बलरामपुर/चांदो में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाती ने घरेलू कहासुनी के बाद अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए फरार आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। चांदो पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नवाडीह निवासी मुनिया केरकेटा (64 वर्ष), पति भुवनेश्वर केरकेटा, ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 7 जून 2025 को उनके पति भुवनेश्वर केरकेटा (65 वर्ष) घर में थे। इसी दौरान उनका 20 वर्षीय नाती अरुण केरकेटा, पिता प्रेम, घर आया। भुवनेश्वर ने अरुण को नहाने, कपड़े धोने और कामकाज पर न जाने को लेकर टोका। इस पर, आरोपी अरुण केरकेटा ने घर के कमरे में रखे बसुला नामक धारदार हथियार से भुवनेश्वर के सिर और गले पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी मौके पर ही हत्या कर दी। घटना की भनक लगने पर प्रार्थिया और उनके परिवार के सदस्य घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिजनों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर थाना चांदो में धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए थाना चांदो के अलावा अन्य थाना और चौकी प्रभारीगण को रवाना किया गया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। इस सूचना के आधार पर थाना राजपुर और थाना चांदो की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को सफलतापूर्वक पकड़ लिया।
बलरामपुर/चांदो में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाती ने घरेलू कहासुनी के बाद अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए फरार आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। चांदो पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नवाडीह निवासी मुनिया केरकेटा (64 वर्ष), पति भुवनेश्वर केरकेटा, ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 7 जून 2025 को उनके पति भुवनेश्वर केरकेटा (65 वर्ष) घर में थे। इसी दौरान उनका 20 वर्षीय नाती अरुण केरकेटा, पिता प्रेम, घर आया। भुवनेश्वर ने अरुण को नहाने, कपड़े धोने और कामकाज पर न जाने को लेकर टोका। इस पर, आरोपी अरुण केरकेटा ने घर के कमरे में रखे बसुला नामक धारदार हथियार से भुवनेश्वर के सिर और
गले पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी मौके पर ही हत्या कर दी। घटना की भनक लगने पर प्रार्थिया और उनके परिवार के सदस्य घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिजनों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर थाना चांदो में धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए थाना चांदो के अलावा अन्य थाना और चौकी प्रभारीगण को रवाना किया गया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। इस सूचना के आधार पर थाना राजपुर और थाना चांदो की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को सफलतापूर्वक पकड़ लिया।
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विधायक भावना बोहरा द्वारा आयोजित 'घर वापसी' कार्यक्रमों को लेकर विवाद और गहरा गया है। विधायक के सोशल मीडिया और मीडिया में 700 से अधिक लोगों की 'घर वापसी' के दावों पर स्थानीय समाज प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में लोगों को प्रलोभन देने और जबरन संख्या बढ़ाने के सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग की जा रही है। जामुनपानी के ग्राम पटेल रमेश कुमार धुर्वे ने इन तथाकथित कार्यक्रमों पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि गांवों में गाड़ियां भेजकर भोले-भाले आदिवासी लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन दिए गए। उन्हें कार्यक्रम में ले जाकर पैर धुलवाने के लिए बैठा दिया जाता था और साड़ी, केला व कुछ पैसे देकर यह प्रचारित किया जाता था कि उनकी 'घर वापसी' कराई गई है। ग्राम पटेल ने यह भी सवाल उठाया कि क्षेत्र के जिन गांवों में वास्तव में 10 या 11 ईसाई परिवार रहते हैं, वे इस सभा में शामिल ही नहीं हुए, और आज भी वे अपने उसी धर्म का पालन कर रहे हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है कि वास्तविक धर्म परिवर्तित लोग जब कार्यक्रम में नहीं थे, तो विधायक द्वारा दिखाए जा रहे 700 से अधिक के आंकड़े में किन लोगों को शामिल किया गया है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आनंद सिंह, अतुल बारगाह और चंद्रभान कोशले ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से मूल परंपरा में लौटता है तो वह स्वागत योग्य है। हालांकि, जब सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया (Reels) के माध्यम से 700 से अधिक लोगों की 'घर वापसी' के विशाल आंकड़े दिखाए जाते हैं, तो समाज और जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि वे लोग कौन हैं। वक्ताओं ने मांग की है कि विधायक भावना बोहरा द्वारा प्रचारित किए जा रहे उन 700 लोगों की ग्रामवार और नामवार सूची तत्काल सार्वजनिक की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। बूचीपारा ग्राम पंचायत के पंच, उपसरपंच और ग्रामीणों ने बताया कि कूल्हीडोंगरी, नागाडबरा, पिपरहा, जामुनपानी और छिरहा जैसे वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी पारंपरिक आस्था का पालन करते आ रहे हैं, और इन क्षेत्रों के लगभग 200 परिवारों की 'घर वापसी' का दावा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। नारायण सिंह धुर्वे ने बताया कि वे पहले से ही सामाजिक स्तर पर अपनी पारंपरिक आस्था से जुड़े हुए थे, इसके बावजूद उन्हें दोबारा कार्यक्रम में 'घर वापसी' के रूप में प्रदर्शित कर दिया गया, जो केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास प्रतीत होता है। मामले में राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव के आरोप भी लगे हैं। कूल्हीडोंगरी के पूर्व सरपंच एवं आदिवासी समाज प्रतिनिधि कृष्णा परस्ते ने आरोप लगाया कि उन्हें इस विसंगति के खिलाफ आवाज उठाने की सजा दी जा रही है; उनके खिलाफ थाने में झूठी शिकायत करवाई गई और शिकायत न लिखने पर स्थानीय थानेदार का तबादला तक कर दिया गया। उन्होंने इस दमनकारी नीति की निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाज प्रमुखों ने यह भी बताया कि प्रेस वार्ता के लिए पहले पुराना सर्किट हाउस आवंटित किया गया था, लेकिन ऐन वक्त पर सुबह 10:30 बजे आवंटन निरस्त कर दिया गया ताकि वे अपनी बात मीडिया के सामने न रख सकें। क्षेत्रवासियों और समाज प्रतिनिधियों ने जिला एवं पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की स्वतंत्र और तथ्यपरक जांच कराने की मांग की है, क्योंकि यह वनांचल के सीधे-साधे आदिवासियों की सामाजिक विश्वसनीयता और जनविश्वास से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है।1
- रायपुर पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, खमतराई पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ बिक्री से पहले ही दो गांजा तस्करों को दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 02 किलो 40 ग्राम अवैध गांजा, दो वाहन और मोबाइल फोन सहित कुल ₹1.80 लाख की संपत्ति जब्त की है। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) श्री मयंक गुर्जर (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, 05 जून 2026 को खमतराई पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति सफेद एक्टिवा क्रमांक CG 04 NM 4477 में गांजा लेकर मेटल पार्क रोड, रावांभाठा क्षेत्र में बिक्री करने आ रहा है। सूचना पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) श्री आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त उरला सुश्री पूर्णिमा लामा के मार्गदर्शन में खमतराई टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम महेन्द्र कुमार ध्रुव बताया, जिसके वाहन की तलाशी में एक्टिवा की डिक्की से 02 किलो 40 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹1,00,000/- है। पूछताछ में आरोपी महेन्द्र कुमार ध्रुव ने स्वीकार किया कि वह यह गांजा सरायपाली क्षेत्र से लाकर रायपुर में सुधांशु अवधिया के पास खपाने की तैयारी में था। पुलिस ने महेन्द्र कुमार ध्रुव को मौके पर गिरफ्तार कर गांजा, वाहन और मोबाइल फोन जब्त कर लिया। इसके बाद, अन्य आरोपी सुधांशु उर्फ शुभम अवधिया पिता दीपक अवधिया (उम्र 22 वर्ष, निवासी वीरगांव, रायपुर) को 06 जून 2026 की सुबह विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के विरुद्ध थाना खमतराई में अपराध क्रमांक 500/2026 धारा 20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है और प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की तलाश जारी है। जब्त की गई संपत्ति में 02.040 किलोग्राम गांजा (₹1,00,000/-), एक्टिवा CG 04 NM 4477 (₹50,000/-), एक बिना नंबर हीरो होंडा स्प्लेंडर (₹10,000/-) और 02 नग मोबाइल फोन (₹20,000/-) शामिल हैं, जिनकी कुल जुमला जब्ती ₹1,80,000/- है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम महेन्द्र कुमार ध्रुव पिता सुनील कुमार ध्रुव (उम्र 44 वर्ष, निवासी बीरगांव, थाना खमतराई, रायपुर) और सुधांशु उर्फ शुभम अवधिया पिता दीपक अवधिया (उम्र 22 वर्ष, निवासी बीरगांव, थाना खमतराई, रायपुर) हैं। खमतराई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।3
- एक महापौर ने कांग्रेस पार्टी को संबोधित करते हुए एक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि कांग्रेस को राजनीति करनी है, तो उन्हें सड़क पर तंबू लगाकर ऐसा करना चाहिए। इस बयान के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि महापौर ने आखिर ऐसी बात क्यों कही।1
- दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित रौंदा के धान उपार्जन केंद्र में ₹15 लाख 8 हजार 161 रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आई है। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज धान के स्टॉक और गोदाम में मौजूद वास्तविक भंडारण के बीच बड़ा अंतर पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह गड़बड़ी 29 मई को उस समय उजागर हुई जब खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की एक संयुक्त जांच टीम ने धान उपार्जन केंद्र का अचानक निरीक्षण किया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के रिकॉर्ड के अनुसार, समिति द्वारा कुल 73,952.80 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई थी। इसमें से 65,657.62 क्विंटल धान मिलरों को जारी किया जा चुका था और 7,678.10 क्विंटल धान संग्रहण केंद्र भेजा गया था। इस हिसाब से उपार्जन केंद्र में 617.08 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था। हालाँकि, टीम के भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में मात्र 142 कट्टों में रखा 56.80 क्विंटल सरना धान ही मिला, जिससे रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच 560.28 क्विंटल धान की भारी कमी पाई गई। इसके अतिरिक्त, जांच के दौरान रिकॉर्ड के अनुसार 2103 नए बारदाने भी उपलब्ध नहीं मिले। धान और इन बारदानों की कुल कमी का मूल्यांकन ₹15,08,161 किया गया है। जांच टीम में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धमधा शाखा के प्रबंधक भूपेंद्र सिंह मढ़रिया, सहायक खाद्य अधिकारी शशि सिंह, खाद्य निरीक्षक सुधा महिलांग और सहकारिता निरीक्षक प्रजय सोनी शामिल थे। टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी। प्रारंभिक जांच में इसे सरकारी संपत्ति और सार्वजनिक धन से जुड़ी गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए समिति प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि धान और बारदानों की यह कमी लापरवाही का परिणाम है या फिर किसी सुनियोजित गबन का मामला। इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य धान उपार्जन समितियों में भी हलचल बढ़ गई है, और प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि धान खरीदी तथा भंडारण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे आकस्मिक निरीक्षण जारी रहेंगे।1
- एक बेहद अनोखी घटना सामने आई है, जहाँ एक भैंस ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना सीख लिया है। भैंस द्वारा अपने लिए मोबाइल से किया गया यह पहला काम उसके मालिक को भारी पड़ गया, जिससे मालिक भी हैरान रह गए। यह मजेदार खबर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।1
- खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिले में पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गंडई पुलिस ने सोमवार, 8 जून को सुबह 8 बजे मिली जानकारी के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को भी अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे एक पिकअप वाहन के साथ 4 भैंसा पड़वा जब्त किए हैं। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 2.88 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान थम्मन लाल बिसेन (48 वर्ष) और माखन लाल पवार (58 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के ग्राम करोंदा के निवासी हैं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पिकअप वाहन क्रमांक CG 04 NB 1804 में कुछ लोग भैंसा पड़वा को क्रूरतापूर्वक भरकर महाराष्ट्र के कत्लखाने ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही गंडई पुलिस ने बुढ़ासागर रोड स्थित सुरही नदी पुलिया के पास नाकाबंदी कर वाहन को रोका। जांच के दौरान वाहन से 4 भैंसा पड़वा बरामद हुए, जिन्हें बिना चारा पानी के रस्सियों से बांधकर ले जाया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी कहा है कि जिले में अवैध पशु तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- बस्तर पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना भानपुरी पुलिस ने केशरपाल आवासपारा में छापा मारकर किशोर बघेल के घर से 33.25 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त किए गए इस गांजे की अनुमानित कीमत 16 लाख 62 हजार 500 रुपये आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी किशोर बघेल को पकड़ा। जांच में पता चला कि आरोपी ने नीले ड्रम में गांजा छिपाकर रखा था, जिसका इरादा उसे बेचने का था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी हर्ष कुमार धुरंधर और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दक्षिण बस्तर के औद्योगिक नगर किरंदुल में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया, जिससे नगरवासियों को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं। इस अवसर पर ऑक्सीजन पार्क का लोकार्पण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे नगर के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दिन माना गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और नगरवासी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में बताया कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक नगर और ग्रामीण क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है और किरंदुल जैसे महत्वपूर्ण नगरों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने जोर दिया कि विकास केवल भवनों और सड़कों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर, स्वच्छ वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है। किरंदुल में स्थापित यह ऑक्सीजन पार्क न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए एक बेहतर सार्वजनिक स्थल भी उपलब्ध कराएगा, जो भविष्य में आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, नगर में कई अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया गया, जिनसे आधारभूत संरचना मजबूत होगी और नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा। कार्यक्रम के दौरान किरंदुल नगर पालिका परिषद को शासन की ओर से टैंकर सहित अन्य आवश्यक संसाधन एवं उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। इन संसाधनों से नगर पालिका की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता तथा जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा, जिसे स्थानीय प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने नगरवासियों को आश्वस्त किया कि किरंदुल के विकास के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी और आने वाले समय में भी क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप नई योजनाओं को स्वीकृति देकर विकास कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने जनता से भी विकास कार्यों में सहयोग करने और नगर को स्वच्छ, सुंदर एवं विकसित बनाने में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। नगरवासियों ने उप मुख्यमंत्री के इस दौरे और विकास कार्यों के लोकार्पण का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए इसे किरंदुल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। लोगों का कहना है कि जिन सुविधाओं और विकास कार्यों की लंबे समय से अपेक्षा की जा रही थी, उनमें अब तेजी दिख रही है। ऑक्सीजन पार्क, नगर पालिका को मिले संसाधन और अन्य विकास कार्य निश्चित रूप से नगर के भविष्य को नई दिशा देंगे। कुल मिलाकर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव का यह दौरा किरंदुल नगर के लिए विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ, जिससे नगरवासियों को उम्मीद है कि सरकार द्वारा किए गए वादे धरातल पर उतरेंगे और किरंदुल विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।1
- बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट, चकरभाठा में संविदा लेखापाल पद हेतु चयन सूची जारी कर दी गई है। पीआरओ द्वारा सोमवार शाम 6 बजे जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (घरेलू एयरपोर्ट) के अंतर्गत स्वीकृत इस पद के लिए सोमवार को साक्षात्कार आयोजित किया गया था। साक्षात्कार के उपरांत, चयन समिति ने अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया। जारी चयन सूची के मुताबिक, श्री नवल किशोर सिंह को संविदा लेखापाल पद के लिए चुना गया है, जबकि श्रीमती पलक लांबा को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर विभिन्न सेवाओं के सुदृढ़ संचालन के लिए संविदा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जा रही है, जिसका उद्देश्य एयरपोर्ट की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाना है।1