के शहीद होने की खबर सामने आई है। इस पर टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि इतिहास गवाह है कि जो भी 'सिस्टम' से टकराया है, उसे हमेशा शहीद ही होना पड़ा है। इस संदेश में 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' के नारे बुलंद किए गए हैं।
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    आज एक बार फिर एक 'भगत सिंह' के शहीद होने की खबर सामने आई है। इस पर टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि इतिहास गवाह है कि जो भी 'सिस्टम' से टकराया है, उसे हमेशा शहीद ही होना पड़ा है। इस संदेश में 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' के नारे बुलंद किए गए हैं।
    user_Mandeep Singh
    Mandeep Singh
    Farmer पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपद खीरी का पलिया कस्बा और आसपास का इलाका इन दिनों गंभीर नशे के संकट से जूझ रहा है। इस शांत कहे जाने वाले क्षेत्र में नशे का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय कानून व्यवस्था और समाज में चिंता व्याप्त है। नाबालिगों और युवाओं के नशा करते हुए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो पलिया में नशे के जहर के फैलने का सीधा प्रमाण हैं। स्थानीय सूत्रों और प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि इस पूरे गोरखधंधे के पीछे बड़े ड्रग्स माफिया सक्रिय हैं। ये सफेदपोश और शातिर अपराधी पर्दे के पीछे से बड़े पैमाने पर ड्रग्स और प्रतिबंधित नशीली दवाओं का सिंडिकेट चला रहे हैं। इनका मुख्य निशाना स्कूल-कॉलेज के छात्र और कम उम्र के युवा हैं, जिनका भविष्य इस जानलेवा लत के कारण अंधकार में धकेला जा रहा है। जनता के बीच यह बड़ा सवाल है कि जब पलिया में ड्रग्स का कोई स्थानीय निर्माण नहीं है, तो इतनी बड़ी मात्रा में यह ज़हर यहाँ कैसे पहुँच रहा है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण तस्करी की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों का मानना है कि पुलिस और जांच एजेंसियां यदि संदिग्धों और पहले पकड़े गए अपराधियों की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और डायरी की बारीकी से जांच करें, तो इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश हो सकता है। आश्चर्य की बात यह है कि कई नशे के कारोबारी, जिन पर पहले से मुकदमे दर्ज हैं, उनके हौसले अब भी बुलंद हैं और वे निडर होकर यह 'मौत का सामान' बेच रहे हैं। इन अपराधियों को कथित तौर पर किसका संरक्षण प्राप्त है, यह एक अहम सवाल है, क्योंकि कई बड़े नाम और मुख्य सरगना अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। नशे के इस बढ़ते कारोबार का सीधा असर पलिया के अपराध ग्राफ पर भी दिख रहा है। नशे की तलब पूरी करने के लिए युवा चोरी, छिनैती, आपसी मारपीट और महिलाओं से अभद्रता जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जिनमें तेजी से वृद्धि हुई है। पलिया की जनता में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन और पलिया पुलिस से यह मांग की है कि छोटे-मोटे पैडलर्स के साथ-साथ इस धंधे के असली 'आकाओं' और ड्रग्स माफियाओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और बुलडोजर जैसी कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पलिया की युवा पीढ़ी को इस बर्बादी से बचाया जा सके।
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    उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपद खीरी का पलिया कस्बा और आसपास का इलाका इन दिनों गंभीर नशे के संकट से जूझ रहा है। इस शांत कहे जाने वाले क्षेत्र में नशे का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय कानून व्यवस्था और समाज में चिंता व्याप्त है। नाबालिगों और युवाओं के नशा करते हुए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो पलिया में नशे के जहर के फैलने का सीधा प्रमाण हैं।

स्थानीय सूत्रों और प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि इस पूरे गोरखधंधे के पीछे बड़े ड्रग्स माफिया सक्रिय हैं। ये सफेदपोश और शातिर अपराधी पर्दे के पीछे से बड़े पैमाने पर ड्रग्स और प्रतिबंधित नशीली दवाओं का सिंडिकेट चला रहे हैं। इनका मुख्य निशाना स्कूल-कॉलेज के छात्र और कम उम्र के युवा हैं, जिनका भविष्य इस जानलेवा लत के कारण अंधकार में धकेला जा रहा है। जनता के बीच यह बड़ा सवाल है कि जब पलिया में ड्रग्स का कोई स्थानीय निर्माण नहीं है, तो इतनी बड़ी मात्रा में यह ज़हर यहाँ कैसे पहुँच रहा है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण तस्करी की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों का मानना है कि पुलिस और जांच एजेंसियां यदि संदिग्धों और पहले पकड़े गए अपराधियों की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और डायरी की बारीकी से जांच करें, तो इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश हो सकता है।

आश्चर्य की बात यह है कि कई नशे के कारोबारी, जिन पर पहले से मुकदमे दर्ज हैं, उनके हौसले अब भी बुलंद हैं और वे निडर होकर यह 'मौत का सामान' बेच रहे हैं। इन अपराधियों को कथित तौर पर किसका संरक्षण प्राप्त है, यह एक अहम सवाल है, क्योंकि कई बड़े नाम और मुख्य सरगना अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। नशे के इस बढ़ते कारोबार का सीधा असर पलिया के अपराध ग्राफ पर भी दिख रहा है। नशे की तलब पूरी करने के लिए युवा चोरी, छिनैती, आपसी मारपीट और महिलाओं से अभद्रता जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जिनमें तेजी से वृद्धि हुई है।

पलिया की जनता में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन और पलिया पुलिस से यह मांग की है कि छोटे-मोटे पैडलर्स के साथ-साथ इस धंधे के असली 'आकाओं' और ड्रग्स माफियाओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और बुलडोजर जैसी कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पलिया की युवा पीढ़ी को इस बर्बादी से बचाया जा सके।
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    Banker पलिया, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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