नालछा से रवि सिसोदिया की रिपोर्ट मांडू में इतिहास और संस्कृति का हुआ अदभुत मिलन, 45 भगोरिया नर्तक दल पहुंचे मांडू. ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू में शनिवार को आदिवासी संस्कृति के पर्व भगोरिया का खूब रंग जमा। यहां जनजातीय समुदाय के साथ विदेशी सैलानियों ने मादल की थाप पर जमकर भगोरिया नृत्य किया और कुर्राटिया भी भरी। इस अद्भुत दृश्य को सैलानियों ने अपनी केमरे में कैद किया। हजारों की संख्या में लोग भगोरिया देखने पहुंचे। ऐतिहासिक जामी मस्जिद और अशर्फी महल के बीच यहां भगोरिया का आयोजन हुआ। इतिहास के आईने से सैलानियों ने संस्कृति को निहारा। हालांकि इस बार जिला प्रशासन द्वारा आदर्श भगोरिया पर्व का आयोजन न करने के कारण संस्कृति प्रेमी निराश दिखे बावजूद इसके उन्होंने उत्साह से पर्व को मनाया। लगभग 45 से ज्यादा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नर्तक दल मांडू के भगोरिया में शामिल हुए। पूरा माहौल मस्ती भरा हो गया। भगोरिया मैदान में जनजातीय समुदाय के लोगों ने अपनी परंपरा को निभाया। यहां मेले में होली के त्यौहार को लेकर भी जमकर खरीदारी हुई। दरअसल मांडू का भगोरिया पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है क्योंकि यहां विदेशी सेलानी भी शिरकत करते हैं और प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी यहां बड़ी संख्या में विदेशी सैलानियों ने मांडू के भगोरिया में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति को निहारा। विदेशी सैलानी दोपहर 12 बजे से ही भगोरिया मैदान पर आ गए थे। आदिवासी समुदाय के लोगों ने विदेशी मेहमानों के साथ फोटोग्राफी की और सेल्फी भी ली। मांडू में फ्रांस, इटली, बेल्जियम,अमेरिका,दक्षिण कोरिया के विदेशी पर्यटक मौजूद थे।इसके अलावा यहां महाराष्ट्र,राजस्थान और गुजरात से भी भगोरिया पर्व को देखने के लिए सैलानी आए हुए थे। लगभग 5 बजे तक जमकर उत्साह रहा इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से सभी भगोरिया पंडाल को खाली करवाना शुरू करवा दिया गया। नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड, थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत, एएसआइ दिनेश वर्मा, भेरू सिंह देवड़ा,आरआइ सादिक खान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर आए मांडू में इतिहास और संस्कृति का हुआ अदभुत मिलन, 45 भगोरिया नर्तक दल पहुंचे मांडू. ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू में शनिवार को आदिवासी संस्कृति के पर्व भगोरिया का खूब रंग जमा। यहां जनजातीय समुदाय के साथ विदेशी सैलानियों ने मादल की थाप पर जमकर भगोरिया नृत्य किया और कुर्राटिया भी भरी। इस अद्भुत दृश्य को सैलानियों ने अपनी केमरे में कैद किया। हजारों की संख्या में लोग भगोरिया देखने पहुंचे। ऐतिहासिक जामी मस्जिद और अशर्फी महल के बीच यहां भगोरिया का आयोजन हुआ। इतिहास के आईने से सैलानियों ने संस्कृति को निहारा। हालांकि इस बार जिला प्रशासन द्वारा आदर्श भगोरिया पर्व का आयोजन न करने के कारण संस्कृति प्रेमी निराश दिखे बावजूद इसके उन्होंने उत्साह से पर्व को मनाया। लगभग 45 से ज्यादा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नर्तक दल मांडू के भगोरिया में शामिल हुए। पूरा माहौल मस्ती भरा हो गया। भगोरिया मैदान में जनजातीय समुदाय के लोगों ने अपनी परंपरा को निभाया। यहां मेले में होली के त्यौहार को लेकर भी जमकर खरीदारी हुई। दरअसल मांडू का भगोरिया पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है क्योंकि यहां विदेशी सेलानी भी शिरकत करते हैं और प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी यहां बड़ी संख्या में विदेशी सैलानियों ने मांडू के भगोरिया में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति को निहारा। विदेशी सैलानी दोपहर 12 बजे से ही भगोरिया मैदान पर आ गए थे। आदिवासी समुदाय के लोगों ने विदेशी मेहमानों के साथ फोटोग्राफी की और सेल्फी भी ली। मांडू में फ्रांस, इटली, बेल्जियम,अमेरिका,दक्षिण कोरिया के विदेशी पर्यटक मौजूद थे।इसके अलावा यहां महाराष्ट्र,राजस्थान और गुजरात से भी भगोरिया पर्व को देखने के लिए सैलानी आए हुए थे। लगभग 5 बजे तक जमकर उत्साह रहा इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से सभी भगोरिया पंडाल को खाली करवाना शुरू करवा दिया गया। नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड, थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत, एएसआइ दिनेश वर्मा, भेरू सिंह देवड़ा,आरआइ सादिक खान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर आए
नालछा से रवि सिसोदिया की रिपोर्ट मांडू में इतिहास और संस्कृति का हुआ अदभुत मिलन, 45 भगोरिया नर्तक दल पहुंचे मांडू. ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू में शनिवार को आदिवासी संस्कृति के पर्व भगोरिया का खूब रंग जमा। यहां जनजातीय समुदाय के साथ विदेशी सैलानियों ने मादल की थाप पर जमकर भगोरिया नृत्य किया और कुर्राटिया भी भरी। इस अद्भुत दृश्य को सैलानियों ने अपनी केमरे में कैद किया। हजारों की संख्या में लोग भगोरिया देखने पहुंचे। ऐतिहासिक जामी मस्जिद और अशर्फी महल के बीच यहां भगोरिया का आयोजन हुआ। इतिहास के आईने से सैलानियों ने संस्कृति को निहारा। हालांकि इस बार जिला प्रशासन द्वारा आदर्श भगोरिया पर्व का आयोजन न करने के कारण संस्कृति प्रेमी निराश दिखे बावजूद इसके उन्होंने उत्साह से पर्व को मनाया। लगभग 45 से ज्यादा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नर्तक दल मांडू के भगोरिया में शामिल हुए। पूरा माहौल मस्ती भरा हो गया। भगोरिया मैदान में जनजातीय समुदाय के लोगों ने अपनी परंपरा को निभाया। यहां मेले में होली के त्यौहार को लेकर भी जमकर खरीदारी हुई। दरअसल मांडू का भगोरिया पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है क्योंकि यहां विदेशी सेलानी भी शिरकत करते हैं और प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी यहां बड़ी संख्या में विदेशी सैलानियों ने मांडू के भगोरिया में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति को निहारा। विदेशी सैलानी दोपहर 12 बजे से ही भगोरिया मैदान पर आ गए थे। आदिवासी समुदाय के लोगों ने विदेशी मेहमानों के साथ फोटोग्राफी की और सेल्फी भी ली। मांडू में फ्रांस, इटली, बेल्जियम,अमेरिका,दक्षिण कोरिया के विदेशी पर्यटक मौजूद थे।इसके अलावा यहां महाराष्ट्र,राजस्थान और गुजरात से भी भगोरिया पर्व को देखने के लिए सैलानी आए हुए थे। लगभग 5 बजे तक जमकर उत्साह रहा इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से सभी भगोरिया पंडाल को खाली करवाना शुरू करवा दिया गया। नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड, थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत, एएसआइ दिनेश वर्मा, भेरू सिंह देवड़ा,आरआइ सादिक खान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर आए मांडू में इतिहास और संस्कृति का हुआ अदभुत मिलन, 45 भगोरिया नर्तक दल पहुंचे मांडू. ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू में शनिवार को आदिवासी संस्कृति के पर्व भगोरिया का खूब रंग जमा। यहां जनजातीय समुदाय के साथ विदेशी सैलानियों ने मादल की थाप पर जमकर भगोरिया नृत्य किया और कुर्राटिया भी भरी। इस अद्भुत दृश्य को सैलानियों ने अपनी केमरे में कैद किया। हजारों की संख्या में लोग भगोरिया देखने पहुंचे। ऐतिहासिक जामी मस्जिद और अशर्फी महल के बीच यहां भगोरिया का आयोजन हुआ। इतिहास के आईने से सैलानियों ने संस्कृति को निहारा। हालांकि इस बार जिला प्रशासन द्वारा आदर्श भगोरिया पर्व का आयोजन न करने के कारण संस्कृति प्रेमी निराश दिखे बावजूद इसके उन्होंने उत्साह से पर्व को मनाया। लगभग 45 से ज्यादा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नर्तक दल मांडू के भगोरिया में शामिल हुए। पूरा माहौल मस्ती भरा हो गया। भगोरिया मैदान में जनजातीय समुदाय के लोगों ने अपनी परंपरा को निभाया। यहां मेले में होली के त्यौहार को लेकर भी जमकर खरीदारी हुई। दरअसल मांडू का भगोरिया पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है क्योंकि यहां विदेशी सेलानी भी शिरकत करते हैं और प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी यहां बड़ी संख्या में विदेशी सैलानियों ने मांडू के भगोरिया में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति को निहारा। विदेशी सैलानी दोपहर 12 बजे से ही भगोरिया मैदान पर आ गए थे। आदिवासी समुदाय के लोगों ने विदेशी मेहमानों के साथ फोटोग्राफी की और सेल्फी भी ली। मांडू में फ्रांस, इटली, बेल्जियम,अमेरिका,दक्षिण कोरिया के विदेशी पर्यटक मौजूद थे।इसके अलावा यहां महाराष्ट्र,राजस्थान और गुजरात से भी भगोरिया पर्व को देखने के लिए सैलानी आए हुए थे। लगभग 5 बजे तक जमकर उत्साह रहा इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से सभी भगोरिया पंडाल को खाली करवाना शुरू करवा दिया गया। नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड, थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत, एएसआइ दिनेश वर्मा, भेरू सिंह देवड़ा,आरआइ सादिक खान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर आए
- मांडू में इतिहास और संस्कृति का हुआ अदभुत मिलन, 45 भगोरिया नर्तक दल पहुंचे मांडू. ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू में शनिवार को आदिवासी संस्कृति के पर्व भगोरिया का खूब रंग जमा। यहां जनजातीय समुदाय के साथ विदेशी सैलानियों ने मादल की थाप पर जमकर भगोरिया नृत्य किया और कुर्राटिया भी भरी। इस अद्भुत दृश्य को सैलानियों ने अपनी केमरे में कैद किया। हजारों की संख्या में लोग भगोरिया देखने पहुंचे। ऐतिहासिक जामी मस्जिद और अशर्फी महल के बीच यहां भगोरिया का आयोजन हुआ। इतिहास के आईने से सैलानियों ने संस्कृति को निहारा। हालांकि इस बार जिला प्रशासन द्वारा आदर्श भगोरिया पर्व का आयोजन न करने के कारण संस्कृति प्रेमी निराश दिखे बावजूद इसके उन्होंने उत्साह से पर्व को मनाया। लगभग 45 से ज्यादा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नर्तक दल मांडू के भगोरिया में शामिल हुए। पूरा माहौल मस्ती भरा हो गया। भगोरिया मैदान में जनजातीय समुदाय के लोगों ने अपनी परंपरा को निभाया। यहां मेले में होली के त्यौहार को लेकर भी जमकर खरीदारी हुई। दरअसल मांडू का भगोरिया पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है क्योंकि यहां विदेशी सेलानी भी शिरकत करते हैं और प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी यहां बड़ी संख्या में विदेशी सैलानियों ने मांडू के भगोरिया में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति को निहारा। विदेशी सैलानी दोपहर 12 बजे से ही भगोरिया मैदान पर आ गए थे। आदिवासी समुदाय के लोगों ने विदेशी मेहमानों के साथ फोटोग्राफी की और सेल्फी भी ली। मांडू में फ्रांस, इटली, बेल्जियम,अमेरिका,दक्षिण कोरिया के विदेशी पर्यटक मौजूद थे।इसके अलावा यहां महाराष्ट्र,राजस्थान और गुजरात से भी भगोरिया पर्व को देखने के लिए सैलानी आए हुए थे। लगभग 5 बजे तक जमकर उत्साह रहा इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से सभी भगोरिया पंडाल को खाली करवाना शुरू करवा दिया गया। नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड, थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत, एएसआइ दिनेश वर्मा, भेरू सिंह देवड़ा,आरआइ सादिक खान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रिय नजर आए1
- रील बनाने के जुनून ने एक और युवक की जान ले ली। चलती ट्रेन में खतरनाक स्टंट करना उसे भारी पड़ गया। युवक ट्रेन के गेट के पायदान पर लटककर डांस कर रहा था, तभी अचानक पास खड़े बिजली के पोल से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक संतुलन खो बैठा और नीचे गिर पड़ा। घटना होते ही ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों ने तुरंत ट्रेन स्टाफ को सूचना दी। यह घटना एक बार फिर चलती ट्रेन में स्टंट और रील बनाने के खतरनाक ट्रेंड पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। कुछ सेकंड की शोहरत के लिए अपनी जान जोखिम में डालना कितना घातक साबित हो सकता है, इसका यह दर्दनाक उदाहरण है। रेलवे प्रशासन लगातार यात्रियों से अपील करता रहा है कि चलती ट्रेन में दरवाजे पर खड़े होकर सफर न करें और किसी भी तरह का स्टंट करने से बचें।1
- दुबई गए इंदौर के पूर्व विधायक संजय शुक्ला व अन्य लोग युद्ध के कारण एयरपोर्ट बंद होने पर वापसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह से अपील1
- बिना नम्बर हुटर वाली गाड़ी पर पार्षद का ए आई वाला दावा सवालो का उलझता पेंच1
- Post by Khushbu Shrivastava1
- रहमत और बरकत के पाक महीने रमजान में इंदौर से गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई। प्रिंस यशवंत रोड स्थित सर्वधर्म संघ कार्यालय में मस्जिदों के इमाम, तरावीह में पूरा कुरआन सुनाने वाले हाफिज़ों और अज़ान देने वाले मोअज्जिनों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में शहर काज़ी डॉ. इशरत अली, राष्ट्रीय संत अरूणानंद जी महाराज, स्वामी वर्धानंद महाराज सहित विभिन्न धर्मों के प्रमुखों की मौजूदगी रही। चंदन की माला, साफ़ा और धार्मिक प्रतीक चिन्ह भेंट कर दस्तारबंदी की गई। इस अवसर पर देश की खुशहाली, अमन और भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई। कार्यक्रम ने एक बार फिर संदेश दिया कि आपसी सद्भाव ही समाज की असली ताकत है।1
- इंदौर। रहमत व बरकत वाले पाक (पवित्र) ,महीने रमजान में सद्भाव व भाईचारे की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। सौहार्द की तस्वीरें सामने आ रही हैं वो दिल को सुकून देने वाली हैं। प्रिंस यशवंत रोड़ पर मस्जिदों के इमाम और हफीज़ो एवं लावारिस मैयत अंतिम संस्कार करने वाले हिंदू मुस्लिम नागरिकों का सम्मान चंदन की मोतियों की माला ओर साफ़ा पहना कर हिन्दू मुस्लिम धर्म प्रमुखों के हाथों धार्मिक प्रतीक चिन्ह देकर संपन्न हुआ प्रिंस यशवंत रोड़ स्थित सर्वधर्म संघ दफ्तर पर मुख्य अतिथि शहर क़ाज़ी डॉक्टर इशरत अली, राष्ट्रीय संत अरूणानंद जी महाराज नरसिंह टेकरी के स्वामी वर्धानंद महाराज, मोहम्मद यूनुस खान अध्यक्ष मंज़ूर बेग उपाध्यक्ष रियाज़ खान, सूफी करीम पठान माहिर वारसी बाबा रियाज खान की ख़ास मौजूदगी में मस्जिद के इमाम, रमज़ान माह में तरावीह की विशेष नमाज़ में बगैर देखे पूरा क़ुरआन सुनाने वाले हाफिजों और अज़ान देने वाले मोअज़्ज़िनों का सर्वधर्म संघ के तत्वावधान में नज़राना देकर दस्तारबंदी की गयी। इस मौके पर शहर काजी इशरत अली ने कहा रमज़ान का पवित्र महीना पूरी इंसानियत के पैग़ाम के साथ रहमत बनकर आया है। सर्वधर्म संघ के मंज़ूर बेग ने कहा मस्जिदों में प्रतिदिन पांच वक़्त नमाज़ पढ़ाने वाले पेश इमाम, हाफ़िज़ साहेबान महीने भर क़ुरआन सुनाने के साथ देश की खुशहाली के लिए दुआ करते हैं व समाज को सही राह दिखाने वाले धर्मगुरुओं के सम्मान से ही समाज का मान बढ़ता है। ऐसी शख्सियतों का सम्मान कर हमें खुशी मिलती है। इस अवसर पर मस्जिदो के इमाम में हाफ़िज़ मो नदीम रज़वी, हाफ़िज़ फ़ज़ल अहमद रज़वी हाफिज जमीर मोहम्मद अंजार आलम अब्दुल रहमान. वाहिद भाई मौलाना मोइनुद्दीन हसन हाफ़िज़ ज़मीर साहब, मासूम हाफिज साहब मोहम्मद सलमान हाफ़िज़ अब्दुल शकूर,मोहम्मद सरफराज, इमाम अंजार आलम मोहम्मद सूफीइदरीश बाबा मुख्तार मुफ्ती शमीम मो जाकिर आदि को तोहफे और नगद नज़राना पेश कर इस्तक़बाल किया गया। सर्वधर्म संघ के अध्यक्ष मंज़ूर बेग द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी मस्जिद के इमाम व ख़िदमतगारों को नज़राना दिया गया। इस मौके पर सर्वधर्म संघ के अध्यक्ष मंजूर बेग उपाध्यक्ष, रियाज़ खान, पत्रकार ज़ाकिर खान, अकबर क़ाज़ी, धर्मेंद्र पैमाल एजाज कुरैशी पत्रकार इरशाद शाहगोलू शेख, सरफराज खान, फेज़ान बैग, समीर बेग, हकीम बाबा, मुकेश बजाज जुनैद खान आदि ने शिरकत की। देश की खुशहाली,सलामती और अमन व भाईचारे के लिए ख़ास दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- होली से पहले एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। राजस्थान के झालावाड़ जिले के सारोला कला क्षेत्र में 9 साल के एक बच्चे की आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि बच्चा कोल्ड ड्रिंक भरी पिचकारी से खेल रहा था, तभी पेय पदार्थ उसकी आंख में चला गया। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे की आंख के कॉर्निया को गहरा नुकसान हुआ है और उसकी दृष्टि लगभग 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है। फिलहाल बच्चे का इलाज जारी है। विशेषज्ञों ने ऐसे खतरनाक और केमिकल युक्त उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही अभिभावकों से अपील की है कि वे होली जैसे त्योहार पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और उन्हें सुरक्षित तरीके से रंग खेलने की सलाह दें। होली खुशियों का त्योहार है, लेकिन जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।1