वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एक महिला ने अपने परिवार के साथ पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के काफिले को सड़क पर रोककर न्याय की गुहार लगाई। यह घटना उस वक्त हुई जब महिला की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी, जिससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस कमिश्नर ने तत्काल पीड़ित परिवार को अपने कार्यालय बुलाकर उनकी शिकायत सुनी और मामले की जांच के निर्देश दिए। पीड़ित महिला, जो अनुसूचित जाति से होने का दावा करती है, ने आरोप लगाया है कि 23 जून को गांव के कुछ लोगों ने उसके परिवार के साथ मारपीट की। महिला ने बताया कि उसके पति गुजरात में मजदूरी करते हैं और वह अपने बेटे-बेटी के साथ गांव में रहती है। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनके घर के सामने सामान रखकर रास्ता रोक दिया था। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ, उसकी बेटी और बेटे के साथ मारपीट की गई। महिला का कहना है कि इस हमले में उसे गंभीर चोटें आईं, उसकी बेटी भी घायल हुई और उनके साथ अभद्रता की गई। महिला का आरोप है कि घटना की सूचना डायल-112 पर दिए जाने के बाद पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन आरोपियों के खिलाफ तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता ने यह भी बताया कि थाने में शिकायत देने के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। महिला ने स्थानीय पुलिस पर मामले को टालमटोल करने और कार्रवाई के बजाय केवल जांच का हवाला देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस का रवैया निष्पक्ष नहीं था और उन्हें लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े। अंततः न्याय की उम्मीद में उन्होंने पुलिस कमिश्नर की गाड़ी रोककर अपनी शिकायत सीधे उनके सामने रखी। पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़िता ने मांग की है कि उसकी और उसकी बेटी का तत्काल चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए, आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या क्राइम ब्रांच से कराई जाए। इसके साथ ही, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एक महिला ने अपने परिवार के साथ पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के काफिले को सड़क पर रोककर न्याय की गुहार लगाई। यह घटना उस वक्त हुई जब महिला की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी, जिससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस कमिश्नर ने तत्काल पीड़ित परिवार को अपने कार्यालय बुलाकर उनकी शिकायत सुनी और मामले की जांच के निर्देश दिए। पीड़ित महिला, जो अनुसूचित जाति से होने का दावा करती है, ने आरोप लगाया है कि 23 जून को गांव के कुछ लोगों ने उसके परिवार के साथ मारपीट की। महिला ने बताया कि उसके पति गुजरात में मजदूरी करते हैं और वह अपने बेटे-बेटी के साथ गांव में रहती है। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनके घर के सामने सामान रखकर रास्ता रोक दिया था। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ, उसकी बेटी और बेटे के साथ मारपीट की गई। महिला का कहना है कि इस हमले में उसे गंभीर चोटें आईं, उसकी बेटी भी घायल हुई और उनके साथ अभद्रता की गई। महिला का आरोप है कि घटना की सूचना डायल-112 पर दिए जाने के बाद पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन आरोपियों के खिलाफ तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता ने यह भी बताया कि थाने में शिकायत देने के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। महिला ने स्थानीय पुलिस पर मामले को टालमटोल करने और कार्रवाई के बजाय केवल जांच का हवाला देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस का रवैया निष्पक्ष नहीं था और उन्हें लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े। अंततः न्याय की उम्मीद में उन्होंने पुलिस कमिश्नर की गाड़ी रोककर अपनी शिकायत सीधे उनके सामने रखी। पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़िता ने मांग की है कि उसकी और उसकी बेटी का तत्काल चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए, आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या क्राइम ब्रांच से कराई जाए। इसके साथ ही, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- जसवंतनगर के बलरई थाना क्षेत्र के ग्राम कोकावली में खेत में कथित रूप से लगाए गए बिजली के करंट की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो गई। फसल को आवारा पशुओं से बचाने के लिए यह करंट लगाया गया था। पीड़ित पशुपालक ने इस घटना में अपनी भैंस की कीमत करीब एक लाख रुपये बताई है, और उन्होंने खेत स्वामी पर अवैध रूप से करंट लगाने तथा घटना के साक्ष्य मिटाने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। जाखन गांव निवासी ब्रह्म सिंह पुत्र श्रीकृष्ण ने बताया कि सोमवार को वे अपनी भैंसों को चराने खारजा झाल के किनारे बीहड़ क्षेत्र में ले गए थे। दोपहर में भैंसें पानी में गईं और कुछ देर बाद उनमें से पांच भैंसें लापता हो गईं। काफी तलाश के बाद भी जब उनका पता नहीं चला, तो अंधेरा होने के कारण वे घर लौट आए। मंगलवार सुबह दोबारा तलाश करने पर कोकावली गांव के लोगों ने बताया कि एक भैंस की मक्का के खेत में लगाए गए कथित बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई है। मौके पर पहुंचकर ब्रह्म सिंह ने मृत भैंस की पहचान अपनी भैंस के रूप में की। पीड़ित का आरोप है कि खेत स्वामी ने घटना के बाद भैंस को ट्रैक्टर से करीब 500 मीटर दूर ले जाकर डाल दिया और खेत में हल चलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास भी किया। इस घटना की सूचना डायल 112 के साथ-साथ लखेरा कुआं चौकी और बलरई थाना पुलिस को दी गई है। थानाध्यक्ष कृपाल सिंह ने बताया कि उन्हें तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पशुपालन विभाग को भैंस का पोस्टमार्टम कराने के लिए पत्र भेजा गया है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बिजली विभाग के अवर अभियंता संतोष सोनी ने बताया कि मौके पर पहुंचने पर भैंस खेत से कुछ दूरी पर पड़ी मिली, लेकिन जिस खेत में करंट लगाए जाने की बात कही जा रही है, वहां भैंस मौजूद नहीं थी। उन्होंने भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी।1
- वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एक महिला ने अपने परिवार के साथ पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के काफिले को सड़क पर रोककर न्याय की गुहार लगाई। यह घटना उस वक्त हुई जब महिला की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी, जिससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस कमिश्नर ने तत्काल पीड़ित परिवार को अपने कार्यालय बुलाकर उनकी शिकायत सुनी और मामले की जांच के निर्देश दिए। पीड़ित महिला, जो अनुसूचित जाति से होने का दावा करती है, ने आरोप लगाया है कि 23 जून को गांव के कुछ लोगों ने उसके परिवार के साथ मारपीट की। महिला ने बताया कि उसके पति गुजरात में मजदूरी करते हैं और वह अपने बेटे-बेटी के साथ गांव में रहती है। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनके घर के सामने सामान रखकर रास्ता रोक दिया था। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ, उसकी बेटी और बेटे के साथ मारपीट की गई। महिला का कहना है कि इस हमले में उसे गंभीर चोटें आईं, उसकी बेटी भी घायल हुई और उनके साथ अभद्रता की गई। महिला का आरोप है कि घटना की सूचना डायल-112 पर दिए जाने के बाद पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन आरोपियों के खिलाफ तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता ने यह भी बताया कि थाने में शिकायत देने के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। महिला ने स्थानीय पुलिस पर मामले को टालमटोल करने और कार्रवाई के बजाय केवल जांच का हवाला देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस का रवैया निष्पक्ष नहीं था और उन्हें लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े। अंततः न्याय की उम्मीद में उन्होंने पुलिस कमिश्नर की गाड़ी रोककर अपनी शिकायत सीधे उनके सामने रखी। पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़िता ने मांग की है कि उसकी और उसकी बेटी का तत्काल चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए, आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या क्राइम ब्रांच से कराई जाए। इसके साथ ही, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- मुरादाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी द्वारा 'नारी शक्ति का आंदोलन' का नारा लगाया गया।1
- इटावा में एक ऐसे व्यक्ति के कथित झूठ, फरेब और जालसाजी के खिलाफ अब लोगों की चुप्पी टूट रही है, जिसने लंबे समय से सैकड़ों युवतियों का जीवन नरक से भी बदतर बना दिया था। ऋचा तिवारी सहित अनेक युवतियों के साथ हुए कथित अपमान और उत्पीड़न के मामले पर नेकी मानव सेवा की अध्यक्ष रूबी शर्मा ने हमारे संवाददाता शिवा ठाकुर से विशेष बातचीत की है। इस खास बातचीत में रूबी शर्मा ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा और समाज से जोरदार अपील की कि ऐसे गंभीर मामलों में अब चुप्पी तोड़कर आवाज उठाई जानी चाहिए। उनका मानना है कि अन्याय के खिलाफ हर किसी को खुलकर सामने आना चाहिए और अपने विचार रखने चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के जसवंतनगर कस्बे के कचौरा रोड स्थित शास्त्री नगर में एक सूने मकान का ताला तोड़कर चोर हजारों रुपये का सामान चोरी कर ले गए हैं। पीड़ित राजकिशोर शास्त्री ने जसवंतनगर थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी है। राजकिशोर शास्त्री ने अपनी शिकायत में बताया कि वे रविवार को आगरा में एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। सोमवार देर शाम को जब वे अपने घर लौटे तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला और घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने उनके घर से लगभग 50 फुट विद्युत तार, दो साइकिलें, एक हैंडपंप और करीब एक क्विंटल लोहे की मशीन चुरा ली है, जिससे उन्हें लगभग ₹60 हजार का आर्थिक नुकसान हुआ है। राजकिशोर शास्त्री ने यह भी बताया कि उनके घर में चोरी की यह चौथी घटना है, और उन्होंने अज्ञात चोरों पर ही इस वारदात को अंजाम देने का संदेह जताया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में पहले भी चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। जसवंतनगर पुलिस ने तहरीर मिलने की पुष्टि की है और बताया है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है, जिसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- मैनपुरी में आवारा सांडों का आतंक देखने को मिला है, जहाँ उन्होंने बाइक सवार दो युवकों पर हमला कर दिया। सांड के इस हमले में दोनों युवक घायल हो गए, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है। यह पूरी घटना करहल थाना क्षेत्र के काजी मोहल्ला में घटी और इसका वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।1