राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में ऐंचेर से अभयपुर तक लगभग 5.5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क पर आरसी (रोड कटिंग/बेस कार्य) करने के बाद काम को बीच में ही रोक दिया, जिससे सड़क की हालत पहले से भी बदतर हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण शुरू होने से बेहतर आवागमन की उम्मीद जगी थी, लेकिन कई महीनों से काम बंद पड़ा है। इससे लोगों को धूल, गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे स्कूली छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों को विशेष कठिनाई हो रही है। बरसात के मौसम में सड़क पर पानी भरने और कीचड़ व गहरे गड्ढों के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं। किसानों को भी अपनी कृषि उपज मंडियों तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क ऐंचेर, अभयपुर और आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है, और इसके अधूरा होने से समय की बर्बादी के साथ-साथ वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सड़क के अधूरे कार्य को लेकर कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का कार्य शीघ्र पूरा नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की समीक्षा की जाए और जल्द से जल्द अधूरा कार्य पूरा कराया जाए। साथ ही, निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में ऐंचेर से अभयपुर तक लगभग 5.5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क पर आरसी (रोड कटिंग/बेस कार्य) करने के बाद काम को बीच में ही रोक दिया, जिससे सड़क की हालत पहले से भी बदतर हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण शुरू होने से बेहतर आवागमन की उम्मीद
जगी थी, लेकिन कई महीनों से काम बंद पड़ा है। इससे लोगों को धूल, गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे स्कूली छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों को विशेष कठिनाई हो रही है। बरसात के मौसम में सड़क पर पानी भरने और कीचड़ व गहरे गड्ढों के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं। किसानों को भी अपनी कृषि उपज मंडियों तक
ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क ऐंचेर, अभयपुर और आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है, और इसके अधूरा होने से समय की बर्बादी के साथ-साथ वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सड़क के अधूरे कार्य को लेकर कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने
चेतावनी दी है कि यदि सड़क का कार्य शीघ्र पूरा नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की समीक्षा की जाए और जल्द से जल्द अधूरा कार्य पूरा कराया जाए। साथ ही, निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
- राजस्थान प्रदेश के झुंझुनू जिले में नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक डॉ. श्री राजकुमार शर्मा साहब हैं।1
- राजस्थान में पशुपालन और डेयरी विकास ग्रामीण संस्कृति तथा समृद्धि का एक सशक्त आधार बन रहा है। राज्य सरकार ने इस दिशा में पशुपालकों के कल्याण और डेयरी विकास के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता व्यक्त की है, जिसके लिए वह लगातार कार्य कर रही है।1
- लाखेरी स्थित पापड़ी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर लंबे समय से खराब पड़ी सड़क के डामरीकरण का काम शुरू हो गया है। इस सड़क पर बने गहरे गड्ढों और उखड़ी हुई सतह के कारण वाहन चालकों तथा राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब यह डामरीकरण कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।1
- राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 9500 से अधिक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 'सीएचओ फेडरेशन ऑफ भारत, राजस्थान विंग' के बैनर तले प्रदेश भर के सीएचओ ने आज से 17 दिवसीय चरणबद्ध आंदोलन का आगाज किया है। आंदोलन के पहले चरण के तहत सीएचओ 'काली पट्टी अभियान' चला रहे हैं, जो 8 जून से 10 जून तक जारी रहेगा। इस दौरान, प्रदेश भर के 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' में कार्यरत सीएचओ काली पट्टी बांधकर अपना काम कर रहे हैं, ताकि मरीजों की चिकित्सा सुविधाओं में कोई बाधा न आए और विरोध पूरी तरह से लोकतांत्रिक बना रहे। फेडरेशन ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें 2 वर्ष की सेवा शिथिलता का जल्द से जल्द गजट नोटिफिकेशन जारी करना, 4800 ग्रेड पे लागू करना और समयबद्ध तरीके से नियमितीकरण की प्रक्रिया को पूरा करना शामिल है। उनियारा में संगठन के प्रतिनिधियों संगीता शर्मा और मनराज गुर्जर ने बताया कि उपखंड के सभी सीएचओ काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आगामी 17 दिनों के भीतर उनकी वाजिब मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्य भर के सीएचओ आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगे। उनियारा उपखण्ड के खेल्नीया, दिकोलिया, मोहमदपुरा, रूपवास और डाबला, गोठड़ा सहित राज्य के विभिन्न सीएचओ सेंटरों पर भी आज काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया।1
- उनियारा तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से अपोलो टेलीमेडिसिन नेटवर्किंग फाउंडेशन (ATNF) द्वारा संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) परियोजना का शुभारंभ सोमवार को किया गया। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने फीता काटकर और हरी झंडी दिखाकर इस जनकल्याणकारी परियोजना को रवाना किया, जिसे कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत संचालित किया जा रहा है। यह इकाई उनियारा तहसील के चयनित ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी। इस मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ग्रामीणों को सामान्य ओपीडी सेवाएं, आवश्यक डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी जांच, चिकित्सकीय परामर्श, निःशुल्क दवा वितरण के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। परियोजना के संचालन के लिए एमबीबीएस चिकित्सक, एएनएम/जीएनएम और लैब तकनीशियन सहित प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम नियुक्त की गई है। इसके अतिरिक्त, आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। संस्था के कार्यक्रम विकास प्रमुख सुशांत उपाध्याय ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिससे लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने मुख्य प्रबंधक से बातचीत करते हुए शीघ्र ही कैपिटल का दौरा करने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान कल्पतरु के मुख्य प्रबंधक आनंद चोपड़ा, हितेश गोयल, मनीष शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।4
- श्योपुर जिले के जीवन ज्योति प्राइवेट हॉस्पिटल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग मरीज का कमर के नीचे टूटी हड्डी का ऑपरेशन होना था, लेकिन इलाज के दौरान ऐसी लापरवाही बरती गई कि मरीज का घुटने से लेकर पूरा पैर तक खराब हो गया। अब मरीज की हालत इतनी गंभीर हो चुकी है कि परिवार को मजबूरन उसे कोटा रेफर करना पड़ा। डॉक्टर की इस कथित लापरवाही के कारण गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।1
- रणथंभौर नेशनल पार्क के जोन नंबर चार में सोमवार सुबह एक केंटर के ब्रेक फेल हो जाने से वह अनियंत्रित हो गया। इस दुर्घटना में केंटर में सवार टूरिस्टों के सिर और हाथों में चोटें आईं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल टूरिस्टों को एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। यह हादसा ड्राइवर की लापरवाही के कारण हुआ बताया जा रहा है। पर्यटन विभाग के संजीव शर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर तुरंत दूसरा केंटर भिजवाकर टूरिस्टों को अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने पुष्टि की कि केंटर और चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।1
- जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम1
- जयपुर में 22 जून तक धारा 163 लागू कर दी गई है। इस आदेश के तहत, शहर में रैली-प्रदर्शन करने और पाँच से अधिक लोगों के एक साथ एकत्र होने पर पूर्णतः रोक रहेगी।1