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उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की नजीबाबाद तहसील में पड़ने वाले सबलगढ़ गाँव (जो मंडावली थाना क्षेत्र और नांगल पोस्ट के अंतर्गत आता है) में एक सरकारी नल पिछले नौ महीने से खराब पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या पर कोई भी सरकारी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे यह नल इतने लंबे समय से बंद है।
Haider Ali
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की नजीबाबाद तहसील में पड़ने वाले सबलगढ़ गाँव (जो मंडावली थाना क्षेत्र और नांगल पोस्ट के अंतर्गत आता है) में एक सरकारी नल पिछले नौ महीने से खराब पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या पर कोई भी सरकारी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे यह नल इतने लंबे समय से बंद है।
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- पंचायत सहायक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया, जिसकी चर्चा स्थानीय स्तर पर बनी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की नजीबाबाद तहसील में पड़ने वाले सबलगढ़ गाँव (जो मंडावली थाना क्षेत्र और नांगल पोस्ट के अंतर्गत आता है) में एक सरकारी नल पिछले नौ महीने से खराब पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या पर कोई भी सरकारी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे यह नल इतने लंबे समय से बंद है।1
- स्थानीय निवासियों के अनुसार, बिजनौर जिले के गांवों और मोहल्लों में पिछले दो महीने से नालियों की सफाई का काम नहीं किया गया है। यह समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे नालियां साफ नहीं हो पा रही हैं।1
- मौ. आदिल अहमद एडवोकेट सभा सद ने अपने वार्ड में घूमकर बेवजह बह रहे पानी को रुकवाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को पानी की महत्ता के बारे में विस्तार से समझाया। आदिल एडवोकेट सभा सद ने सभी नगर वासियों से जल के संरक्षण की अपील की और उनसे बेवजह पानी न बहाने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “जल ही जीवन है, जल का संरक्षण करो” और यह भी बताया कि पानी की एक-एक बूंद बेहद कीमती है।3
- लक्सर के रामपुर रायघटी गंगा नदी के घाट पर अवैध खनन का खेल खुलेआम जारी है। दिन ढलते ही पोकलैंड मशीनें गंगा नदी का सीना चीरने के लिए दौड़ पड़ती हैं। इस अवैध गतिविधि के कारण सरकार को करोड़ों रुपये का बड़ा घाटा झेलना पड़ रहा है।1
- लक्सर, हरिद्वार से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ गन्ना समिति के खाद गोदाम से सरकारी खाद के सैकड़ों बोरे रहस्यमय तरीके से गायब हो गए हैं, जिससे हड़कंप मच गया है। निरीक्षण के दौरान यूरिया के 700 से अधिक बोरे और डीएपी खाद के भी सैकड़ों बोरे कम पाए गए। समिति के डायरेक्टर अखिल चौधरी, डॉ. योगेश चौधरी और उपाध्यक्ष पवन सैनी सहित अन्य पदाधिकारियों ने गोदाम का निरीक्षण किया था, जहाँ खाद की भारी कमी सामने आई। इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ये खाद के बोरे कहाँ चले गए। इस मामले को लेकर गन्ना आयुक्त और एसडीएम से शिकायत की गई है, और एक निष्पक्ष जाँच की मांग उठाई गई है। समिति सचिव प्रभारी परमेंद्र सिंह ने सहायक गन्ना आयुक्त को मामले की रिपोर्ट भेजने की पुष्टि की है। यह घटना केवल लापरवाही का नतीजा है या फिर सरकारी खाद के खेल में किसी बड़े घोटाले का संकेत, इसकी जाँच की जा रही है।1
- लक्सर तहसील सभागार में आज तहसीलदार द्वारा तहसील दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र से आए शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इस दौरान कुल 38 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 6 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। बाकी शिकायतों को संबंधित विभागों को समय-सीमाबद्ध करते हुए आगे भेज दिया गया है। तहसीलदार ने बताया कि आज के तहसील दिवस में जो विभाग अनुपस्थित पाए गए हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं, कुछ अधिकारियों के फेसबुक और यूट्यूब चलाने में व्यस्त रहने की शिकायत पर तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों की वीडियो फुटेज की जांच की जाएगी। यदि यह प्रमाणित होता है कि तहसील दिवस में बैठे अधिकारी यूट्यूब और फेसबुक चलाने में व्यस्त थे, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- वार्ड नंबर 31 में भीषण गर्मी के कारण पानी का दबाव कम हो गया था, जिससे गृहिणियों को घरेलू कामकाज करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस गंभीर पेय जल समस्या को देखते हुए, सभासद आदिल एडवोकेट ने तुरंत हस्तक्षेप किया और जनता की आवाज़ को उच्च अधिकारियों तक पहुँचाया। उन्होंने मौके पर पहुँचकर इस समस्या का समाधान सुनिश्चित किया। इसके अतिरिक्त, सभासद आदिल अहमद एडवोकेट ने नगर पालिका टीम के साथ मिलकर वार्ड का निरीक्षण भी किया, ताकि पेय जल से संबंधित अन्य मुद्दों को समझा जा सके। उनके इन प्रयासों के फलस्वरूप, पूरे वार्ड में अब खुशी का माहौल है। वार्ड वासी सभासद आदिल एडवोकेट की कार्यशैली से बेहद प्रसन्न हैं और बताते हैं कि वे दिन-रात जनता की सेवा में लगे रहते हैं तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन बहुत अच्छे से कर रहे हैं।1