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गुना के सामान्य वन मंडल में बहुचर्चित तालाब और चेकडैम स्वीकृति प्रकरण ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। वर्ष 2020 में वन परिक्षेत्र अधिकारी तथा उपवन मंडलाधिकारी द्वारा स्पष्ट तकनीकी आपत्तियां दर्ज करते हुए जिन 12 तालाब और चेकडैम प्रस्तावों को स्वीकृति न देने की अनुशंसा की गई थी, उन्हें बाद में मंजूरी दे दी गई। अब इस मामले में तत्कालीन वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी नवल किशोर सेन के विरुद्ध विभागीय जांच चल रही है, लेकिन अगले महीने उनके सेवानिवृत्त होने से पहले तक जांच किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। मामले में 16 जून 2023 को सौंपी गई शिकायत के अनुसार, प्रस्तावों पर दर्ज आपत्तियों को नोटशीट में समुचित रूप से प्रस्तुत किए बिना ही अनुमोदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। रिकॉर्ड में दर्ज आपत्तियों में अतिक्रमण की संभावना, वनाधिकार क्षेत्र होना, बड़े वृक्षों और पलाश-तेंदू जैसे पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचने, एक ही क्षेत्र में पहले से तालाब मौजूद होने, प्रस्ताव अपूर्ण होने और लगभग 1.20 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित होने जैसी गंभीर प्रतिकूल टिप्पणियां शामिल थीं। इसके बावजूद अलग-अलग तिथियों में इन विवादित कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। वर्ष 2025 में मुख्य वन संरक्षक, चंबल वृत्त, अशोकनगर के स्तर से विभागीय जांच संबंधी दस्तावेज सामने आने से स्पष्ट हुआ कि मामला विभागीय स्तर पर विचाराधीन था। हालांकि, जांच की अंतिम रिपोर्ट, निष्कर्ष और कार्रवाई पर विभाग अब भी पूरी तरह मौन है। अब वन विभाग के गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा यही है कि संबंधित अधिकारी की सेवानिवृत्ति से पहले जांच का सच सामने आएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा।

4 hrs ago
user_Deepak ojha
Deepak ojha
Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

गुना के सामान्य वन मंडल में बहुचर्चित तालाब और चेकडैम स्वीकृति प्रकरण ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। वर्ष 2020 में वन परिक्षेत्र अधिकारी तथा उपवन मंडलाधिकारी द्वारा स्पष्ट तकनीकी आपत्तियां दर्ज करते हुए जिन 12 तालाब और चेकडैम प्रस्तावों को स्वीकृति न देने की अनुशंसा की गई थी, उन्हें बाद में मंजूरी दे दी गई। अब इस मामले में तत्कालीन वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी नवल किशोर सेन के विरुद्ध विभागीय जांच चल रही है, लेकिन अगले महीने उनके सेवानिवृत्त होने से पहले तक जांच किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। मामले में 16 जून 2023 को सौंपी गई शिकायत के अनुसार, प्रस्तावों पर दर्ज आपत्तियों को नोटशीट में समुचित रूप से प्रस्तुत किए बिना ही अनुमोदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। रिकॉर्ड में दर्ज आपत्तियों में अतिक्रमण की संभावना, वनाधिकार क्षेत्र होना, बड़े वृक्षों और पलाश-तेंदू जैसे पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचने, एक ही क्षेत्र में पहले से तालाब मौजूद होने, प्रस्ताव अपूर्ण होने और लगभग 1.20 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित होने जैसी गंभीर प्रतिकूल टिप्पणियां शामिल थीं। इसके बावजूद अलग-अलग तिथियों में इन विवादित कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। वर्ष 2025 में मुख्य वन संरक्षक, चंबल वृत्त, अशोकनगर के स्तर से विभागीय जांच संबंधी दस्तावेज सामने आने से स्पष्ट हुआ कि मामला विभागीय स्तर पर विचाराधीन था। हालांकि, जांच की अंतिम रिपोर्ट, निष्कर्ष और कार्रवाई पर विभाग अब भी पूरी तरह मौन है। अब वन विभाग के गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा यही है कि संबंधित अधिकारी की सेवानिवृत्ति से पहले जांच का सच सामने आएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए एक युवक से मुलाकात की और दावा किया कि पेलेट गन लगने से उस युवक की एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। राहुल गांधी ने सरकार के उस दावे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं जिसमें कहा गया था कि प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों युवाओं पर पेलेट गन चलाई गई, लाठीचार्ज किया गया और उन्हें बेरहमी से पीटा गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों ने वर्षों मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन जिन लोगों ने कथित तौर पर ₹60–70 लाख देकर प्रश्नपत्र खरीदे, उन्होंने ईमानदार छात्रों की मेहनत और भविष्य छीन लिया। उन्होंने इसे देश के युवाओं के भविष्य पर हमला करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
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    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए एक युवक से मुलाकात की और दावा किया कि पेलेट गन लगने से उस युवक की एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। राहुल गांधी ने सरकार के उस दावे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं जिसमें कहा गया था कि प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों युवाओं पर पेलेट गन चलाई गई, लाठीचार्ज किया गया और उन्हें बेरहमी से पीटा गया।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों ने वर्षों मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन जिन लोगों ने कथित तौर पर ₹60–70 लाख देकर प्रश्नपत्र खरीदे, उन्होंने ईमानदार छात्रों की मेहनत और भविष्य छीन लिया। उन्होंने इसे देश के युवाओं के भविष्य पर हमला करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अशोकनगर जिले के ग्राम परवई में सड़क पर अत्यधिक कीचड़ होने की वजह से एक ट्रक फंस गया, जिसे काफी देर मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका। इस घटना ने गांव में बदहाल सड़क और अव्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। ग्रामवासियों का आरोप है कि गांवों में सड़क के नाम पर लोग पैसे तो निकाल लेते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई काम नहीं करवाया जाता। सड़क निर्माण में हो रही इस अनदेखी के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है, जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है।
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    अशोकनगर जिले के ग्राम परवई में सड़क पर अत्यधिक कीचड़ होने की वजह से एक ट्रक फंस गया, जिसे काफी देर मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका। इस घटना ने गांव में बदहाल सड़क और अव्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

ग्रामवासियों का आरोप है कि गांवों में सड़क के नाम पर लोग पैसे तो निकाल लेते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई काम नहीं करवाया जाता। सड़क निर्माण में हो रही इस अनदेखी के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है, जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है।
    user_Devesh Ojha patrakaar
    Devesh Ojha patrakaar
    Local News Reporter शाढ़ोरा, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • टेंपो को भाड़े पर लेने के लिए देवेंद्र सिंह कुशवाहा से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए संपर्क नंबर 9754846673 और 9713286049 दिए गए हैं।
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    टेंपो को भाड़े पर लेने के लिए देवेंद्र सिंह कुशवाहा से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए संपर्क नंबर 9754846673 और 9713286049 दिए गए हैं।
    user_Drevendra Kushwah
    Drevendra Kushwah
    Tour Guide कुंभराज, गुना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश के जरिए कहा है कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह स्थिति छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद पीड़ादायक है।
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    पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश के जरिए कहा है कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह स्थिति छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद पीड़ादायक है।
    user_SHAMBHU DAYAL KUSHWAH
    SHAMBHU DAYAL KUSHWAH
    Grain Trader कुंभराज, गुना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • बारां जिले के छीपाबड़ौद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सारथल और देवरीजोध में सरकार की फ्लैगशिप व जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में अधिकारियों द्वारा आमजन को योजनाओं की जानकारी दी गई और प्राप्त परिवेदनाओं का मौके पर ही निस्तारण कर लाभार्थियों को लाभ पहुँचाया गया। शिविरों के माध्यम से जमाबंदी संशोधन, विवाह एवं जन्म प्रमाण पत्र, पट्टा वितरण सहित 22 विभागों से संबंधित सेवाएं ऑन-द-स्पॉट प्रदान की गईं। देवरीजोध शिविर में तहसीलदार जितेंद्र सिंह पंवार, सुरेंद्र शर्मा, मनमोहन मीणा कानूगो, खिराज सिंह पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश पारेता उपस्थित रहे। यहाँ 13 नामान्तरण, 5 फार्मर रजिस्ट्रेशन आईडी, 7 खातों का शुद्धिकरण, 1 पट्टा वितरण और पालनहार योजना का 4 वार्षिक सत्यापन किया गया। इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग के 5 कार्य, चिकित्सा विभाग द्वारा 135 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवा वितरण तथा कृषि विभाग द्वारा मंगला पशु योजना के तहत 12 पशुओं का बीमा किया गया। वहीं, सारथल शिविर में नायब तहसीलदार राधेश्याम लवंशी, जगदीश नामदेव कानूगो, बलराम जाट, प्रशासक लोकेंद्र सिंह और ग्राम विकास अधिकारी दुर्गाप्रसाद गौतम की उपस्थिति में 5 नामान्तरण, 2 फार्मर रजिस्ट्रेशन आईडी, 3 खातों का शुद्धिकरण, 4 विद्युत कार्य, 180 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण व दवा वितरण और 2 पशुओं का बीमा किया गया। शिविरों के दौरान वर्षों पुरानी समस्याओं का हाथों-हाथ समाधान भी हुआ। देवरीजोध निवासी रोहित मालव और उनकी पत्नी मिथलेश मालव को 24 जुलाई 2026 को आवेदन करते ही मौके पर विवाह प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इसी तरह देवरीजोध निवासी शिवराज मीणा को उनके पुत्र आदित्य मीणा का जन्म प्रमाण पत्र तुरंत जारी किया गया। इसके अलावा, ग्राम बड़ाया निवासी सुरेंद्र नागर के खाते में पिछले 8-10 वर्षों से दर्ज दोहरे नाम की समस्या का सारथल शिविर में आवेदन मिलते ही राजस्व टीम द्वारा मौके पर दस्तावेज जांच कर संशोधन कर दिया गया।
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    बारां जिले के छीपाबड़ौद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सारथल और देवरीजोध में सरकार की फ्लैगशिप व जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में अधिकारियों द्वारा आमजन को योजनाओं की जानकारी दी गई और प्राप्त परिवेदनाओं का मौके पर ही निस्तारण कर लाभार्थियों को लाभ पहुँचाया गया। शिविरों के माध्यम से जमाबंदी संशोधन, विवाह एवं जन्म प्रमाण पत्र, पट्टा वितरण सहित 22 विभागों से संबंधित सेवाएं ऑन-द-स्पॉट प्रदान की गईं।

देवरीजोध शिविर में तहसीलदार जितेंद्र सिंह पंवार, सुरेंद्र शर्मा, मनमोहन मीणा कानूगो, खिराज सिंह पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश पारेता उपस्थित रहे। यहाँ 13 नामान्तरण, 5 फार्मर रजिस्ट्रेशन आईडी, 7 खातों का शुद्धिकरण, 1 पट्टा वितरण और पालनहार योजना का 4 वार्षिक सत्यापन किया गया। इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग के 5 कार्य, चिकित्सा विभाग द्वारा 135 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवा वितरण तथा कृषि विभाग द्वारा मंगला पशु योजना के तहत 12 पशुओं का बीमा किया गया। वहीं, सारथल शिविर में नायब तहसीलदार राधेश्याम लवंशी, जगदीश नामदेव कानूगो, बलराम जाट, प्रशासक लोकेंद्र सिंह और ग्राम विकास अधिकारी दुर्गाप्रसाद गौतम की उपस्थिति में 5 नामान्तरण, 2 फार्मर रजिस्ट्रेशन आईडी, 3 खातों का शुद्धिकरण, 4 विद्युत कार्य, 180 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण व दवा वितरण और 2 पशुओं का बीमा किया गया।

शिविरों के दौरान वर्षों पुरानी समस्याओं का हाथों-हाथ समाधान भी हुआ। देवरीजोध निवासी रोहित मालव और उनकी पत्नी मिथलेश मालव को 24 जुलाई 2026 को आवेदन करते ही मौके पर विवाह प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इसी तरह देवरीजोध निवासी शिवराज मीणा को उनके पुत्र आदित्य मीणा का जन्म प्रमाण पत्र तुरंत जारी किया गया। इसके अलावा, ग्राम बड़ाया निवासी सुरेंद्र नागर के खाते में पिछले 8-10 वर्षों से दर्ज दोहरे नाम की समस्या का सारथल शिविर में आवेदन मिलते ही राजस्व टीम द्वारा मौके पर दस्तावेज जांच कर संशोधन कर दिया गया।
    user_User10561
    User10561
    छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • बारां में ईएलसी कार्यकारिणी ने मतदाता जागरूकता को लेकर एक विशेष संकल्प लिया है। कार्यकारिणी ने 'घर-घर अलख जगाएंगे, मतदाता जागरूक बनाएंगे' के नारे के साथ हर नागरिक तक पहुँचने और लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने की प्रतिबद्धता जताई है।
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    बारां में ईएलसी कार्यकारिणी ने मतदाता जागरूकता को लेकर एक विशेष संकल्प लिया है। कार्यकारिणी ने 'घर-घर अलख जगाएंगे, मतदाता जागरूक बनाएंगे' के नारे के साथ हर नागरिक तक पहुँचने और लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने की प्रतिबद्धता जताई है।
    user_विरेन्द्र कुमारशर्मा
    विरेन्द्र कुमारशर्मा
    अटरू, बारां, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • गुना के सामान्य वन मंडल में बहुचर्चित तालाब और चेकडैम स्वीकृति प्रकरण ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। वर्ष 2020 में वन परिक्षेत्र अधिकारी तथा उपवन मंडलाधिकारी द्वारा स्पष्ट तकनीकी आपत्तियां दर्ज करते हुए जिन 12 तालाब और चेकडैम प्रस्तावों को स्वीकृति न देने की अनुशंसा की गई थी, उन्हें बाद में मंजूरी दे दी गई। अब इस मामले में तत्कालीन वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी नवल किशोर सेन के विरुद्ध विभागीय जांच चल रही है, लेकिन अगले महीने उनके सेवानिवृत्त होने से पहले तक जांच किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। मामले में 16 जून 2023 को सौंपी गई शिकायत के अनुसार, प्रस्तावों पर दर्ज आपत्तियों को नोटशीट में समुचित रूप से प्रस्तुत किए बिना ही अनुमोदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। रिकॉर्ड में दर्ज आपत्तियों में अतिक्रमण की संभावना, वनाधिकार क्षेत्र होना, बड़े वृक्षों और पलाश-तेंदू जैसे पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचने, एक ही क्षेत्र में पहले से तालाब मौजूद होने, प्रस्ताव अपूर्ण होने और लगभग 1.20 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित होने जैसी गंभीर प्रतिकूल टिप्पणियां शामिल थीं। इसके बावजूद अलग-अलग तिथियों में इन विवादित कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। वर्ष 2025 में मुख्य वन संरक्षक, चंबल वृत्त, अशोकनगर के स्तर से विभागीय जांच संबंधी दस्तावेज सामने आने से स्पष्ट हुआ कि मामला विभागीय स्तर पर विचाराधीन था। हालांकि, जांच की अंतिम रिपोर्ट, निष्कर्ष और कार्रवाई पर विभाग अब भी पूरी तरह मौन है। अब वन विभाग के गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा यही है कि संबंधित अधिकारी की सेवानिवृत्ति से पहले जांच का सच सामने आएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा।
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    गुना के सामान्य वन मंडल में बहुचर्चित तालाब और चेकडैम स्वीकृति प्रकरण ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। वर्ष 2020 में वन परिक्षेत्र अधिकारी तथा उपवन मंडलाधिकारी द्वारा स्पष्ट तकनीकी आपत्तियां दर्ज करते हुए जिन 12 तालाब और चेकडैम प्रस्तावों को स्वीकृति न देने की अनुशंसा की गई थी, उन्हें बाद में मंजूरी दे दी गई। अब इस मामले में तत्कालीन वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी नवल किशोर सेन के विरुद्ध विभागीय जांच चल रही है, लेकिन अगले महीने उनके सेवानिवृत्त होने से पहले तक जांच किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है।

मामले में 16 जून 2023 को सौंपी गई शिकायत के अनुसार, प्रस्तावों पर दर्ज आपत्तियों को नोटशीट में समुचित रूप से प्रस्तुत किए बिना ही अनुमोदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। रिकॉर्ड में दर्ज आपत्तियों में अतिक्रमण की संभावना, वनाधिकार क्षेत्र होना, बड़े वृक्षों और पलाश-तेंदू जैसे पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचने, एक ही क्षेत्र में पहले से तालाब मौजूद होने, प्रस्ताव अपूर्ण होने और लगभग 1.20 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित होने जैसी गंभीर प्रतिकूल टिप्पणियां शामिल थीं। इसके बावजूद अलग-अलग तिथियों में इन विवादित कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई।

वर्ष 2025 में मुख्य वन संरक्षक, चंबल वृत्त, अशोकनगर के स्तर से विभागीय जांच संबंधी दस्तावेज सामने आने से स्पष्ट हुआ कि मामला विभागीय स्तर पर विचाराधीन था। हालांकि, जांच की अंतिम रिपोर्ट, निष्कर्ष और कार्रवाई पर विभाग अब भी पूरी तरह मौन है। अब वन विभाग के गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा यही है कि संबंधित अधिकारी की सेवानिवृत्ति से पहले जांच का सच सामने आएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • गुना जिले के कुंभराज स्थित वार्ड नंबर 5 बस्ती में बारिश के दौरान जलभराव और नालियों का गंदा पानी सीधे लोगों के घरों में घुसने की समस्या बनी हुई है। इस स्थिति को लेकर वार्ड नंबर 5 बस्ती के निवासी गजेंद्र शिवहरे ने नगर पालिका परिषद कुंभराज के मुख्य नगरपालिका अधिकारी और वार्ड पार्षद को एक शिकायत पत्र सौंपा है। आवेदन में बताया गया है कि बारिश होते ही नालियां बंद होने के कारण उफन जाती हैं और पानी निकासी का समुचित रास्ता न होने से जलभराव की गंभीर स्थिति बन जाती है। विशेष रूप से बस्ती स्थित कन्या स्कूल के पास बनी नाली काफी छिछली है, जिससे पानी जल्दी भरकर बहने लगता है और सीधे मोहल्ले के मकानों में प्रवेश कर जाता है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए मांग की गई है कि वार्ड नंबर 5 की सभी नालियों की तुरंत साफ-सफाई करवाई जाए, जलभराव वाले स्थानों पर निकासी का नया रास्ता बनाया जाए और कन्या स्कूल के पास वाली नाली को गहरा किया जाए ताकि पानी ओवरफ्लो न हो।
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    गुना जिले के कुंभराज स्थित वार्ड नंबर 5 बस्ती में बारिश के दौरान जलभराव और नालियों का गंदा पानी सीधे लोगों के घरों में घुसने की समस्या बनी हुई है। इस स्थिति को लेकर वार्ड नंबर 5 बस्ती के निवासी गजेंद्र शिवहरे ने नगर पालिका परिषद कुंभराज के मुख्य नगरपालिका अधिकारी और वार्ड पार्षद को एक शिकायत पत्र सौंपा है।

आवेदन में बताया गया है कि बारिश होते ही नालियां बंद होने के कारण उफन जाती हैं और पानी निकासी का समुचित रास्ता न होने से जलभराव की गंभीर स्थिति बन जाती है। विशेष रूप से बस्ती स्थित कन्या स्कूल के पास बनी नाली काफी छिछली है, जिससे पानी जल्दी भरकर बहने लगता है और सीधे मोहल्ले के मकानों में प्रवेश कर जाता है।

समस्या के स्थायी समाधान के लिए मांग की गई है कि वार्ड नंबर 5 की सभी नालियों की तुरंत साफ-सफाई करवाई जाए, जलभराव वाले स्थानों पर निकासी का नया रास्ता बनाया जाए और कन्या स्कूल के पास वाली नाली को गहरा किया जाए ताकि पानी ओवरफ्लो न हो।
    user_गजेंद्र शिवहरे
    गजेंद्र शिवहरे
    कुंभराज, गुना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
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