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User7241नाथुरामनायक
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- Post by User7241नाथुरामनायक1
- पाली में वाहन पंजीयन प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण में विलंब से आवेदन करने पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क में विशेष राहत प्रदान की गई है। यह विशेष व्यवस्था 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी रहेगी। जारी अधिसूचना के अनुसार, कृषि ट्रैक्टर के लिए विलंब होने पर ₹500 प्रति माह अतिरिक्त शुल्क देय होगा। इसमें अधिकतम शुल्क एक वर्ष तक के विलंब पर ₹2,500 और एक वर्ष से अधिक के विलंब पर ₹5,000 निर्धारित किया गया है। वहीं, गैर-परिवहन दोपहिया वाहनों के लिए विलंब होने पर ₹300 प्रति माह अतिरिक्त शुल्क देय होगा, जिसमें अधिकतम ₹1,000 तक अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। यह अधिसूचना केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 81 के अंतर्गत जारी की गई है, जिसका उद्देश्य वाहन स्वामियों को पंजीयन प्रमाण-पत्र का समय पर नवीनीकरण करने के लिए प्रोत्साहित करना और विलंब से होने वाले आर्थिक भार में राहत प्रदान करना है। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, पाली ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि जिन वाहनों के पंजीयन प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण की अवधि समाप्त हो चुकी है, वे इस विशेष व्यवस्था का लाभ उठाते हुए 30 सितंबर, 2026 तक शीघ्र नवीनीकरण कराएं।1
- माँ चामुंडा के दरबार में भक्तों द्वारा श्रद्धापूर्वक वार्षिक ध्वजा चढ़ाई गई। इस शुभ अवसर पर, श्रद्धालुओं ने मां से अमन-चैन और खुशहाली की मनोकामना की, साथ ही मां के अद्भुत चमत्कारों का उल्लेख करते हुए अपनी अटूट आस्था प्रकट की। यह संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- दृढ़ इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम का परिचय देते हुए रायपुर निवासी पैरा तीरंदाज गोविंद माली ने शारीरिक चुनौतियों को बौना साबित किया है। उन्होंने श्री बांगड़ स्टेडियम, पाली में आयोजित पाली जिला तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026-27 में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एक हाथ और एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद, गोविंद ने सामान्य वर्ग की प्रतियोगिता में भाग लिया और अपने दाँतों से धनुष खींचकर सटीक निशाने लगाए, जिससे दर्शक और खिलाड़ी उनकी प्रतिभा के कायल हो गए। इस शानदार जीत के साथ, गोविंद माली ने 8 से 10 अगस्त को बीकानेर में होने वाली राज्य स्तरीय रिकर्व तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए पाली टीम में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। जिला तीरंदाजी संघ के सचिव गिरधारी लाल सेन ने बताया कि गोविंद, जो श्री सुगन चंद माली के पुत्र हैं, ने दाँतों से धनुष खींचने की एक अनूठी तकनीक विकसित की है, और इसी कौशल के दम पर उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया है। वर्तमान में, गोविंद जयपुर में कोच रवि कुमार सैनी और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तारिका सैनी के मार्गदर्शन में नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं। कोच रवि कुमार सैनी के अनुसार, गोविंद राजस्थान के पहले 'टूथ आर्चर' हैं, जिनके पास दाँतों से धनुष खींचकर अचूक निशाना लगाने की अद्भुत क्षमता है। गोविंद का सपना ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए पदक जीतना है। इससे पहले वे गोवा इंडोर नेशनल चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं और हाल ही में हरियाणा के सोनीपत में आयोजित वर्ल्ड पैरा सीरीज ट्रायल में भी हिस्सा लिया था, जहाँ वे बेहद मामूली अंतर से चयन से चूक गए थे। हालाँकि, आर्थिक तंगी और उच्च गुणवत्ता वाले तीरंदाजी उपकरणों की कमी उनके अंतरराष्ट्रीय सफर में एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। पिछले 7-8 महीनों से वे विभिन्न संस्थाओं, खेल प्रेमियों और समाजसेवियों से सहयोग की अपील कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक अपेक्षित सहायता नहीं मिल पाई है। फिलहाल, वे अपनी खेल अकादमी के धनुष से ही अभ्यास कर रहे हैं। गोविंद माली ने समाज, जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और सामाजिक संस्थाओं से आर्थिक सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि उन्हें आधुनिक तीरंदाजी उपकरण उपलब्ध हो जाएँ, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने का अपना सपना अवश्य पूरा करेंगे।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक 13 साल की नाबालिग बेटी के साथ कथित तौर पर 32 दरिंदों द्वारा की गई हैवानियत के खिलाफ पूरे प्रदेश में फैले आक्रोश के बीच, पाली में शिव सेना (शिंदे गुट) ने एक विशाल और उग्र विरोध मार्च निकाला। यह मार्च बुधवार, 8 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पीड़िता को न्याय दिलाना और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करना था। बुधवार सुबह करीब 10 बजे, बड़ी संख्या में शिव सेना के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय महिलाएं पाली के शिवाजी सर्किल पर एकत्रित हुईं। हाथों में भगवा झंडे और “न्याय दो! इंसाफ दो!!” जैसे नारों वाली बैनर-पट्टी लिए प्रदर्शनकारी जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़े। मार्च के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर जमकर नारेबाजी की। उनके बैनरों पर “गंगानगर में 13 साल की बेटी के साथ 32 दरिंदों ने की हैवानियत, सभी आरोपियों के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई,” “आरोपियों को तुरंत फांसी की सजा दो!” और “निर्भया नहीं, हर बेटी सुरक्षित बनाओ!” जैसे नारे और मांगें लिखी हुई थीं। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही महिला विंग और शिवसेना नेताओं ने स्पष्ट किया कि देश और राज्य में बेटियों के साथ ऐसी हैवानियत कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि इस मामले के सभी 32 नामजद आरोपियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जाए। प्रदर्शन के समापन पर, संगठन की ओर से मुख्यमंत्री और महामहिम राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से अपराधियों को फांसी की सजा देने की जोरदार मांग की गई है। श्रीगंगानगर में हुई इस शर्मनाक घटना के बाद पुलिस और प्रशासन द्वारा आरोपियों के ठिकानों और अवैध रूप से संलिप्त होटलों पर बुलडोजर चलाकर कड़ा एक्शन लिया जा रहा है। हालांकि, जनता का स्पष्ट कहना है कि जब तक सभी दरिंदों को फांसी नहीं मिल जाती, न्याय के लिए यह जंग जारी रहेगी।3
- पाली जिले के डुठारिया गांव के मेघवाल मोहल्ला (कुम्हारिया नाड़ा) क्षेत्र में एक साथ लगभग 4-5 सांप दिखाई देने की सूचना प्राप्त हुई। जानकारी मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता विजयपाल जी और उनके साथियों ने तुरंत पाली स्नेक रेस्क्यू टीम तथा नारलाई की हनी सिंह स्नेक रेस्क्यू टीम से संपर्क साधा। सूचना पर नारलाई की हनी सिंह स्नेक रेस्क्यू टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी तथा सुरक्षा के साथ सांपों को पकड़ने का रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम द्वारा एक-एक कर सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने का कार्य किया गया, जिसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना से बचना था। इस अभियान के तहत, रानी डुठारिया गांव में दिखे एक 10 फीट लंबे सांप को भी सफलतापूर्वक पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू कार्य के दौरान, स्थानीय लोगों से सहयोग करने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अनावश्यक भीड़ न लगाने की अपील की गई। सभी ग्रामवासियों से यह भी अनुरोध किया गया है कि यदि कहीं भी सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने का प्रयास करें। ऐसी स्थिति में तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम या स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं को सूचित करें और बच्चों, बुजुर्गों व पशुओं को उस स्थान से दूर रखें। यह संदेश 'सतर्क रहें, सुरक्षित रहें' की अपील के साथ समाप्त हुआ।2
- रोहट निंबली पेटेलान से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में वन्यजीवों को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। बताया गया है कि जब वन्यजीवों से जुड़ी सहायता या संबंधित लोग समय पर नहीं पहुँचते, तो ये जीव वहाँ नहीं रह पाते हैं।4