अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की आबूरोड इकाई ने राजकीय महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं और 32 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने प्राचार्य हनुमंत चौहान का घेराव कर नारेबाजी की और महाविद्यालय में व्याप्त कथित अनियमितताओं तथा भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की मांग उठाई। इस दौरान प्राचार्य चौहान की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया कि महाविद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते अनियमित कक्षाओं के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपते हुए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया और चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयावधि में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रांत सह मंत्री छत्तर सिंह देवड़ा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में भाग संयोजक विशाखा सिंह, नगर मंत्री दीपेश लखारा, महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष जयपाल सिंह, इकाई सचिव अनिता मीना सहित सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया। लगातार तीन दिनों तक चले इस धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन का जाप्ता भी मौके पर तैनात रहा। तीन दिनों के प्रदर्शन के बाद महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया। एबीवीपी पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परिषद विद्यार्थियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर लगातार संघर्ष करती रहेगी और यदि समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो आगामी दिनों में एक व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की आबूरोड इकाई ने राजकीय महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं और 32 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने प्राचार्य हनुमंत चौहान का घेराव कर नारेबाजी की और महाविद्यालय में व्याप्त कथित अनियमितताओं तथा भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की मांग उठाई। इस दौरान प्राचार्य
चौहान की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया कि महाविद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते अनियमित कक्षाओं के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपते हुए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया और चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयावधि में उनकी
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रांत सह मंत्री छत्तर सिंह देवड़ा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में भाग संयोजक विशाखा सिंह, नगर मंत्री दीपेश लखारा, महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष जयपाल सिंह, इकाई सचिव अनिता मीना सहित सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया। लगातार तीन दिनों तक चले इस धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन
का जाप्ता भी मौके पर तैनात रहा। तीन दिनों के प्रदर्शन के बाद महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया। एबीवीपी पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परिषद विद्यार्थियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर लगातार संघर्ष करती रहेगी और यदि समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो आगामी दिनों में एक व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
- पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (पंजी.), राजस्थान की उपशाखा झाड़ोल से जुड़े मंत्रालयिक कर्मचारियों ने सोमवार को पंचायत समिति झाड़ोल में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी एवं विकास अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। यह कदम प्रदेश कार्य समिति के आह्वान पर उठाया गया, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की। ज्ञापन में कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत स्तर पर स्पष्ट कार्य विभाजन लागू करने, उत्तराखंड पैटर्न को पूर्ण रूप से लागू करने, पदोन्नति के पदों में वृद्धि करने, वेतन विसंगतियों का निराकरण करने तथा अन्य लंबित मांगों का तुरंत समाधान करने की अपील की। संगठन ने तर्क दिया है कि इन मांगों के पूरा होने से मंत्रालयिक कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों का संचालन अधिक सुचारू रूप से हो सकेगा। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कई मांगें लंबे समय से लंबित होने के कारण कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है, और उन्होंने प्रशासन से इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया। इस अवसर पर, संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष पर्वत सिंह दुलावत के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान लोकेश माली, नारायण सिंह, सोहन मेघवाल, संदीप सुथार, प्रभुलाल कटारा, देवेंद्र सिंह झाला, गजेन्द्र सिंह झाला, ज्योति मीणा और सुमित्रा मेघवाल सहित बड़ी संख्या में मंत्रालयिक कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर सोमवार को सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा की अध्यक्षता में कांग्रेसजनों ने महंगाई, नीट-2026 पेपर लीक प्रकरण, पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की बढ़ती कीमतों तथा स्थानीय जनसमस्याओं के विरोध में 'हल्ला बोल महारैली' और धरना-प्रदर्शन किया। आर्य समाज से शुरू हुई यह रैली एसडीएम कार्यालय पहुंची, जहां विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसजन बैलगाड़ी में सिलेंडर और ऊंटगाड़ी में बाइक रखकर भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 'नीट का पेपर कहां मिलेगा, बीजेपी के बाड़े में', 'महंगाई कहां मिलेगी, बीजेपी के बाड़ेे में' जैसे नारे लगाते हुए मुख्य बाजार, मेहता प्याऊ, गांधी मूर्ति और राजगुरु सर्किल से उपखंड कार्यालय सर्कल तक पहुंचे। एसडीएम कालूराम कुम्हार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाने और बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने की मांग की गई। वहीं, स्थानीय मुद्दों को लेकर जिला कलक्टर पाली के नाम ज्ञापन देकर क्षेत्र में बिजली, पेयजल, सड़क और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा ने नीट-2026 पेपर लीक प्रकरण को देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाला बताया और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मेवाड़ा ने केंद्र और राज्य सरकार पर महंगाई को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों ने आमजन, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है तथा सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने सुमेरपुर क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिजली की स्थिति इतनी खराब है कि 'ऊपर बादल गरजते हैं और नीचे बिजली चली जाती है', जिससे भीषण गर्मी में लोग घंटों बिजली कटौती झेलने को मजबूर हैं। पेयजल व्यवस्था भी चरमराई हुई है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौन बैठे हैं। कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत पर निशाना साधते हुए मेवाड़ा ने मानसरोवर होटल के पास सड़क पर पिछले 20 दिनों से खुले गड्ढे का उदाहरण दिया, जिसे ठीक नहीं कराया गया, और इसे सरकार व स्थानीय प्रशासन की लापरवाही बताया। उन्होंने बाड़मेर में सैकड़ों गौमाताओं की मौत पर सरकार की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठाए और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगी। युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश राजपुरोहित ने कहा कि एक छोटे से तूफान ने कैबिनेट मंत्री और बिजली विभाग की पोल खोल कर रख दी, जिससे आधा शहर 30 घंटों तक अंधेरे में रहा, जबकि मंत्री जी एसी ऑफिस में मोदी जी के मन की बात सुनने में व्यस्त थे। उन्होंने हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री को 'मूर्खाधिराज' की उपाधि देने को सही बताया, जिससे पूरी बीजेपी तिलमिलाई हुई है। धरने को सुमेरपुर विधानसभा प्रभारी मकसूद अहमद, तेजसिंह रामनगर, जिला कांग्रेस प्रतिनिधि आनंद सोलंकी, करण सिंह चाणोद, प्रकाश चौधरी, प्रेमाराम नेतरा, शंकर देवासी, सुमेरसिंह मनवार सहित कई अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और बढ़ती महंगाई तथा पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस के दामों में वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। वक्ताओं ने सुमेरपुर क्षेत्र में बिजली कटौती, पेयजल संकट और अधूरे विकास कार्यों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की। मंच संचालन कांग्रेस ब्लाॅक अध्यक्ष नेपालसिंह पावा ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, महिलाएं और आमजन मौजूद रहे।2
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर, 1 जून को सुमेरपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण, बढ़ती महंगाई, तथा पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ रही कीमतों के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नेहपालसिंह पावा और कांग्रेस नेता हरिशंकर मेवाड़ा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए शास्त्री सर्कल, भैरू चौक, मेहता प्याऊ, गांधी मूर्ति और राजगुरु सर्कल से एसडीएम कार्यालय तक एक बड़ी रैली निकाली। प्रदर्शन को प्रतीकात्मक और प्रभावी बनाने के लिए कार्यकर्ता बैलगाड़ी, ऊंटगाड़ी तथा गैस सिलेंडर लेकर पहुंचे, और इस अनोखे अंदाज में बढ़ती महंगाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। एसडीएम कार्यालय के बाहर आयोजित सभा में, कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए क्षेत्र में बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की बदहाली का मुद्दा उठाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने, परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने, तथा महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। इस प्रदर्शन में विधानसभा प्रभारी मकसूद अहमद, सुनील बैरवा, आनंद सोलंकी, मोहन हटेला, भंवर सिंह चौधरी, सुमेर सिंह मनवार, करण सिंह चाणोद, पेमाराम नेतरा, सुभाष मेवाड़ा, प्रकाश चौधरी, जफ्फर भाई, महबूब भाई, तेज सिंह रामनगर, जगदीश राजपुरोहित, मानसिंह रामनगर, चतराराम मेघवाल, सरदार खान, गोविंदराम, नरेश कुमावत, लक्ष्मण मेघवाल, नासिर भाई, फुटरमल सुथार, सत्यप्रकाश कुमावत, महेश परिहार, कंचन परिहार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- लाटाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है।1
- बाली उपखण्ड के चामुंडेरी सहित विभिन्न गांवों में शाम 6:30 बजे से 7 बजे तक तेज बेमौसम बारिश हुई। इस आधे घंटे की बारिश के कारण जगह-जगह सड़कों पर तेजी से पानी बहने लगा। हालांकि, तेज हवाओं के साथ हुई इस बारिश से किसी प्रकार के नुकसान की कोई जानकारी नहीं मिली है। ग्रामीणों को इस तेज बेमौसम बारिश से भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- राजस्थान के पाली जिले की बाली तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बीसलपुर के वार्ड नंबर 2 और 5 में मुख्य सड़क पर चलने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान, राहगीरों के पास से गाड़ी निकलने पर पानी उछलकर उनके कपड़ों पर आ जाता है। इससे पैदल आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।1
- राजस्थान के उदयपुर जिले के कोल्यारी में हाल ही में हुई करीब 55 लाख रुपये की चोरी के मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी घटना के विरोध में सोमवार को करणी सेना और सर्व समाज के तत्वावधान में कोल्यारी कस्बा पूरी तरह से बंद रखा गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण कोल्यारी के तीन रास्ता चौराहे पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से कोल्यारी में एक स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने, चोरी के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं के कारण आमजन में भय का माहौल बना हुआ है।1
- पाली जिले की बाली तहसील के ग्राम लाटाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी ने पटवारी विक्रम धीर को ₹8 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा, जिससे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, एक परिवादी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि पटवारी विक्रम धीर सीमांकन कार्य के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी पाली प्रथम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र डूंगरिया के नेतृत्व में एक टीम ने पटवारी को पकड़ने की योजना बनाई। शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी अधिकारियों ने जाल बिछाया और पटवारी विक्रम धीर को ₹8 हजार की रिश्वत राशि लेते समय दबोच लिया। ट्रैप की कार्रवाई के बाद, एसीबी की टीम आरोपी पटवारी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही, उसके कार्यालय और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक एसीबी की यह कार्रवाई जारी थी। एसीबी की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। मामले की जांच अभी जारी है और एसीबी द्वारा आगामी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- पाली जिले के बीसलपुर ग्राम में वार्ड नंबर 02 और वार्ड नंबर 05 को जोड़ने वाली सड़कों पर पिछले तीन महीनों से गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इन गड्ढों के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर, सड़कों पर जमा पानी से राहगीरों के ऊपर लगातार छींटे उड़ते रहते हैं, जिससे उनकी दिक्कतें और भी बढ़ गई हैं और लोग बेहद परेशान हैं।1