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शहडोल के धनपुरी नगर में 6 जून को बदहाल सड़कों, बढ़ती बेरोजगारी और एसईसीएल रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली धूल-डस्ट से परेशान लोगों ने एक व्यापक जनआंदोलन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और अमलाई मंडल कांग्रेस के नेतृत्व में हुए इस उग्र चक्काजाम में बड़ी संख्या में नगरवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, जिसके प्रभाव से एसईसीएल प्रबंधन को धरना स्थल पर आकर प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगें स्वीकार करनी पड़ीं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि रेलवे साइडिंग से प्रतिदिन गुजरने वाले सैकड़ों ओवरलोड ट्रकों ने नगर की सड़कों को पूरी तरह जर्जर कर दिया है, जिससे जगह-जगह गड्ढे और धूल के गुबार बच्चों, बुजुर्गों व राहगीरों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप था कि पूर्व में की गई लिखित शिकायतों, पत्राचार और ज्ञापनों के बावजूद एसईसीएल प्रबंधन ने इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। आंदोलन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अंकित सिंह ने किया, जिन्होंने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ प्रशासन और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों के शीघ्र निर्माण, धूल नियंत्रण और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मुख्य माँगें उठाईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी अमलाई और बुढ़ार ग्रुप के उपक्षेत्रीय महाप्रबंधक मौके पर पहुँचे। एसईसीएल के महाप्रबंधक ने दूरभाष पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकित सिंह से बात कर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद उपक्षेत्रीय महाप्रबंधक धरना स्थल पर आए और सार्वजनिक रूप से आंदोलनकारियों की प्रमुख माँगें स्वीकार करते हुए उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। प्रबंधन ने क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण के लिए लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। साथ ही, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने, धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव बढ़ाने और अमलाई फाटक तक नियमित सिंचाई सुनिश्चित कराने का वादा किया गया। बिना अनुमति चल रहे निर्माण कार्यों के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और त्वरित समाधान का भी आश्वासन दिया गया। प्रबंधन द्वारा माँगें स्वीकार किए जाने के बाद आंदोलनकारियों और नगरवासियों ने इसे जनता की एकता और संघर्ष की विजय बताया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि आमजन की पीड़ा और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और भी व्यापक रूप लेगा। इस आंदोलन का संचालन अमलाई मंडल कांग्रेस अध्यक्ष ओंकार सिंह ने किया, जिसमें रामसजीवन शर्मा, मुबारक मास्टर, राम सिंह, आनंद मोहन जायसवाल, मोहम्मद आज़ाद, संतोष सिंह सेंगर, ईबरार खान, शोभाराम पटेल, पार्षद नईम खान सहित कई अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

8 hrs ago
user_JIYAUDDIN ANSARI
JIYAUDDIN ANSARI
Voice of people Budar, Shahdol•
8 hrs ago

शहडोल के धनपुरी नगर में 6 जून को बदहाल सड़कों, बढ़ती बेरोजगारी और एसईसीएल रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली धूल-डस्ट से परेशान लोगों ने एक व्यापक जनआंदोलन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और अमलाई मंडल कांग्रेस के नेतृत्व में हुए इस उग्र चक्काजाम में बड़ी संख्या में नगरवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, जिसके प्रभाव से एसईसीएल प्रबंधन को धरना स्थल पर आकर प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगें स्वीकार करनी पड़ीं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि रेलवे साइडिंग से प्रतिदिन गुजरने वाले सैकड़ों ओवरलोड ट्रकों ने नगर की सड़कों को पूरी तरह जर्जर कर दिया है, जिससे जगह-जगह गड्ढे और धूल के गुबार बच्चों, बुजुर्गों व राहगीरों के जीवन को प्रभावित कर

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रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप था कि पूर्व में की गई लिखित शिकायतों, पत्राचार और ज्ञापनों के बावजूद एसईसीएल प्रबंधन ने इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। आंदोलन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अंकित सिंह ने किया, जिन्होंने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ प्रशासन और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों के शीघ्र निर्माण, धूल नियंत्रण और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मुख्य माँगें उठाईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी अमलाई और बुढ़ार ग्रुप के उपक्षेत्रीय महाप्रबंधक मौके पर पहुँचे। एसईसीएल के महाप्रबंधक ने दूरभाष पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकित

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सिंह से बात कर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद उपक्षेत्रीय महाप्रबंधक धरना स्थल पर आए और सार्वजनिक रूप से आंदोलनकारियों की प्रमुख माँगें स्वीकार करते हुए उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। प्रबंधन ने क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण के लिए लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। साथ ही, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने, धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव बढ़ाने और अमलाई फाटक तक नियमित सिंचाई सुनिश्चित कराने का वादा किया गया। बिना अनुमति चल रहे निर्माण कार्यों के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और त्वरित समाधान का भी आश्वासन दिया गया। प्रबंधन द्वारा माँगें स्वीकार

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किए जाने के बाद आंदोलनकारियों और नगरवासियों ने इसे जनता की एकता और संघर्ष की विजय बताया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि आमजन की पीड़ा और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और भी व्यापक रूप लेगा। इस आंदोलन का संचालन अमलाई मंडल कांग्रेस अध्यक्ष ओंकार सिंह ने किया, जिसमें रामसजीवन शर्मा, मुबारक मास्टर, राम सिंह, आनंद मोहन जायसवाल, मोहम्मद आज़ाद, संतोष सिंह सेंगर, ईबरार खान, शोभाराम पटेल, पार्षद नईम खान सहित कई अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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    शहडोल के धनपुरी नगर में 6 जून को बदहाल सड़कों, बढ़ती बेरोजगारी और एसईसीएल रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली धूल-डस्ट से परेशान लोगों ने एक व्यापक जनआंदोलन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और अमलाई मंडल कांग्रेस के नेतृत्व में हुए इस उग्र चक्काजाम में बड़ी संख्या में नगरवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, जिसके प्रभाव से एसईसीएल प्रबंधन को धरना स्थल पर आकर प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगें स्वीकार करनी पड़ीं।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि रेलवे साइडिंग से प्रतिदिन गुजरने वाले सैकड़ों ओवरलोड ट्रकों ने नगर की सड़कों को पूरी तरह जर्जर कर दिया है, जिससे जगह-जगह गड्ढे और धूल के गुबार बच्चों, बुजुर्गों व राहगीरों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप था कि पूर्व में की गई लिखित शिकायतों, पत्राचार और ज्ञापनों के बावजूद एसईसीएल प्रबंधन ने इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। आंदोलन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अंकित सिंह ने किया, जिन्होंने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ प्रशासन और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों के शीघ्र निर्माण, धूल नियंत्रण और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मुख्य माँगें उठाईं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी अमलाई और बुढ़ार ग्रुप के उपक्षेत्रीय महाप्रबंधक मौके पर पहुँचे। एसईसीएल के महाप्रबंधक ने दूरभाष पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकित सिंह से बात कर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद उपक्षेत्रीय महाप्रबंधक धरना स्थल पर आए और सार्वजनिक रूप से आंदोलनकारियों की प्रमुख माँगें स्वीकार करते हुए उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। प्रबंधन ने क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण के लिए लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। साथ ही, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने, धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव बढ़ाने और अमलाई फाटक तक नियमित सिंचाई सुनिश्चित कराने का वादा किया गया। बिना अनुमति चल रहे निर्माण कार्यों के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और त्वरित समाधान का भी आश्वासन दिया गया।

प्रबंधन द्वारा माँगें स्वीकार किए जाने के बाद आंदोलनकारियों और नगरवासियों ने इसे जनता की एकता और संघर्ष की विजय बताया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि आमजन की पीड़ा और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और भी व्यापक रूप लेगा। इस आंदोलन का संचालन अमलाई मंडल कांग्रेस अध्यक्ष ओंकार सिंह ने किया, जिसमें रामसजीवन शर्मा, मुबारक मास्टर, राम सिंह, आनंद मोहन जायसवाल, मोहम्मद आज़ाद, संतोष सिंह सेंगर, ईबरार खान, शोभाराम पटेल, पार्षद नईम खान सहित कई अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    8 hrs ago
  • अनूपपुर जिले के रामनगर थाना पुलिस ने पशु क्रूरता के विरुद्ध बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 26 भैंसों (नर एवं मादा) को जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन मवेशियों को छत्तीसगढ़ से क्रूरतापूर्वक पैदल हांकते हुए कोतमा की ओर ले जाया जा रहा था। इस सूचना पर रामनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने टांकी के जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर इन 26 मवेशियों को जब्त करने में सफलता हासिल की। जब्त किए गए पशुओं को कांजी हाउस मलगा में रखा गया है। इस मामले में, आनंद राम सिंह (उम्र 49 वर्ष, निवासी ग्राम मलगा, थाना रामनगर) के खिलाफ अपराध क्रमांक 146/26 पंजीबद्ध किया गया है। उन पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है और प्रकरण को विवेचना में लिया गया है। यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी रामनगर सुमित कौशिक के नेतृत्व में की गई, जिसमें एएसआई विनोद नाहर, एएसआई संतोष पट्टा और आरक्षक अनुराग सिंह की टीम शामिल थी।
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    अनूपपुर जिले के रामनगर थाना पुलिस ने पशु क्रूरता के विरुद्ध बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 26 भैंसों (नर एवं मादा) को जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन मवेशियों को छत्तीसगढ़ से क्रूरतापूर्वक पैदल हांकते हुए कोतमा की ओर ले जाया जा रहा था। इस सूचना पर रामनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।

पुलिस ने टांकी के जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर इन 26 मवेशियों को जब्त करने में सफलता हासिल की। जब्त किए गए पशुओं को कांजी हाउस मलगा में रखा गया है। इस मामले में, आनंद राम सिंह (उम्र 49 वर्ष, निवासी ग्राम मलगा, थाना रामनगर) के खिलाफ अपराध क्रमांक 146/26 पंजीबद्ध किया गया है। उन पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है और प्रकरण को विवेचना में लिया गया है।

यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी रामनगर सुमित कौशिक के नेतृत्व में की गई, जिसमें एएसआई विनोद नाहर, एएसआई संतोष पट्टा और आरक्षक अनुराग सिंह की टीम शामिल थी।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है, जहाँ महाराष्ट्र के लोग आय कमाने के लिए इतनी दूर एक गाँव में पहुँचने को मजबूर हुए हैं। इसे लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसी क्या मज़बूरी आन पड़ी है कि उन्हें अपने घर से इतनी दूर आना पड़ा। इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए, यह पूछा गया है कि मज़बूरी की इस परिभाषा में महात्मा गांधी द्वारा दी गई आज़ादी का क्या अर्थ रह जाता है और इन लोगों को वास्तविक आज़ादी कैसे मिलेगी।
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    एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है, जहाँ महाराष्ट्र के लोग आय कमाने के लिए इतनी दूर एक गाँव में पहुँचने को मजबूर हुए हैं। इसे लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसी क्या मज़बूरी आन पड़ी है कि उन्हें अपने घर से इतनी दूर आना पड़ा। इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए, यह पूछा गया है कि मज़बूरी की इस परिभाषा में महात्मा गांधी द्वारा दी गई आज़ादी का क्या अर्थ रह जाता है और इन लोगों को वास्तविक आज़ादी कैसे मिलेगी।
    user_Saif Mansuri
    Saif Mansuri
    जैतपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जरूरतमंद महिलाओं के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली निवासी श्रीमती लाली केवट को मिला है। श्रीमती लाली केवट, जिनके पति श्री मनोज केवट हैं, ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिससे पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था करना कठिन हो गया था। ऐसे में, इस योजना के तहत प्राप्त ₹11,000 की आर्थिक सहायता उनके लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनी। लाली केवट के अनुसार, योजना से मिली इस मदद से उन्हें समय पर स्वास्थ्य सेवाएं, आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सका। इससे न केवल उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ, बल्कि शिशु के समुचित विकास में भी सहायता मिली। उन्होंने यह भी बताया कि आर्थिक सहायता मिलने से गर्भावस्था के दौरान उनकी मानसिक चिंता कम हुई और उन्होंने सुरक्षित मातृत्व का अनुभव प्राप्त किया। यह योजना वास्तव में गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करके स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दे रही है। श्रीमती लाली केवट ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद माताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह उन्हें गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सहयोग प्रदान करती है और स्वस्थ एवं सुरक्षित मातृत्व का मार्ग प्रशस्त करती है।
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    केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जरूरतमंद महिलाओं के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली निवासी श्रीमती लाली केवट को मिला है। श्रीमती लाली केवट, जिनके पति श्री मनोज केवट हैं, ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिससे पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था करना कठिन हो गया था। ऐसे में, इस योजना के तहत प्राप्त ₹11,000 की आर्थिक सहायता उनके लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनी।

लाली केवट के अनुसार, योजना से मिली इस मदद से उन्हें समय पर स्वास्थ्य सेवाएं, आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सका। इससे न केवल उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ, बल्कि शिशु के समुचित विकास में भी सहायता मिली। उन्होंने यह भी बताया कि आर्थिक सहायता मिलने से गर्भावस्था के दौरान उनकी मानसिक चिंता कम हुई और उन्होंने सुरक्षित मातृत्व का अनुभव प्राप्त किया। यह योजना वास्तव में गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करके स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दे रही है। श्रीमती लाली केवट ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद माताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह उन्हें गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सहयोग प्रदान करती है और स्वस्थ एवं सुरक्षित मातृत्व का मार्ग प्रशस्त करती है।
    user_News 24 Umaria
    News 24 Umaria
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उमरिया जिले में आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर ‘आरोह 2026’ का समापन समारोह उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांधवगढ़ के विधायक श्री शिवनारायण सिंह और कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर शिविर में प्रशिक्षण देने वाले कोचों और प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण-पत्र तथा टी-शर्ट देकर सम्मानित भी किया गया। विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं होते, बल्कि ये अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों से शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने शिविर में प्रशिक्षित खिलाड़ियों को भविष्य में जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने स्पष्ट किया कि ‘आरोह 2026’ का मुख्य उद्देश्य बच्चों की खेल प्रतिभाओं को निखारना और उन्हें एक बेहतर मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न खेल विधाओं में तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे बच्चों में खेलों के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे अपनी रुचि का कोई एक खेल चुनकर समर्पण और मेहनत के साथ अभ्यास करें, क्योंकि इससे सफलता निश्चित रूप से मिलती है। कार्यक्रम में आशुतोष अग्रवाल ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन, समर्पण और मेहनत को ही खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरने का श्रेय दिया। समारोह के दौरान सभी प्रशिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, शिविर में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों सहित सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और टी-शर्ट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री सीताराम सत्या ने शिविर की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन कृष्णा झारिया ने किया। इस अवसर पर एसईसीएल के अधिकारी, प्रशिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।
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    उमरिया जिले में आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर ‘आरोह 2026’ का समापन समारोह उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांधवगढ़ के विधायक श्री शिवनारायण सिंह और कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर शिविर में प्रशिक्षण देने वाले कोचों और प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण-पत्र तथा टी-शर्ट देकर सम्मानित भी किया गया।

विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं होते, बल्कि ये अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बच्चों से शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने शिविर में प्रशिक्षित खिलाड़ियों को भविष्य में जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने स्पष्ट किया कि ‘आरोह 2026’ का मुख्य उद्देश्य बच्चों की खेल प्रतिभाओं को निखारना और उन्हें एक बेहतर मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न खेल विधाओं में तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे बच्चों में खेलों के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे अपनी रुचि का कोई एक खेल चुनकर समर्पण और मेहनत के साथ अभ्यास करें, क्योंकि इससे सफलता निश्चित रूप से मिलती है। कार्यक्रम में आशुतोष अग्रवाल ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन, समर्पण और मेहनत को ही खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरने का श्रेय दिया।

समारोह के दौरान सभी प्रशिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, शिविर में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों सहित सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और टी-शर्ट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री सीताराम सत्या ने शिविर की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन कृष्णा झारिया ने किया। इस अवसर पर एसईसीएल के अधिकारी, प्रशिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मध्य प्रदेश- उमरिया जिला चिकित्सालय में भारी लापरवाही देखने को मिली उमरिया- जिला चिकित्सालय में ड्यूटी के दौरान अस्पताल स्टाफ टीकाकरण कक्ष में आराम फरमाते हुए महिला डॉक्टर कुलर के हवा में सोते नजर आई। मरीजो ने इधर-उधर भटकने को मजबूर, इसके साथ-साथ शासन का पैसा जिला चिकित्सालय उमरिया में हो रहा दुरुपयोग इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर के सी सोनी से पूछा गया तो उन्होंने अपनी खुद की लापरवाही से बचने के लिए एवं स्टाफ की लापरवाही को ना मानते हुए। महिला डॉक्टर होने के नाते मीडिया कर्मी को एफआईआर करने की धमकी भी दी गई। बाइट देने से सिविल सर्जन किये इनकार, इनकार करने के बाद आर एम ओ डॉक्टर संदीप सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई जानकारी मेरे संज्ञान नहीं। जब कभी ऐसी जानकारी आएगी तो देखा जाएगा। जिला स्वास्थ्य अधिकारियो ने शिकायतो का इंतजार में अधिकारियों ने यह साबित किया है कि दिया तले अंधेरा जो कि वर्तमान में यह वीडियो सिविल सर्जन के व्हाट्सएप में सेंड किया गया है।
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    मध्य प्रदेश-
उमरिया जिला चिकित्सालय में भारी लापरवाही देखने को मिली
उमरिया- जिला चिकित्सालय में ड्यूटी के दौरान अस्पताल स्टाफ टीकाकरण कक्ष में आराम फरमाते हुए महिला डॉक्टर कुलर  के हवा में सोते नजर आई।  मरीजो ने इधर-उधर भटकने को मजबूर, इसके साथ-साथ शासन का पैसा जिला चिकित्सालय उमरिया में हो रहा दुरुपयोग इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर के सी सोनी से पूछा गया तो उन्होंने अपनी खुद की लापरवाही से बचने के लिए एवं  स्टाफ की लापरवाही को ना मानते हुए। महिला डॉक्टर होने के नाते मीडिया कर्मी को एफआईआर करने की धमकी भी दी गई। बाइट देने से सिविल सर्जन किये इनकार,  इनकार करने के बाद आर एम ओ डॉक्टर संदीप सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई जानकारी मेरे संज्ञान नहीं। जब कभी ऐसी जानकारी आएगी तो देखा जाएगा। जिला स्वास्थ्य अधिकारियो ने शिकायतो का इंतजार में 
अधिकारियों ने यह साबित किया है कि दिया तले अंधेरा
जो कि वर्तमान में यह वीडियो सिविल सर्जन के व्हाट्सएप में सेंड किया गया है।
    user_जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • शहडोल नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत सोहागपुर मार्ग पर नगर पालिका के कर्मचारी जान जोखिम में डालकर निर्माण कार्य कर रहे हैं। शनिवार को दोपहर लगभग 2:15 बजे, इस जोखिम भरे काम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। यह घटना तब सामने आई है जब हाल ही में बंगवार में खदान धंसने से दो लोगों की मौत हो चुकी है। इस त्रासदी के बावजूद, नगर पालिका के कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना इसी तरह जोखिम भरे ढंग से काम करते दिख रहे हैं।
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    शहडोल नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत सोहागपुर मार्ग पर नगर पालिका के कर्मचारी जान जोखिम में डालकर निर्माण कार्य कर रहे हैं। शनिवार को दोपहर लगभग 2:15 बजे, इस जोखिम भरे काम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। यह घटना तब सामने आई है जब हाल ही में बंगवार में खदान धंसने से दो लोगों की मौत हो चुकी है। इस त्रासदी के बावजूद, नगर पालिका के कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना इसी तरह जोखिम भरे ढंग से काम करते दिख रहे हैं।
    user_Akhilesh Mishra
    Akhilesh Mishra
    सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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