गुमला जिले में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो के निर्देशानुसार मंगलवार को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत साइबर अपराध की रोकथाम और जागरूकता को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रखंड स्तरीय कार्यक्रम के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों और बाल विकास परियोजना कार्यालयों में इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में सेविकाओं, विद्यालय की छात्राओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं, संबंधित थानों के थाना प्रभारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारियों ने प्रतिभागियों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने साइबर अपराध से संबंधित मामलों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से सतर्क रहने के प्रति जागरूक किया गया। जागरूकता अभियान के अंतर्गत सेविकाओं और विद्यालय की छात्राओं के लिए साइबर अपराध विषय पर चित्रांकन एवं स्लोगन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने चार्ट पेपर के माध्यम से साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेश प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को साइबर अपराध के प्रति जागरूक एवं सजग रहने का संदेश देना था।
गुमला जिले में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो के निर्देशानुसार मंगलवार को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत साइबर अपराध की रोकथाम और जागरूकता को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रखंड स्तरीय कार्यक्रम के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों और बाल विकास परियोजना कार्यालयों में इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में सेविकाओं, विद्यालय की छात्राओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं, संबंधित थानों के थाना प्रभारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारियों ने प्रतिभागियों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने साइबर अपराध से संबंधित मामलों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से सतर्क रहने के प्रति जागरूक किया गया। जागरूकता अभियान के अंतर्गत सेविकाओं और विद्यालय की छात्राओं के लिए साइबर अपराध विषय पर चित्रांकन एवं स्लोगन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने चार्ट पेपर के माध्यम से साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेश प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को साइबर अपराध के प्रति जागरूक एवं सजग रहने का संदेश देना था।
- गुमला जिले में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो के निर्देशानुसार मंगलवार को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत साइबर अपराध की रोकथाम और जागरूकता को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रखंड स्तरीय कार्यक्रम के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों और बाल विकास परियोजना कार्यालयों में इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में सेविकाओं, विद्यालय की छात्राओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं, संबंधित थानों के थाना प्रभारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारियों ने प्रतिभागियों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने साइबर अपराध से संबंधित मामलों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से सतर्क रहने के प्रति जागरूक किया गया। जागरूकता अभियान के अंतर्गत सेविकाओं और विद्यालय की छात्राओं के लिए साइबर अपराध विषय पर चित्रांकन एवं स्लोगन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने चार्ट पेपर के माध्यम से साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेश प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को साइबर अपराध के प्रति जागरूक एवं सजग रहने का संदेश देना था।1
- झारखंड के गुमला जिले में चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की कथित लापरवाही और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रेम नगर की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी शिवानी कुमारी की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस पूरे मामले के दोषी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद, मौके पर पहुंचे चैनपुर अनुमंडल पदाधिकारी से मिले आश्वासन के बाद ही आक्रोशित ग्रामीणों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त किया।1
- गुमला जिले के चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल खोलती एक बेहद संवेदनहीन और दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही, समय पर एम्बुलेंस और ऑक्सीजन की अनुपलब्धता के कारण नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्षीय मासूम छात्रा शिवानी कुमारी की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। चैनपुर प्रेमनगर निवासी राजकुमार लोहरा की बेटी शिवानी कुमारी सुबह रोजाना की तरह स्कूल जाने के लिए यूनिफॉर्म पहन रही थी, तभी अचानक उसके सिर में असहनीय तेज दर्द शुरू हुआ और उल्टियां होने लगीं। लाचार परिजन उसे तुरंत चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन वहाँ उसे कोई राहत नहीं मिली। मृतक छात्रा के पिता राजकुमार लोहरा ने रोते हुए बताया कि अस्पताल पहुंचने पर किसी भी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी ने उनकी गंभीर रूप से बीमार बेटी का प्राथमिक उपचार तक नहीं किया और सीधे सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया। शिवानी की स्थिति और नाजुक होने पर जब परिजनों ने सरकारी एम्बुलेंस की गुहार लगाई, तो अस्पताल प्रबंधन ने एम्बुलेंस खराब होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। करीब एक से दो घंटे तक अस्पताल परिसर में तड़पने के बाद मजबूर पिता ने खुद एक निजी पिकअप वैन का इंतजाम किया। इसके बावजूद, चैनपुर अस्पताल प्रबंधन ने वैन में ऑक्सीजन तक की व्यवस्था नहीं कराई। परिजन शिवानी को लेकर किसी तरह गुमला सदर अस्पताल पहुंचे, जहाँ से उसे रिम्स रांची रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना से शोकाकुल माता राजमुनी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनका कहना है कि सरकारी अस्पताल की इसी बेरुखी ने उनकी बच्ची की जान ली है। इस हादसे के बाद से चैनपुर के स्थानीय ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा लापरवाही बरतने वाले दोषी डॉक्टरों और कर्मियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- झारखंड के गुमला में एसीबी की बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी के क्लर्क और एक सेवानिवृत्त शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों आरोपियों को 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा गया है।1
- झारखंड में 'नेतरहाट पहाड़ियों की मलिका' कही जाने वाली सड़क की भारी दुर्दशा देखने को मिल रही है। इस मार्ग की हालत अत्यंत दयनीय बनी हुई है।1
- गुमला में बनारस तीर्थयात्रा पर गए सदर अस्पताल के चतुर्थ वर्गीय कर्मी रामचंद्र साहू के बंद घर में चोरों ने धावा बोलकर बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया है। चोरों ने सूने घर से करीब छह लाख रुपये मूल्य के जेवर, 40 हजार रुपये नकद और अन्य सामान उड़ा लिया। तीर्थयात्रा से लौटने पर जब पीड़ित परिवार ने देखा कि घर का ग्रिल टूटा हुआ है और अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा है, तो उनके होश उड़ गए। इस वारदात की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और चोरों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।1
- गुमला जिला अंतर्गत सिसई के रेफरल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग काफी जर्जर हो गई है। इस जर्जर हालत को देखते हुए अस्पताल के ओपीडी, दवाखाना, जांच घर, एक्स-रे और लेबर रूम को छोड़कर बाकी के अन्य सभी कार्यालयों को पंडरानी में शिफ्ट किया जा रहा है। अस्पताल की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ललिता कुमारी मिंज ने बताया कि अस्पताल की बिल्डिंग काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। वहीं, भवन निर्माण विभाग से नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के कारण इन कार्यालयों को शिफ्ट किया जा रहा है। इससे पहले, उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने भी अपने सिसई दौरे के दौरान इस अस्पताल का निरीक्षण किया था।1
- झारखंड के गुमला में बीच सड़क पर एक गाड़ी पलटने से अचानक भारी हड़कंप मच गया है। सड़क के बीचों-बीच गाड़ी के पलट जाने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दुर्घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है।1