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कटनी नगर में माँ विंध्यवासिनी के दरबार में होने वाली महाआरती की तैयारी की जा रही है।
राशि निषाद
कटनी नगर में माँ विंध्यवासिनी के दरबार में होने वाली महाआरती की तैयारी की जा रही है।
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- कटनी शहर के माधवनगर स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास पिछले 15-20 दिनों से नाले की खुदाई के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग गुजरते हैं, जिनके लिए खुला नाला हर समय दुर्घटना का कारण बना हुआ है। अभिभावकों में भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। अगर समय रहते इस कार्य को पूरा नहीं किया गया, तो बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकट हो सकती है, जिससे संभावित दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाएगा। समाजसेवी राजा जगवानी ने नगर निगम आयुक्त से तत्काल उन सभी स्थानों पर निर्माण एवं मरम्मत कार्य पूरा कराने की मांग की है, जहाँ नालों की खुदाई के बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया है। उन्होंने विकास कार्यों को समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रशासन से आग्रह किया है कि बरसात शुरू होने से पहले सभी खुले नालों को सुरक्षित रूप से ढंका जाए और अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि आमजन, विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। क्षेत्रीय नागरिकों ने भी जनहित के इस मुद्दे पर नगर निगम से तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा की है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और माधवनगर क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- कटनी-दमोह मुख्य मार्ग पर स्थित देवरी रेलवे गेट प्रतिदिन बड़े जाम का कारण बन रहा है। गेट बंद होने पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आम लोग, स्कूली बच्चे, कर्मचारी और व्यापारी वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। यहां तक कि एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी इस भीषण जाम में फंसकर रह जाती हैं। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक प्रस्तावित ओवरब्रिज का निर्माण कार्य बेहद सुस्त गति से चल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण यह महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र के नागरिकों ने अब प्रशासन से इस ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी लाने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।1
- उमरिया जिले में आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर ‘आरोह 2026’ का समापन समारोह उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांधवगढ़ के विधायक श्री शिवनारायण सिंह और कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर शिविर में प्रशिक्षण देने वाले कोचों और प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण-पत्र तथा टी-शर्ट देकर सम्मानित भी किया गया। विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं होते, बल्कि ये अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों से शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने शिविर में प्रशिक्षित खिलाड़ियों को भविष्य में जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने स्पष्ट किया कि ‘आरोह 2026’ का मुख्य उद्देश्य बच्चों की खेल प्रतिभाओं को निखारना और उन्हें एक बेहतर मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न खेल विधाओं में तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे बच्चों में खेलों के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे अपनी रुचि का कोई एक खेल चुनकर समर्पण और मेहनत के साथ अभ्यास करें, क्योंकि इससे सफलता निश्चित रूप से मिलती है। कार्यक्रम में आशुतोष अग्रवाल ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन, समर्पण और मेहनत को ही खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरने का श्रेय दिया। समारोह के दौरान सभी प्रशिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, शिविर में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों सहित सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और टी-शर्ट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री सीताराम सत्या ने शिविर की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन कृष्णा झारिया ने किया। इस अवसर पर एसईसीएल के अधिकारी, प्रशिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।1
- मध्य प्रदेश- उमरिया जिला चिकित्सालय में भारी लापरवाही देखने को मिली उमरिया- जिला चिकित्सालय में ड्यूटी के दौरान अस्पताल स्टाफ टीकाकरण कक्ष में आराम फरमाते हुए महिला डॉक्टर कुलर के हवा में सोते नजर आई। मरीजो ने इधर-उधर भटकने को मजबूर, इसके साथ-साथ शासन का पैसा जिला चिकित्सालय उमरिया में हो रहा दुरुपयोग इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर के सी सोनी से पूछा गया तो उन्होंने अपनी खुद की लापरवाही से बचने के लिए एवं स्टाफ की लापरवाही को ना मानते हुए। महिला डॉक्टर होने के नाते मीडिया कर्मी को एफआईआर करने की धमकी भी दी गई। बाइट देने से सिविल सर्जन किये इनकार, इनकार करने के बाद आर एम ओ डॉक्टर संदीप सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई जानकारी मेरे संज्ञान नहीं। जब कभी ऐसी जानकारी आएगी तो देखा जाएगा। जिला स्वास्थ्य अधिकारियो ने शिकायतो का इंतजार में अधिकारियों ने यह साबित किया है कि दिया तले अंधेरा जो कि वर्तमान में यह वीडियो सिविल सर्जन के व्हाट्सएप में सेंड किया गया है।2
- मैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारे ?मैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारे1
- उमरिया जिले की नौरोजाबाद नगर परिषद एक बार फिर सुर्खियों में है, जहाँ शहर को स्वच्छ रखने वाले सफाई कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कर्मचारियों का यह गुस्सा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) की गैरहाजिरी और उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी के कारण फूटा है, जिसके लिए उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मध्य प्रदेश श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ ने 5 जून को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी, जिसमें CMO, अकाउंटेंट और स्थापना शाखा के अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। हालांकि, इस बैठक में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ, जिससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी फैल गई। कर्मचारियों का कहना है कि जब वे हर परिस्थिति में शहर की सफाई कर सकते हैं, तो अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनने के लिए समय क्यों नहीं निकाल सकते। बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर जल्द से जल्द एक विशेष बैठक बुलाने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से एक बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी हार और विधायकों में बागी गुट बनने के बाद ममता बनर्जी अपने सियासी जीवन के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। इसी क्रम में, उन्होंने टीएमसी पार्टी को बचाने के उद्देश्य से खुद लोकसभा सदस्य बनने की इच्छा जताई और इसके लिए बहरामपुर से चुनाव लड़ना चाहती थीं। उन्होंने इस सीट से मौजूदा सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान से इस्तीफा देने का आग्रह किया, जिसे पठान ने खारिज कर दिया। बहरामपुर सीट पर 70 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं, जहां 2024 के चुनावों में यूसुफ पठान ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब लोकसभा में 23 सांसदों के टूट की अटकलों के बीच नई चर्चा छिड़ी है। तृणमूल कांग्रेस के लिए मुस्लिम समुदाय का मजबूत समर्थन ममता बनर्जी की पिछली चुनावी सफलताओं में एक बड़ी भूमिका निभाता रहा है। हालांकि, हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी के 80 विधायकों में से कम से कम 31 मुस्लिम विधायक चुने गए थे, जो लगभग 40 प्रतिशत हैं। अब विधायक दल में उभरे बड़े विभाजन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इनमें से कई मुस्लिम विधायक ममता बनर्जी के साथ खड़े नहीं हैं। विधायक दल के नेता के रूप में ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में स्पीकर को पत्र लिखने वाले 58 विधायकों में कम से कम 17 प्रमुख मुस्लिम विधायक शामिल हैं, जिसका अर्थ है कि पार्टी के आधे से अधिक मुस्लिम विधायक अब ममता बनर्जी से अलग खेमे में दिखाई दे रहे हैं।1
- प्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyansh1
- बहोरीबंद जनपद के हथियागढ़ कूडा क्षेत्र में सड़क किनारे लगा एक विद्युत ट्रांसफार्मर लगातार हादसों को न्योता दे रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और मवेशियों पर जान का खतरा मंडरा रहा है। इस ट्रांसफार्मर में खुले तार और असुरक्षित कटआउट हैं, जो जोखिम को और बढ़ा रहे हैं। हाल ही में इस खतरे का प्रत्यक्ष प्रमाण तब देखने को मिला जब एक गाय ट्रांसफार्मर के बेहद करीब पहुंच गई थी, हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के संबंध में बिजली विभाग को कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने मांग की है कि इस असुरक्षित ट्रांसफार्मर को तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और जब तक यह संभव न हो, तब तक इसके चारों ओर एक मजबूत सुरक्षा घेरा लगाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस व्यवस्था को नहीं सुधारा गया और कोई दुर्घटना हुई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।1