भाजपा मुख्यमंत्री के PWD नाले साफ होने और महापौर के MCD नालियां साफ होने के दावों के बावजूद, पूरी दिल्ली इस समय जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रही है। स्थिति यह है कि सड़कें तालाब बन चुकी हैं, लोग घंटों तक भयंकर जाम में फंसे हुए हैं, और बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, हर बारिश के साथ करंट लगने और अन्य हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में, मानसून से पहले ही महापौर और MCD आयुक्त को पत्र लिखकर चेतावनी दी गई थी और सदन में भी तैयारियों को पूरा करने की मांग उठाई गई थी। हालांकि, भाजपा सरकार द्वारा इस पर कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की गई। दिल्लीवासियों के समय, सुरक्षा और जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाली इस बदइंतजामी की पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार और भाजपा शासित MCD की है। दिल्ली में महज 5, 20 और 15 मिनट की बारिश ने भाजपा की 'चार इंजन सरकार' के सभी दावों की सच्चाई उजागर कर दी है।
भाजपा मुख्यमंत्री के PWD नाले साफ होने और महापौर के MCD नालियां साफ होने के दावों के बावजूद, पूरी दिल्ली इस समय जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रही है। स्थिति यह है कि सड़कें तालाब बन चुकी हैं, लोग घंटों तक भयंकर जाम में फंसे हुए हैं, और बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, हर बारिश के साथ करंट लगने और अन्य हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में, मानसून से पहले ही महापौर और MCD आयुक्त को पत्र लिखकर चेतावनी दी गई थी और सदन में भी तैयारियों को पूरा करने की मांग उठाई गई थी। हालांकि, भाजपा सरकार द्वारा इस पर कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की गई। दिल्लीवासियों के समय, सुरक्षा और जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाली इस बदइंतजामी की पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार और भाजपा शासित MCD की है। दिल्ली में महज 5, 20 और 15 मिनट की बारिश ने भाजपा की 'चार इंजन सरकार' के सभी दावों की सच्चाई उजागर कर दी है।
- इंडिया न्यूज़ 9लाइव इन्वेस्टिगेशन रिसर्च सेल द्वारा जारी एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की शवयात्रा को लेकर किए जा रहे सनसनीखेज दावों और "पूरा भारत हैरान, सऊदी में हड़कंप" जैसी क्लिकबैट हेडलाइंस के विपरीत, वास्तविक कूटनीतिक हकीकत कहीं अधिक जटिल है। जुलाई 2026 में चल रही अली खामेनेई की इस शवयात्रा में, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में एक हवाई हमले में हुई थी और युद्ध के चलते अंतिम संस्कार में देरी हुई, उनका ताबूत ईरान से इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें मश्हद में दफनाया जाएगा। "ताबूत पर बड़ा खेल" की सोशल मीडिया वाली बातें निराधार हैं, क्योंकि कूटनीतिक गलियारों में असली रहस्य ताबूत को लेकर नहीं, बल्कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतोलला मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर है। अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था, लेकिन अपने पिता और अपनी पत्नी के इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में भी वे कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मुजतबा खामेनेई फरवरी के उसी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पिछले 120 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसके कारण ईरान के भविष्य और सत्ता संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर अटकलों का बाजार गर्म है, जिसे ही सोशल मीडिया पर "बड़ा खेल" कहा जा रहा है। इसी तरह, सऊदी अरब में किसी प्रकार की अफ़रातफ़री नहीं है, लेकिन रियाद इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है। सऊदी अरब ने ईरान में अपने प्रतिनिधिमंडल को सम्मान प्रकट करने के लिए भेजा है, लेकिन उसकी मुख्य चिंता क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर है। सऊदी को आशंका है कि यदि नए ईरानी नेतृत्व, खासकर मुजतबा खामेनेई की सेहत बहुत खराब है या ईरान के भीतर कोई अंदरूनी सत्ता संघर्ष शुरू होता है, तो मिडिल ईस्ट में चल रही सीज़फायर वार्ताएं और शांति प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती हैं। इसके अलावा, ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच तनाव के कारण स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग हमेशा संवेदनशील रहता है, जो सऊदी अरब सहित पूरे विश्व के तेल बाजार को प्रभावित करता है। भारत इस मुद्दे पर हैरान नहीं, बल्कि अत्यंत सतर्क और गंभीर है। भारत की कूटनीति किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल न देने की रही है, लेकिन ईरान में स्थिरता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारी निवेश किया है, जो मध्य एशिया और रूस तक उसके व्यापार का मुख्य जरिया है, और ईरान में कोई भी बड़ा राजनीतिक वैक्यूम इस परियोजना को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति का पक्षधर रहा है ताकि तेल की कीमतें स्थिर रहें और वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। भारत का विदेश मंत्रालय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि खामेनेई के बाद ईरान का नया प्रशासन भारत के साथ संबंधों को किस दिशा में ले जाता है। निष्कर्षतः, सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे वीडियो और थंबनेल ईरान में उमड़ी लाखों की भीड़ और कड़े सुरक्षा घेरे में चल रही शवयात्रा के हैं। "ताबूत का खेल" कोई अलौकिक या जादुई घटना नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के शीर्ष पर चल रहा एक बेहद जटिल कूटनीतिक और राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका असर भारत, सऊदी अरब और पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। यह रिपोर्ट वैश्विक समाचार एजेंसियों और आधिकारिक कूटनीतिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है।1
- नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है, जिसके तहत इस प्रकरण से जुड़े दो अपराधियों की न्यायिक हिरासत को 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। मामले की गहन जांच लगातार जारी है।1
- दिल्ली में कथित ₹650 करोड़ के घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ये विरोध प्रदर्शन राजधानी के विभिन्न स्थानों पर जारी हैं, जहाँ पार्टी इस मामले पर अपनी आपत्ति दर्ज करा रही है।1
- हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की पुण्यतिथि हर साल 8 जुलाई को मनाई जाती है। उनका निधन 8 जुलाई 2021 को हुआ था। स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह का जीवन और राजनीतिक सफर सफलतापूर्वक रहा है।1
- भारतीय जन क्रान्ति सेना (BJKS) ने देशवासियों से आह्वान किया है कि वे भ्रष्ट तंत्र, पार्टियों और अधिकारियों से मुक्ति का संकल्प लें। संगठन ने लोगों से कहा है कि वे भारतीय जन क्रान्ति सेना के नेतृत्व को चुनें और 'देश और धर्म बचाएं' अभियान में भागीदार बनें। इस राष्ट्रव्यापी पहल से जुड़ने के इच्छुक व्यक्ति BJKS के साथ सदस्य बन सकते हैं। इसके लिए 'BJKS Join' लिखकर 9335966755 नंबर पर वॉट्सऐप करने के लिए कहा गया है।1
- भाजपा मुख्यमंत्री के PWD नाले साफ होने और महापौर के MCD नालियां साफ होने के दावों के बावजूद, पूरी दिल्ली इस समय जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रही है। स्थिति यह है कि सड़कें तालाब बन चुकी हैं, लोग घंटों तक भयंकर जाम में फंसे हुए हैं, और बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, हर बारिश के साथ करंट लगने और अन्य हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में, मानसून से पहले ही महापौर और MCD आयुक्त को पत्र लिखकर चेतावनी दी गई थी और सदन में भी तैयारियों को पूरा करने की मांग उठाई गई थी। हालांकि, भाजपा सरकार द्वारा इस पर कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की गई। दिल्लीवासियों के समय, सुरक्षा और जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाली इस बदइंतजामी की पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार और भाजपा शासित MCD की है। दिल्ली में महज 5, 20 और 15 मिनट की बारिश ने भाजपा की 'चार इंजन सरकार' के सभी दावों की सच्चाई उजागर कर दी है।1
- आज शाम करीब 4:28 बजे रोहिणी के सेक्टर-16 स्थित जी ब्लॉक, संपत्ति संख्या G-4/152-153 में एक निर्माणाधीन भवन ढहने की पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। इस घटना में, मलबे से निकाले गए राम किशोर (42 वर्ष) को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, एक पीओपी कार्यकर्ता रवि (35 वर्ष) को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। उक्त संपत्ति श्रीमती मंजू (पत्नी श्री राम दुआ) और श्रीमती ऋतिका (पत्नी श्री विनोद) के स्वामित्व में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भवन स्वामी श्री राम दुआ के भी मलबे में दबे होने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, 4-5 अन्य मजदूरों के भी मलबे में फँसे होने की संभावना है। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची, जिसने क्षेत्र को सुरक्षित किया, बचाव वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की, एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को खाली कराया और बचाव कार्य के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त कानून-व्यवस्था स्थापित की। दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, एनडीआरएफ, एमसीडी, टाटा पावर और एम्बुलेंस सेवाओं के समन्वित प्रयासों से युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। बचाव अभियान में तेज़ी लाने के लिए, दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर निजी जेसीबी मशीनें और दो हाइड्रा क्रेन भी मौके पर बुलाकर भारी कंक्रीट स्लैब हटाने के कार्य में लगाई गई हैं। बचाव दल ने मलबे में फँसे एक व्यक्ति से संपर्क स्थापित करने में सफलता प्राप्त की और उसे पीने का पानी उपलब्ध कराया। साथ ही, निकटवर्ती अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर उस व्यक्ति तक ऑक्सीजन भी पहुँचाई गई। रात्रि के समय बचाव कार्य निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए मौके पर जनरेटर और प्रकाश व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। स्थानीय पुलिस और रिजर्व स्टाफ सभी विशेषज्ञ बचाव एजेंसियों की लगातार सहायता कर रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है, और भवन गिरने के कारणों की जाँच की जा रही है।3