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मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में लांजी के शासकीय माध्यमिक शाला कालीमाटी में नया सत्र शुरू होने के बाद भी शौचालय की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। स्कूल में बालक एवं बालिका शौचालयों की हालत ठीक न होने के कारण छात्र-छात्राओं को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनाकर बेटियों के सम्मान की रक्षा का दावा किया जाता है, वहीं दूसरी ओर इस सरकारी स्कूल में बेटे-बेटियों को प्रतिदिन शर्मसार होना पड़ता है। स्कूल में पीने के शुद्ध पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और शौचालय पूरी तरह गंदे पड़े हैं, जबकि दूसरी तरफ बिजली का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है और चौबीसों घंटे पंखे चलते रहते हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी स्कूल में बच्चों को शिक्षा तो मिल रही है, लेकिन वे जरूरी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं। सरकार स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन स्कूली बच्चों के लिए स्वच्छता आज भी दूर की कौड़ी बनी हुई है। गंदे शौचालयों के इस्तेमाल से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य परिणामों को अच्छी तरह जानने के बावजूद शिक्षा विभाग इस घोर लापरवाही की लगातार अनदेखी कर रहा है।

1 hr ago
user_Ramanuj Tidke
Ramanuj Tidke
Local News Reporter लांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में लांजी के शासकीय माध्यमिक शाला कालीमाटी में नया सत्र शुरू होने के बाद भी शौचालय की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। स्कूल में बालक एवं बालिका शौचालयों की हालत ठीक न होने के कारण छात्र-छात्राओं को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनाकर बेटियों के सम्मान की रक्षा का दावा किया जाता है, वहीं दूसरी ओर इस सरकारी स्कूल में बेटे-बेटियों को प्रतिदिन शर्मसार होना पड़ता है। स्कूल में पीने के शुद्ध पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और शौचालय पूरी तरह गंदे पड़े हैं, जबकि दूसरी तरफ बिजली का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है और चौबीसों घंटे पंखे चलते रहते हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी स्कूल में बच्चों को शिक्षा तो मिल रही है, लेकिन वे जरूरी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं। सरकार स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन स्कूली बच्चों के लिए स्वच्छता आज भी दूर की कौड़ी बनी हुई है। गंदे शौचालयों के इस्तेमाल से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य परिणामों को अच्छी तरह जानने के बावजूद शिक्षा विभाग इस घोर लापरवाही की लगातार अनदेखी कर रहा है।

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  • मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में लांजी के शासकीय माध्यमिक शाला कालीमाटी में नया सत्र शुरू होने के बाद भी शौचालय की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। स्कूल में बालक एवं बालिका शौचालयों की हालत ठीक न होने के कारण छात्र-छात्राओं को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनाकर बेटियों के सम्मान की रक्षा का दावा किया जाता है, वहीं दूसरी ओर इस सरकारी स्कूल में बेटे-बेटियों को प्रतिदिन शर्मसार होना पड़ता है। स्कूल में पीने के शुद्ध पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और शौचालय पूरी तरह गंदे पड़े हैं, जबकि दूसरी तरफ बिजली का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है और चौबीसों घंटे पंखे चलते रहते हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी स्कूल में बच्चों को शिक्षा तो मिल रही है, लेकिन वे जरूरी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं। सरकार स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन स्कूली बच्चों के लिए स्वच्छता आज भी दूर की कौड़ी बनी हुई है। गंदे शौचालयों के इस्तेमाल से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य परिणामों को अच्छी तरह जानने के बावजूद शिक्षा विभाग इस घोर लापरवाही की लगातार अनदेखी कर रहा है।
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    मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में लांजी के शासकीय माध्यमिक शाला कालीमाटी में नया सत्र शुरू होने के बाद भी शौचालय की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। स्कूल में बालक एवं बालिका शौचालयों की हालत ठीक न होने के कारण छात्र-छात्राओं को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

एक ओर जहां स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनाकर बेटियों के सम्मान की रक्षा का दावा किया जाता है, वहीं दूसरी ओर इस सरकारी स्कूल में बेटे-बेटियों को प्रतिदिन शर्मसार होना पड़ता है। स्कूल में पीने के शुद्ध पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और शौचालय पूरी तरह गंदे पड़े हैं, जबकि दूसरी तरफ बिजली का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है और चौबीसों घंटे पंखे चलते रहते हैं।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी स्कूल में बच्चों को शिक्षा तो मिल रही है, लेकिन वे जरूरी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं। सरकार स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन स्कूली बच्चों के लिए स्वच्छता आज भी दूर की कौड़ी बनी हुई है। गंदे शौचालयों के इस्तेमाल से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य परिणामों को अच्छी तरह जानने के बावजूद शिक्षा विभाग इस घोर लापरवाही की लगातार अनदेखी कर रहा है।
    user_Ramanuj Tidke
    Ramanuj Tidke
    Local News Reporter लांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • धान के कटोरे के रूप में मशहूर मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में अब पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक बदलाव आ रहा है। लालबर्रा विकासखंड के ग्राम अमोली के प्रगतिशील किसान राजेंद्र पंचेश्वर ने अपनी एक एकड़ जमीन पर धान की पारंपरिक खेती को छोड़कर अमरूद के पौधे रोपे हैं। उन्होंने अमरूद की खेती के साथ ही 'मल्टी-लेयर' यानी अंतर्वर्ती फसल प्रणाली का अनोखा उदाहरण पेश किया है, जो जिले के अन्य किसानों के लिए एक नजीर बन गया है। राजेंद्र ने अमरूद के पौधों के बीच खाली पड़ी जगह का इस्तेमाल अदरक और अरहर की खेती के लिए किया है। इस नवाचार को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें अब अदरक, अरहर और अमरूद के बीच खाली जगह पर मक्का की फसल लगाने की भी सलाह दी गई है, जिससे भूमि का शत-प्रतिशत उपयोग हो सके और आय बढ़ सके। कृषि विभाग इस प्रयास में उनका लगातार सहयोग और मार्गदर्शन कर रहा है। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि लालबर्रा की वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की टीम वैज्ञानिक मार्गदर्शन के जरिए लगातार राजेंद्र के संपर्क में है। इस मॉडल के तीन बड़े फायदे सामने आए हैं। पहला, धान की तुलना में अमरूद, अदरक और अरहर की खेती में पानी की बहुत बचत होती है। दूसरा, एक ही खेत से फल, मसाला, दाल और अनाज मिलने से किसान की आय के स्रोत बढ़े हैं और यह धान की एकल खेती से अधिक मुनाफा देने वाला है। तीसरा, अलग-अलग फसलों के चक्र से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और रसायनों पर निर्भरता कम होती है। 'अमोली मॉडल' के रूप में मशहूर हो रहा राजेंद्र पंचेश्वर का यह सफल प्रयास अब बालाघाट के दूसरे किसानों को भी अपनी खेती की दिशा बदलने के लिए प्रेरित कर रहा है।
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    धान के कटोरे के रूप में मशहूर मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में अब पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक बदलाव आ रहा है। लालबर्रा विकासखंड के ग्राम अमोली के प्रगतिशील किसान राजेंद्र पंचेश्वर ने अपनी एक एकड़ जमीन पर धान की पारंपरिक खेती को छोड़कर अमरूद के पौधे रोपे हैं। उन्होंने अमरूद की खेती के साथ ही 'मल्टी-लेयर' यानी अंतर्वर्ती फसल प्रणाली का अनोखा उदाहरण पेश किया है, जो जिले के अन्य किसानों के लिए एक नजीर बन गया है।

राजेंद्र ने अमरूद के पौधों के बीच खाली पड़ी जगह का इस्तेमाल अदरक और अरहर की खेती के लिए किया है। इस नवाचार को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें अब अदरक, अरहर और अमरूद के बीच खाली जगह पर मक्का की फसल लगाने की भी सलाह दी गई है, जिससे भूमि का शत-प्रतिशत उपयोग हो सके और आय बढ़ सके। कृषि विभाग इस प्रयास में उनका लगातार सहयोग और मार्गदर्शन कर रहा है। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि लालबर्रा की वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की टीम वैज्ञानिक मार्गदर्शन के जरिए लगातार राजेंद्र के संपर्क में है।

इस मॉडल के तीन बड़े फायदे सामने आए हैं। पहला, धान की तुलना में अमरूद, अदरक और अरहर की खेती में पानी की बहुत बचत होती है। दूसरा, एक ही खेत से फल, मसाला, दाल और अनाज मिलने से किसान की आय के स्रोत बढ़े हैं और यह धान की एकल खेती से अधिक मुनाफा देने वाला है। तीसरा, अलग-अलग फसलों के चक्र से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और रसायनों पर निर्भरता कम होती है। 'अमोली मॉडल' के रूप में मशहूर हो रहा राजेंद्र पंचेश्वर का यह सफल प्रयास अब बालाघाट के दूसरे किसानों को भी अपनी खेती की दिशा बदलने के लिए प्रेरित कर रहा है।
    user_लोकेश गोखले
    लोकेश गोखले
    Local News Reporter किरनापुर, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • केसीजी जिले के छुईखदान थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ग्राम खैरी में एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अवैध रूप से गांजा बेचने के आरोप में 50 वर्षीय भारत मरकाम उर्फ नंदू को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम खैरी के मुख्य मार्ग पर स्थित कचरा शेड के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा। पूछताछ और तलाशी के दौरान आरोपी के पास मौजूद क्रीम रंग के थैले से 114 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से गांजे के साथ-साथ बिक्री के ₹350 नगद सहित कुल ₹3,150 का मशरूका जब्त किया है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ छुईखदान थाने में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर उपजेल सलोनी भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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    केसीजी जिले के छुईखदान थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ग्राम खैरी में एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अवैध रूप से गांजा बेचने के आरोप में 50 वर्षीय भारत मरकाम उर्फ नंदू को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम खैरी के मुख्य मार्ग पर स्थित कचरा शेड के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा। पूछताछ और तलाशी के दौरान आरोपी के पास मौजूद क्रीम रंग के थैले से 114 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से गांजे के साथ-साथ बिक्री के ₹350 नगद सहित कुल ₹3,150 का मशरूका जब्त किया है।

इस मामले में आरोपी के खिलाफ छुईखदान थाने में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर उपजेल सलोनी भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • बालाघाट जिले के वारासिवनी में अतिथि शिक्षकों ने रविवार को विधायक विवेक विक्की पटेल से उनके जनसंपर्क कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर विधायक को एक ज्ञापन सौंपा और शासन स्तर पर अपनी समस्याओं का निराकरण करवाने का अनुरोध किया। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 2 सितंबर 2023 को आयोजित अतिथि शिक्षकों की महापंचायत में की गई घोषणाओं को भाजपा सरकार ने आज तक पूरा नहीं किया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अनुभवी अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों को नियमित करने और विभागीय परीक्षा लेकर 'गुरुजी' की तर्ज पर एक नीति बनाकर नियमितीकरण करने की घोषणा की थी। लेकिन चुनाव जीतकर सत्ता में आने के बाद मोहन सरकार इन वादों को पूरी तरह भूल गई है, जिससे अतिथि शिक्षकों में भारी आक्रोश है। अतिथि शिक्षकों की समस्याओं पर विधायक विवेक विक्की पटेल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे आगामी विधानसभा सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण के माध्यम से इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे और सरकार को जगाने का प्रयास करेंगे।
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    बालाघाट जिले के वारासिवनी में अतिथि शिक्षकों ने रविवार को विधायक विवेक विक्की पटेल से उनके जनसंपर्क कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर विधायक को एक ज्ञापन सौंपा और शासन स्तर पर अपनी समस्याओं का निराकरण करवाने का अनुरोध किया।

अतिथि शिक्षकों का कहना है कि मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 2 सितंबर 2023 को आयोजित अतिथि शिक्षकों की महापंचायत में की गई घोषणाओं को भाजपा सरकार ने आज तक पूरा नहीं किया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अनुभवी अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों को नियमित करने और विभागीय परीक्षा लेकर 'गुरुजी' की तर्ज पर एक नीति बनाकर नियमितीकरण करने की घोषणा की थी। लेकिन चुनाव जीतकर सत्ता में आने के बाद मोहन सरकार इन वादों को पूरी तरह भूल गई है, जिससे अतिथि शिक्षकों में भारी आक्रोश है।

अतिथि शिक्षकों की समस्याओं पर विधायक विवेक विक्की पटेल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे आगामी विधानसभा सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण के माध्यम से इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे और सरकार को जगाने का प्रयास करेंगे।
    user_Aanand Verma
    Aanand Verma
    वारासिवनी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बालाघाट में एथेनॉल प्लांट भेजने के नाम पर हजारों क्विंटल सरकारी चावल गायब करने का एक बड़ा खेल सामने आया है। बालाघाट के नवेगांव एफसीआई (FCI) और गर्रा सीडब्ल्यूसी (CWC) गोदाम से छिंदवाड़ा के एथेनॉल प्लांट के लिए भेजा गया चावल रास्ते से ही गायब कर राइस मिलों में खपा दिया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) ने अब तक 17 खाली ट्रक जब्त किए हैं और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में प्लांट कर्मियों और ट्रांसपोर्टर सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, वारासिवनी के संचेती राइस मिल के संचालक पिता-पुत्र फिलहाल फरार हैं, जिनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है। इसके अलावा, अब तक बालाघाट के 6 और सिवनी के 2 राइस मिलर्स भी इस जांच के दायरे में आ चुके हैं। यह घोटाला बेहद शातिर तरीके से चल रहा था, जिसमें सरकार से ₹2,320 प्रति क्विंटल में मिलने वाला चावल प्लांट संचालक ₹2,600 से ₹3,000 रुपये में मिलर्स को बेच देते थे। इसके बाद मिलर्स बिना किसी मेहनत और खर्च के इसी चावल को दोबारा धान मिलिंग के नाम पर सरकारी राशन गोदामों में जमा करा देते थे। इस सिंडिकेट में शामिल कई लोगों के राजनीतिक संबंध होने के कारण इसके तार भोपाल तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
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    मध्य प्रदेश के बालाघाट में एथेनॉल प्लांट भेजने के नाम पर हजारों क्विंटल सरकारी चावल गायब करने का एक बड़ा खेल सामने आया है। बालाघाट के नवेगांव एफसीआई (FCI) और गर्रा सीडब्ल्यूसी (CWC) गोदाम से छिंदवाड़ा के एथेनॉल प्लांट के लिए भेजा गया चावल रास्ते से ही गायब कर राइस मिलों में खपा दिया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) ने अब तक 17 खाली ट्रक जब्त किए हैं और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा रही है।

इस मामले में प्लांट कर्मियों और ट्रांसपोर्टर सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, वारासिवनी के संचेती राइस मिल के संचालक पिता-पुत्र फिलहाल फरार हैं, जिनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है। इसके अलावा, अब तक बालाघाट के 6 और सिवनी के 2 राइस मिलर्स भी इस जांच के दायरे में आ चुके हैं।

यह घोटाला बेहद शातिर तरीके से चल रहा था, जिसमें सरकार से ₹2,320 प्रति क्विंटल में मिलने वाला चावल प्लांट संचालक ₹2,600 से ₹3,000 रुपये में मिलर्स को बेच देते थे। इसके बाद मिलर्स बिना किसी मेहनत और खर्च के इसी चावल को दोबारा धान मिलिंग के नाम पर सरकारी राशन गोदामों में जमा करा देते थे। इस सिंडिकेट में शामिल कई लोगों के राजनीतिक संबंध होने के कारण इसके तार भोपाल तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
    user_INDRAJEET SINGH DASHMER
    INDRAJEET SINGH DASHMER
    बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में डॉ. रमन सिंह ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने खरी-खरी सुनाते हुए साफ कर दिया है कि घटिया निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉ. रमन सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि लोगों को बुरा लगे तो लगे, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और सभी को मानकों के अनुसार ही काम करना होगा।
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    छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में डॉ. रमन सिंह ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने खरी-खरी सुनाते हुए साफ कर दिया है कि घटिया निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉ. रमन सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि लोगों को बुरा लगे तो लगे, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और सभी को मानकों के अनुसार ही काम करना होगा।
    user_Jaideep Sharma
    Jaideep Sharma
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • बालाघाट के मगरदर्रा और टिटवा के बीच एक यात्री बस पलट गई है। इस हादसे में बस में सवार आधा दर्जन यात्री घायल हो गए हैं। यह यात्री बस बालाघाट से परसवाड़ा की ओर जा रही थी।
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    बालाघाट के मगरदर्रा और टिटवा के बीच एक यात्री बस पलट गई है। इस हादसे में बस में सवार आधा दर्जन यात्री घायल हो गए हैं। यह यात्री बस बालाघाट से परसवाड़ा की ओर जा रही थी।
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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