रायबरेली के लालगंज स्थित सरेनी विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय समाजसेवी और 182 विधानसभा के भावी प्रत्याशी संतोष कुमार वर्मा ने "स्कूल चलो अभियान" के तहत कई सरकारी विद्यालयों का भ्रमण किया और छात्र-छात्राओं को शिक्षण सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने भविष्य को संवारने के लिए प्रेरित किया, जिससे विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। समाजसेवी संतोष कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले हर बच्चे को बेहतर शैक्षिक माहौल और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। वर्मा के अनुसार, उनका यह प्रयास केवल शिक्षण सामग्री बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के प्रति जन जागरण का संदेश देना भी है। उन्होंने आगे कहा कि यदि क्षेत्र की जनता उनके सामाजिक कार्यों पर भरोसा कर उन्हें नेतृत्व का अवसर देती है, तो पूरी सरेनी विधानसभा में शिक्षा के क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाएगी। इस योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता तथा मेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के प्रोत्साहन के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा बेहतर शिक्षा से वंचित न रहे। गौरतलब है कि संतोष कुमार वर्मा लंबे समय से बिना किसी राजनीतिक पद के समाजसेवा में सक्रिय हैं। उन्होंने क्षेत्र में सड़क प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों, जरूरतमंदों की सहायता और जनहित के अनेक कार्यों के माध्यम से अपनी एक अलग पहचान बनाई है, जिसके कारण क्षेत्रवासी उन्हें एक जनसेवक के रूप में देखते हैं। विद्यालयों के शिक्षकों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ समाज को एक सकारात्मक संदेश देते हैं। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि शिक्षा को इसी प्रकार प्राथमिकता मिलती रही, तो आने वाले समय में सरेनी विधानसभा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर सकती है।
रायबरेली के लालगंज स्थित सरेनी विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय समाजसेवी और 182 विधानसभा के भावी प्रत्याशी संतोष कुमार वर्मा ने "स्कूल चलो अभियान" के तहत कई सरकारी विद्यालयों का भ्रमण किया और छात्र-छात्राओं को शिक्षण सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने भविष्य को संवारने के लिए प्रेरित किया, जिससे विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। समाजसेवी संतोष कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले हर बच्चे को बेहतर शैक्षिक माहौल और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। वर्मा के अनुसार, उनका यह प्रयास केवल शिक्षण सामग्री बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के प्रति जन जागरण का संदेश देना भी है। उन्होंने आगे कहा कि यदि क्षेत्र की जनता उनके सामाजिक कार्यों पर भरोसा कर उन्हें नेतृत्व का अवसर देती है, तो पूरी सरेनी विधानसभा में शिक्षा
के क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाएगी। इस योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता तथा मेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के प्रोत्साहन के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा बेहतर शिक्षा से वंचित न रहे। गौरतलब है कि संतोष कुमार वर्मा लंबे समय से बिना किसी राजनीतिक पद के समाजसेवा में सक्रिय हैं। उन्होंने क्षेत्र में सड़क प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों, जरूरतमंदों की सहायता और जनहित के अनेक कार्यों के माध्यम से अपनी एक अलग पहचान बनाई है, जिसके कारण क्षेत्रवासी उन्हें एक जनसेवक के रूप में देखते हैं। विद्यालयों के शिक्षकों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ समाज को एक सकारात्मक संदेश देते हैं। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि शिक्षा को इसी प्रकार प्राथमिकता मिलती रही, तो आने वाले समय में सरेनी विधानसभा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर सकती है।
- रायबरेली के गुरबक्शगंज विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत एक संविदा लाइनमैन पर बिजली कनेक्शन दिलाने के नाम पर ₹40,000 लेने का आरोप लगा है। सताव क्षेत्र के मुर्गी फार्म संचालक लकी गौतम ने गुरबक्शगंज पावरहाउस के संविदा लाइनमैन उमेश कुमार पर यह आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह राशि सीधे संविदा कर्मी को दी गई थी, जिसमें से ₹15,000 बाद में वापस कर दिए गए, लेकिन शेष ₹25,000 अभी तक नहीं लौटाए गए हैं। हालांकि, बिजली कनेक्शन जोड़ दिया गया था। लकी गौतम ने यह भी दावा किया है कि संबंधित संविदा लाइनमैन के खिलाफ पहले भी इसी तरह की शिकायतें आ चुकी हैं। उन्होंने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषी पाए जाने पर आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने और बची हुई ₹25,000 की धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। दूसरी ओर, आरोपित संविदा लाइनमैन उमेश कुमार ने पैसे के किसी भी लेनदेन से साफ इनकार करते हुए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। फिलहाल, यह मामला शिकायत और आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित है। समाचार लिखे जाने तक बिजली विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई थी, और मामले की सत्यता विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।2
- उत्तर प्रदेश के मलिहाबादी आम को अब "काकोरी ब्रांड" का नया नाम दिया गया है, जिसे यूके, यूएई, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूज़ीलैंड, बेल्जियम, रूस, जापान और इटली जैसे विभिन्न देशों में निर्यात किया जा रहा है। यह "काकोरी ब्रांड" नाम उन अमर शहीदों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए समर्पित है जिन्होंने देश की आज़ादी हेतु अपना बलिदान दिया था। जब यूपी अपने आम की ब्रांडिंग करता है, तो इस नए नाम के माध्यम से देश के प्रति समर्पण का भाव और अन्नदाता किसानों की कड़ी मेहनत की मिठास दोनों को एक साथ प्रस्तुत किया जाता है।1
- जनपद प्रतापगढ़ में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दौरान परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देश पर, कोतवाली देहात थाना प्रभारी पुष्पराज सिंह के नेतृत्व में कटरा मेदनीगंज चौकी प्रभारी अभिषेक वर्मा अपनी पुलिस टीम के साथ परीक्षा अवधि में लगातार क्षेत्र में मौजूद रहे। इस सक्रियता के चलते प्रतापगढ़ पुलिस मुस्तैद दिखी और यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह सुचारू बनी रही।1
- बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी की माता जी ने न्याय की गुहार लगाई है और जनता से इस मामले में सहयोग का आह्वान किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शासन और प्रशासन इस पूरे मामले में लीपापोती करने में जुटा है। उनका यह भी कहना है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है, उसकी पोस्टिंग की जा रही है, जो प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाता है।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में स्थित लालगंज नगर में दर्जनों की संख्या में कंप्यूटर कोचिंग सेंटर बिना किसी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम भी नहीं हैं, जिससे छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र में गायत्री मंदिर से ग्राम सभा रहवा के कोडरा गांव तक की लगभग 2 किलोमीटर लंबी सड़क के डामरीकरण और मरम्मत का काम शुरू हो गया है। लंबे समय से जर्जर पड़ी इस सड़क के निर्माण से स्थानीय ग्रामीणों को अब बड़ी राहत मिलेगी। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए ग्रामीणों ने पूर्व विधायक राकेश सिंह और पूर्व प्रधान महेंद्र विक्रम सिंह का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है।1
- अमेठी के भादर विकासखंड में स्थित साधन सहकारी समिति लिमिटेड टिकर माफी इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं का सामना कर रही है। लंबे समय से नियमित सचिव की तैनाती न होने के कारण समिति के प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों को समय पर उर्वरक नहीं मिल पा रहा है और उनकी खेती-किसानी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि समिति की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, और यह लगभग बंद होने की कगार पर पहुँच चुकी है। खाद की भारी कमी के चलते किसानों को मजबूरन निजी दुकानों से महंगे दामों पर उर्वरक खरीदने पड़ रहे हैं। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने पूर्व सचिव के कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों का भी उल्लेख किया है, जिन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। किसानों ने जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग से माँग की है कि समिति की वर्तमान स्थिति की तत्काल जांच कराई जाए। उन्होंने नियमित सचिव की नियुक्ति, खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है, ताकि साधन सहकारी समिति टिकर माफी को फिर से सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में डीआईओएस कार्यालय के बाबू राजीव सिंघल को ₹25 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। राजीव सिंघल पर आरोप है कि उन्होंने एक चपरासी की पेंशन जारी करने के बदले ₹1 लाख की रिश्वत की डील की थी, जिसमें से ₹25 हजार लेते हुए उन्हें पकड़ा गया।1