उमरिया जिले में आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर ‘आरोह 2026’ का समापन समारोह उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांधवगढ़ के विधायक श्री शिवनारायण सिंह और कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर शिविर में प्रशिक्षण देने वाले कोचों और प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण-पत्र तथा टी-शर्ट देकर सम्मानित भी किया गया। विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं होते, बल्कि ये अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों से शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने शिविर में प्रशिक्षित खिलाड़ियों को भविष्य में जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने स्पष्ट किया कि ‘आरोह 2026’ का मुख्य उद्देश्य बच्चों की खेल प्रतिभाओं को निखारना और उन्हें एक बेहतर मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न खेल विधाओं में तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे बच्चों में खेलों के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे अपनी रुचि का कोई एक खेल चुनकर समर्पण और मेहनत के साथ अभ्यास करें, क्योंकि इससे सफलता निश्चित रूप से मिलती है। कार्यक्रम में आशुतोष अग्रवाल ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन, समर्पण और मेहनत को ही खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरने का श्रेय दिया। समारोह के दौरान सभी प्रशिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, शिविर में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों सहित सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और टी-शर्ट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री सीताराम सत्या ने शिविर की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन कृष्णा झारिया ने किया। इस अवसर पर एसईसीएल के अधिकारी, प्रशिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।
उमरिया जिले में आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर ‘आरोह 2026’ का समापन समारोह उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांधवगढ़ के विधायक श्री शिवनारायण सिंह और कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर शिविर में प्रशिक्षण देने वाले कोचों और प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण-पत्र तथा टी-शर्ट देकर सम्मानित भी किया गया। विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं होते, बल्कि ये अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों से शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने शिविर में प्रशिक्षित खिलाड़ियों को भविष्य में जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने स्पष्ट किया कि ‘आरोह 2026’ का मुख्य उद्देश्य बच्चों की खेल प्रतिभाओं को निखारना और उन्हें एक बेहतर मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न खेल विधाओं में तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे बच्चों में खेलों के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे अपनी रुचि का कोई एक खेल चुनकर समर्पण और मेहनत के साथ अभ्यास करें, क्योंकि इससे सफलता निश्चित रूप से मिलती है। कार्यक्रम में आशुतोष अग्रवाल ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन, समर्पण और मेहनत को ही खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरने का श्रेय दिया। समारोह के दौरान सभी प्रशिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, शिविर में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों सहित सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और टी-शर्ट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री सीताराम सत्या ने शिविर की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन कृष्णा झारिया ने किया। इस अवसर पर एसईसीएल के अधिकारी, प्रशिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।
- केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जरूरतमंद महिलाओं के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली निवासी श्रीमती लाली केवट को मिला है। श्रीमती लाली केवट, जिनके पति श्री मनोज केवट हैं, ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिससे पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था करना कठिन हो गया था। ऐसे में, इस योजना के तहत प्राप्त ₹11,000 की आर्थिक सहायता उनके लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनी। लाली केवट के अनुसार, योजना से मिली इस मदद से उन्हें समय पर स्वास्थ्य सेवाएं, आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सका। इससे न केवल उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ, बल्कि शिशु के समुचित विकास में भी सहायता मिली। उन्होंने यह भी बताया कि आर्थिक सहायता मिलने से गर्भावस्था के दौरान उनकी मानसिक चिंता कम हुई और उन्होंने सुरक्षित मातृत्व का अनुभव प्राप्त किया। यह योजना वास्तव में गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करके स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दे रही है। श्रीमती लाली केवट ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद माताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह उन्हें गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सहयोग प्रदान करती है और स्वस्थ एवं सुरक्षित मातृत्व का मार्ग प्रशस्त करती है।1
- उमरिया जिले में आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर ‘आरोह 2026’ का समापन समारोह उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांधवगढ़ के विधायक श्री शिवनारायण सिंह और कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर शिविर में प्रशिक्षण देने वाले कोचों और प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण-पत्र तथा टी-शर्ट देकर सम्मानित भी किया गया। विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं होते, बल्कि ये अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों से शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने शिविर में प्रशिक्षित खिलाड़ियों को भविष्य में जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने स्पष्ट किया कि ‘आरोह 2026’ का मुख्य उद्देश्य बच्चों की खेल प्रतिभाओं को निखारना और उन्हें एक बेहतर मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न खेल विधाओं में तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे बच्चों में खेलों के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे अपनी रुचि का कोई एक खेल चुनकर समर्पण और मेहनत के साथ अभ्यास करें, क्योंकि इससे सफलता निश्चित रूप से मिलती है। कार्यक्रम में आशुतोष अग्रवाल ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन, समर्पण और मेहनत को ही खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरने का श्रेय दिया। समारोह के दौरान सभी प्रशिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, शिविर में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों सहित सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और टी-शर्ट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री सीताराम सत्या ने शिविर की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन कृष्णा झारिया ने किया। इस अवसर पर एसईसीएल के अधिकारी, प्रशिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।1
- मध्य प्रदेश- उमरिया जिला चिकित्सालय में भारी लापरवाही देखने को मिली उमरिया- जिला चिकित्सालय में ड्यूटी के दौरान अस्पताल स्टाफ टीकाकरण कक्ष में आराम फरमाते हुए महिला डॉक्टर कुलर के हवा में सोते नजर आई। मरीजो ने इधर-उधर भटकने को मजबूर, इसके साथ-साथ शासन का पैसा जिला चिकित्सालय उमरिया में हो रहा दुरुपयोग इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर के सी सोनी से पूछा गया तो उन्होंने अपनी खुद की लापरवाही से बचने के लिए एवं स्टाफ की लापरवाही को ना मानते हुए। महिला डॉक्टर होने के नाते मीडिया कर्मी को एफआईआर करने की धमकी भी दी गई। बाइट देने से सिविल सर्जन किये इनकार, इनकार करने के बाद आर एम ओ डॉक्टर संदीप सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई जानकारी मेरे संज्ञान नहीं। जब कभी ऐसी जानकारी आएगी तो देखा जाएगा। जिला स्वास्थ्य अधिकारियो ने शिकायतो का इंतजार में अधिकारियों ने यह साबित किया है कि दिया तले अंधेरा जो कि वर्तमान में यह वीडियो सिविल सर्जन के व्हाट्सएप में सेंड किया गया है।2
- उमरिया जिले की नौरोजाबाद नगर परिषद एक बार फिर सुर्खियों में है, जहाँ शहर को स्वच्छ रखने वाले सफाई कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कर्मचारियों का यह गुस्सा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) की गैरहाजिरी और उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी के कारण फूटा है, जिसके लिए उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मध्य प्रदेश श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ ने 5 जून को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी, जिसमें CMO, अकाउंटेंट और स्थापना शाखा के अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। हालांकि, इस बैठक में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ, जिससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी फैल गई। कर्मचारियों का कहना है कि जब वे हर परिस्थिति में शहर की सफाई कर सकते हैं, तो अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनने के लिए समय क्यों नहीं निकाल सकते। बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर जल्द से जल्द एक विशेष बैठक बुलाने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से एक बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- एक व्यक्ति ने समाज के प्रति अपने दृढ़ संकल्प को व्यक्त किया है, उनका कहना है कि चाहे कितनी भी साजिशें क्यों न की जाएँ, वे समाज के लिए लड़ते रहेंगे। यह संदेश तमाम चुनौतियों और षड्यंत्रों के बावजूद संघर्ष जारी रखने की एक अटूट भावना को दर्शाता है।1
- उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भोलगढ़ स्थित सोन नदी के भोलगढ़ घाट पर शुक्रवार दोपहर नहाने के दौरान एक 14 वर्षीय बालक के डूबने की घटना सामने आई है। डूबे हुए बालक की पहचान ग्राम झाल निवासी आलोक द्विवेदी, पिता पंकज द्विवेदी, उम्र 14 वर्ष के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत बालक की तलाश शुरू की गई। बताया जा रहा है कि घटना के लगभग 6 घंटे बीत जाने के बाद भी बालक का कोई सुराग नहीं लग सका है। एसडीआरएफ, गोताखोरों और बचाव दल की टीम लगातार तलाशी अभियान चला रही है। वहीं, बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्य पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन द्वारा बालक की तलाश फिलहाल अब भी जारी है।1
- शहडोल नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत सोहागपुर मार्ग पर नगर पालिका के कर्मचारी जान जोखिम में डालकर निर्माण कार्य कर रहे हैं। शनिवार को दोपहर लगभग 2:15 बजे, इस जोखिम भरे काम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। यह घटना तब सामने आई है जब हाल ही में बंगवार में खदान धंसने से दो लोगों की मौत हो चुकी है। इस त्रासदी के बावजूद, नगर पालिका के कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना इसी तरह जोखिम भरे ढंग से काम करते दिख रहे हैं।1