अंधराठाढ़ी प्रखंड के जलसैन पंचायत के मदनपट्टी गांव में शिक्षा के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है, जहाँ नवनिर्मित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भवन लगभग आठ वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार विद्यार्थियों के लिए खुल गया है। यह भवन वर्ष 2018 में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन विद्यार्थियों तक पहुँचने में इसे इतना लंबा समय लगा, जिससे यह सवाल जरूर उठता है कि जब भवन बन चुका था, तो शिक्षा के अधिकार को इतनी लंबी प्रतीक्षा क्यों करनी पड़ी। पंचायत चुनाव के बाद मिट्टीकरण का काम हुआ है, और अब बिना चारदीवारी तथा पेयजल, शौचालय सहित कई आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ही कक्षाओं का संचालन शुरू हो रहा है, हालाँकि यह उम्मीद जताई गई है कि जल्द ही यह भवन केवल एक 'भवन' नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और पूर्ण शिक्षण परिसर भी बनेगा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गांव के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज किया गया है, जो वर्षों के संघर्ष और क्षेत्रवासियों की आशाओं को नई दिशा देता है। इस विद्यालय की स्थापना के पीछे एक महान शिक्षक, स्वर्गीय भोगेन्द्र यादव 'भास्कर' का त्याग, दूरदर्शिता और शिक्षा के प्रति अद्भुत समर्पण छिपा है, जिन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा दान मानते हुए अपनी लगभग एक एकड़ निजी भूमि बिहार सरकार को विद्यालय निर्माण के लिए समर्पित कर दी थी। उनका सपना था कि गांव का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और आने वाली पीढ़ियां ज्ञान के प्रकाश से अपना भविष्य संवारें। शनिवार को उसी पावन भूमि पर बच्चों की किलकारियां, शिक्षकों की आवाज़ और ज्ञान का दीप प्रज्ज्वलित होना इस बात का प्रमाण है कि एक सच्चे शिक्षक का सपना कभी नहीं मरता। यह विद्यालय केवल ईंट-पत्थरों का भवन नहीं, बल्कि स्वर्गीय भोगेन्द्र यादव 'भास्कर' के सपनों, त्याग और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का साकार स्वरूप है, जिसने आठ वर्षों बाद नए भवन में शिक्षा की लौ को प्रज्ज्वलित किया है।
अंधराठाढ़ी प्रखंड के जलसैन पंचायत के मदनपट्टी गांव में शिक्षा के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है, जहाँ नवनिर्मित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भवन लगभग आठ वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार विद्यार्थियों के लिए खुल गया है। यह भवन वर्ष 2018 में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन विद्यार्थियों तक पहुँचने में इसे इतना लंबा समय लगा, जिससे यह सवाल जरूर उठता है कि जब भवन बन चुका था, तो शिक्षा के अधिकार को इतनी लंबी
प्रतीक्षा क्यों करनी पड़ी। पंचायत चुनाव के बाद मिट्टीकरण का काम हुआ है, और अब बिना चारदीवारी तथा पेयजल, शौचालय सहित कई आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ही कक्षाओं का संचालन शुरू हो रहा है, हालाँकि यह उम्मीद जताई गई है कि जल्द ही यह भवन केवल एक 'भवन' नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और पूर्ण शिक्षण परिसर भी बनेगा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गांव के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज किया गया है, जो वर्षों
के संघर्ष और क्षेत्रवासियों की आशाओं को नई दिशा देता है। इस विद्यालय की स्थापना के पीछे एक महान शिक्षक, स्वर्गीय भोगेन्द्र यादव 'भास्कर' का त्याग, दूरदर्शिता और शिक्षा के प्रति अद्भुत समर्पण छिपा है, जिन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा दान मानते हुए अपनी लगभग एक एकड़ निजी भूमि बिहार सरकार को विद्यालय निर्माण के लिए समर्पित कर दी थी। उनका सपना था कि गांव का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और आने वाली पीढ़ियां ज्ञान
के प्रकाश से अपना भविष्य संवारें। शनिवार को उसी पावन भूमि पर बच्चों की किलकारियां, शिक्षकों की आवाज़ और ज्ञान का दीप प्रज्ज्वलित होना इस बात का प्रमाण है कि एक सच्चे शिक्षक का सपना कभी नहीं मरता। यह विद्यालय केवल ईंट-पत्थरों का भवन नहीं, बल्कि स्वर्गीय भोगेन्द्र यादव 'भास्कर' के सपनों, त्याग और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का साकार स्वरूप है, जिसने आठ वर्षों बाद नए भवन में शिक्षा की लौ को प्रज्ज्वलित किया है।
- अंधराठाढ़ी प्रखंड के जलसैन पंचायत के मदनपट्टी गांव में शिक्षा के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है, जहाँ नवनिर्मित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भवन लगभग आठ वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार विद्यार्थियों के लिए खुल गया है। यह भवन वर्ष 2018 में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन विद्यार्थियों तक पहुँचने में इसे इतना लंबा समय लगा, जिससे यह सवाल जरूर उठता है कि जब भवन बन चुका था, तो शिक्षा के अधिकार को इतनी लंबी प्रतीक्षा क्यों करनी पड़ी। पंचायत चुनाव के बाद मिट्टीकरण का काम हुआ है, और अब बिना चारदीवारी तथा पेयजल, शौचालय सहित कई आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ही कक्षाओं का संचालन शुरू हो रहा है, हालाँकि यह उम्मीद जताई गई है कि जल्द ही यह भवन केवल एक 'भवन' नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और पूर्ण शिक्षण परिसर भी बनेगा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गांव के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज किया गया है, जो वर्षों के संघर्ष और क्षेत्रवासियों की आशाओं को नई दिशा देता है। इस विद्यालय की स्थापना के पीछे एक महान शिक्षक, स्वर्गीय भोगेन्द्र यादव 'भास्कर' का त्याग, दूरदर्शिता और शिक्षा के प्रति अद्भुत समर्पण छिपा है, जिन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा दान मानते हुए अपनी लगभग एक एकड़ निजी भूमि बिहार सरकार को विद्यालय निर्माण के लिए समर्पित कर दी थी। उनका सपना था कि गांव का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और आने वाली पीढ़ियां ज्ञान के प्रकाश से अपना भविष्य संवारें। शनिवार को उसी पावन भूमि पर बच्चों की किलकारियां, शिक्षकों की आवाज़ और ज्ञान का दीप प्रज्ज्वलित होना इस बात का प्रमाण है कि एक सच्चे शिक्षक का सपना कभी नहीं मरता। यह विद्यालय केवल ईंट-पत्थरों का भवन नहीं, बल्कि स्वर्गीय भोगेन्द्र यादव 'भास्कर' के सपनों, त्याग और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का साकार स्वरूप है, जिसने आठ वर्षों बाद नए भवन में शिक्षा की लौ को प्रज्ज्वलित किया है।4
- बिहार सरकार ने राज्य के पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। इस नई पहल के तहत, बिहार के पाँच जिलों में एक नई पुलिस व्यवस्था लागू की गई है, जहाँ मौजूदा पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के पद पर नियुक्त किया गया है। इस घोषणा के अनुसार, मधुबनी जिले के एसपी योगेंद्र कुमार को एसएसपी बनाया गया है। बिहार पुलिस मुख्यालय से जारी इस जानकारी में यह भी बताया गया है कि नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण एसपी भी बड़ी जिम्मेदारियाँ संभालेंगे।1
- मधुबनी ज़िले के सकरी रेलवे स्टेशन पर गंदगी और असुविधा का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, स्टेशन परिसर और उसके आसपास सबसे ज़्यादा दुर्गंध फैली रहती है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बताया गया है कि सकरी रेलवे स्टेशन पर कभी भी साफ-सफाई नहीं करवाई जाती है, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।1
- मधुबनी जिले की मरुकिया पंचायत के वार्ड संख्या 11 स्थित पस्टन गांव की मुख्य सड़क अत्यंत जर्जर अवस्था में है। समस्त ग्रामवासियों ने माननीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित पदाधिकारियों से जनहित में इस सड़क की शीघ्र मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य करवाने का विनम्र अनुरोध किया है। ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के मौसम में सड़क पर भारी जलजमाव और कीचड़ हो जाने के कारण आम लोगों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क की खराब स्थिति से विद्यालय जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की जर्जर हालत के कारण कई बार दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है, जिससे सुरक्षा का खतरा बना रहता है। यह सड़क गांव के लोगों के लिए आवागमन का मुख्य मार्ग है, इसलिए इसका जल्द से जल्द मरम्मत कराया जाना अत्यंत आवश्यक है। समस्त ग्रामवासियों ने अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस सड़क की मरम्मत की जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास दिलाया है कि इस कार्य के लिए वे सदैव आभारी रहेंगे।1
- मधुबनी के जेपी सेनानी कार्यालय में मोबाइल वाणी ग्राम वाणी के सदस्यों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सदस्यों को पर्यावरण बचाने के संबंध में लोगों से बातचीत रिकॉर्ड करने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही, मनरेगा कार्यक्रम के तहत चल रहे पौध रोपण, पोखरी निर्माण और नदी-नाले के निर्माण जैसे कार्यों से कितने लोगों को फायदा हो रहा है, इस पर भी रिकॉर्डिंग करने की बात की गई। बैठक की अध्यक्षता तेज नारायण ब्रम्हर्षि ने की।4
- विधायक माधव आनंद ने दावा किया है कि मधुबनी के वाटसन स्कूल परिसर के भीतर ही केंद्रीय का संचालन किया जाएगा।1
- बिहार के कई क्षेत्रों में भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए, निवासियों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों में रहें और पूरी सावधानी बरतें।1
- आज माधेपुर में लक्ष्मीपुर चौक से गांधी तक के क्षेत्र में अतिक्रमण हुआ है।1