ग्वालियर की कृष्णा कॉलोनी के वार्ड नंबर 52 में नाले की समस्या ने स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है। पहले जहां एक बड़ा नाला मौजूद था, अब वहां एक छोटी नाली तक नहीं बची है, जिसके कारण नाली का सारा गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है। इस स्थिति के चलते सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर नागरिक समस्या के समाधान के लिए लोगों ने कई बार आवाज उठाई है। शिकायतकर्ताओं ने 181 सीएम हेल्पलाइन नंबर पर कई बार कॉल किया, लेकिन उनकी समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके अतिरिक्त, इस मुद्दे को जनसुनवाई में भी उठाया गया था, परंतु वहां भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। बार-बार शिकायत और गुहार के बावजूद, इस महत्वपूर्ण समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और इसका कोई समाधान नहीं निकल रहा है।
ग्वालियर की कृष्णा कॉलोनी के वार्ड नंबर 52 में नाले की समस्या ने स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है। पहले जहां एक बड़ा नाला मौजूद था, अब वहां एक छोटी नाली तक नहीं बची है, जिसके कारण नाली का सारा गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है। इस स्थिति के चलते सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर नागरिक समस्या के समाधान के लिए लोगों ने कई बार आवाज उठाई है। शिकायतकर्ताओं ने 181 सीएम हेल्पलाइन नंबर पर कई बार कॉल किया, लेकिन उनकी समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके अतिरिक्त, इस मुद्दे को जनसुनवाई में भी उठाया गया था, परंतु वहां भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। बार-बार शिकायत और गुहार के बावजूद, इस महत्वपूर्ण समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और इसका कोई समाधान नहीं निकल रहा है।
- ग्वालियर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष विशाल क्षात्रे के साथ एक सामाजिक मुद्दे को लेकर विशेष चर्चा की गई। इस बातचीत में केवल सामाजिक विषय पर केंद्रित मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।1
- शिवपुरी जिले की नगर परिषद मगरौनी के वार्ड क्रमांक 7 में आवारा पशुओं और खूंखार सांडों का आतंक चरम पर है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों का सड़क से गुजरना दूभर हो गया है और आए दिन हादसे होते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि नगर परिषद क्षेत्र में सरकारी गौशाला मौजूद होने के बावजूद, प्रशासनिक उदासीनता के चलते ये पशु सड़कों पर ही डेरा जमाए हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने नगर परिषद मगरौनी के आला अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्र के स्थानीय वार्ड पार्षद को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया है। इसके बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है और यह समस्या जस की तस बनी हुई है। वार्डवासियों ने रोष जताते हुए कहा कि सड़कों के बीचों-बीच लड़ने वाले आवारा सांडों के कारण कई लोग चोटिल हो चुके हैं और वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) से तत्काल यह मांग की है कि सड़कों पर घूम रहे इन आवारा पशुओं को गौशाला भिजवाया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।1
- ग्वालियर जिले के बिजौली थाना क्षेत्र की रतवाई ग्राम पंचायत के ग्राम हसनपुरा में ग्रामीणों को रास्ते से निकलने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीण इस मार्ग के कारण अत्यधिक परेशानी से गुजर रहे हैं, जिससे उनके दैनिक जीवन में दिक्कतें आ रही हैं।4
- करैरा पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए एक युवक की समय रहते मदद की, जो 8 जुलाई की शाम करीब 7 बजे सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा मिला था। सूचना मिलते ही करैरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और प्राथमिक जानकारी में यह सामने आया कि युवक को मिर्गी का दौरा पड़ा था। पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए युवक को सुरक्षित स्थान पर बैठाया और उसे प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके कुछ देर बाद उसकी तबीयत में सुधार हुआ और उसे आवश्यक मदद भी दी गई। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की इस तत्परता और संवेदनशील व्यवहार की सराहना की, क्योंकि समय पर मिली सहायता से किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने में मदद मिली। करैरा पुलिस की इस मानवीय पहल की पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।1
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बुधवार दोपहर करीब 12:00 बजे एक तीन साल का बच्चा लापता हो गया। बच्चे के परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। लापता बच्चा नंदराम आदिवासी और लक्ष्मी का मंझला बेटा टिंकू है, जिसकी उम्र 3 वर्ष बताई जा रही है। लक्ष्मी आदिवासी ने बताया कि जब वह अपने छोटे बच्चे के साथ घर के अंदर सो रही थीं, तब टिंकू घर के आंगन में खेल रहा था। दोपहर 2:00 बजे के करीब जब वह जगीं, तो टिंकू कहीं नजर नहीं आया। आसपास तलाश करने पर भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो पड़ोस के एक बालक ने बताया कि होतम उर्फ़ करिया प्रजापति उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गया है। घरवालों ने होतम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात न होने पर वे सिटी थाने पहुँचे और पुलिस को पूरी बात बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा तत्काल मौके पर पहुँचे और जानकारी जुटाने के बाद होतम प्रजापति के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया। हालाँकि, कोई ठोस सुराग हाथ न लगने पर ग्वालियर से पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव भी देर रात डबरा पहुँचे और पुलिस टीमों को मुस्तैदी से काम करने के निर्देश दिए। बच्चे की तलाश में पांच पुलिस टीमें, एडिशनल एसपी जयराज कुबेर, एसडीओपी जितेंद्र नगाइच, पिछोर और गिजौर्रा थाना प्रभारी सहित देहात पुलिस और जिले की अन्य टीमें लगातार सर्चिंग कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। पुलिस अधिकारियों को सबसे अधिक चिंता मासूम बालक की है, क्योंकि कथित अपहरणकर्ता होतम शराब पीने का आदी है। पुलिस को डर है कि कहीं शराब के नशे में वह बच्चे के साथ कोई अनहोनी न कर दे या बच्चे का उसे होश न रहे। इसी कारण पुलिस टीम होतम के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसके रिश्तेदारों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस उस मोटरसाइकिल को भी ट्रेस करने का प्रयास कर रही है, जिस पर होतम बच्चे को ले गया था। होतम के मोबाइल का भी कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। जिस ईंट भट्ठे पर होतम काम करता है, उसका मालिक मुरारी प्रजापति भी पुलिस को नहीं मिल पा रहा और उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है, जिससे शक की सुई मुरारी की तरफ भी घूम रही है। पुलिस को पता चला है कि होतम, नंदराम और लक्ष्मी आदिवासी, मुरारी प्रजापति के ईंट भट्ठे पर काम करते हैं और उनका आपस में बोलचाल था, होतम उनके घर भी आता-जाता था। फिलहाल, बच्चे की माँ किसी भी तरह के लड़ाई-झगड़े से इनकार कर रही हैं और उनका कहना है कि वास्तविक स्थिति तो होतम के पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद ही स्पष्ट होगी। एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर ने पुष्टि की है कि अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की टीमें लगातार बच्चे की तलाश में जुटी हैं, शीघ्र ही बच्चे को खोज लिया जाएगा।4
- दतिया विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है, जहां बड़ौनी क्षेत्र के 50 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। यह घटनाक्रम पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी में मनोज वैध "नन्नू" के नेतृत्व में हुआ, जिसे उपचुनाव से पहले भाजपा के लिए एक बड़ी राजनीतिक बढ़त माना जा रहा है। इस बीच, विधानसभा उपचुनाव को लेकर जिले में चुनावी सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। हालांकि, भाजपा और कांग्रेस जैसे दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने अभी तक अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है, जिसके चलते राजनीतिक चर्चाओं का दौर गरम बना हुआ है। इस चुनावी दौड़ में आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव ने अपना नामांकन दाखिल कर मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है। फिलहाल, पूरे जिले की निगाहें अब प्रमुख दलों के उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हुई हैं, और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सियासी गतिविधियां और भी तेज होंगी।1
- भांडेर प्रखंड में गुरुवार दोपहर 03 बजे से शाम 04 बजे तक विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल द्वारा एक साप्ताहिक सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत सेवा बस्ती में लोहपीटा समाज के बीच वृक्षारोपण किया गया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, ग्राम हसापुर में आदिवासी समुदाय के सदस्यों को फल वितरित कर सेवा कार्य संपन्न किया गया। इस अवसर पर विहिप के जिला कोषाध्यक्ष जयप्रकाश डांगी, प्रखंड उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता, बजरंग दल संयोजक सुजीत सैगर, प्रखंड मंत्री सुनील प्रजापति, सह मंत्री गौरव राजावत, गौ सेवा प्रमुख दिलीप साहू, मठ मंदिर प्रमुख राहुल तिवारी और लाला कुशवाहा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के डबरा शहर की दीदार कॉलोनी में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने दो घरों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैला दी। मिनर्वा स्कूल के पास हुई इस घटना में, बदमाशों ने पहले सुखदेव रावत के घर के बाहर फायरिंग की, जिससे मुख्य गेट और दीवार पर गोलियों के निशान मिले। मौके से .315 बोर और पिस्टल के 4 खाली कारतूस बरामद होने की जानकारी है। इसके बाद आरोपियों ने जगदीश रावत के घर के बाहर भी फायरिंग की और पत्थरबाजी कर मौके से फरार हो गए। घटना के दौरान घरों में मौजूद लोग और कमरे में सो रहे बच्चे बाल-बाल बच गए। भागते हुए नकाबपोश आरोपी सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए हैं। सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। लगातार हो रही फायरिंग की इन घटनाओं से डबरा शहर में दहशत का माहौल है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।1