बाबा टांगीनाथ धाम में महाशिवरात्रि मेले की तैयारियाँ तेज सांस्कृतिक परिधान और अनुशासन पर रहेगा विशेष जोर डूमरी : प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा टांगीनाथ धाम में आगामी महाशिवरात्रि मेले के सफल आयोजन को लेकर समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संजय साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मंदिर की मर्यादा बनाए रखने के लिए कई कड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।समिति ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए मुख्य मंदिर परिसर में अगरबत्ती जलाने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। सभी हिंदू महिलाओं और बच्चियों से अपील की गई है कि वे भारतीय सांस्कृतिक परिधान पहनकर ही धाम आएं। मुख्य मंदिर के अंदर नारियल फोड़ना वर्जित रहेगा; श्रद्धालु बाहर संकल्प कर नारियल रख सकेंगे। सोमवार सुबह 5:00 बजे के बाद ही बलि दी जाएगी।भीड़ नियंत्रण के लिए मेले में चार अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। श्रद्धालु झरने के मार्ग से होते हुए मुख्य मंदिर तक पहुँचेंगे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था होगी। परिसर में कंट्रोल रूम, पेयजल, पानी टैंकर, शौचालय और झरने के पास महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की विशेष व्यवस्था की जाएगी। मेले के अनुशासन के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैनात रहेगी।मेले में दुकानों के लिए भी नियम निर्धारित किए गए हैं। प्रसाद की दुकानें झरने से मुख्य मंदिर जाने वाले मार्ग पर लगेंगी। समिति ने निर्देश दिया है कि सभी दुकानदारों को 8 तारीख शनिवार शाम 7 बजे तक अपना स्थान सुनिश्चित कर प्रवेश करना होगा, उसके बाद प्रवेश वर्जित रहेगा।बैठक में ब्रजेंद्र गोपाल पांडे, गोबिंद सिंह, बीरेंद्र जयसवाल, अरविंद सिंह, रामकृपाल बैगा, सकलदीप नाथ सहदेव, प्रदीप प्रसाद, नीतिश केशरी सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य उपस्थित थे। अगली बैठक: मेले की अंतिम समीक्षा के लिए अगली बैठक 12 तारीख (गुरुवार) को दोपहर 12 बजे धाम परिसर में आयोजित की जाएगी।
बाबा टांगीनाथ धाम में महाशिवरात्रि मेले की तैयारियाँ तेज सांस्कृतिक परिधान और अनुशासन पर रहेगा विशेष जोर डूमरी : प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा टांगीनाथ धाम में आगामी महाशिवरात्रि मेले के सफल आयोजन को लेकर समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संजय साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मंदिर की मर्यादा बनाए रखने के लिए कई कड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।समिति ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए मुख्य मंदिर परिसर में अगरबत्ती जलाने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। सभी हिंदू महिलाओं और बच्चियों से अपील की गई है कि वे भारतीय सांस्कृतिक परिधान पहनकर ही धाम आएं। मुख्य मंदिर के अंदर नारियल फोड़ना वर्जित रहेगा; श्रद्धालु बाहर संकल्प कर नारियल रख सकेंगे। सोमवार सुबह 5:00 बजे के बाद ही बलि दी जाएगी।भीड़ नियंत्रण के लिए मेले में चार अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। श्रद्धालु झरने के मार्ग से
होते हुए मुख्य मंदिर तक पहुँचेंगे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था होगी। परिसर में कंट्रोल रूम, पेयजल, पानी टैंकर, शौचालय और झरने के पास महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की विशेष व्यवस्था की जाएगी। मेले के अनुशासन के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैनात रहेगी।मेले में दुकानों के लिए भी नियम निर्धारित किए गए हैं। प्रसाद की दुकानें झरने से मुख्य मंदिर जाने वाले मार्ग पर लगेंगी। समिति ने निर्देश दिया है कि सभी दुकानदारों को 8 तारीख शनिवार शाम 7 बजे तक अपना स्थान सुनिश्चित कर प्रवेश करना होगा, उसके बाद प्रवेश वर्जित रहेगा।बैठक में ब्रजेंद्र गोपाल पांडे, गोबिंद सिंह, बीरेंद्र जयसवाल, अरविंद सिंह, रामकृपाल बैगा, सकलदीप नाथ सहदेव, प्रदीप प्रसाद, नीतिश केशरी सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य उपस्थित थे। अगली बैठक: मेले की अंतिम समीक्षा के लिए अगली बैठक 12 तारीख (गुरुवार) को दोपहर 12 बजे धाम परिसर में आयोजित की जाएगी।
- Post by राहुल कुमार1
- चैनपुर थाना अंतर्गत जमगाई गांव में सोमवार की सुबह बच्चों के बीच हुए आपसी विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया। देखते ही देखते यह विवाद दो परिवारों के बीच खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। घटना में दोनों पक्षों से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- dakad wala video ❤️❤️❤️1
- डूमरी : प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा टांगीनाथ धाम में आगामी महाशिवरात्रि मेले के सफल आयोजन को लेकर समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संजय साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मंदिर की मर्यादा बनाए रखने के लिए कई कड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।समिति ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए मुख्य मंदिर परिसर में अगरबत्ती जलाने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। सभी हिंदू महिलाओं और बच्चियों से अपील की गई है कि वे भारतीय सांस्कृतिक परिधान पहनकर ही धाम आएं। मुख्य मंदिर के अंदर नारियल फोड़ना वर्जित रहेगा; श्रद्धालु बाहर संकल्प कर नारियल रख सकेंगे। सोमवार सुबह 5:00 बजे के बाद ही बलि दी जाएगी।भीड़ नियंत्रण के लिए मेले में चार अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। श्रद्धालु झरने के मार्ग से होते हुए मुख्य मंदिर तक पहुँचेंगे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था होगी। परिसर में कंट्रोल रूम, पेयजल, पानी टैंकर, शौचालय और झरने के पास महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की विशेष व्यवस्था की जाएगी। मेले के अनुशासन के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैनात रहेगी।मेले में दुकानों के लिए भी नियम निर्धारित किए गए हैं। प्रसाद की दुकानें झरने से मुख्य मंदिर जाने वाले मार्ग पर लगेंगी। समिति ने निर्देश दिया है कि सभी दुकानदारों को 8 तारीख शनिवार शाम 7 बजे तक अपना स्थान सुनिश्चित कर प्रवेश करना होगा, उसके बाद प्रवेश वर्जित रहेगा।बैठक में ब्रजेंद्र गोपाल पांडे, गोबिंद सिंह, बीरेंद्र जयसवाल, अरविंद सिंह, रामकृपाल बैगा, सकलदीप नाथ सहदेव, प्रदीप प्रसाद, नीतिश केशरी सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य उपस्थित थे। अगली बैठक: मेले की अंतिम समीक्षा के लिए अगली बैठक 12 तारीख (गुरुवार) को दोपहर 12 बजे धाम परिसर में आयोजित की जाएगी।2
- गुमला में अवैध नशापान के खिलाफ पुलिस की बड़ी करवाई, तीन गिरफ्तार गुमला थाना की पुलिस ने नशे के तीन धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है. जिसमे इम्तियाज अंसारी (25 वर्ष), आरिफ राय (26 वर्ष) और संतानु केवट (21 वर्ष) शामिल है. जबकि एक आरोपी गुफरान अंसारी भाग गया. गिरफ्तार युवकों के पास से नशीले पदार्थ बरामद हुआ है. छापेमारी में पुलिस ने लाल रंग की ऑल्टो कार से नशीली दवाएं और सिरप बरामद किया है. गुमला थाना प्रभारी महेंद्र करमाली ने बताया की टोटो बीट में पदस्थापित पुअनि कुंदन कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली कि एक लाल रंग की ऑल्टो कार में सवार 3-4 युवक नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री के उद्देश्य से रांची-गुमला मार्ग होते हुए कोटाम की ओर जा रहे हैं. इसके बाद घेराबंदी कर सभी को पकड़ा गया1
- घाघरा (गुमला): झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के तत्वाधान में रविवार को घाघरा स्थित देवाकी नर्सरी में 'मिलन समारोह सह संकल्प सभा' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के संयोजक मनोज कुमार भगत ने लोगों को संबोधित करते हुए सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य को अलग करने के लिए जिन संघर्षी साथियों ने यातनाएं सहीं और जेल की सलाखों के पीछे वक्त गुजारा, आज सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। विडंबना यह है कि वैसे लोगों को सम्मानित किया जा रहा है जिनका आंदोलन में कोई वास्तविक योगदान नहीं रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम उन वीर आंदोलनकारियों को कभी नहीं भूल सकते और मोर्चा उन्हें मान-सम्मान, प्रतिष्ठा एवं उनका हक-अधिकार दिलाकर ही रहेगा। इस अवसर पर पूर्व जिला परिषद सदस्य तंबू उरांव ने भी सभा को संबोधित करते हुए आंदोलनकारियों की एकजुटता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान आयोजक समिति द्वारा उपस्थित सभी आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से विधायक प्रतिनिधि संजीव भगत, लाल देव भगत, विजय एक्का, शनिचरवा उरांव, जीतराम उरांव सहित सैकड़ों की संख्या में आंदोलनकारी, महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित थे।1
- पारंपरिक व प्राकृतिक खेती कर चरहु में किसान आत्मनिर्भ के साथ बने समृद्ध किसान1
- Post by राहुल कुमार1