Shuru
Apke Nagar Ki App…
उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सोमवार को मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया, जिसके चलते तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के पिपली डोडियान और लदानी सहित कई गांवों में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज गर्जना के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। इस अचानक हुई ओलावृष्टि से सड़कें और खेत पूरी तरह सफेद चादर से ढक गए। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव और ओलावृष्टि के कारण स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में गहरी चिंता फैल गई है। तेज हवाओं और ओलों ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया, जिससे लोग अपनी जान-माल और वाहनों को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। हालांकि इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन बेमौसम की इस मार ने आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।
Local Tv News Channel
उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सोमवार को मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया, जिसके चलते तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के पिपली डोडियान और लदानी सहित कई गांवों में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज गर्जना के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। इस अचानक हुई ओलावृष्टि से सड़कें और खेत पूरी तरह सफेद चादर से ढक गए। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव और ओलावृष्टि के कारण स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में गहरी चिंता फैल गई है। तेज हवाओं और ओलों ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया, जिससे लोग अपनी जान-माल और वाहनों को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। हालांकि इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन बेमौसम की इस मार ने आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।
More news from राजस्थान and nearby areas
- उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सोमवार को मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया, जिसके चलते तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के पिपली डोडियान और लदानी सहित कई गांवों में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज गर्जना के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। इस अचानक हुई ओलावृष्टि से सड़कें और खेत पूरी तरह सफेद चादर से ढक गए। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव और ओलावृष्टि के कारण स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में गहरी चिंता फैल गई है। तेज हवाओं और ओलों ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया, जिससे लोग अपनी जान-माल और वाहनों को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। हालांकि इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन बेमौसम की इस मार ने आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।1
- राजस्थान के राजसमंद जिले की खमनोर तहसील के तहत आने वाली ग्राम पंचायत बड़ा भानुजा के वार्ड नंबर 1 में गंदगी व्याप्त है। यह समस्या इस क्षेत्र के लिए एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है, जैसा कि पोस्ट में उल्लिखित पिनकोड 313321 से सूचित होता है।2
- राजसमंद में पूर्व सिंचाई राज्य मंत्री और कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौर का जन्मदिन भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष जवाहर जाट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आमेट रोड स्थित उनके निजी प्रतिष्ठान पर पहुंचकर राठौर को मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर स्वागत किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामनाएं कीं। इस अवसर पर राजसमंद पंचायत समिति के पूर्व उप प्रधान सुरेश जोशी, भाजपा जिला प्रवक्ता नर्बदा शंकर पालीवाल, बूथ अध्यक्ष धीरज पुरोहित, विनोद जोशी, भेरूलाल नंदवाना, गिरीश पालीवाल, पार्षद आशीष पालीवाल, अशोक पालीवाल, धर्मेंटा राजू पालीवाल, शिवम शर्मा, हितेश दवे, जमना शंकर दवे और सागर दवे सहित कई भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पूर्व सिंचाई राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह राठौर को उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएं दीं।1
- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने राजसमंद, राजस्थान के नांदोली से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए भगवान चारभुजा नाथ के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया है। उन्होंने 'चारभुजा नाथ की जय हो' कहते हुए प्रभु के चरणों में अपना शीश नवाया।1
- रेलमगरा के कुरज में भाजपा महिला मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "स्वस्थ भारत" की प्रेरणादायक सोच के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह अभियान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ के निर्देश और भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल के नेतृत्व में "हर रसोई में कम तेल" विषय पर केंद्रित था। कार्यक्रम के दौरान, महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने बिना तेल और कम तेल से बने स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन और सब्जियों का प्रदर्शन किया, जिसके माध्यम से उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उपस्थित महिलाओं को संतुलित आहार, बेहतर स्वास्थ्य और दैनिक भोजन में तेल के सीमित उपयोग के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अत्यधिक तेल का सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, जबकि संतुलित और पौष्टिक भोजन स्वस्थ जीवन की नींव है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ खान-पान की आदतों के प्रति जागरूक करना और प्रधानमंत्री के "स्वस्थ भारत" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। इस कार्यक्रम में महिला मोर्चा कुरज मंडल अध्यक्ष राधारानी राजोरा, कोषाध्यक्ष राधा लाहोटी, मार्गदर्शक लीला लाहोटी, मंत्री कमला मंडोवरा, मीना प्रजापत, चंदा सोनी, इंद्रा बहेड़िया, शारदा प्रजापत, रेखा प्रजापत, कंचन देवी, सीमा कंवर, पारस अहीर, कैलाशी देवी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। अंत में, सभी उपस्थित महिलाओं ने प्रधानमंत्री के "कम तेल – स्वस्थ जीवन" संदेश को हर घर तक पहुंचाने और एक स्वस्थ परिवार व स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "कम तेल, बेहतर स्वास्थ्य — स्वस्थ परिवार, स्वस्थ राष्ट्र" का संदेश रहा।4
- राजसमंद जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तेज हवा और बारिश के साथ नींबू के आकार के ओले गिरे हैं, जिसके चलते लगातार तीसरे दिन हो रही इस बारिश से तापमान में 8 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। दोपहर एक बजे से शुरू हुआ बारिश और तेज हवाओं का यह दौर अभी भी जारी है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, खेतों में पहले से पानी भरा रहने के कारण इस बेमौसम बारिश से फसलों को किसी बड़े नुकसान की संभावना नहीं जताई गई है। यह मौसम की स्थिति राजसमंद जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले भर में एक समान बनी हुई है।1
- रविवार शाम चिकारड़ा क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को हैरानी हुई। मोबाइल फोन पर मौसम संबंधी चेतावनी का सायरन बजने के महज पाँच मिनट के भीतर ही तेज हवाएँ चलने लगीं और देखते ही देखते आंधी के साथ जोरदार बारिश एवं ओलावृष्टि शुरू हो गई। शाम करीब 5:30 बजे अचानक घने काले बादल छा गए और दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश में पानी की बड़ी बूंदें पत्थरों की तरह जमीन पर गिरीं, जिससे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। बाजारों और सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई, और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि बाजारों में लगे फ्लेक्स बोर्ड, होर्डिंग्स, हरि नेट और जालियाँ तक उड़ गईं। कई अस्थायी ढाँचे क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएँ टूटकर सड़कों पर गिर गईं। इस दौरान आसमान में लगातार तेज बिजली चमकती रही और बादलों की गर्जना इतनी तीव्र थी कि दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे छोटे बच्चे भयभीत हो गए और कई बच्चे डर से कांपते नजर आए। मौसम के इस विकराल रूप के बीच क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई। संभावना जताई जा रही है कि तेज आंधी, बिजली गिरने के खतरे और सुरक्षा को देखते हुए एहतियातन बिजली कटौती की गई, जिससे कई क्षेत्रों में कुछ समय के लिए अंधेरा छा गया। इस मंजर से पेड़ों की टहनियों के गिरने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, और खटीक बस्ती में भी लाइन को नुकसान पहुँचा। महज दस मिनट के भीतर मौसम का ऐसा मिजाज देखने को मिला कि जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। इसके बाद लगातार बारिश जारी रही, जिससे तापमान में गिरावट आई और भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। इस अचानक आए मौसम परिवर्तन ने जहाँ लोगों को परेशानी में डाला, वहीं किसानों और आमजन को गर्मी से राहत भी दी। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्व चेतावनी इस बार बिल्कुल सटीक साबित हुई, क्योंकि अलर्ट मिलने के कुछ ही मिनटों बाद क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। क्षेत्रवासियों ने मौसम के इस अचानक बदले स्वरूप को लंबे समय तक याद रहने वाला बताया।4