पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (पंजी.), राजस्थान की उपशाखा झाड़ोल से जुड़े मंत्रालयिक कर्मचारियों ने सोमवार को पंचायत समिति झाड़ोल में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी एवं विकास अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। यह कदम प्रदेश कार्य समिति के आह्वान पर उठाया गया, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की। ज्ञापन में कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत स्तर पर स्पष्ट कार्य विभाजन लागू करने, उत्तराखंड पैटर्न को पूर्ण रूप से लागू करने, पदोन्नति के पदों में वृद्धि करने, वेतन विसंगतियों का निराकरण करने तथा अन्य लंबित मांगों का तुरंत समाधान करने की अपील की। संगठन ने तर्क दिया है कि इन मांगों के पूरा होने से मंत्रालयिक कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों का संचालन अधिक सुचारू रूप से हो सकेगा। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कई मांगें लंबे समय से लंबित होने के कारण कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है, और उन्होंने प्रशासन से इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया। इस अवसर पर, संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष पर्वत सिंह दुलावत के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान लोकेश माली, नारायण सिंह, सोहन मेघवाल, संदीप सुथार, प्रभुलाल कटारा, देवेंद्र सिंह झाला, गजेन्द्र सिंह झाला, ज्योति मीणा और सुमित्रा मेघवाल सहित बड़ी संख्या में मंत्रालयिक कर्मचारी उपस्थित रहे।
पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (पंजी.), राजस्थान की उपशाखा झाड़ोल से जुड़े मंत्रालयिक कर्मचारियों ने सोमवार को पंचायत समिति झाड़ोल में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी एवं विकास अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। यह कदम प्रदेश कार्य समिति के आह्वान पर उठाया गया, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की। ज्ञापन में कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत स्तर पर स्पष्ट कार्य विभाजन लागू करने, उत्तराखंड पैटर्न को पूर्ण रूप से लागू करने, पदोन्नति के पदों में वृद्धि करने, वेतन विसंगतियों का निराकरण करने तथा अन्य लंबित मांगों का तुरंत समाधान करने की अपील की। संगठन ने तर्क दिया है कि इन मांगों के पूरा होने से मंत्रालयिक कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों का संचालन अधिक सुचारू रूप से हो सकेगा। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कई मांगें लंबे समय से लंबित होने के कारण कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है, और उन्होंने प्रशासन से इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया। इस अवसर पर, संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष पर्वत सिंह दुलावत के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान लोकेश माली, नारायण सिंह, सोहन मेघवाल, संदीप सुथार, प्रभुलाल कटारा, देवेंद्र सिंह झाला, गजेन्द्र सिंह झाला, ज्योति मीणा और सुमित्रा मेघवाल सहित बड़ी संख्या में मंत्रालयिक कर्मचारी उपस्थित रहे।
- गरासिया समाज में शादियों के अवसर पर रात में डीजे बजाने का प्रचलन है। हाल ही में एक शादी के दौरान रात को डीजे पर लोग उत्साहपूर्वक नाचते हुए देखे गए। इस आयोजन में लोगों ने खूब आनंद लिया और उन्हें यह बहुत अच्छा लगा।4
- उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सोमवार को मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया, जिसके चलते तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के पिपली डोडियान और लदानी सहित कई गांवों में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज गर्जना के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। इस अचानक हुई ओलावृष्टि से सड़कें और खेत पूरी तरह सफेद चादर से ढक गए। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव और ओलावृष्टि के कारण स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में गहरी चिंता फैल गई है। तेज हवाओं और ओलों ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया, जिससे लोग अपनी जान-माल और वाहनों को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। हालांकि इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन बेमौसम की इस मार ने आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।1
- डूंगरपुर के दोवड़ा चौराहे पर भारत आदिवासी पार्टी के नेतृत्व में एक विरोध प्रदर्शन किया गया, जहाँ गृह मंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। यह प्रदर्शन गृह मंत्री द्वारा आदिवासियों के लिए प्रयुक्त 'वनवासी' शब्द के खिलाफ था, जिससे स्थानीय आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और भावनाएँ आहत हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान आमजन की विभिन्न मूलभूत समस्याओं को लेकर तहसीलदार दोवड़ा को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में विशेष रूप से आदिवासी समाज की संवैधानिक अस्मिता, सांस्कृतिक पहचान और शब्दावली के सम्मान पर जोर दिया गया है। पार्टी ने मांग की कि भारतीय संविधान और शासकीय अभिलेखों में इस माटी के मूल निवासियों के लिए मान्य गरिमापूर्ण शब्द 'आदिवासी' का ही सम्मानपूर्वक उपयोग सुनिश्चित किया जाए, तथा केंद्र को राज्य के माध्यम से इस विषय पर अवगत कराया जाए। इसके अतिरिक्त, आसपुर विधानसभा क्षेत्र की गंभीर जनसमस्याओं, मूलभूत नागरिक सुविधाओं के अभाव और जनकल्याणकारी नीतिगत सुधारों के संबंध में राज्य एवं केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया, जिनमें महंगाई, बेरोजगारी, कृषि संकट, पेयजल और विद्युत समस्याएं प्रमुख थीं। भारत आदिवासी पार्टी ने पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस (एल.पी.जी.) की कीमतों में हो रही अनियंत्रित वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की, जिससे आमजन, कृषक, श्रमिक तथा मध्यम वर्ग का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जल जीवन मिशन (हर घर नल योजना) की तकनीकी विसंगतियों को दूर करने और योजना का प्रशासनिक ऑडिट करवाकर प्रत्येक नागरिक को शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। साथ ही, संवैधानिक प्रावधानों एवं लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की मूल भावना को अक्षुण्ण रखने हेतु पंचायती राज संस्थाओं के आसन्न चुनावों को बिना किसी अनावश्यक विलंब के, विधि सम्मत ढंग से निर्धारित समयावधि में संपन्न कराने की अपील भी की गई।4
- सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से डूंगरपुर में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को तेज गर्मी और उमस से राहत मिली। सोमवार शाम करीब 7 बजे धूलभरी आंधी के बाद तेज हवाओं के साथ लगभग एक घंटे तक जमकर बारिश हुई। इस बारिश के कारण शहर के भीतरी इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया और मेघ गर्जना भी सुनाई दी। शहर के साथ-साथ जिले के कई अन्य इलाकों में भी आंधी और बारिश का दौर देखा गया। मौसम में आए इस बदलाव से भीषण गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन तेज आंधी के कारण शहर की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। कई क्षेत्रों में देर रात तक बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई, जिससे आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच, सोमवार शाम को शहर की प्रतापनगर कॉलोनी में एक ट्रांसफार्मर में तेज धमाका हुआ। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी और बिजली का लोड बढ़ने की वजह से यह ट्रांसफार्मर फटा।1
- पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (पंजी.), राजस्थान की उपशाखा झाड़ोल से जुड़े मंत्रालयिक कर्मचारियों ने सोमवार को पंचायत समिति झाड़ोल में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी एवं विकास अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। यह कदम प्रदेश कार्य समिति के आह्वान पर उठाया गया, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की। ज्ञापन में कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत स्तर पर स्पष्ट कार्य विभाजन लागू करने, उत्तराखंड पैटर्न को पूर्ण रूप से लागू करने, पदोन्नति के पदों में वृद्धि करने, वेतन विसंगतियों का निराकरण करने तथा अन्य लंबित मांगों का तुरंत समाधान करने की अपील की। संगठन ने तर्क दिया है कि इन मांगों के पूरा होने से मंत्रालयिक कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों का संचालन अधिक सुचारू रूप से हो सकेगा। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कई मांगें लंबे समय से लंबित होने के कारण कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है, और उन्होंने प्रशासन से इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया। इस अवसर पर, संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष पर्वत सिंह दुलावत के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान लोकेश माली, नारायण सिंह, सोहन मेघवाल, संदीप सुथार, प्रभुलाल कटारा, देवेंद्र सिंह झाला, गजेन्द्र सिंह झाला, ज्योति मीणा और सुमित्रा मेघवाल सहित बड़ी संख्या में मंत्रालयिक कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- झाड़ोल थाना पुलिस ने कंथार घाटी क्षेत्र में हुई लूट की वारदात का मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस घटना में आरोपियों ने तलवार दिखाकर मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन लूटे थे। प्रार्थी ललित कुमार पुत्र नानालाल कटारा, निवासी मुण्डकोसिया, फलासिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 मई 2026 को वे अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से भैरुजी मंदिर पाडवी से दर्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान, कंथार घाटी के पास एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक तलवार लेकर आए और जान से मारने की धमकी देकर उनकी मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर, डॉ. अमृता दुहन ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खेरवाड़ा अंजना सुखवाल और वृत्ताधिकारी झाड़ोल विवेक सिंह के मार्गदर्शन में थानाधिकारी फेलीराम मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और एमआईपी यूनिट की मदद से जांच करते हुए राकेश कुमार खराड़ी (21) और भैरूलाल खराड़ी (18), दोनों निवासी वाड़ूद, थाना झाड़ोल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।1