मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) से बुधवार दोपहर करीब 12 बजे अपहृत किए गए तीन वर्षीय बालक टिंकू को पुलिस ने शिवपुरी जिले के बिलोनी गांव से सकुशल ढूंढ निकाला है। पुलिस ने इस मामले में अपहरण के आरोपी होतम उर्फ करिया प्रजापति को भी गिरफ्तार कर लिया है। बालक टिंकू को उसकी मां लक्ष्मी आदिवासी को सौंप दिया गया है, जिसने उसे सीने से लगाकर खूब रोया, जिससे पूरा पुलिस दल भावुक हो गया। लक्ष्मी आदिवासी के बेटे टिंकू का अपहरण गौतम उर्फ करिया प्रजापति ने किया था, जिसकी सूचना मोहल्ले के एक लड़के ने दी थी कि आरोपी उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव डबरा पहुंचे, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे। बालक की खोजबीन के लिए जिले की 10 पुलिस टीमें गठित की गईं, जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज और साइबर माध्यमों से भी तलाश जारी रखी। पुलिस को सुबह एक मुखबिर से सूचना मिली कि गौतम उर्फ करिया शिवपुरी जिले के नरवर के पास बिलोनी गांव में एक चिमनी के पास छिपा है। सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा, एसआई राजकुमार, प्रधान आरक्षक शिवशांत पांडे, दिनेश सिंह और विनोद रावत की टीम तुरंत बिलोनी गांव के लिए रवाना हुई। रास्ते में वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। टीम ने जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया और आरोपी को बच्चे के साथ नहर किनारे से पकड़ लिया। पुलिस टीम बालक को लेकर डबरा पहुंची, जहां उसकी मां लक्ष्मी देवी और पिता नंदराम सहित परिवार के सदस्य पहले से इंतजार कर रहे थे। पुलिस आरोपी गौतम उर्फ करिया प्रजापति से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी शराब पीने का आदी है और उसने नशे की हालत में इस वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि, अपहरण के पीछे का स्पष्ट मकसद अभी तक सामने नहीं आया है। सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि 3 साल के मासूम के अपहरण के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और बच्चे को सकुशल उसकी मां को सौंप दिया गया है। वारदात के पीछे के सही कारण की जांच की जा रही है।
मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) से बुधवार दोपहर करीब 12 बजे अपहृत किए गए तीन वर्षीय बालक टिंकू को पुलिस ने शिवपुरी जिले के बिलोनी गांव से सकुशल ढूंढ निकाला है। पुलिस ने इस मामले में अपहरण के आरोपी होतम उर्फ करिया प्रजापति को भी गिरफ्तार कर लिया है। बालक टिंकू को उसकी मां लक्ष्मी आदिवासी को सौंप दिया गया है, जिसने उसे सीने से लगाकर खूब रोया, जिससे पूरा पुलिस दल भावुक हो गया। लक्ष्मी आदिवासी के बेटे टिंकू का अपहरण गौतम उर्फ करिया प्रजापति ने किया था, जिसकी सूचना मोहल्ले के एक लड़के ने दी थी कि आरोपी उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव डबरा पहुंचे,
जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे। बालक की खोजबीन के लिए जिले की 10 पुलिस टीमें गठित की गईं, जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज और साइबर माध्यमों से भी तलाश जारी रखी। पुलिस को सुबह एक मुखबिर से सूचना मिली कि गौतम उर्फ करिया शिवपुरी जिले के नरवर के पास बिलोनी गांव में एक चिमनी के पास छिपा है। सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा, एसआई राजकुमार, प्रधान आरक्षक शिवशांत पांडे, दिनेश सिंह और विनोद रावत की टीम तुरंत बिलोनी गांव के लिए रवाना हुई। रास्ते में वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। टीम ने जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया और आरोपी को बच्चे के साथ नहर किनारे
से पकड़ लिया। पुलिस टीम बालक को लेकर डबरा पहुंची, जहां उसकी मां लक्ष्मी देवी और पिता नंदराम सहित परिवार के सदस्य पहले से इंतजार कर रहे थे। पुलिस आरोपी गौतम उर्फ करिया प्रजापति से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी शराब पीने का आदी है और उसने नशे की हालत में इस वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि, अपहरण के पीछे का स्पष्ट मकसद अभी तक सामने नहीं आया है। सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि 3 साल के मासूम के अपहरण के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और बच्चे को सकुशल उसकी मां को सौंप दिया गया है। वारदात के पीछे के सही कारण की जांच की जा रही है।
- ग्वालियर के मुरार क्षेत्र में व्यापारियों ने व्हाइट हाउस के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पारस जैन का ज़ोरदार स्वागत किया। यह स्वागत मुरार के व्यापारियों द्वारा किया गया।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है, जहां बड़ौनी क्षेत्र के 50 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। यह घटनाक्रम पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी में मनोज वैध "नन्नू" के नेतृत्व में हुआ, जिसे उपचुनाव से पहले भाजपा के लिए एक बड़ी राजनीतिक बढ़त माना जा रहा है। इस बीच, विधानसभा उपचुनाव को लेकर जिले में चुनावी सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। हालांकि, भाजपा और कांग्रेस जैसे दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने अभी तक अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है, जिसके चलते राजनीतिक चर्चाओं का दौर गरम बना हुआ है। इस चुनावी दौड़ में आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव ने अपना नामांकन दाखिल कर मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है। फिलहाल, पूरे जिले की निगाहें अब प्रमुख दलों के उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हुई हैं, और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सियासी गतिविधियां और भी तेज होंगी।1
- भांडेर प्रखंड में गुरुवार दोपहर 03 बजे से शाम 04 बजे तक विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल द्वारा एक साप्ताहिक सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत सेवा बस्ती में लोहपीटा समाज के बीच वृक्षारोपण किया गया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, ग्राम हसापुर में आदिवासी समुदाय के सदस्यों को फल वितरित कर सेवा कार्य संपन्न किया गया। इस अवसर पर विहिप के जिला कोषाध्यक्ष जयप्रकाश डांगी, प्रखंड उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता, बजरंग दल संयोजक सुजीत सैगर, प्रखंड मंत्री सुनील प्रजापति, सह मंत्री गौरव राजावत, गौ सेवा प्रमुख दिलीप साहू, मठ मंदिर प्रमुख राहुल तिवारी और लाला कुशवाहा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक 2.0' के तहत दतिया पुलिस ने पूरे मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल और उनकी टीम को प्रशस्ति पत्र जारी कर बधाई दी है। पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने जानकारी दी कि अभियान के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर खतरों के प्रति जागरूक किया गया। दतिया पुलिस द्वारा किए गए इन प्रभावी जनसंपर्क और जागरूकता प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले ने प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में दतिया पुलिस की यह उपलब्धि प्रदेश स्तर पर एक बड़ी सफलता के रूप में देखी जा रही है, जिसने उन्हें पूरे मध्यप्रदेश में अपनी एक अलग पहचान दिलाई है।1
- दतिया विधानसभा उप-चुनाव 2026 के संदर्भ में, दतिया विधानसभा क्रमांक 22 से आज दामोदर यादव ने आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर दामोदर सिंह यादव ने अपनी बात रखी, जिसे संवाददाता शफीक काजी ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में प्रस्तुत किया है।1
- यह वर्णन राधा रानी के आंसुओं से 'मान-सरोवर' के बनने के गहरे रहस्य को उजागर करता है। कथा इस मूलभूत प्रश्न से शुरू होती है कि राधा रानी क्यों रोई थीं, और कैसे उनके अश्रु 'मान-सरोवर' में बदल गए। इस रहस्यमयी गाथा में शिव के गोपी रूप धारण करने और गोपेश्वर महादेव की एक अनसुनी कहानी भी निहित है। संपूर्ण वृत्तांत राधा के 'मान' और भगवान कृष्ण की लीला के इर्द-गिर्द घूमता है, जो इन दिव्य घटनाओं के पीछे के भाव और अर्थ को दर्शाता है।1
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बुधवार दोपहर करीब 12:00 बजे एक तीन साल का बच्चा लापता हो गया। बच्चे के परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। लापता बच्चा नंदराम आदिवासी और लक्ष्मी का मंझला बेटा टिंकू है, जिसकी उम्र 3 वर्ष बताई जा रही है। लक्ष्मी आदिवासी ने बताया कि जब वह अपने छोटे बच्चे के साथ घर के अंदर सो रही थीं, तब टिंकू घर के आंगन में खेल रहा था। दोपहर 2:00 बजे के करीब जब वह जगीं, तो टिंकू कहीं नजर नहीं आया। आसपास तलाश करने पर भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो पड़ोस के एक बालक ने बताया कि होतम उर्फ़ करिया प्रजापति उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गया है। घरवालों ने होतम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात न होने पर वे सिटी थाने पहुँचे और पुलिस को पूरी बात बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा तत्काल मौके पर पहुँचे और जानकारी जुटाने के बाद होतम प्रजापति के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया। हालाँकि, कोई ठोस सुराग हाथ न लगने पर ग्वालियर से पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव भी देर रात डबरा पहुँचे और पुलिस टीमों को मुस्तैदी से काम करने के निर्देश दिए। बच्चे की तलाश में पांच पुलिस टीमें, एडिशनल एसपी जयराज कुबेर, एसडीओपी जितेंद्र नगाइच, पिछोर और गिजौर्रा थाना प्रभारी सहित देहात पुलिस और जिले की अन्य टीमें लगातार सर्चिंग कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। पुलिस अधिकारियों को सबसे अधिक चिंता मासूम बालक की है, क्योंकि कथित अपहरणकर्ता होतम शराब पीने का आदी है। पुलिस को डर है कि कहीं शराब के नशे में वह बच्चे के साथ कोई अनहोनी न कर दे या बच्चे का उसे होश न रहे। इसी कारण पुलिस टीम होतम के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसके रिश्तेदारों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस उस मोटरसाइकिल को भी ट्रेस करने का प्रयास कर रही है, जिस पर होतम बच्चे को ले गया था। होतम के मोबाइल का भी कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। जिस ईंट भट्ठे पर होतम काम करता है, उसका मालिक मुरारी प्रजापति भी पुलिस को नहीं मिल पा रहा और उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है, जिससे शक की सुई मुरारी की तरफ भी घूम रही है। पुलिस को पता चला है कि होतम, नंदराम और लक्ष्मी आदिवासी, मुरारी प्रजापति के ईंट भट्ठे पर काम करते हैं और उनका आपस में बोलचाल था, होतम उनके घर भी आता-जाता था। फिलहाल, बच्चे की माँ किसी भी तरह के लड़ाई-झगड़े से इनकार कर रही हैं और उनका कहना है कि वास्तविक स्थिति तो होतम के पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद ही स्पष्ट होगी। एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर ने पुष्टि की है कि अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की टीमें लगातार बच्चे की तलाश में जुटी हैं, शीघ्र ही बच्चे को खोज लिया जाएगा।4
- आउटसोर्स पर कार्यरत नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने गुरुवार दोपहर 02 बजे बताया कि उन्हें पिछले दो से तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनका लगातार शोषण किया जा रहा है और कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया गया। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में प्रत्येक माह समय पर वेतन का भुगतान, ठेकेदार द्वारा वेतन से की जाने वाली कटौतियों पर रोक और उनके लंबित एरियर का जल्द भुगतान शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि वे अपनी इन शिकायतों को कलेक्टर, एसडीएम, नगर परिषद सीएमओ और नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि तक पहुंचा चुके हैं। हालांकि, इन सभी शिकायतों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र गुर्जर, रवि बघेल और अजय बघेल ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। भाजपा ने इस घटनाक्रम को उपचुनाव से पहले अपनी बड़ी राजनीतिक बढ़त करार दिया है। इस घटना से दतिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। भाजपा का दावा है कि इस बढ़ते जनसमर्थन से पार्टी को उपचुनाव में और अधिक मजबूती मिलेगी, जबकि कांग्रेस के लिए यह एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में दतिया की सियासत उपचुनाव को लेकर और भी दिलचस्प हो सकती है।1