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*इटावा में तेज रफ्तार ट्रक ने सवारियों से भरे टेंपो में मारी टक्कर, चालक समेत कई घायल* इटावा-फर्रुखाबाद मार्ग पर बसरेहर बाईपास के पास तेज रफ्तार ट्रक ने सवारियों से भरे टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में टेंपो चालक समेत कई सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घायलों की सही संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.7417197064
रजत यादव
*इटावा में तेज रफ्तार ट्रक ने सवारियों से भरे टेंपो में मारी टक्कर, चालक समेत कई घायल* इटावा-फर्रुखाबाद मार्ग पर बसरेहर बाईपास के पास तेज रफ्तार ट्रक ने सवारियों से भरे टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में टेंपो चालक समेत कई सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घायलों की सही संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.7417197064
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- *इटावा में तेज रफ्तार ट्रक ने सवारियों से भरे टेंपो में मारी टक्कर, चालक समेत कई घायल* इटावा-फर्रुखाबाद मार्ग पर बसरेहर बाईपास के पास तेज रफ्तार ट्रक ने सवारियों से भरे टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में टेंपो चालक समेत कई सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घायलों की सही संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.74171970642
- : *इटावा -उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश रजि के प्रांतीय अध्यक्ष श्री लोकेश अग्रवाल जी के आव्हान पर आज जिला मुख्यालय पर बैंकों के द्वारा व्यापारियों के किया जा रहे उत्पीड़न एवं केंद्र सरकार द्वारा बैंकों में जमा पूंजी पर नए-नए टैक्स लगाने के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट श्री राजेन्द्र बहादुर जी के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन पत्र सोपा गया ज्ञापन में मांग की गई कि नगद लेन देन की सीमा आयकर कानून के हिसाब से ₹20000/ निर्धारित की गई है अधिकांश व्यापारिक लेनदेन के कार्य बैंक द्वारा किए जाते बैंकों का अवकाश होने के कारण व्यापारिक लेनदेन के कार्य टालने पड़ते हैं जिससे व्यापारी के साथ-साथ सरकार को भी राजस्थान नुकसान होता है इसलिए सभी सरकारी बैंकों को सातों दिन खोला जाय बैंकों द्वारा बचत खाते पर मामूली ब्याज दिया जाता है तथा चालू खाते पर कोई ब्याज नहीं दिया जाता है इसलिए मिनिमम बैलेंस पेनेल्टी को समाप्त किया जाये चेक डिसऑनर होने की दशा में भुगतान प्राप्त करने वाले व्यापारी/उद्यमी का कोई दोष नहीं होता है परंतु बैंकों द्वारा चेक जारी करने व भुगतान प्राप्त करने वाले दोनों व्यापारियों/उद्यमी पर चेक डिसऑनर चार्ज लगाया जाता है चेक डिसऑनर चार्ज चेक वापस होने की दशा में सिर्फ चेक जारी करने वाले के विरुद्ध लगाया जाऐ बैंकों द्वारा नगद रुपए जमा करने व निकलने पर कैश हैंडलिंग चार्ज लगाया जा रहा है जबकि चालू खाते में व्यापारी /उद्यमी को कोई ब्याज नहीं दिया जाता है तथा लिमिट अकाउंट में व्यापारी /उद्यमी बैंक से प्राप्त कर्ज पर बैंक को ब्याज क्या भुगतान करता है बैंक व इनकम टैक्स के नियम के अनुसार लिमिट अकाउंट का सभी लेनदेन लिमिट अकाउंट से होना चाहिए तथा प्राप्त बिक्री का पैसा भी प्रतिदिन बैंक में जमा करना चाहिए भुगतान की आवश्यकता पर पैसा बैंक से मंगाया जाता है बैंको द्वारा कैश हैंडलिंग चार्ज लगाया जाना बिल्कुल अनुचित है इसे समाप्त किया जाये व्यापारी /उद्यमी द्वारा लोन /लिमिट प्राप्त करते समय बैंक को प्रॉपर्टी के कागज लीगल व वैल्यूएशन करा कर तथा बैंक के नियम अनुसार सभी कार्रवाई पूर्ण की जाती है परंतु उसके बाद भी हर साल रिनवाल व प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन के नाम पर भारी खर्च व्यापारी/उद्यमी से वसूला जाता है जबकि लोन/ लिमिट अकाउंट पूरी तरीके से रेगुलर चल रहे होते हैं अतः आपसेअनुरोध है कि रेगुलर चल रहे लोन /लिमिट अकाउंट से रिनवाल व रिवैल्युएशन के नाम से की जा रही वसूली पर तुरंत रोका जाए बैंकों द्वारा 3 माह के ब्याज ना जमा होने व अन्य कई टेक्निकल कारणो से व्यापारी /उद्यमी के लोन / लिमिट अकाउंट को एनपीए घोषित कर दिया जाता है जिस व्यापारी /उद्यमी का लेनदेन बंद होने के कारण चलता हुआ अच्छा खासा व्यापार नष्ट हो जाता है अतः आपसे अनुरोध है कि लोन / लिमिट अकाउंट को एनपीए करने का समय 3 माह से बढ़कर 6 माह किया जाए तथा टेक्निकल कारणो में व्यापारी को सुधार का अवसर प्रदान किया जाए जिससे व्यापारी/उद्यमी का व्यापार सही प्रकार से चल पाएगा वह बैंकों को भी अनावश्यक मुकदमे बाजी से मुक्ति मिलेगी बैंकों द्वारा लगातार खातेदार को को केवाईसी के नाम पर बैंक में बुलाकर परेशान किया जाता है केवाईसी की सीमा बढ़कर 10 वर्ष किए जाने के आदेश जारी किए जाये बैंकों द्वारा विभिन्न प्रकार के अकाउंट मेंटेन चार्ज लगाए जा रहे हैं व्यापारी हित में सभी प्रकार के अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज समाप्त किए जायें इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष अशोक जाटव, हाजी हन्नान मंसूरी, मनोज कठेरिया,शहर अध्यक्ष सोनू अग्रवाल, लाइन पार शहर अध्यक्ष सुनील कुमार कुशवाहा, युवा जिलाध्यक्ष रियाज अहमद,उघोग मंच के जिला अध्यक्ष राहुल दीक्षित, जिला सचिव आफताब खान, युवा शहर अध्यक्ष इबादुरहमान, शहर उपाध्यक्ष बृजेश राठौर, उघोग मंच के उपाध्यक्ष ताहा शालीमार , युवा जिला उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव, शेख नबाब मीडिया प्रभारी इश्तायक कुरैशी, शहर उपाध्यक्ष हफीज खान,प्रमित दीक्षित सहित दर्जनों व्यापारी नेता मौजूद रहे : *इटावा -उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश रजि के प्रांतीय अध्यक्ष श्री लोकेश अग्रवाल जी के आव्हान पर आज जिला मुख्यालय पर बैंकों के द्वारा व्यापारियों के किया जा रहे उत्पीड़न एवं केंद्र सरकार द्वारा बैंकों में जमा पूंजी पर नए-नए टैक्स लगाने के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट श्री राजेन्द्र बहादुर जी के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन पत्र सोपा गया ज्ञापन में मांग की गई कि नगद लेन देन की सीमा आयकर कानून के हिसाब से ₹20000/ निर्धारित की गई है अधिकांश व्यापारिक लेनदेन के कार्य बैंक द्वारा किए जाते बैंकों का अवकाश होने के कारण व्यापारिक लेनदेन के कार्य टालने पड़ते हैं जिससे व्यापारी के साथ-साथ सरकार को भी राजस्थान नुकसान होता है इसलिए सभी सरकारी बैंकों को सातों दिन खोला जाय बैंकों द्वारा बचत खाते पर मामूली ब्याज दिया जाता है तथा चालू खाते पर कोई ब्याज नहीं दिया जाता है इसलिए मिनिमम बैलेंस पेनेल्टी को समाप्त किया जाये चेक डिसऑनर होने की दशा में भुगतान प्राप्त करने वाले व्यापारी/उद्यमी का कोई दोष नहीं होता है परंतु बैंकों द्वारा चेक जारी करने व भुगतान प्राप्त करने वाले दोनों व्यापारियों/उद्यमी पर चेक डिसऑनर चार्ज लगाया जाता है चेक डिसऑनर चार्ज चेक वापस होने की दशा में सिर्फ चेक जारी करने वाले के विरुद्ध लगाया जाऐ बैंकों द्वारा नगद रुपए जमा करने व निकलने पर कैश हैंडलिंग चार्ज लगाया जा रहा है जबकि चालू खाते में व्यापारी /उद्यमी को कोई ब्याज नहीं दिया जाता है तथा लिमिट अकाउंट में व्यापारी /उद्यमी बैंक से प्राप्त कर्ज पर बैंक को ब्याज क्या भुगतान करता है बैंक व इनकम टैक्स के नियम के अनुसार लिमिट अकाउंट का सभी लेनदेन लिमिट अकाउंट से होना चाहिए तथा प्राप्त बिक्री का पैसा भी प्रतिदिन बैंक में जमा करना चाहिए भुगतान की आवश्यकता पर पैसा बैंक से मंगाया जाता है बैंको द्वारा कैश हैंडलिंग चार्ज लगाया जाना बिल्कुल अनुचित है इसे समाप्त किया जाये व्यापारी /उद्यमी द्वारा लोन /लिमिट प्राप्त करते समय बैंक को प्रॉपर्टी के कागज लीगल व वैल्यूएशन करा कर तथा बैंक के नियम अनुसार सभी कार्रवाई पूर्ण की जाती है परंतु उसके बाद भी हर साल रिनवाल व प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन के नाम पर भारी खर्च व्यापारी/उद्यमी से वसूला जाता है जबकि लोन/ लिमिट अकाउंट पूरी तरीके से रेगुलर चल रहे होते हैं अतः आपसेअनुरोध है कि रेगुलर चल रहे लोन /लिमिट अकाउंट से रिनवाल व रिवैल्युएशन के नाम से की जा रही वसूली पर तुरंत रोका जाए बैंकों द्वारा 3 माह के ब्याज ना जमा होने व अन्य कई टेक्निकल कारणो से व्यापारी /उद्यमी के लोन / लिमिट अकाउंट को एनपीए घोषित कर दिया जाता है जिस व्यापारी /उद्यमी का लेनदेन बंद होने के कारण चलता हुआ अच्छा खासा व्यापार नष्ट हो जाता है अतः आपसे अनुरोध है कि लोन / लिमिट अकाउंट को एनपीए करने का समय 3 माह से बढ़कर 6 माह किया जाए तथा टेक्निकल कारणो में व्यापारी को सुधार का अवसर प्रदान किया जाए जिससे व्यापारी/उद्यमी का व्यापार सही प्रकार से चल पाएगा वह बैंकों को भी अनावश्यक मुकदमे बाजी से मुक्ति मिलेगी बैंकों द्वारा लगातार खातेदार को को केवाईसी के नाम पर बैंक में बुलाकर परेशान किया जाता है केवाईसी की सीमा बढ़कर 10 वर्ष किए जाने के आदेश जारी किए जाये बैंकों द्वारा विभिन्न प्रकार के अकाउंट मेंटेन चार्ज लगाए जा रहे हैं व्यापारी हित में सभी प्रकार के अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज समाप्त किए जायें इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष अशोक जाटव, हाजी हन्नान मंसूरी, मनोज कठेरिया,शहर अध्यक्ष सोनू अग्रवाल, लाइन पार शहर अध्यक्ष सुनील कुमार कुशवाहा, युवा जिलाध्यक्ष रियाज अहमद,उघोग मंच के जिला अध्यक्ष राहुल दीक्षित, जिला सचिव आफताब खान, युवा शहर अध्यक्ष इबादुरहमान, शहर उपाध्यक्ष बृजेश राठौर, उघोग मंच के उपाध्यक्ष ताहा शालीमार , युवा जिला उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव, शेख नबाब मीडिया प्रभारी इश्तायक कुरैशी, शहर उपाध्यक्ष हफीज खान,प्रमित दीक्षित सहित दर्जनों व्यापारी नेता मौजूद रहे1
- 17 अक्टूबर 2026 से चार बच्चों की मां लापता परिजनों ने पुलिस से लगाई गुहार1
- भगिनी निवेदिता जी की पुण्यतिथि पर सादर नमन एवं श्रद्धांजलि भारतीय संस्कृति, शिक्षा और समाजसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाली महान समाजसेविका भगिनी निवेदिता जी को पुण्यतिथि पर शत-शत नमन। भगिनी निवेदिता जी का मूल नाम मार्गरेट एलिजाबेथ नोबल था। उनका जन्म 28 अक्टूबर 1867 को आयरलैंड में हुआ था। स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने भारत की सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। स्वामी विवेकानंद जी ने उन्हें ‘निवेदिता’ नाम दिया, जिसका अर्थ है—समर्पित। भगिनी निवेदिता जी ने भारतीय समाज में शिक्षा के प्रसार, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रभावना के प्रति गहरी निष्ठा दिखाई। उनका संपूर्ण जीवन त्याग, सेवा, समर्पण और मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण है। उनका निधन 13 अक्टूबर 1911 को दार्जिलिंग में हुआ था। उनके विचार और आदर्श आज भी समाज को शिक्षा, सेवा, समानता और राष्ट्रहित के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि एवं कोटि-कोटि नमन।1
- संत विवेकानंद स्कूल इटावा के लिए निष्पक्ष जांच की मांग । 🚨 आखिर विद्यार्थियों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा? — संत विवेकानंद स्कूल, इटावा संत विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, इटावा की स्थिति को लेकर मैंने संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रखी है और निष्पक्ष जाँच की माँग की है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विद्यालय के प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी के साथ इटावा, औरैया, कन्नौज और फर्रुखाबाद — चार जिलों के CBSE City Coordinator की भूमिका भी जुड़ी हुई है, तो अपने ही विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों की जाँच और समाधान कौन सुनिश्चित करेगा? विद्यालय में खेलकूद की सुविधाएँ, शौचालयों की स्थिति, पेयजल की गुणवत्ता और शिक्षण व्यवस्था जैसे विषयों पर सवाल उठ रहे हैं। बार-बार परीक्षाएँ होने और समय पर पाठ्यक्रम पूरा न होने की शिकायतें भी हैं। यदि ये समस्याएँ जाँच में सही पाई जाती हैं, तो यह विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। क्या गरीब परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और बुनियादी सुविधाएँ पाने का अधिकार नहीं है? कई अभिभावक अपनी आर्थिक स्थिति से संघर्ष करते हुए बच्चों की फीस जमा करते हैं। वे उम्मीद करते हैं कि उनके बच्चों को फीस के अनुरूप अच्छी शिक्षा, स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित पेयजल और आवश्यक सुविधाएँ मिलेंगी। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि विद्यार्थियों को अपेक्षित सुविधाएँ नहीं मिल रही हैं, तो उनकी जवाबदेही किसकी है? विद्यालय चाहे किसी बड़े व्यक्ति का हो या किसी सामान्य व्यक्ति का — नियम और विद्यार्थियों के हित सभी के लिए समान होने चाहिए। चाहे विवेक यादव जी हों या कोई अन्य व्यक्ति, किसी का भी प्रभाव विद्यार्थियों के अधिकारों और शिक्षा की गुणवत्ता से ऊपर नहीं होना चाहिए। मैं किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध व्यक्तिगत लड़ाई नहीं लड़ रहा हूँ। मैं वर्ष 2025 में इसी विद्यालय से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण पूर्व छात्र हूँ और चाहता हूँ कि वर्तमान विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएँ मिलें। इसी उद्देश्य से मैंने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), इटावा से संपर्क किया और जिलाधिकारी महोदय के समक्ष भी अपनी बात रखी है। मेरी माँग स्पष्ट है: ✅ विद्यालय की निष्पक्ष जाँच हो। ✅ पेयजल की गुणवत्ता की जाँच अधिकारियों की उपस्थिति में हो। ✅ शौचालयों, खेल सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था का सत्यापन हो। ✅ परीक्षाओं एवं पाठ्यक्रम पूरा कराने की व्यवस्था की समीक्षा हो। ✅ कमियाँ मिलने पर नियमानुसार सुधारात्मक कार्रवाई हो। आखिर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने की नौबत क्यों आए? शिक्षा कोई एहसान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य की नींव है। गरीब परिवारों के बच्चों की मेहनत, उनके माता-पिता की कमाई और उनके सपनों का सम्मान होना चाहिए। मैं संबंधित अधिकारियों से अनुरोध करता हूँ कि इस मामले को गंभीरता से लें और निष्पक्ष जाँच कराकर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाएँ। यह लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा, जवाबदेही और विद्यार्थियों के अधिकारों के लिए है। ✍️ अविरल प्रताप सिंह परमार पूर्व छात्र — संत विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, इटावा इंटरमीडिएट उत्तीर्ण: 20251
- आरोपियों की गिरफ्तारी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग इटावा: आरोपियों की गिरफ्तारी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिया प्रार्थना पत्र इटावा। जनपद इटावा में एक महिला ने कुछ लोगों पर जानलेवा हमला करने, अवैध वसूली करने, धमकी देने तथा असलहे रखने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता ने बेला रानी उर्फ समीर किन्नर, करन जाटव, राहुल सोनी और राघव चौहान सहित अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, पिछले दो वर्षों से उसके और उसके साथियों के ऊपर हमले किए जा रहे हैं। आरोप है कि विरोध करने पर जानलेवा हमला किया जाता है तथा अवैध रूप से रुपयों की मांग की जाती है। प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि 5 अप्रैल 2026 को कथित जानलेवा हमले के संबंध में थाना कोतवाली में एफआईआर संख्या 204/2026 दर्ज कराई गई थी। इसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज होने का उल्लेख है। इसके बाद 29 मई 2026 को एक अन्य कथित हमले के संबंध में थाना बकेवर में एफआईआर संख्या 53/2026 दर्ज कराए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन मामलों में विवेचना अभी प्रचलित है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि मुकदमों में समझौता न करने पर उसे और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से धमकियां दी गईं। प्रार्थना पत्र के मुताबिक, कुछ दिन पूर्व मुख्य आरोपी बेला रानी अपने साथियों के साथ थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई और शिकायतकर्ता को आत्महत्या करने की धमकी देने का आरोप लगाया गया। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 15 अक्टूबर 2026 को राघव चौहान ने स्वयं को गोली मारकर उसके विरुद्ध थाना फ्रेंड्स कॉलोनी में एफआईआर संख्या 271/2026 दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस मामले में भी विवेचना जारी है। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग अवैध वसूली में संलिप्त हैं तथा उनके पास अवैध असलहे और हथियार हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने, गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। अब देखना होगा कि शिकायत पर पुलिस प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। रिपोर्ट: शिवा ठाकुर, संवाददाता viralvibenews31 — सच्चाई के साथ हर खबर पर नजर1
- थाना इकदिल क्षेत्र के अंतर्गत धन्वंतरी हॉस्पिटल में मासूम की डॉक्टर की लापरवाही से मौत इटावा के धन्वन्तरि हॉस्पीटल में इन्फेक्टेड ब्लड चढ़ाने से डेढ़ साल के मासूम की मौत,लगे गंभीर आरोप गौतम सिंह इटावा के पक्के बाग़ स्थित धन्वंतरी हॉस्पीटल के डॉ.नवीन मिश्रा व हॉस्पीटल स्टाफ पर मृतक मासूम के परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप डेढ़ साल के मासूम रुद्रांश को बुखार व जुखाम की शिकायत थी जिसके चलते परिजन उसे उपचार हेतु डॉ.नवीन मिश्रा के निजी अस्पताल धनवंत्री हॉस्पीटल लेकर पहुंचे थे बच्चे में ब्लड कम था तो डॉक्टर ने शहर के पक्के बाग़ से 5 हजार रूपये ने ब्लड मंगवाया,डॉक्टर की रेकमेंडेशन पर परिजन पक्के बाग़ से डॉक्टर के बताये स्थान से ब्लड लेकर आये थे बताया यह जा रहा हैं कि ब्लड इन्फेक्टेड था और ब्लड चढ़ते ही मासूम का शरीर नीला पड़ता गया व बच्चा इंठ गया परिजनों ने मासूम की हालत को बिगड़ता देख कई बार स्टॉफ व डॉक्टर को बुलाया लेकिन न कोई आया न किसी ने ब्लड की बोतल को हटाया मेडिकल स्टॉफ -डॉक्टर की लापरवाही व इन्फेक्टेड ब्लड बढ़ने से मासूम की मौत हो गयी डेढ़ साल के मासूम रुद्रांश की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची लेकिन स्वास्थ विभाग का कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं आया डॉ.नवीन मिश्रा इटावा के जिला अस्पताल में संविदा पर भी कार्यरत हैं और उसके अतिरिक्त यह खुद का निजी अस्पताल संचालित करते हैं मासूम की हालत नाजुक थी व ब्लड कम था उसके बाद भी डॉ.नवीन मिश्रा ने न बच्चे को SNCU में भर्ती किया और न मासूम को हायर सेंटर के लिए रेफर किया बल्कि बच्चे की मौत होने तक खुद ही दाव पेच आजमाते रहे मृतक मासूम के परिजनों ने धन्वंतरि हॉस्पीटल के स्टॉफ व डॉ.नवीन मिश्रा पर लापरवाही से बच्चे की मौत होने के आरोप लगाए हैं मासूम के परिजनों ने इन्फेक्टेड ब्लड का भी आरोप लगाया जबकि डॉ.नवीन मिश्रा ने इसे सडन डेड्थ बताया और कहा बच्चे में ब्लड कम था इसलिए बच्चा कोलैप्स कर गया मृतक मासूम की माँ अंशु व परिजनो ने से ख़ास बातचीत की,,क्या कुछ कह रहे हैं परिजन,आप भी सुनिए ----- माशूम की मां की वाईट4
- धनवंतरी हॉस्पिटल में डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत, लापरवाही का आरोप इटावा के इकदिल थाना क्षेत्र के पक्का बाग स्थित धनवंतरी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान डेढ़ वर्षीय मासूम रुद्रांश की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक, रात में रुद्रांश की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्होंने अस्पताल के स्टाफ को बुलाकर बच्चे को देखने की गुहार लगाई, लेकिन आरोप है कि समय पर उसकी देखभाल नहीं की गई। ब्लड चढ़ाने के बाद बिगड़ी हालत परिजनों ने आरोप लगाया कि रात करीब 12 बजे रुद्रांश को ब्लड चढ़ाया गया था। इसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि समय रहते डॉक्टरों ने ध्यान दिया होता तो बच्चे की जान बच सकती थी। मासूम की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शुरू की जांच हंगामे की सूचना पर इकदिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों की तहरीर और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1