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₹50 की KYC वसूली से खुला ‘कोटेदारी खेल’? शिकायतकर्ता पर पलटवार, पूर्ति विभाग पर संरक्षण के आरोप, तहसील मुख्यालय पर दोनों में हुआ बड़ा विवाद, मौके पर मची अफरा -तफरी, पूर्ति निरीक्षक मौके पर मौजूद, मामले के वीडियो वायरल, पूर्ति विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी सवाल, पुलिस को दोनों पक्षो ने तहरीर देकर लगाई गुहार बहूचर्चित मामले में नया मोड़ — महिला कोटेदार द्वारा अवैध रूप से ₹50 की KYC वसूली से खुला ‘कोटेदारी खेल’? शिकायतकर्ता पर पलटवार, पूर्ति विभाग पर संरक्षण के आरोप हरदोई। तहसील शाहाबाद क्षेत्र का भदेउना प्रकरण अब ₹50 की कथित केवाईसी वसूली से निकलकर पूरे पूर्ति तंत्र और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सीधा सवाल बन गया है। ग्राम पंचायत भदेउना की महिला कोटेदार सीमा देवी पर कार्डधारक पंचम बर्मा से केवाईसी के नाम पर ₹50 अवैध वसूली का आरोप अब ऑन लाइन —इण्डिया पोस्टपेमेंट बैंक की रसीद सामने आने के बाद आखिर पुष्टिकारक होता जा रहा है, इतना ही नहीं कार्डधारक द्वारा अपने नातेदार किसान नेता गोलू कुमार द्वारा की गई पहले शिकायत और उसके बाद तहसील मुख्यालय पर विवाद होना, जहाँ मौके पर बहुत से कोटेदारों सहित पूर्ति निरीक्षक का मौके पर मौजूद होना भी प्रथमदृश्यट्या शिकायतकर्ता कार्डधारक पंचम बर्मा समेत गोलू कुमार का पक्ष मजबूत करने के काफी मालुम हो रहा है। चुंकि कार्ड धारक पंचम बर्मा ने अपने रिश्तेदार किसान नेता गोलू कुमार से पूर्ति विभाग में शिकायत कराई थी। उसके बाद सोशल मीडिया पर लेन-देन का प्रमाण और वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। शिकायत करने पर ही बना दबाव? और महिला कोटेदार ने आमादाफसाद होकर किया अपना बचाव आरोप है कि शिकायत के बाद पूर्ति कार्यालय में कोटेदारों की मीटिंग के बाद मामले की सुनवाई के लिए शिकायतकर्ताओं को भी बुलाया गया था। वहां समझौते का दबाव बनाया गया तो शिकायतकर्ता भी किसान नेता होने के कारण भड़क गया और फिर शिकायतकर्ता द्वारा सुलह से इंकार करने पर माहौल गरमा गया। कथित रूप से महिला कोटेदार ने न केवल धमकी दी, बल्कि उल्टा शिकायतकर्ताओं पर ही आरोप मढ़ दिए। किसान नेता गोलू कुमार ने क्षेत्राधिकारी शाहाबाद को तहरीर देकर आरोप लगाया कि उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। यह तहरीर पुलिस अधीक्षक हरदोई को भी एक्स पर भेजे जाने की जानकारी मिली है। पलटवार की तहरीर और नया मोड़ इसी बीच महिला कोटेदार की ओर से भी तहरीर दी गई, जिसमें किसान नेता पर गाली-गलौज, अभद्रता, अश्लील अभद्रता और धन मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। अब सवाल यह है — क्या मूल शिकायत से ध्यान हटाने के लिए यह पलटवार हुआ? या वास्तव में दबाव और उगाही का दूसरा पक्ष भी मौजूद है? दोनों पक्षों के वीडियो, बाइट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। सबसे ज्यादा काबिलेगौर — “KYC वसूली” सिर्फ एक दुकान तक सीमित नहीं? ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि केवाईसी के नाम पर ₹50 की कथित वसूली कोई नई बात नहीं। आरोप है कि यह प्रथा लंबे समय से कई उचित दर विक्रेताओं के यहां चल रही है। यदि यह सही है तो प्रश्न सीधा है — क्या पूर्ति विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी? या शिकायतों को दबाया जाता रहा? चर्चाएं यहां तक हैं कि बिना विभागीय संरक्षण के इस स्तर पर वसूली संभव नहीं। स्थानीय प्रशासन भी कटघरे से बाहर नहीं अब पूरा मामला सीधे प्रशासनिक जवाबदेही पर आ खड़ा हुआ है। जिससे सवाल और भी हैँ — क्या शिकायतकर्ता को ही आरोपी बनाने की कोशिश हुई? क्या पूर्ति अधिकारी और उनके कार्यालय की भूमिका निष्पक्ष थी? क्या पूरे जनपद में केवाईसी प्रक्रिया का ऑडिट होगा? क्या पिछले वर्षों में वसूली गई रकम की जांच होगी? यदि आरोप सही निकले तो यह केवल ₹50 का मामला नहीं, बल्कि गरीब कार्डधारकों से संगठित आर्थिक शोषण का गंभीर विषय हो सकता है और यदि आरोप निराधार हैं तो प्रशासन को पारदर्शी जांच कर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सार्वजनिक मांग — समयबद्ध जांच जनता की मांग है कि: पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। वायरल वीडियो और दोनों तहरीरों को जांच का हिस्सा बनाया जाए। 7 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। यदि विभागीय लापरवाही या संरक्षण सिद्ध हो तो जिम्मेदारी उच्च स्तर तक तय की जाए। निष्कर्ष—यह मामला अब कोटेदार बनाम किसान नेता का नहीं रहा बल्कि यह सवाल बन गया है —क्या व्यवस्था शिकायत सुनने के लिए है या शिकायतकर्ता को ही कटघरे में खड़ा करने के लिए? ₹50 की चिंगारी ने पूर्ति विभाग की कार्यशैली, प्रशासन की निष्पक्षता और कोटेदारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब निगाहें प्रशासन पर हैं — सच सामने आएगा या आरोप-प्रत्यारोप की आड़ में मामला ठंडा पड़ जाएगा? या उल्टा शिकायतकर्ताओं के विरुद्ध हो FIR दर्ज हो जाएगी।

16 hrs ago
user_OmdevDixit (Pappu Dixit)
OmdevDixit (Pappu Dixit)
Farmer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
16 hrs ago

₹50 की KYC वसूली से खुला ‘कोटेदारी खेल’? शिकायतकर्ता पर पलटवार, पूर्ति विभाग पर संरक्षण के आरोप, तहसील मुख्यालय पर दोनों में हुआ बड़ा विवाद, मौके पर मची अफरा -तफरी, पूर्ति निरीक्षक मौके पर मौजूद, मामले के वीडियो वायरल, पूर्ति विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी सवाल, पुलिस को दोनों पक्षो ने तहरीर देकर लगाई गुहार बहूचर्चित मामले में नया मोड़ — महिला कोटेदार द्वारा अवैध रूप से ₹50 की KYC वसूली से खुला ‘कोटेदारी खेल’? शिकायतकर्ता पर पलटवार, पूर्ति विभाग पर संरक्षण के आरोप हरदोई। तहसील शाहाबाद क्षेत्र का भदेउना प्रकरण अब ₹50 की कथित केवाईसी वसूली से निकलकर पूरे पूर्ति तंत्र और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सीधा सवाल बन गया है। ग्राम पंचायत भदेउना की महिला कोटेदार सीमा देवी पर कार्डधारक पंचम बर्मा से केवाईसी के नाम पर ₹50 अवैध वसूली का आरोप अब ऑन लाइन —इण्डिया पोस्टपेमेंट बैंक की रसीद सामने आने के बाद आखिर पुष्टिकारक होता जा रहा है, इतना ही नहीं कार्डधारक द्वारा अपने नातेदार किसान नेता गोलू कुमार द्वारा की गई पहले शिकायत और उसके बाद तहसील मुख्यालय पर विवाद होना, जहाँ मौके पर बहुत से कोटेदारों सहित पूर्ति निरीक्षक का मौके पर मौजूद होना भी प्रथमदृश्यट्या शिकायतकर्ता

कार्डधारक पंचम बर्मा समेत गोलू कुमार का पक्ष मजबूत करने के काफी मालुम हो रहा है। चुंकि कार्ड धारक पंचम बर्मा ने अपने रिश्तेदार किसान नेता गोलू कुमार से पूर्ति विभाग में शिकायत कराई थी। उसके बाद सोशल मीडिया पर लेन-देन का प्रमाण और वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। शिकायत करने पर ही बना दबाव? और महिला कोटेदार ने आमादाफसाद होकर किया अपना बचाव आरोप है कि शिकायत के बाद पूर्ति कार्यालय में कोटेदारों की मीटिंग के बाद मामले की सुनवाई के लिए शिकायतकर्ताओं को भी बुलाया गया था। वहां समझौते का दबाव बनाया गया तो शिकायतकर्ता भी किसान नेता होने के कारण भड़क गया और फिर शिकायतकर्ता द्वारा सुलह से इंकार करने पर माहौल गरमा गया। कथित रूप से महिला कोटेदार ने न केवल धमकी दी, बल्कि उल्टा शिकायतकर्ताओं पर ही आरोप मढ़ दिए। किसान नेता गोलू कुमार ने क्षेत्राधिकारी शाहाबाद को तहरीर देकर आरोप लगाया कि उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। यह तहरीर पुलिस अधीक्षक हरदोई को भी एक्स पर भेजे जाने की जानकारी मिली है। पलटवार की तहरीर और नया मोड़ इसी बीच महिला कोटेदार की ओर से

भी तहरीर दी गई, जिसमें किसान नेता पर गाली-गलौज, अभद्रता, अश्लील अभद्रता और धन मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। अब सवाल यह है — क्या मूल शिकायत से ध्यान हटाने के लिए यह पलटवार हुआ? या वास्तव में दबाव और उगाही का दूसरा पक्ष भी मौजूद है? दोनों पक्षों के वीडियो, बाइट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। सबसे ज्यादा काबिलेगौर — “KYC वसूली” सिर्फ एक दुकान तक सीमित नहीं? ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि केवाईसी के नाम पर ₹50 की कथित वसूली कोई नई बात नहीं। आरोप है कि यह प्रथा लंबे समय से कई उचित दर विक्रेताओं के यहां चल रही है। यदि यह सही है तो प्रश्न सीधा है — क्या पूर्ति विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी? या शिकायतों को दबाया जाता रहा? चर्चाएं यहां तक हैं कि बिना विभागीय संरक्षण के इस स्तर पर वसूली संभव नहीं। स्थानीय प्रशासन भी कटघरे से बाहर नहीं अब पूरा मामला सीधे प्रशासनिक जवाबदेही पर आ खड़ा हुआ है। जिससे सवाल और भी हैँ — क्या शिकायतकर्ता को ही आरोपी बनाने की कोशिश हुई? क्या पूर्ति अधिकारी और उनके कार्यालय की भूमिका निष्पक्ष थी? क्या पूरे जनपद

में केवाईसी प्रक्रिया का ऑडिट होगा? क्या पिछले वर्षों में वसूली गई रकम की जांच होगी? यदि आरोप सही निकले तो यह केवल ₹50 का मामला नहीं, बल्कि गरीब कार्डधारकों से संगठित आर्थिक शोषण का गंभीर विषय हो सकता है और यदि आरोप निराधार हैं तो प्रशासन को पारदर्शी जांच कर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सार्वजनिक मांग — समयबद्ध जांच जनता की मांग है कि: पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। वायरल वीडियो और दोनों तहरीरों को जांच का हिस्सा बनाया जाए। 7 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। यदि विभागीय लापरवाही या संरक्षण सिद्ध हो तो जिम्मेदारी उच्च स्तर तक तय की जाए। निष्कर्ष—यह मामला अब कोटेदार बनाम किसान नेता का नहीं रहा बल्कि यह सवाल बन गया है —क्या व्यवस्था शिकायत सुनने के लिए है या शिकायतकर्ता को ही कटघरे में खड़ा करने के लिए? ₹50 की चिंगारी ने पूर्ति विभाग की कार्यशैली, प्रशासन की निष्पक्षता और कोटेदारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब निगाहें प्रशासन पर हैं — सच सामने आएगा या आरोप-प्रत्यारोप की आड़ में मामला ठंडा पड़ जाएगा? या उल्टा शिकायतकर्ताओं के विरुद्ध हो FIR दर्ज हो जाएगी।

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  • शाहाबाद में देशी शराब ठेके के पास अवैध बार का संचालन, महिलाओं का फूटा गुस्सा बिना लाइसेंस खुलेआम शराब परोसने का आरोप, कार्रवाई की उठी मांग हरदोई। जनपद के शाहाबाद क्षेत्र में अवैध रूप से शराब पिलाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि देशी शराब के ठेके से सटी एक दुकान में गेट खोलकर बिना किसी वैध लाइसेंस और परमिट के खुलेआम शराब परोसी जा रही है। इस मामले को लेकर स्थानीय महिलाओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मौके पर पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि संबंधित दुकान में नियमित रूप से लोगों को बैठाकर शराब पिलाई जाती है, जिससे आसपास का माहौल खराब हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दुकान मालिक की अनुमति के बिना गेट खोलकर अवैध तरीके से यह गतिविधि संचालित की जा रही है। वहीं, शराब पीने आने वाले लोगों के कारण आए दिन गाली-गलौज और झगड़े जैसी घटनाएं भी हो रही हैं, जिससे परिवारों, खासकर महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्र हो गईं और उन्होंने तीखा विरोध जताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगाई गई तो वे आंदोलन को और तेज करने को मजबूर होंगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध रूप से शराब पिलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र का माहौल सुरक्षित और शांतिपूर्ण बना रहे। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा की जा रही है।
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    शाहाबाद में देशी शराब ठेके के पास अवैध बार का संचालन, 
महिलाओं का फूटा गुस्सा
बिना लाइसेंस खुलेआम शराब परोसने का आरोप, कार्रवाई की उठी मांग
हरदोई। जनपद के शाहाबाद क्षेत्र में अवैध रूप से शराब पिलाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि देशी शराब के ठेके से सटी एक दुकान में गेट खोलकर बिना किसी वैध लाइसेंस और परमिट के खुलेआम शराब परोसी जा रही है। इस मामले को लेकर स्थानीय महिलाओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मौके पर पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
बताया जा रहा है कि संबंधित दुकान में नियमित रूप से लोगों को बैठाकर शराब पिलाई जाती है, जिससे आसपास का माहौल खराब हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दुकान मालिक की अनुमति के बिना गेट खोलकर अवैध तरीके से यह गतिविधि संचालित की जा रही है। वहीं, शराब पीने आने वाले लोगों के कारण आए दिन गाली-गलौज और झगड़े जैसी घटनाएं भी हो रही हैं, जिससे परिवारों, खासकर महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्र हो गईं और उन्होंने तीखा विरोध जताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगाई गई तो वे आंदोलन को और तेज करने को मजबूर होंगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध रूप से शराब पिलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र का माहौल सुरक्षित और शांतिपूर्ण बना रहे। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा की जा रही है।
    user_Journalist,Abdheshkumar
    Journalist,Abdheshkumar
    Photographer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
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    Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
    user_SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
    SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
    पत्रकार हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बहूचर्चित मामले में नया मोड़ — महिला कोटेदार द्वारा अवैध रूप से ₹50 की KYC वसूली से खुला ‘कोटेदारी खेल’? शिकायतकर्ता पर पलटवार, पूर्ति विभाग पर संरक्षण के आरोप हरदोई। तहसील शाहाबाद क्षेत्र का भदेउना प्रकरण अब ₹50 की कथित केवाईसी वसूली से निकलकर पूरे पूर्ति तंत्र और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सीधा सवाल बन गया है। ग्राम पंचायत भदेउना की महिला कोटेदार सीमा देवी पर कार्डधारक पंचम बर्मा से केवाईसी के नाम पर ₹50 अवैध वसूली का आरोप अब ऑन लाइन —इण्डिया पोस्टपेमेंट बैंक की रसीद सामने आने के बाद आखिर पुष्टिकारक होता जा रहा है, इतना ही नहीं कार्डधारक द्वारा अपने नातेदार किसान नेता गोलू कुमार द्वारा की गई पहले शिकायत और उसके बाद तहसील मुख्यालय पर विवाद होना, जहाँ मौके पर बहुत से कोटेदारों सहित पूर्ति निरीक्षक का मौके पर मौजूद होना भी प्रथमदृश्यट्या शिकायतकर्ता कार्डधारक पंचम बर्मा समेत गोलू कुमार का पक्ष मजबूत करने के काफी मालुम हो रहा है। चुंकि कार्ड धारक पंचम बर्मा ने अपने रिश्तेदार किसान नेता गोलू कुमार से पूर्ति विभाग में शिकायत कराई थी। उसके बाद सोशल मीडिया पर लेन-देन का प्रमाण और वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। शिकायत करने पर ही बना दबाव? और महिला कोटेदार ने आमादाफसाद होकर किया अपना बचाव आरोप है कि शिकायत के बाद पूर्ति कार्यालय में कोटेदारों की मीटिंग के बाद मामले की सुनवाई के लिए शिकायतकर्ताओं को भी बुलाया गया था। वहां समझौते का दबाव बनाया गया तो शिकायतकर्ता भी किसान नेता होने के कारण भड़क गया और फिर शिकायतकर्ता द्वारा सुलह से इंकार करने पर माहौल गरमा गया। कथित रूप से महिला कोटेदार ने न केवल धमकी दी, बल्कि उल्टा शिकायतकर्ताओं पर ही आरोप मढ़ दिए। किसान नेता गोलू कुमार ने क्षेत्राधिकारी शाहाबाद को तहरीर देकर आरोप लगाया कि उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। यह तहरीर पुलिस अधीक्षक हरदोई को भी एक्स पर भेजे जाने की जानकारी मिली है। पलटवार की तहरीर और नया मोड़ इसी बीच महिला कोटेदार की ओर से भी तहरीर दी गई, जिसमें किसान नेता पर गाली-गलौज, अभद्रता, अश्लील अभद्रता और धन मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। अब सवाल यह है — क्या मूल शिकायत से ध्यान हटाने के लिए यह पलटवार हुआ? या वास्तव में दबाव और उगाही का दूसरा पक्ष भी मौजूद है? दोनों पक्षों के वीडियो, बाइट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। सबसे ज्यादा काबिलेगौर — “KYC वसूली” सिर्फ एक दुकान तक सीमित नहीं? ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि केवाईसी के नाम पर ₹50 की कथित वसूली कोई नई बात नहीं। आरोप है कि यह प्रथा लंबे समय से कई उचित दर विक्रेताओं के यहां चल रही है। यदि यह सही है तो प्रश्न सीधा है — क्या पूर्ति विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी? या शिकायतों को दबाया जाता रहा? चर्चाएं यहां तक हैं कि बिना विभागीय संरक्षण के इस स्तर पर वसूली संभव नहीं। स्थानीय प्रशासन भी कटघरे से बाहर नहीं अब पूरा मामला सीधे प्रशासनिक जवाबदेही पर आ खड़ा हुआ है। जिससे सवाल और भी हैँ — क्या शिकायतकर्ता को ही आरोपी बनाने की कोशिश हुई? क्या पूर्ति अधिकारी और उनके कार्यालय की भूमिका निष्पक्ष थी? क्या पूरे जनपद में केवाईसी प्रक्रिया का ऑडिट होगा? क्या पिछले वर्षों में वसूली गई रकम की जांच होगी? यदि आरोप सही निकले तो यह केवल ₹50 का मामला नहीं, बल्कि गरीब कार्डधारकों से संगठित आर्थिक शोषण का गंभीर विषय हो सकता है और यदि आरोप निराधार हैं तो प्रशासन को पारदर्शी जांच कर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सार्वजनिक मांग — समयबद्ध जांच जनता की मांग है कि: पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। वायरल वीडियो और दोनों तहरीरों को जांच का हिस्सा बनाया जाए। 7 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। यदि विभागीय लापरवाही या संरक्षण सिद्ध हो तो जिम्मेदारी उच्च स्तर तक तय की जाए। निष्कर्ष—यह मामला अब कोटेदार बनाम किसान नेता का नहीं रहा बल्कि यह सवाल बन गया है —क्या व्यवस्था शिकायत सुनने के लिए है या शिकायतकर्ता को ही कटघरे में खड़ा करने के लिए? ₹50 की चिंगारी ने पूर्ति विभाग की कार्यशैली, प्रशासन की निष्पक्षता और कोटेदारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब निगाहें प्रशासन पर हैं — सच सामने आएगा या आरोप-प्रत्यारोप की आड़ में मामला ठंडा पड़ जाएगा? या उल्टा शिकायतकर्ताओं के विरुद्ध हो FIR दर्ज हो जाएगी।
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    बहूचर्चित मामले में नया मोड़ — महिला कोटेदार द्वारा अवैध रूप से ₹50 की KYC वसूली से खुला ‘कोटेदारी खेल’? शिकायतकर्ता पर पलटवार, पूर्ति विभाग पर संरक्षण के आरोप
हरदोई। तहसील शाहाबाद क्षेत्र का भदेउना प्रकरण अब ₹50 की कथित केवाईसी वसूली से निकलकर पूरे पूर्ति तंत्र और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सीधा सवाल बन गया है।
ग्राम पंचायत भदेउना की महिला कोटेदार सीमा देवी पर कार्डधारक पंचम बर्मा से केवाईसी के नाम पर ₹50 अवैध वसूली का आरोप अब ऑन लाइन —इण्डिया पोस्टपेमेंट बैंक की रसीद सामने आने के बाद आखिर पुष्टिकारक होता जा रहा है, इतना ही नहीं कार्डधारक द्वारा अपने नातेदार किसान नेता गोलू कुमार द्वारा की गई पहले शिकायत और उसके बाद तहसील मुख्यालय पर विवाद होना, जहाँ मौके पर बहुत से कोटेदारों सहित पूर्ति निरीक्षक का मौके पर मौजूद होना भी प्रथमदृश्यट्या शिकायतकर्ता कार्डधारक पंचम बर्मा समेत गोलू कुमार का पक्ष मजबूत करने के काफी मालुम हो रहा है।
चुंकि कार्ड धारक पंचम बर्मा ने अपने रिश्तेदार किसान नेता गोलू कुमार से पूर्ति विभाग में शिकायत कराई थी। उसके बाद सोशल मीडिया पर लेन-देन का प्रमाण और वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
शिकायत करने पर ही बना दबाव? और महिला कोटेदार ने आमादाफसाद होकर किया अपना बचाव 
आरोप है कि शिकायत के बाद पूर्ति कार्यालय में कोटेदारों की मीटिंग के बाद मामले की सुनवाई के लिए शिकायतकर्ताओं को भी बुलाया गया था। वहां समझौते का दबाव बनाया गया तो शिकायतकर्ता भी किसान नेता होने के कारण भड़क गया और फिर शिकायतकर्ता द्वारा सुलह से इंकार करने पर माहौल गरमा गया। कथित रूप से महिला कोटेदार ने न केवल धमकी दी, बल्कि उल्टा शिकायतकर्ताओं पर ही आरोप मढ़ दिए।
किसान नेता गोलू कुमार ने क्षेत्राधिकारी शाहाबाद को तहरीर देकर आरोप लगाया कि उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। यह तहरीर पुलिस अधीक्षक हरदोई को भी एक्स पर भेजे जाने की जानकारी मिली है।
पलटवार की तहरीर और नया मोड़
इसी बीच महिला कोटेदार की ओर से भी तहरीर दी गई, जिसमें किसान नेता पर गाली-गलौज, अभद्रता, अश्लील अभद्रता और धन मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
अब सवाल यह है — क्या मूल शिकायत से ध्यान हटाने के लिए यह पलटवार हुआ?
या वास्तव में दबाव और उगाही का दूसरा पक्ष भी मौजूद है? दोनों पक्षों के वीडियो, बाइट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
सबसे ज्यादा काबिलेगौर — “KYC वसूली” सिर्फ एक दुकान तक सीमित नहीं?
ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि केवाईसी के नाम पर ₹50 की कथित वसूली कोई नई बात नहीं। आरोप है कि यह प्रथा लंबे समय से कई उचित दर विक्रेताओं के यहां चल रही है।
यदि यह सही है तो प्रश्न सीधा है — क्या पूर्ति विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी? या शिकायतों को दबाया जाता रहा?
चर्चाएं यहां तक हैं कि बिना विभागीय संरक्षण के इस स्तर पर वसूली संभव नहीं।
स्थानीय प्रशासन भी कटघरे से बाहर नहीं 
अब पूरा मामला सीधे प्रशासनिक जवाबदेही पर आ खड़ा हुआ है। जिससे सवाल और भी हैँ —
क्या शिकायतकर्ता को ही आरोपी बनाने की कोशिश हुई?
क्या पूर्ति अधिकारी और उनके कार्यालय की भूमिका निष्पक्ष थी?
क्या पूरे जनपद में केवाईसी प्रक्रिया का ऑडिट होगा?
क्या पिछले वर्षों में वसूली गई रकम की जांच होगी?
यदि आरोप सही निकले तो यह केवल ₹50 का मामला नहीं, बल्कि गरीब कार्डधारकों से संगठित आर्थिक शोषण का गंभीर विषय हो सकता है और यदि आरोप निराधार हैं तो प्रशासन को पारदर्शी जांच कर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सार्वजनिक मांग — समयबद्ध जांच
जनता की मांग है कि: पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
वायरल वीडियो और दोनों तहरीरों को जांच का हिस्सा बनाया जाए। 7 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। यदि विभागीय लापरवाही या संरक्षण सिद्ध हो तो जिम्मेदारी उच्च स्तर तक तय की जाए।
निष्कर्ष—यह मामला अब कोटेदार बनाम किसान नेता का नहीं रहा बल्कि  यह सवाल बन गया है —क्या व्यवस्था शिकायत सुनने के लिए है या शिकायतकर्ता को ही कटघरे में खड़ा करने के लिए? ₹50 की चिंगारी ने पूर्ति विभाग की कार्यशैली, प्रशासन की निष्पक्षता और कोटेदारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब निगाहें प्रशासन पर हैं — सच सामने आएगा या आरोप-प्रत्यारोप की आड़ में मामला ठंडा पड़ जाएगा? या उल्टा शिकायतकर्ताओं के विरुद्ध हो FIR दर्ज हो जाएगी।
    user_OmdevDixit (Pappu Dixit)
    OmdevDixit (Pappu Dixit)
    Farmer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • रियल न्यूज हरदोई सुरसा विकास खंड के ग्राम पंचायत खजुराहरा का मामला है यहां पर साफ सफाई बिलकुल जीरो लेवल पर है कई महीनो से सफाई कर्मचारी यहां पर नहीं आया है और सचीव की बहुत बड़ी मनमानी है। ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी से सचीव खुद अपना निजी कार्य करवाते हैं जिस कारण से गांव में गंदगी फैल रही है। विषय पर जल्द से जल्द संज्ञान लेना चाहिए,
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    रियल न्यूज 
हरदोई सुरसा विकास खंड के ग्राम पंचायत खजुराहरा का मामला है यहां पर साफ सफाई बिलकुल जीरो लेवल पर है कई महीनो से सफाई कर्मचारी यहां पर नहीं आया है और सचीव की बहुत बड़ी मनमानी है। ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी से सचीव खुद अपना निजी कार्य करवाते हैं जिस कारण से गांव में गंदगी फैल रही है। विषय पर जल्द से जल्द संज्ञान लेना चाहिए,
    user_राम सागर
    राम सागर
    Local News Reporter हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • हरदोई:छात्रा ने शादी से किया इनकार युवक ने बांके से किया हमला,पुलिस मुठभेड़ में हुआ घायल। बाइट:अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री मार्तंड प्रकाश सिंह।
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    हरदोई:छात्रा ने शादी से किया इनकार युवक ने बांके से किया हमला,पुलिस मुठभेड़ में हुआ घायल।
बाइट:अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री मार्तंड प्रकाश सिंह।
    user_बुद्धसेन सोनी
    बुद्धसेन सोनी
    Local News Reporter हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • जिला हरदोई के अंतर्गत ग्राम ककराला कनौरा खेरा पर महायज्ञ हो रहा है जिसमें बाबा स्वर्गीय श्री चेतन दास महाराज जी की मूर्ति स्थापना होने जा रही है दिनांक 27 फरवरी को सकाहा शिव मंदिर होते हुए बालाजी खेतुई होते हुए तुरंत नाथ बाबा बरगवां शिव मंदिर होते हुए फिर ग्राम ककराला कनौरा खेरा पर मंदिर में मूर्ति की स्थापना की जाएगी सभी भक्त ज्यादा से ज्यादा पहुंचने की कष्ट करें महंत श्री महेंद्र दास जी संत समाज के लोग उपस्थित रहे और भागवत का प्रोग्राम देवस्थान पर चल रहा है, क्षेत्र की जनता वे सम्मिलित रहे।
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    जिला हरदोई के अंतर्गत ग्राम ककराला कनौरा खेरा पर महायज्ञ हो रहा है जिसमें बाबा स्वर्गीय श्री चेतन दास  महाराज जी की मूर्ति स्थापना होने जा रही है दिनांक 27 फरवरी को सकाहा शिव मंदिर होते हुए बालाजी खेतुई होते हुए तुरंत नाथ बाबा बरगवां शिव मंदिर होते हुए फिर ग्राम ककराला कनौरा खेरा पर मंदिर में मूर्ति की स्थापना की जाएगी सभी भक्त ज्यादा से ज्यादा पहुंचने की कष्ट करें महंत श्री महेंद्र दास जी संत समाज के लोग उपस्थित रहे और भागवत का प्रोग्राम देवस्थान पर चल रहा है, क्षेत्र की जनता वे सम्मिलित रहे।
    user_Vande Bharat Live Tv News Hardoi
    Vande Bharat Live Tv News Hardoi
    Newspaper publisher Hardoi, Uttar Pradesh•
    19 hrs ago
  • Hello guys 🙏 Main aaj aap sabko apne gaon ki sachchai dikhana chahta hun 😔 Aap log dekh sakte hain ki hamare gaon ki road kitni zyada kharab ho chuki hai 🚧🛣️ Saalon se koi sunvaai nahin ho rahi aur gaon walon ko roz pareshaani uthani pad rahi hai 😢 Kripya aap sab is video ko zyada se zyada share karein taki zimmedar logon tak hamari awaaz pahunch sake 🙏✨ #tag: #GaonKiSadak #RoadProblem #VillageLife #SupportVillage #ShareKaro #AwazUthao #UttarPradesh #Hardoi #ViralVideo #PublicIssue 🚧🛣️🙏
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    Hello guys 🙏
Main aaj aap sabko apne gaon ki sachchai dikhana chahta hun 😔
Aap log dekh sakte hain ki hamare gaon ki road kitni zyada kharab ho chuki hai 🚧🛣️
Saalon se koi sunvaai nahin ho rahi aur gaon walon ko roz pareshaani uthani pad rahi hai 😢
Kripya aap sab is video ko zyada se zyada share karein taki zimmedar logon tak hamari awaaz pahunch sake 🙏✨
#tag:
#GaonKiSadak #RoadProblem #VillageLife #SupportVillage #ShareKaro #AwazUthao #UttarPradesh #Hardoi #ViralVideo #PublicIssue 🚧🛣️🙏
    user_Mohit Rajpoot
    Mohit Rajpoot
    हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
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    Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
    user_SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
    SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
    पत्रकार हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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