रविवार शाम चिकारड़ा क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को हैरानी हुई। मोबाइल फोन पर मौसम संबंधी चेतावनी का सायरन बजने के महज पाँच मिनट के भीतर ही तेज हवाएँ चलने लगीं और देखते ही देखते आंधी के साथ जोरदार बारिश एवं ओलावृष्टि शुरू हो गई। शाम करीब 5:30 बजे अचानक घने काले बादल छा गए और दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश में पानी की बड़ी बूंदें पत्थरों की तरह जमीन पर गिरीं, जिससे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। बाजारों और सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई, और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि बाजारों में लगे फ्लेक्स बोर्ड, होर्डिंग्स, हरि नेट और जालियाँ तक उड़ गईं। कई अस्थायी ढाँचे क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएँ टूटकर सड़कों पर गिर गईं। इस दौरान आसमान में लगातार तेज बिजली चमकती रही और बादलों की गर्जना इतनी तीव्र थी कि दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे छोटे बच्चे भयभीत हो गए और कई बच्चे डर से कांपते नजर आए। मौसम के इस विकराल रूप के बीच क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई। संभावना जताई जा रही है कि तेज आंधी, बिजली गिरने के खतरे और सुरक्षा को देखते हुए एहतियातन बिजली कटौती की गई, जिससे कई क्षेत्रों में कुछ समय के लिए अंधेरा छा गया। इस मंजर से पेड़ों की टहनियों के गिरने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, और खटीक बस्ती में भी लाइन को नुकसान पहुँचा। महज दस मिनट के भीतर मौसम का ऐसा मिजाज देखने को मिला कि जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। इसके बाद लगातार बारिश जारी रही, जिससे तापमान में गिरावट आई और भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। इस अचानक आए मौसम परिवर्तन ने जहाँ लोगों को परेशानी में डाला, वहीं किसानों और आमजन को गर्मी से राहत भी दी। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्व चेतावनी इस बार बिल्कुल सटीक साबित हुई, क्योंकि अलर्ट मिलने के कुछ ही मिनटों बाद क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। क्षेत्रवासियों ने मौसम के इस अचानक बदले स्वरूप को लंबे समय तक याद रहने वाला बताया।
रविवार शाम चिकारड़ा क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को हैरानी हुई। मोबाइल फोन पर मौसम संबंधी चेतावनी का सायरन बजने के महज पाँच मिनट के भीतर ही तेज हवाएँ चलने लगीं और देखते ही देखते आंधी के साथ जोरदार बारिश एवं ओलावृष्टि शुरू हो गई। शाम करीब 5:30 बजे अचानक घने काले बादल छा गए और दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश में पानी की बड़ी बूंदें पत्थरों की तरह जमीन पर गिरीं, जिससे लोगों को संभलने का मौका
नहीं मिला। बाजारों और सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई, और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि बाजारों में लगे फ्लेक्स बोर्ड, होर्डिंग्स, हरि नेट और जालियाँ तक उड़ गईं। कई अस्थायी ढाँचे क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएँ टूटकर सड़कों पर गिर गईं। इस दौरान आसमान में लगातार तेज बिजली चमकती रही और बादलों की गर्जना इतनी तीव्र थी कि दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे छोटे बच्चे भयभीत हो गए और कई बच्चे डर से कांपते नजर आए। मौसम
के इस विकराल रूप के बीच क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई। संभावना जताई जा रही है कि तेज आंधी, बिजली गिरने के खतरे और सुरक्षा को देखते हुए एहतियातन बिजली कटौती की गई, जिससे कई क्षेत्रों में कुछ समय के लिए अंधेरा छा गया। इस मंजर से पेड़ों की टहनियों के गिरने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, और खटीक बस्ती में भी लाइन को नुकसान पहुँचा। महज दस मिनट के भीतर मौसम का ऐसा मिजाज देखने को मिला कि जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। इसके
बाद लगातार बारिश जारी रही, जिससे तापमान में गिरावट आई और भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। इस अचानक आए मौसम परिवर्तन ने जहाँ लोगों को परेशानी में डाला, वहीं किसानों और आमजन को गर्मी से राहत भी दी। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्व चेतावनी इस बार बिल्कुल सटीक साबित हुई, क्योंकि अलर्ट मिलने के कुछ ही मिनटों बाद क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। क्षेत्रवासियों ने मौसम के इस अचानक बदले स्वरूप को लंबे समय तक याद रहने वाला बताया।
- उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सोमवार को मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया, जिसके चलते तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के पिपली डोडियान और लदानी सहित कई गांवों में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज गर्जना के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। इस अचानक हुई ओलावृष्टि से सड़कें और खेत पूरी तरह सफेद चादर से ढक गए। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव और ओलावृष्टि के कारण स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में गहरी चिंता फैल गई है। तेज हवाओं और ओलों ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया, जिससे लोग अपनी जान-माल और वाहनों को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। हालांकि इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन बेमौसम की इस मार ने आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।1
- राजस्थान पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (पंजी.) ब्लॉक धरियावद ने मंत्रालयिक कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने मुख्यमंत्री, पंचायती राज मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री और विभागीय अधिकारियों को एसडीएम धरियावद और विकास अधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। मीडिया प्रभारी उमेर अहमद ने बताया कि इस प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष घासीराम मीणा, जिला उपाध्यक्ष कमलेन्द्र सिंह राणावत, कृष्णा शर्मा, शिला देवी, ब्लॉक अध्यक्ष मोहब्बत सिंह चावड़ा, किशोर मिश्रा, पुष्पेंद्र लबाना, ऋषि मीणा, खानुराम मेघवाल सहित सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि पंचायती राज विभाग में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगें अब तक अनसुलझी हैं, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर समय रहते उचित और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन की रूपरेखा के अनुसार, विरोध-प्रदर्शन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं सरकार की होगी। संगठन ने सरकार से कर्मचारियों की जायज मांगों का शीघ्र निराकरण कर मंत्रालयिक कर्मचारियों को राहत प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।2
- 31 मई 2026 को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए 11 वर्ष पूरे होने पर, एक वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ने अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें पता ही नहीं चला कि समय कब बीत गया। उन्होंने बताया कि सरकारी सेवा से निवृत्ति के बाद भी उनका समाज सेवा का सफर लगातार जारी है। इस अवसर पर, उन्होंने अपने सेवानिवृत्त साथियों से अपील की कि सेवानिवृत्ति केवल शासकीय दायित्वों से होती है, न कि समाज और मानव सेवा से। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को हमेशा अनुभवी व्यक्तियों के मार्गदर्शन और सहयोग की आवश्यकता रहती है। कार्यकर्ता ने स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें आज भी समाज के बीच सक्रिय रहकर सेवा करने का अवसर मिल रहा है।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में आज का दिन विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं और गतिविधियों से भरा रहा, जिसके चलते यह शहर दिनभर सुर्खियों में छाया रहा। दिन की शुरुआत में जहाँ कांग्रेस द्वारा एक प्रदर्शन आयोजित किया गया, वहीं दूसरी ओर विभिन्न समाजों के सम्मान समारोहों ने भी ध्यान खींचा। इन आयोजनों के बीच, एक ट्रैफिक पुलिस जवान द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों ने लोगों का दिल जीत लिया और खूब सराहना बटोरी। इसके अतिरिक्त, दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश ने भीषण गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी सुकून मिला।1
- नीमच जिले के सोनडी गांव में मारपीट और तोड़फोड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ 26 मई की रात करीब 12 बजे आनंद चावड़ा के घर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। शिकायतकर्ता आनंद चावड़ा ने पुलिस अधीक्षक को दी अपनी शिकायत में बताया कि हमलावर लाठी, पत्थर और अन्य हथियारों से लैस होकर आए थे। उन्होंने घर में घुसकर तोड़फोड़ की, जिसमें कूलर, फ्रिज, दरवाजे और ट्रैक्टर को नुकसान पहुँचाया गया। इसके साथ ही, हमलावरों पर अलमारी तोड़कर नकदी और चांदी के जेवर चुरा ले जाने का भी आरोप है। इस हमले में आनंद चावड़ा की माता लीलाबाई और पिता वकील चावड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका नीमच में इलाज कराया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने 28 मई को पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक इस मामले में कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है। आनंद चावड़ा ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान क्षेत्र में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं।1
- भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) द्वारा प्रतापगढ़ के खुशी पैलेस में एक जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक मजबूती, जनसंपर्क अभियान, आगामी पंचायती राज चुनावों की रणनीति तैयार करना और पार्टी का विस्तार करना था। इस बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों और भविष्य के कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने और पार्टी की विचारधारा को गाँव-गाँव तक पहुँचाने पर जोर दिया गया। बैठक में भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रमेश निनामा, प्रदेशाध्यक्ष रमेश मईडा, प्रतापगढ़ विधानसभा विधायक प्रत्याशी मांगीलाल निनामा, धरियावद विधानसभा विधायक थावरचंद डामोर, जिलाध्यक्ष मुकेश बरोड़, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष युसूफ खान पठान, जिला उपाध्यक्ष आदिल खान मेंव, एडवोकेट मोहम्मद हुसैन मंसूरी और शाकिर कादरी सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने संगठन को मजबूत करने, सभी समुदायों को साथ लेकर चलने, पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने और आमजन की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत आदिवासी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। सम्मेलन में आगामी पंचायती राज चुनाव के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि पार्टी वार्ड पंच से लेकर सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, प्रधान और जिला प्रमुख तक सभी सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बूथ, ग्राम और मंडल स्तर पर संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियाँ सौंपने पर भी सहमति बनी। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने, समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँच बनाने तथा आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। जिलाध्यक्ष मुकेश बरोड़ ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।2
- रविवार शाम चिकारड़ा क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को हैरानी हुई। मोबाइल फोन पर मौसम संबंधी चेतावनी का सायरन बजने के महज पाँच मिनट के भीतर ही तेज हवाएँ चलने लगीं और देखते ही देखते आंधी के साथ जोरदार बारिश एवं ओलावृष्टि शुरू हो गई। शाम करीब 5:30 बजे अचानक घने काले बादल छा गए और दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश में पानी की बड़ी बूंदें पत्थरों की तरह जमीन पर गिरीं, जिससे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। बाजारों और सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई, और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि बाजारों में लगे फ्लेक्स बोर्ड, होर्डिंग्स, हरि नेट और जालियाँ तक उड़ गईं। कई अस्थायी ढाँचे क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएँ टूटकर सड़कों पर गिर गईं। इस दौरान आसमान में लगातार तेज बिजली चमकती रही और बादलों की गर्जना इतनी तीव्र थी कि दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे छोटे बच्चे भयभीत हो गए और कई बच्चे डर से कांपते नजर आए। मौसम के इस विकराल रूप के बीच क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई। संभावना जताई जा रही है कि तेज आंधी, बिजली गिरने के खतरे और सुरक्षा को देखते हुए एहतियातन बिजली कटौती की गई, जिससे कई क्षेत्रों में कुछ समय के लिए अंधेरा छा गया। इस मंजर से पेड़ों की टहनियों के गिरने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, और खटीक बस्ती में भी लाइन को नुकसान पहुँचा। महज दस मिनट के भीतर मौसम का ऐसा मिजाज देखने को मिला कि जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। इसके बाद लगातार बारिश जारी रही, जिससे तापमान में गिरावट आई और भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। इस अचानक आए मौसम परिवर्तन ने जहाँ लोगों को परेशानी में डाला, वहीं किसानों और आमजन को गर्मी से राहत भी दी। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्व चेतावनी इस बार बिल्कुल सटीक साबित हुई, क्योंकि अलर्ट मिलने के कुछ ही मिनटों बाद क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। क्षेत्रवासियों ने मौसम के इस अचानक बदले स्वरूप को लंबे समय तक याद रहने वाला बताया।4