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राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 9500 से अधिक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 'सीएचओ फेडरेशन ऑफ भारत, राजस्थान विंग' के बैनर तले प्रदेश भर के सीएचओ ने आज से 17 दिवसीय चरणबद्ध आंदोलन का आगाज किया है। आंदोलन के पहले चरण के तहत सीएचओ 'काली पट्टी अभियान' चला रहे हैं, जो 8 जून से 10 जून तक जारी रहेगा। इस दौरान, प्रदेश भर के 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' में कार्यरत सीएचओ काली पट्टी बांधकर अपना काम कर रहे हैं, ताकि मरीजों की चिकित्सा सुविधाओं में कोई बाधा न आए और विरोध पूरी तरह से लोकतांत्रिक बना रहे। फेडरेशन ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें 2 वर्ष की सेवा शिथिलता का जल्द से जल्द गजट नोटिफिकेशन जारी करना, 4800 ग्रेड पे लागू करना और समयबद्ध तरीके से नियमितीकरण की प्रक्रिया को पूरा करना शामिल है। उनियारा में संगठन के प्रतिनिधियों संगीता शर्मा और मनराज गुर्जर ने बताया कि उपखंड के सभी सीएचओ काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आगामी 17 दिनों के भीतर उनकी वाजिब मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्य भर के सीएचओ आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगे। उनियारा उपखण्ड के खेल्नीया, दिकोलिया, मोहमदपुरा, रूपवास और डाबला, गोठड़ा सहित राज्य के विभिन्न सीएचओ सेंटरों पर भी आज काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

6 hrs ago
user_Anand Sharma
Anand Sharma
उनियारा, टोंक, राजस्थान•
6 hrs ago

राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 9500 से अधिक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 'सीएचओ फेडरेशन ऑफ भारत, राजस्थान विंग' के बैनर तले प्रदेश भर के सीएचओ ने आज से 17 दिवसीय चरणबद्ध आंदोलन का आगाज किया है। आंदोलन के पहले चरण के तहत सीएचओ 'काली पट्टी अभियान' चला रहे हैं, जो 8 जून से 10 जून तक जारी रहेगा। इस दौरान, प्रदेश भर के 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' में कार्यरत सीएचओ काली पट्टी बांधकर अपना काम कर रहे हैं, ताकि मरीजों की चिकित्सा सुविधाओं में कोई बाधा न आए और विरोध पूरी तरह से लोकतांत्रिक बना रहे। फेडरेशन ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें 2 वर्ष की सेवा शिथिलता का जल्द से जल्द गजट नोटिफिकेशन जारी करना, 4800 ग्रेड पे लागू करना और समयबद्ध तरीके से नियमितीकरण की प्रक्रिया को पूरा करना शामिल है। उनियारा में संगठन के प्रतिनिधियों संगीता शर्मा और मनराज गुर्जर ने बताया कि उपखंड के सभी सीएचओ काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आगामी 17 दिनों के भीतर उनकी वाजिब मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्य भर के सीएचओ आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगे। उनियारा उपखण्ड के खेल्नीया, दिकोलिया, मोहमदपुरा, रूपवास और डाबला, गोठड़ा सहित राज्य के विभिन्न सीएचओ सेंटरों पर भी आज काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

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  • राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 9500 से अधिक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 'सीएचओ फेडरेशन ऑफ भारत, राजस्थान विंग' के बैनर तले प्रदेश भर के सीएचओ ने आज से 17 दिवसीय चरणबद्ध आंदोलन का आगाज किया है। आंदोलन के पहले चरण के तहत सीएचओ 'काली पट्टी अभियान' चला रहे हैं, जो 8 जून से 10 जून तक जारी रहेगा। इस दौरान, प्रदेश भर के 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' में कार्यरत सीएचओ काली पट्टी बांधकर अपना काम कर रहे हैं, ताकि मरीजों की चिकित्सा सुविधाओं में कोई बाधा न आए और विरोध पूरी तरह से लोकतांत्रिक बना रहे। फेडरेशन ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें 2 वर्ष की सेवा शिथिलता का जल्द से जल्द गजट नोटिफिकेशन जारी करना, 4800 ग्रेड पे लागू करना और समयबद्ध तरीके से नियमितीकरण की प्रक्रिया को पूरा करना शामिल है। उनियारा में संगठन के प्रतिनिधियों संगीता शर्मा और मनराज गुर्जर ने बताया कि उपखंड के सभी सीएचओ काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आगामी 17 दिनों के भीतर उनकी वाजिब मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्य भर के सीएचओ आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगे। उनियारा उपखण्ड के खेल्नीया, दिकोलिया, मोहमदपुरा, रूपवास और डाबला, गोठड़ा सहित राज्य के विभिन्न सीएचओ सेंटरों पर भी आज काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
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    राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 9500 से अधिक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 'सीएचओ फेडरेशन ऑफ भारत, राजस्थान विंग' के बैनर तले प्रदेश भर के सीएचओ ने आज से 17 दिवसीय चरणबद्ध आंदोलन का आगाज किया है। आंदोलन के पहले चरण के तहत सीएचओ 'काली पट्टी अभियान' चला रहे हैं, जो 8 जून से 10 जून तक जारी रहेगा। इस दौरान, प्रदेश भर के 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' में कार्यरत सीएचओ काली पट्टी बांधकर अपना काम कर रहे हैं, ताकि मरीजों की चिकित्सा सुविधाओं में कोई बाधा न आए और विरोध पूरी तरह से लोकतांत्रिक बना रहे।

फेडरेशन ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें 2 वर्ष की सेवा शिथिलता का जल्द से जल्द गजट नोटिफिकेशन जारी करना, 4800 ग्रेड पे लागू करना और समयबद्ध तरीके से नियमितीकरण की प्रक्रिया को पूरा करना शामिल है।

उनियारा में संगठन के प्रतिनिधियों संगीता शर्मा और मनराज गुर्जर ने बताया कि उपखंड के सभी सीएचओ काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आगामी 17 दिनों के भीतर उनकी वाजिब मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्य भर के सीएचओ आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगे। उनियारा उपखण्ड के खेल्नीया, दिकोलिया, मोहमदपुरा, रूपवास और डाबला, गोठड़ा सहित राज्य के विभिन्न सीएचओ सेंटरों पर भी आज काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
    user_Anand Sharma
    Anand Sharma
    उनियारा, टोंक, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • उनियारा तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से अपोलो टेलीमेडिसिन नेटवर्किंग फाउंडेशन (ATNF) द्वारा संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) परियोजना का शुभारंभ सोमवार को किया गया। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने फीता काटकर और हरी झंडी दिखाकर इस जनकल्याणकारी परियोजना को रवाना किया, जिसे कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत संचालित किया जा रहा है। यह इकाई उनियारा तहसील के चयनित ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी। इस मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ग्रामीणों को सामान्य ओपीडी सेवाएं, आवश्यक डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी जांच, चिकित्सकीय परामर्श, निःशुल्क दवा वितरण के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। परियोजना के संचालन के लिए एमबीबीएस चिकित्सक, एएनएम/जीएनएम और लैब तकनीशियन सहित प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम नियुक्त की गई है। इसके अतिरिक्त, आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। संस्था के कार्यक्रम विकास प्रमुख सुशांत उपाध्याय ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिससे लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने मुख्य प्रबंधक से बातचीत करते हुए शीघ्र ही कैपिटल का दौरा करने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान कल्पतरु के मुख्य प्रबंधक आनंद चोपड़ा, हितेश गोयल, मनीष शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
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    उनियारा तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से अपोलो टेलीमेडिसिन नेटवर्किंग फाउंडेशन (ATNF) द्वारा संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) परियोजना का शुभारंभ सोमवार को किया गया। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने फीता काटकर और हरी झंडी दिखाकर इस जनकल्याणकारी परियोजना को रवाना किया, जिसे कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत संचालित किया जा रहा है। यह इकाई उनियारा तहसील के चयनित ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी।

इस मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ग्रामीणों को सामान्य ओपीडी सेवाएं, आवश्यक डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजी जांच, चिकित्सकीय परामर्श, निःशुल्क दवा वितरण के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। परियोजना के संचालन के लिए एमबीबीएस चिकित्सक, एएनएम/जीएनएम और लैब तकनीशियन सहित प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम नियुक्त की गई है। इसके अतिरिक्त, आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। संस्था के कार्यक्रम विकास प्रमुख सुशांत उपाध्याय ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिससे लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके।

इस अवसर पर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने मुख्य प्रबंधक से बातचीत करते हुए शीघ्र ही कैपिटल का दौरा करने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान कल्पतरु के मुख्य प्रबंधक आनंद चोपड़ा, हितेश गोयल, मनीष शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
    user_Sandeep Gupta
    Sandeep Gupta
    उनियारा, टोंक, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • बारां जिले में चल रही हड़ताल समाप्त हो गई है। बताया गया है कि संबंधित मामले में मुकदमा दर्ज होने के साथ ही लोगों को राहत मिली है।
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    बारां जिले में चल रही हड़ताल समाप्त हो गई है। बताया गया है कि संबंधित मामले में मुकदमा दर्ज होने के साथ ही लोगों को राहत मिली है।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    26 min ago
  • लाखेरी स्थित पापड़ी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर लंबे समय से खराब पड़ी सड़क के डामरीकरण का काम शुरू हो गया है। इस सड़क पर बने गहरे गड्ढों और उखड़ी हुई सतह के कारण वाहन चालकों तथा राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब यह डामरीकरण कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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    लाखेरी स्थित पापड़ी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर लंबे समय से खराब पड़ी सड़क के डामरीकरण का काम शुरू हो गया है। इस सड़क पर बने गहरे गड्ढों और उखड़ी हुई सतह के कारण वाहन चालकों तथा राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब यह डामरीकरण कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
    user_Lokesh meena 7014875854
    Lokesh meena 7014875854
    इंद्रगढ़, बूंदी, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में ऐंचेर से अभयपुर तक लगभग 5.5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क पर आरसी (रोड कटिंग/बेस कार्य) करने के बाद काम को बीच में ही रोक दिया, जिससे सड़क की हालत पहले से भी बदतर हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण शुरू होने से बेहतर आवागमन की उम्मीद जगी थी, लेकिन कई महीनों से काम बंद पड़ा है। इससे लोगों को धूल, गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे स्कूली छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों को विशेष कठिनाई हो रही है। बरसात के मौसम में सड़क पर पानी भरने और कीचड़ व गहरे गड्ढों के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं। किसानों को भी अपनी कृषि उपज मंडियों तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क ऐंचेर, अभयपुर और आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है, और इसके अधूरा होने से समय की बर्बादी के साथ-साथ वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सड़क के अधूरे कार्य को लेकर कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का कार्य शीघ्र पूरा नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की समीक्षा की जाए और जल्द से जल्द अधूरा कार्य पूरा कराया जाए। साथ ही, निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
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    राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में ऐंचेर से अभयपुर तक लगभग 5.5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क पर आरसी (रोड कटिंग/बेस कार्य) करने के बाद काम को बीच में ही रोक दिया, जिससे सड़क की हालत पहले से भी बदतर हो गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण शुरू होने से बेहतर आवागमन की उम्मीद जगी थी, लेकिन कई महीनों से काम बंद पड़ा है। इससे लोगों को धूल, गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे स्कूली छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों को विशेष कठिनाई हो रही है। बरसात के मौसम में सड़क पर पानी भरने और कीचड़ व गहरे गड्ढों के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं। किसानों को भी अपनी कृषि उपज मंडियों तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क ऐंचेर, अभयपुर और आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है, और इसके अधूरा होने से समय की बर्बादी के साथ-साथ वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सड़क के अधूरे कार्य को लेकर कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का कार्य शीघ्र पूरा नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की समीक्षा की जाए और जल्द से जल्द अधूरा कार्य पूरा कराया जाए। साथ ही, निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
    user_SG7 News
    SG7 News
    चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • सवाई माधोपुर में अग्रवाल समाज लगातार आक्रोशित है, जिसके चलते सोमवार को समाज के सैकड़ों लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। यह विरोध जयपुर में एक नाबालिग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले को लेकर है, जिसकी निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच की मांग मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से की गई। अग्रवाल समाज के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गर्ग ने ज्ञापन में कहा कि जयपुर निवासी मनीष गर्ग की नाबालिग पुत्री की संदिग्ध और दर्दनाक मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। उन्होंने प्रताप नगर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने और मामले के हर पहलू की गहन जांच सुनिश्चित करने की मांग की। समाज ने मेडिकल बोर्ड का गठन कर मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम कराने, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्तर के अधिकारी से पुलिस आयुक्त के सीधे निर्देशन में जांच कराने की भी मांग रखी। इसके अतिरिक्त, आईएएस रेजिडेंसी परिसर से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकासी रिकॉर्ड, आगंतुक रजिस्टर और सुरक्षा कर्मियों के दस्तावेजों को जब्त कर जांच में शामिल करने को कहा गया, साथ ही मृतका की साइकिल, पर्स, वस्त्र और चप्पलों की वैज्ञानिक तथा फिंगर प्रिंट जांच कराने की मांग भी उठाई गई। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोपियों और मृतका की कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया गतिविधियों, इंस्टाग्राम चैट तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच के साथ-साथ, जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक होने पर अतिरिक्त एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया। अशोक गर्ग ने बताया कि मृतक बालिका की उम्र केवल 15 वर्ष 6 माह थी और उसकी असामयिक मृत्यु ने समाज को गहरे दुख और आक्रोश से भर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर मामले में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अग्रवाल समाज जयपुर कूच कर व्यापक आंदोलन करेगा और मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। समाज ने स्पष्ट किया कि जब तक मृतक बालिका को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में अग्रवाल समाज के जिला पदाधिकारी, वरिष्ठजन, महिला प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
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    सवाई माधोपुर में अग्रवाल समाज लगातार आक्रोशित है, जिसके चलते सोमवार को समाज के सैकड़ों लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। यह विरोध जयपुर में एक नाबालिग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले को लेकर है, जिसकी निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच की मांग मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से की गई।

अग्रवाल समाज के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गर्ग ने ज्ञापन में कहा कि जयपुर निवासी मनीष गर्ग की नाबालिग पुत्री की संदिग्ध और दर्दनाक मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। उन्होंने प्रताप नगर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने और मामले के हर पहलू की गहन जांच सुनिश्चित करने की मांग की। समाज ने मेडिकल बोर्ड का गठन कर मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम कराने, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्तर के अधिकारी से पुलिस आयुक्त के सीधे निर्देशन में जांच कराने की भी मांग रखी। इसके अतिरिक्त, आईएएस रेजिडेंसी परिसर से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकासी रिकॉर्ड, आगंतुक रजिस्टर और सुरक्षा कर्मियों के दस्तावेजों को जब्त कर जांच में शामिल करने को कहा गया, साथ ही मृतका की साइकिल, पर्स, वस्त्र और चप्पलों की वैज्ञानिक तथा फिंगर प्रिंट जांच कराने की मांग भी उठाई गई। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोपियों और मृतका की कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया गतिविधियों, इंस्टाग्राम चैट तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच के साथ-साथ, जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक होने पर अतिरिक्त एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया।

अशोक गर्ग ने बताया कि मृतक बालिका की उम्र केवल 15 वर्ष 6 माह थी और उसकी असामयिक मृत्यु ने समाज को गहरे दुख और आक्रोश से भर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर मामले में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अग्रवाल समाज जयपुर कूच कर व्यापक आंदोलन करेगा और मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। समाज ने स्पष्ट किया कि जब तक मृतक बालिका को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में अग्रवाल समाज के जिला पदाधिकारी, वरिष्ठजन, महिला प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
    user_नरेन्द्र शर्मा
    नरेन्द्र शर्मा
    Local News Reporter सवाई माधोपुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • राजस्थान के धौलपुर में बच्चों को एक सकारात्मक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से एक शिविर का आयोजन किया गया है। यह पहल बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में शुरू की गई है।
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    राजस्थान के धौलपुर में बच्चों को एक सकारात्मक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से एक शिविर का आयोजन किया गया है। यह पहल बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में शुरू की गई है।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    39 min ago
  • सारसोप गांव के ऐतिहासिक किले पर स्थित माँ चामुंडा राजरानी जी के मंदिर में इन दिनों मूर्तियों के निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। मंदिर समिति और ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर परिसर को एक भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक वातावरण और सुविधाएं मिलेंगी। ग्रामीणों ने बताया कि माँ चामुंडा राजरानी जी के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था है, जिसके चलते मंदिर में साल भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। विशेष अवसरों पर तो दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की एक प्रमुख विशेषता यह भी है कि यहां हर साल दो बार विशाल मेलों का आयोजन होता है। इन मेलों के दौरान धार्मिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं और क्षेत्र की धार्मिक तथा सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूती मिलती है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि मूर्ति निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद मंदिर की भव्यता और अधिक बढ़ जाएगी, जिससे यह स्थल क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में अपनी एक अलग पहचान बनाए रखेगा।
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    सारसोप गांव के ऐतिहासिक किले पर स्थित माँ चामुंडा राजरानी जी के मंदिर में इन दिनों मूर्तियों के निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। मंदिर समिति और ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर परिसर को एक भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर धार्मिक वातावरण और सुविधाएं मिलेंगी।

ग्रामीणों ने बताया कि माँ चामुंडा राजरानी जी के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था है, जिसके चलते मंदिर में साल भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। विशेष अवसरों पर तो दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की एक प्रमुख विशेषता यह भी है कि यहां हर साल दो बार विशाल मेलों का आयोजन होता है। इन मेलों के दौरान धार्मिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं और क्षेत्र की धार्मिक तथा सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूती मिलती है।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि मूर्ति निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद मंदिर की भव्यता और अधिक बढ़ जाएगी, जिससे यह स्थल क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में अपनी एक अलग पहचान बनाए रखेगा।
    user_Ravi  Dainik bhaskar
    Ravi Dainik bhaskar
    Photographer चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
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