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सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है, और यह माना जाता है कि इस दिन उनकी आराधना करने से व्यक्ति की किस्मत में बड़ा बदलाव आ सकता है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे सोमवार को भगवान शिव की पूजा करें, जिससे उनके भाग्य में सकारात्मक परिवर्तन की संभावना है।
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सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है, और यह माना जाता है कि इस दिन उनकी आराधना करने से व्यक्ति की किस्मत में बड़ा बदलाव आ सकता है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे सोमवार को भगवान शिव की पूजा करें, जिससे उनके भाग्य में सकारात्मक परिवर्तन की संभावना है।
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- शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया तहसील में किसानों को जमीन न मिलने और उनके हक से वंचित रहने के कारण गहरा आक्रोश और परेशानी है। मोहन बड़ोदिया तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत भंवरसा के गांव डूंगरी के किसान भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं, जहाँ उन्हें अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। इस पूरे तहसील क्षेत्र के किसान अपने अधिकारों से वंचित होने के कारण लगातार चिंतित हैं।1
- शाजापुर में कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की अध्यक्षता में आज सोमवार दोपहर करीब 1 बजे समयसीमा पत्रों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान, कलेक्टर बाफना ने विभिन्न विभागों को आगामी वर्षा ऋतु के मद्देनजर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ को जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नाले-नालियों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ रूफ हार्वेस्टिंग सिस्टम के लक्ष्यों को पूरा करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, जलकर और संपत्ति कर सहित अन्य करों की वसूली में तेजी लाने तथा जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों में प्रगति लाने पर भी जोर दिया गया। सुश्री बाफना ने पीएम आवास योजना 2.0 के तहत प्राप्त लक्ष्यों की पूर्ति करने और खास तौर पर जिले में जीर्ण-शीर्ण भवनों की पहचान कर उन्हें ध्वस्त करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने समीक्षा बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि जीर्ण-शीर्ण भवनों का चिन्हांकन कर उन्हें डिस्मेंटल कराया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- जन अभियान परिषद ने आगर जिले में बावड़ी उत्सव का आयोजन किया। इस उत्सव के माध्यम से परिषद ने जल संरक्षण के महत्वपूर्ण संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया।1
- अयोध्या राम मंदिर परिसर में पुलिस बैरिकेडिंग के भीतर मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर किस बात का डर है। यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो स्वतंत्र मीडिया को रिपोर्टिंग करने से क्यों रोका जा रहा है? लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका सत्ता से सवाल पूछने की होती है, न कि केवल सरकारी प्रचार प्रसारित करने की। यदि परिसर में केवल कुछ चुनिंदा कैमरों को ही पहुँच मिलती है और अन्य पत्रकारों पर पाबंदी लगाई जाती है, तो यह पारदर्शिता नहीं बल्कि सूचना को नियंत्रित करने का एक स्पष्ट प्रयास प्रतीत होता है। भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि सवाल पूछने वाले पत्रकार लोकतंत्र के दुश्मन नहीं, बल्कि उसकी सबसे मजबूत नींव हैं। मीडिया पर इस तरह के प्रतिबंध लगाने से सवाल खत्म नहीं होंगे, बल्कि जनता में संदेह और गहरा होगा। राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, और इसलिए वहाँ होने वाली हर व्यवस्था, प्रत्येक निर्णय और हर गतिविधि जनता के प्रति जवाबदेह होनी चाहिए। लोकतंत्र में जवाब सवालों के माध्यम से दिए जाते हैं, पाबंदियों से नहीं।1
- सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है, और यह माना जाता है कि इस दिन उनकी आराधना करने से व्यक्ति की किस्मत में बड़ा बदलाव आ सकता है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे सोमवार को भगवान शिव की पूजा करें, जिससे उनके भाग्य में सकारात्मक परिवर्तन की संभावना है।1
- कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने सोमवार शाम लगभग 5 बजे ग्राम पंचायत मो. बड़ोदिया का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत जल निगम द्वारा किए जा रहे पेयजल वितरण की स्थिति और चल रहे विभिन्न कार्यों का गहनता से निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय, कलेक्टर सुश्री बाफना ने जल निगम के अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सभी घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल का वितरण सुनिश्चित करें और परियोजना के तहत बचे हुए सभी अधूरे कार्यों को एक माह के भीतर पूर्ण कर लें। इस अवसर पर, ग्रामीणों ने नलखेड़ा मोहल्ला, आगर रोड समेत अन्य मोहल्लों में पेयजल वितरण में आ रही दिक्कतों और समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद, कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि वे न केवल पेयजल वितरण बल्कि रोड रेस्टोरेशन (सड़क बहाली) के कार्यों को भी अविलंब पूरा करें।1
- इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुँचे एक 19 महीने के मासूम ने भाजपा सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण अपनी आँखों की रोशनी खो दी। इस हृदयविदारक घटना ने ज़मीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है, जहाँ एक ओर स्वास्थ्य सेवाएँ दम तोड़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के दावों और विज्ञापनों की चमक अभी भी बरकरार है।1