अमेठी के भादर विकासखंड में स्थित साधन सहकारी समिति लिमिटेड टिकर माफी इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं का सामना कर रही है। लंबे समय से नियमित सचिव की तैनाती न होने के कारण समिति के प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों को समय पर उर्वरक नहीं मिल पा रहा है और उनकी खेती-किसानी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि समिति की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, और यह लगभग बंद होने की कगार पर पहुँच चुकी है। खाद की भारी कमी के चलते किसानों को मजबूरन निजी दुकानों से महंगे दामों पर उर्वरक खरीदने पड़ रहे हैं। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने पूर्व सचिव के कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों का भी उल्लेख किया है, जिन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। किसानों ने जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग से माँग की है कि समिति की वर्तमान स्थिति की तत्काल जांच कराई जाए। उन्होंने नियमित सचिव की नियुक्ति, खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है, ताकि साधन सहकारी समिति टिकर माफी को फिर से सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
अमेठी के भादर विकासखंड में स्थित साधन सहकारी समिति लिमिटेड टिकर माफी इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं का सामना कर रही है। लंबे समय से नियमित सचिव की तैनाती न होने के कारण समिति के प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों को समय पर उर्वरक नहीं मिल पा रहा है और उनकी खेती-किसानी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि समिति की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, और यह लगभग बंद होने की कगार पर पहुँच चुकी है। खाद की भारी कमी के चलते किसानों को मजबूरन निजी दुकानों से महंगे दामों पर उर्वरक खरीदने पड़ रहे हैं। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने पूर्व सचिव के कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों का भी उल्लेख किया है, जिन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। किसानों ने जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग से माँग की है कि समिति की वर्तमान स्थिति की तत्काल जांच कराई जाए। उन्होंने नियमित सचिव की नियुक्ति, खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है, ताकि साधन सहकारी समिति टिकर माफी को फिर से सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
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- जनपद प्रतापगढ़ में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दौरान परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देश पर, कोतवाली देहात थाना प्रभारी पुष्पराज सिंह के नेतृत्व में कटरा मेदनीगंज चौकी प्रभारी अभिषेक वर्मा अपनी पुलिस टीम के साथ परीक्षा अवधि में लगातार क्षेत्र में मौजूद रहे। इस सक्रियता के चलते प्रतापगढ़ पुलिस मुस्तैद दिखी और यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह सुचारू बनी रही।1
- रायबरेली के लालगंज स्थित सरेनी विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय समाजसेवी और 182 विधानसभा के भावी प्रत्याशी संतोष कुमार वर्मा ने "स्कूल चलो अभियान" के तहत कई सरकारी विद्यालयों का भ्रमण किया और छात्र-छात्राओं को शिक्षण सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने भविष्य को संवारने के लिए प्रेरित किया, जिससे विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। समाजसेवी संतोष कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले हर बच्चे को बेहतर शैक्षिक माहौल और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। वर्मा के अनुसार, उनका यह प्रयास केवल शिक्षण सामग्री बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के प्रति जन जागरण का संदेश देना भी है। उन्होंने आगे कहा कि यदि क्षेत्र की जनता उनके सामाजिक कार्यों पर भरोसा कर उन्हें नेतृत्व का अवसर देती है, तो पूरी सरेनी विधानसभा में शिक्षा के क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाएगी। इस योजना के तहत सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता तथा मेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के प्रोत्साहन के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा बेहतर शिक्षा से वंचित न रहे। गौरतलब है कि संतोष कुमार वर्मा लंबे समय से बिना किसी राजनीतिक पद के समाजसेवा में सक्रिय हैं। उन्होंने क्षेत्र में सड़क प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों, जरूरतमंदों की सहायता और जनहित के अनेक कार्यों के माध्यम से अपनी एक अलग पहचान बनाई है, जिसके कारण क्षेत्रवासी उन्हें एक जनसेवक के रूप में देखते हैं। विद्यालयों के शिक्षकों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ समाज को एक सकारात्मक संदेश देते हैं। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि शिक्षा को इसी प्रकार प्राथमिकता मिलती रही, तो आने वाले समय में सरेनी विधानसभा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर सकती है।2
- बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी की माता जी ने न्याय की गुहार लगाई है और जनता से इस मामले में सहयोग का आह्वान किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शासन और प्रशासन इस पूरे मामले में लीपापोती करने में जुटा है। उनका यह भी कहना है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है, उसकी पोस्टिंग की जा रही है, जो प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाता है।1
- सुल्तानपुर के करौंदीकला थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने खुद को हनुमान जी से भी अधिक शक्तिशाली होने का दावा किया है। यह शख्स खुलेआम लोगों को तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत और अदृश्य शक्तियों के नाम पर प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, जिसे सुनकर पहले हंसी आती है और फिर चिंता होती है। दावे के अनुसार, उसके पास पुलिस वालों की वीडियो भी हैं, जिन्हें वह अपनी कथित ताकत के सबूत के तौर पर प्रचारित करता है। इस घटना के सामने आने पर यह सवाल उठता है कि अगर ऐसी 'चमत्कारी बाबाओं' के पास हर समस्या का समाधान है, तो अस्पताल, वैज्ञानिक, डॉक्टर और कानून किसलिए हैं? यह अंधविश्वास की ऐसी पटकथा है जहाँ जनता सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि शिकार भी बन जाती है, क्योंकि डर पहले दिमाग पर चढ़ता है और फिर जेब खाली होने लगती है। यह पूरा खेल डर पैदा करने, चमत्कार का दावा करने और विश्वास के नाम पर कमाई करने का सबसे बड़ा हथियार है। जब कोई व्यक्ति स्वयं को भगवान से भी बड़ा साबित करने लगे, तो यह आस्था नहीं बल्कि अंधविश्वास और अहंकार का खतरनाक मिश्रण है। ऐसे में, यदि कहीं भी लोगों को बहकाकर पैसे ऐंठे जा रहे हैं, धोखा दिया जा रहा है या कानून का उल्लंघन हो रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। यह याद रखना आवश्यक है कि भूत-प्रेत से ज्यादा खतरनाक अंधविश्वास होता है, और तंत्र-मंत्र से ज्यादा शक्तिशाली विज्ञान, शिक्षा तथा जागरूकता होती है। लोगों को किसी के बड़े-बड़े दावों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए, बल्कि हर चमत्कार को तर्क की कसौटी पर परखना चाहिए, सबूत मांगने चाहिए, और ठगी या धोखाधड़ी के संदेह पर प्रशासन को सूचना देनी चाहिए। अंततः, अंधविश्वास की जगह जागरूकता और डर की जगह तर्क अपनाने की आवश्यकता है, क्योंकि इंसान की सोच ही सबसे बड़ा चमत्कार है।1
- प्रतापगढ़ पुलिस ने CEIR पोर्टल और अपनी सर्विलांस टीम की तकनीकी मदद से बड़ी संख्या में गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आज, इन सभी बरामद मोबाइल फोन को उनके असली मालिकों को सौंप दिया गया। अपने फोन वापस मिलने पर, लोगों ने प्रतापगढ़ पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जमकर सराहना की है। इस संबंध में, प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर की बाइट भी उपलब्ध है।1
- प्रतापगढ़ पुलिस ने CEIR पोर्टल और अपनी सर्विलांस टीम की तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए कई गुम हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए हैं। इन सभी बरामद मोबाइल फोनों को आज उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिया गया है। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर, लोगों ने प्रतापगढ़ पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्यवाही की सराहना की है। इस संबंध में, प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी को लेकर अपनी बात रखी है।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में स्थित लालगंज नगर में दर्जनों की संख्या में कंप्यूटर कोचिंग सेंटर बिना किसी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम भी नहीं हैं, जिससे छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं, जहाँ एक महिला ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने और दुष्कर्म का प्रयास करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। यह आरोप एक वीडियो के साथ सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने पूरे राज्य में चिंता बढ़ा दी है। यह पूरा मामला प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के ककरहा मिरिया गाँव से संबंधित बताया जा रहा है। आरोपों के अनुसार, महिला ने पुलिस पर क्रूरता का भी इल्जाम लगाया है। इस गंभीर प्रकरण के सामने आने के बाद, मामले में SDM द्वारा जाँच की जा रही है। इस वायरल वीडियो और महिला के आरोपों ने उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर जनता में आक्रोश है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।1