मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बुधवार दोपहर करीब 12:00 बजे एक तीन साल का बच्चा लापता हो गया। बच्चे के परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। लापता बच्चा नंदराम आदिवासी और लक्ष्मी का मंझला बेटा टिंकू है, जिसकी उम्र 3 वर्ष बताई जा रही है। लक्ष्मी आदिवासी ने बताया कि जब वह अपने छोटे बच्चे के साथ घर के अंदर सो रही थीं, तब टिंकू घर के आंगन में खेल रहा था। दोपहर 2:00 बजे के करीब जब वह जगीं, तो टिंकू कहीं नजर नहीं आया। आसपास तलाश करने पर भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो पड़ोस के एक बालक ने बताया कि होतम उर्फ़ करिया प्रजापति उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गया है। घरवालों ने होतम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात न होने पर वे सिटी थाने पहुँचे और पुलिस को पूरी बात बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा तत्काल मौके पर पहुँचे और जानकारी जुटाने के बाद होतम प्रजापति के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया। हालाँकि, कोई ठोस सुराग हाथ न लगने पर ग्वालियर से पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव भी देर रात डबरा पहुँचे और पुलिस टीमों को मुस्तैदी से काम करने के निर्देश दिए। बच्चे की तलाश में पांच पुलिस टीमें, एडिशनल एसपी जयराज कुबेर, एसडीओपी जितेंद्र नगाइच, पिछोर और गिजौर्रा थाना प्रभारी सहित देहात पुलिस और जिले की अन्य टीमें लगातार सर्चिंग कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। पुलिस अधिकारियों को सबसे अधिक चिंता मासूम बालक की है, क्योंकि कथित अपहरणकर्ता होतम शराब पीने का आदी है। पुलिस को डर है कि कहीं शराब के नशे में वह बच्चे के साथ कोई अनहोनी न कर दे या बच्चे का उसे होश न रहे। इसी कारण पुलिस टीम होतम के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसके रिश्तेदारों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस उस मोटरसाइकिल को भी ट्रेस करने का प्रयास कर रही है, जिस पर होतम बच्चे को ले गया था। होतम के मोबाइल का भी कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। जिस ईंट भट्ठे पर होतम काम करता है, उसका मालिक मुरारी प्रजापति भी पुलिस को नहीं मिल पा रहा और उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है, जिससे शक की सुई मुरारी की तरफ भी घूम रही है। पुलिस को पता चला है कि होतम, नंदराम और लक्ष्मी आदिवासी, मुरारी प्रजापति के ईंट भट्ठे पर काम करते हैं और उनका आपस में बोलचाल था, होतम उनके घर भी आता-जाता था। फिलहाल, बच्चे की माँ किसी भी तरह के लड़ाई-झगड़े से इनकार कर रही हैं और उनका कहना है कि वास्तविक स्थिति तो होतम के पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद ही स्पष्ट होगी। एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर ने पुष्टि की है कि अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की टीमें लगातार बच्चे की तलाश में जुटी हैं, शीघ्र ही बच्चे को खोज लिया जाएगा।
मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बुधवार दोपहर करीब 12:00 बजे एक तीन साल का बच्चा लापता हो गया। बच्चे के परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। लापता बच्चा नंदराम आदिवासी और लक्ष्मी का मंझला बेटा टिंकू है, जिसकी उम्र 3 वर्ष बताई जा रही है। लक्ष्मी आदिवासी ने बताया कि जब वह अपने छोटे बच्चे के साथ घर के अंदर सो रही थीं, तब टिंकू घर के आंगन में खेल रहा था। दोपहर 2:00 बजे के करीब जब वह जगीं, तो टिंकू कहीं नजर नहीं आया। आसपास तलाश करने पर भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो पड़ोस के एक बालक ने बताया
कि होतम उर्फ़ करिया प्रजापति उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गया है। घरवालों ने होतम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात न होने पर वे सिटी थाने पहुँचे और पुलिस को पूरी बात बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा तत्काल मौके पर पहुँचे और जानकारी जुटाने के बाद होतम प्रजापति के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया। हालाँकि, कोई ठोस सुराग हाथ न लगने पर ग्वालियर से पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव भी देर रात डबरा पहुँचे और पुलिस टीमों को मुस्तैदी से काम करने के निर्देश दिए। बच्चे की तलाश में पांच पुलिस टीमें, एडिशनल एसपी जयराज कुबेर, एसडीओपी जितेंद्र नगाइच, पिछोर और गिजौर्रा थाना प्रभारी सहित देहात पुलिस और जिले की अन्य टीमें लगातार सर्चिंग कर रही
हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। पुलिस अधिकारियों को सबसे अधिक चिंता मासूम बालक की है, क्योंकि कथित अपहरणकर्ता होतम शराब पीने का आदी है। पुलिस को डर है कि कहीं शराब के नशे में वह बच्चे के साथ कोई अनहोनी न कर दे या बच्चे का उसे होश न रहे। इसी कारण पुलिस टीम होतम के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसके रिश्तेदारों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस उस मोटरसाइकिल को भी ट्रेस करने का प्रयास कर रही है, जिस पर होतम बच्चे को ले गया था। होतम के मोबाइल का भी कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। जिस ईंट भट्ठे पर होतम काम करता है, उसका मालिक मुरारी प्रजापति भी पुलिस
को नहीं मिल पा रहा और उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है, जिससे शक की सुई मुरारी की तरफ भी घूम रही है। पुलिस को पता चला है कि होतम, नंदराम और लक्ष्मी आदिवासी, मुरारी प्रजापति के ईंट भट्ठे पर काम करते हैं और उनका आपस में बोलचाल था, होतम उनके घर भी आता-जाता था। फिलहाल, बच्चे की माँ किसी भी तरह के लड़ाई-झगड़े से इनकार कर रही हैं और उनका कहना है कि वास्तविक स्थिति तो होतम के पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद ही स्पष्ट होगी। एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर ने पुष्टि की है कि अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की टीमें लगातार बच्चे की तलाश में जुटी हैं, शीघ्र ही बच्चे को खोज लिया जाएगा।
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) से बुधवार दोपहर करीब 12 बजे अपहृत किए गए तीन वर्षीय बालक टिंकू को पुलिस ने शिवपुरी जिले के बिलोनी गांव से सकुशल ढूंढ निकाला है। पुलिस ने इस मामले में अपहरण के आरोपी होतम उर्फ करिया प्रजापति को भी गिरफ्तार कर लिया है। बालक टिंकू को उसकी मां लक्ष्मी आदिवासी को सौंप दिया गया है, जिसने उसे सीने से लगाकर खूब रोया, जिससे पूरा पुलिस दल भावुक हो गया। लक्ष्मी आदिवासी के बेटे टिंकू का अपहरण गौतम उर्फ करिया प्रजापति ने किया था, जिसकी सूचना मोहल्ले के एक लड़के ने दी थी कि आरोपी उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव डबरा पहुंचे, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे। बालक की खोजबीन के लिए जिले की 10 पुलिस टीमें गठित की गईं, जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज और साइबर माध्यमों से भी तलाश जारी रखी। पुलिस को सुबह एक मुखबिर से सूचना मिली कि गौतम उर्फ करिया शिवपुरी जिले के नरवर के पास बिलोनी गांव में एक चिमनी के पास छिपा है। सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा, एसआई राजकुमार, प्रधान आरक्षक शिवशांत पांडे, दिनेश सिंह और विनोद रावत की टीम तुरंत बिलोनी गांव के लिए रवाना हुई। रास्ते में वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। टीम ने जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया और आरोपी को बच्चे के साथ नहर किनारे से पकड़ लिया। पुलिस टीम बालक को लेकर डबरा पहुंची, जहां उसकी मां लक्ष्मी देवी और पिता नंदराम सहित परिवार के सदस्य पहले से इंतजार कर रहे थे। पुलिस आरोपी गौतम उर्फ करिया प्रजापति से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी शराब पीने का आदी है और उसने नशे की हालत में इस वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि, अपहरण के पीछे का स्पष्ट मकसद अभी तक सामने नहीं आया है। सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि 3 साल के मासूम के अपहरण के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और बच्चे को सकुशल उसकी मां को सौंप दिया गया है। वारदात के पीछे के सही कारण की जांच की जा रही है।3
- दतिया जिले में आगामी विधानसभा उप-चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से, पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चाँवला के मार्गदर्शन में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और विक्रय के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने कंजर डेरों और अन्य संदिग्ध स्थानों पर प्रभावी दबिश देकर कुल 2,065 लीटर अवैध शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीबन 4 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने शराब निर्माण में प्रयुक्त करीबन 3,600 लीटर लहान, जिसकी कीमत लगभग 2 लाख रुपये है, और संबंधित उपकरणों को भी मौके पर नष्ट किया। अभियान के दौरान, थाना सिविल लाइन पुलिस ने ग्राम हमीरपुर कंजर डेरा में अवैध शराब के ठिकानों पर दबिश दी, जहाँ 6 ड्रम लाहन, 2 शराब बनाने की भट्टियां और अन्य सामग्री नष्ट की गईं। साथ ही, 10 ड्रमों में भरी 1,900 लीटर कच्ची शराब जब्त कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। वहीं, थाना उनाव पुलिस ने ग्राम नरगढ़ कंजर डेरा में कार्रवाई करते हुए 120 लीटर हाथभट्टी की बनी अवैध शराब जब्त की और 300 लीटर लाहन मौके पर ही नष्ट कर दिया, जिसके संबंध में आरोपी सुस्पेंद्र कंजर के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। थाना जिगना पुलिस ने कंजर डेरा सनोरा में दबिश देकर लगभग 1,400 लीटर लाहन (अनुमानित कीमत ₹2 लाख) नष्ट किया। इस दौरान, आरोपी गीता पत्नी बलराम कंजर के कब्जे से 15 लीटर और रामकुमार अहिरवार पुत्र मातादीन अहिरवार निवासी सनोरा के कब्जे से 30 लीटर कच्ची शराब जब्त कर दोनों के विरुद्ध धारा 34 आबकारी अधिनियम के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए, जिनकी विवेचना जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी सिविल लाइन वैभव गुप्ता, थाना प्रभारी उनाव उप निरीक्षक यतेन्द्र भदौरिया, थाना जिगना उप निरीक्षक रचना माहौर सहित उनके साथ मौजूद पुलिस बल की भूमिका सराहनीय रही। दतिया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगामी विधानसभा उप-चुनाव को ध्यान में रखते हुए अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जाएगी।1
- आज दतिया विधानसभा चुनाव के लिए आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर सिंह यादव ने अपना पर्चा दाखिल किया। इस अवसर पर उनके साथ मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उल्लास, उमंग और जोश का माहौल देखने को मिला।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सबलगढ़ थाने के एक सब-इंस्पेक्टर (ASI) का रिश्वत मांगते हुए कथित बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में, कथित तौर पर ASI रामबाबू निबोरिया यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि वे किसी व्यक्ति को छोड़ने के बदले में पैसों की मांग कर रहे हैं। वीडियो में वह स्पष्ट रूप से कहते हैं कि "छोड़ दूंगा पर टीआई साहब बहुत खतरनाक है.. बताओ कितना दोगे 10, 20, 25 या 50 हजार, मैं साहब से बात कर लूंगा?" इस वीडियो के वायरल होने के बाद, रिश्वत मांगने के आरोप में ASI रामबाबू निबोरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- ग्वालियर जिले में पुलिस ने उन इनामी आरोपियों को आखिरकार अपनी गिरफ्त में ले लिया है जिन पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित था। ये आरोपी लंबे समय से कानून से बचने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम साबित हुई और वे पुलिस के शिकंजे में आ गए।1
- ग्वालियर की कृष्णा कॉलोनी के वार्ड नंबर 52 में नाले की समस्या ने स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है। पहले जहां एक बड़ा नाला मौजूद था, अब वहां एक छोटी नाली तक नहीं बची है, जिसके कारण नाली का सारा गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है। इस स्थिति के चलते सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर नागरिक समस्या के समाधान के लिए लोगों ने कई बार आवाज उठाई है। शिकायतकर्ताओं ने 181 सीएम हेल्पलाइन नंबर पर कई बार कॉल किया, लेकिन उनकी समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके अतिरिक्त, इस मुद्दे को जनसुनवाई में भी उठाया गया था, परंतु वहां भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। बार-बार शिकायत और गुहार के बावजूद, इस महत्वपूर्ण समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और इसका कोई समाधान नहीं निकल रहा है।1