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उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भोलगढ़ स्थित सोन नदी के भोलगढ़ घाट पर शुक्रवार दोपहर नहाने के दौरान एक 14 वर्षीय बालक के डूबने की घटना सामने आई है। डूबे हुए बालक की पहचान ग्राम झाल निवासी आलोक द्विवेदी, पिता पंकज द्विवेदी, उम्र 14 वर्ष के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत बालक की तलाश शुरू की गई। बताया जा रहा है कि घटना के लगभग 6 घंटे बीत जाने के बाद भी बालक का कोई सुराग नहीं लग सका है। एसडीआरएफ, गोताखोरों और बचाव दल की टीम लगातार तलाशी अभियान चला रही है। वहीं, बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्य पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन द्वारा बालक की तलाश फिलहाल अब भी जारी है।
जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भोलगढ़ स्थित सोन नदी के भोलगढ़ घाट पर शुक्रवार दोपहर नहाने के दौरान एक 14 वर्षीय बालक के डूबने की घटना सामने आई है। डूबे हुए बालक की पहचान ग्राम झाल निवासी आलोक द्विवेदी, पिता पंकज द्विवेदी, उम्र 14 वर्ष के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत बालक की तलाश शुरू की गई। बताया जा रहा है कि घटना के लगभग 6 घंटे बीत जाने के बाद भी बालक का कोई सुराग नहीं लग सका है। एसडीआरएफ, गोताखोरों और बचाव दल की टीम लगातार तलाशी अभियान चला रही है। वहीं, बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्य पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन द्वारा बालक की तलाश फिलहाल अब भी जारी है।
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- भारत में बिकने वाला पारले-जी (Parle-G) देश के सबसे लोकप्रिय और पुराने बिस्कुट ब्रांडों में से एक है। पारले कंपनी ने बिस्कुट बनाना 1939 में शुरू किया था, जिसकी शुरुआत Parle Gluco नाम से हुई थी, जिसे बाद में Parle-G नाम दिया गया। पहले इसमें 'G' का अर्थ Glucose माना जाता था, लेकिन बाद में विज्ञापनों के माध्यम से इसे "G for Genius" के रूप में भी प्रचारित किया गया। इस बिस्कुट के लोकप्रिय होने के मुख्य कारणों में इसकी कम कीमत, हर जगह आसानी से उपलब्ध होना और चाय के साथ इसे खाने की आदत शामिल है, जिसने इसे घर-घर तक पहुंचाया। आम तौर पर इसे बनाने में गेहूं का आटा, चीनी, दूध पाउडर, तेल, नमक और फ्लेवरिंग जैसे घटक उपयोग होते हैं। इसका पीला-सफेद पैकेट और उस पर बनी छोटी बच्ची की तस्वीर भारत में इसकी एक मजबूत पहचान है। कई रिपोर्टों में पारले-जी को दुनिया के सबसे ज्यादा बिकने वाले बिस्कुट ब्रांडों में भी गिना गया है, जो इसकी वैश्विक पहचान को दर्शाता है।1
- कटनी नगर के जगमोहन दास वार्ड और सावरकर वार्ड में करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन संपन्न हुआ, जिससे इन क्षेत्रों को नई गति मिली। जगमोहन दास वार्ड की गोवर्धन धाम कॉलोनी में लगभग 29 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड और नाली निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। वहीं, सावरकर वार्ड में लगभग 60 लाख रुपये की लागत से पुलिया, नाली और स्कूल भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के केंद्र और प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत एक व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठजनों, मातृशक्ति और युवाओं ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी, वार्ड के पार्षद एवं एमआईसी सदस्य श्री जयनारायण निषाद, पूर्व पार्षद श्रीमती पार्वती निषाद, पार्षद श्री राजेश भास्कर, सरपंच श्री संतोष निषाद सहित अनेक जनप्रतिनिधि और पार्षदगण मौजूद रहे। बड़ी संख्या में वार्ड के वरिष्ठ नागरिक, मातृशक्ति और युवा साथी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने निषादराज क्रिकेट क्लब की टीम को एक क्रिकेट बैट भेंट किया, जिसके लिए खिलाड़ियों ने महापौर का आभार व्यक्त किया। विकास कार्यों के भूमिपूजन और वृक्षारोपण कार्यक्रम से क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला। नागरिकों ने उम्मीद जताई कि इन निर्माण कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र में बेहतर सड़क, जल निकासी और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।1
- कटनी शहर के माधवनगर स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास पिछले 15-20 दिनों से नाले की खुदाई के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग गुजरते हैं, जिनके लिए खुला नाला हर समय दुर्घटना का कारण बना हुआ है। अभिभावकों में भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। अगर समय रहते इस कार्य को पूरा नहीं किया गया, तो बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकट हो सकती है, जिससे संभावित दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाएगा। समाजसेवी राजा जगवानी ने नगर निगम आयुक्त से तत्काल उन सभी स्थानों पर निर्माण एवं मरम्मत कार्य पूरा कराने की मांग की है, जहाँ नालों की खुदाई के बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया है। उन्होंने विकास कार्यों को समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रशासन से आग्रह किया है कि बरसात शुरू होने से पहले सभी खुले नालों को सुरक्षित रूप से ढंका जाए और अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि आमजन, विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। क्षेत्रीय नागरिकों ने भी जनहित के इस मुद्दे पर नगर निगम से तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा की है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और माधवनगर क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- कटनी नगर में माँ विंध्यवासिनी के दरबार में होने वाली महाआरती की तैयारी की जा रही है।2
- शहडोल के धनपुरी नगर में 6 जून को बदहाल सड़कों, बढ़ती बेरोजगारी और एसईसीएल रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली धूल-डस्ट से परेशान लोगों ने एक व्यापक जनआंदोलन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और अमलाई मंडल कांग्रेस के नेतृत्व में हुए इस उग्र चक्काजाम में बड़ी संख्या में नगरवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, जिसके प्रभाव से एसईसीएल प्रबंधन को धरना स्थल पर आकर प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगें स्वीकार करनी पड़ीं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि रेलवे साइडिंग से प्रतिदिन गुजरने वाले सैकड़ों ओवरलोड ट्रकों ने नगर की सड़कों को पूरी तरह जर्जर कर दिया है, जिससे जगह-जगह गड्ढे और धूल के गुबार बच्चों, बुजुर्गों व राहगीरों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप था कि पूर्व में की गई लिखित शिकायतों, पत्राचार और ज्ञापनों के बावजूद एसईसीएल प्रबंधन ने इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। आंदोलन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अंकित सिंह ने किया, जिन्होंने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ प्रशासन और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों के शीघ्र निर्माण, धूल नियंत्रण और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मुख्य माँगें उठाईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी अमलाई और बुढ़ार ग्रुप के उपक्षेत्रीय महाप्रबंधक मौके पर पहुँचे। एसईसीएल के महाप्रबंधक ने दूरभाष पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकित सिंह से बात कर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद उपक्षेत्रीय महाप्रबंधक धरना स्थल पर आए और सार्वजनिक रूप से आंदोलनकारियों की प्रमुख माँगें स्वीकार करते हुए उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। प्रबंधन ने क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण के लिए लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। साथ ही, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने, धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव बढ़ाने और अमलाई फाटक तक नियमित सिंचाई सुनिश्चित कराने का वादा किया गया। बिना अनुमति चल रहे निर्माण कार्यों के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और त्वरित समाधान का भी आश्वासन दिया गया। प्रबंधन द्वारा माँगें स्वीकार किए जाने के बाद आंदोलनकारियों और नगरवासियों ने इसे जनता की एकता और संघर्ष की विजय बताया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि आमजन की पीड़ा और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और भी व्यापक रूप लेगा। इस आंदोलन का संचालन अमलाई मंडल कांग्रेस अध्यक्ष ओंकार सिंह ने किया, जिसमें रामसजीवन शर्मा, मुबारक मास्टर, राम सिंह, आनंद मोहन जायसवाल, मोहम्मद आज़ाद, संतोष सिंह सेंगर, ईबरार खान, शोभाराम पटेल, पार्षद नईम खान सहित कई अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।4
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- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, उमरिया जिले के ईवीएम गोदाम परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह और कलेक्टर राखी सहाय सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और लोगों को अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित करना था, जिसके तहत आम, अशोक एवं गुलमोहर सहित कई छायादार और पर्यावरण हितैषी पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर विधायक शिवनारायण सिंह ने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण विश्व की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से निपटने के लिए पौधारोपण को अत्यंत आवश्यक बताया। विधायक ने यह भी रेखांकित किया कि वृक्ष न केवल शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखने, मिट्टी के संरक्षण तथा जैव विविधता को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया, जिससे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिल सकें। विशेष रूप से, उन्होंने युवाओं से इस पर्यावरण संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पौधारोपण को केवल एक दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित न रखकर, उसे हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल के महत्व पर बल दिया, क्योंकि उचित संरक्षण के अभाव में कई पौधे जीवित नहीं रह पाते। इसलिए, प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण के साथ-साथ उनके संवर्धन का भी संकल्प लेना चाहिए। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि हरित वातावरण मानव जीवन, वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए अपरिहार्य है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने कार्यालय परिसरों, घरों तथा सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाने का आग्रह किया और पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम के दौरान, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग डॉ. पूजा द्विवेदी, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी अखिलेश पाठक, आशुतोष अग्रवाल, धनुषधारी सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारियों एवं कर्मचारियों और अन्य उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता तथा अधिक से अधिक पौधारोपण करने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के संकल्प के साथ हुआ।1
- पुणे शहर के बाज़ार से गुज़रने वाले लोगों का ध्यान हाल ही में एक अनोखे और मज़ेदार बैनर ने खींचा, जिस पर वैवाहिक जीवन से जुड़ा एक व्यंगात्मक संदेश लिखा हुआ था। इस बैनर पर स्पष्ट रूप से लिखा था, 'जिस आदमी की पत्नी नहीं होती, वह रात को रोता है!! और जिसकी पत्नी होती है, वह दिन-रात रोता है!!' इस हास्यपूर्ण संदेश को पढ़कर बाज़ार में मौजूद हर किसी के चेहरे पर एक सच्ची मुस्कान खिल उठी, जिससे वहाँ से गुज़रने वाले लोगों को हल्का-फुल्का मनोरंजन मिला।1
- प्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyanshप्रशासनिक लापरवाही या लालच का फल? #sntnewspinch #satyamshreyansh1