इंसानियत की मिसाल लावारिसों की वारिश बनी शालू सैनी -क्रांतिकारी शालू सैनी ने फिर निभाया बहन का फर्ज, अज्ञात शव की बहन बनकर दी सम्मानजनक अंतिम विदाई मुजफ्फरनगर। जनपद में मानवता की मिशाल बनने वाली “लावारिसों की वारिस” के नाम से पहचानी जाने वाली क्रांतिकारी शालू सैनी ने एक बार फिर अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर उसे सम्मानपूर्वक विदाई दी। थाना फुगाना क्षेत्र से पुलिस कर्मियों द्वारा सूचना मिलते ही शालू सैनी बिना देर किए मौके पर पहुंचीं और मृतक को अपना भाई मानते हुए पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया बताया गया कि थाना फुगाना पुलिस को एक अज्ञात शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पहचान न हो पाने के कारण शव लावारिस की श्रेणी में आ रहा था। ऐसे में पुलिस ने समाजसेवी शालू सैनी से संपर्क किया। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचीं और मृतक को अपना नाम देकर उसकी बहन बनकर अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां स्वयं संभालीं। श्मशान घाट पर उपस्थित लोगों की आंखें उस समय नम हो गईं जब शालू सैनी ने मृतक को भाई मानकर अंतिम विदाई दी। उन्होंने कहा कि “कोई भी इंसान इस दुनिया से बेनाम और बेसहारा न जाए, यही मेरा प्रयास है। जब तक सांस है, तब तक इस सेवा कार्य को जारी रखूंगी।” गौरतलब है कि शालू सैनी पिछले कई वर्षों से हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत लगभग सभी धर्मों के लावारिस व बेसहारा शवों का उनके धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करती आ रही हैं। ओर अब तक करीब 6000 से अधिक अंतिम संस्कार व अस्थि विसर्जन वो अपने हाथों से कर चुकी है समाज में जहां लोग अपने रिश्तों से मुंह मोड़ लेते हैं, वहीं क्रांतिकारी शालू सैनी जैसे लोग मानवता की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। पूरे देश में उनके इस सेवा भाव की सर्वत्र सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कार्य समाज को जोड़ने और इंसानियत को जीवित रखने का संदेश देते हैं। पुलिस प्रशासन ने भी उनके सहयोग और संवेदनशीलता की प्रशंसा की है। आज के दौर में, जब रिश्ते स्वार्थ के तराजू पर तौले जाते हैं, वहां क्रांतिकारी शालू सैनी का यह कदम साबित करता है कि मानवता अभी जिंदा है और जब तक ऐसे लोग समाज में हैं, कोई भी लावारिस नहीं नहीं जाएगा उन्होंने जनता से अपील भी की है कि अंतिम संस्कार की सेवा में उनकी मदद जरूर करे ताकि हर मृतक को लगा नसीब हो सके संपर्क क्रांतिकारी शालू सैनी
इंसानियत की मिसाल लावारिसों की वारिश बनी शालू सैनी -क्रांतिकारी शालू सैनी ने फिर निभाया बहन का फर्ज, अज्ञात शव की बहन बनकर दी सम्मानजनक अंतिम विदाई मुजफ्फरनगर। जनपद में मानवता की मिशाल बनने वाली “लावारिसों की वारिस” के नाम से पहचानी जाने वाली क्रांतिकारी शालू सैनी ने एक बार फिर अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर उसे सम्मानपूर्वक विदाई दी। थाना फुगाना क्षेत्र से पुलिस कर्मियों द्वारा सूचना मिलते ही शालू सैनी बिना देर किए मौके पर पहुंचीं और मृतक को अपना भाई मानते हुए पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया बताया गया कि थाना फुगाना पुलिस को एक अज्ञात शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पहचान न हो पाने के कारण शव लावारिस की श्रेणी में आ रहा था। ऐसे में पुलिस ने समाजसेवी शालू सैनी से संपर्क किया। सूचना मिलते ही वह मौके
पर पहुंचीं और मृतक को अपना नाम देकर उसकी बहन बनकर अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां स्वयं संभालीं। श्मशान घाट पर उपस्थित लोगों की आंखें उस समय नम हो गईं जब शालू सैनी ने मृतक को भाई मानकर अंतिम विदाई दी। उन्होंने कहा कि “कोई भी इंसान इस दुनिया से बेनाम और बेसहारा न जाए, यही मेरा प्रयास है। जब तक सांस है, तब तक इस सेवा कार्य को जारी रखूंगी।” गौरतलब है कि शालू सैनी पिछले कई वर्षों से हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत लगभग सभी धर्मों के लावारिस व बेसहारा शवों का उनके धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करती आ रही हैं। ओर अब तक करीब 6000 से अधिक अंतिम संस्कार व अस्थि विसर्जन वो अपने हाथों से कर चुकी है समाज में जहां लोग अपने रिश्तों
से मुंह मोड़ लेते हैं, वहीं क्रांतिकारी शालू सैनी जैसे लोग मानवता की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। पूरे देश में उनके इस सेवा भाव की सर्वत्र सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कार्य समाज को जोड़ने और इंसानियत को जीवित रखने का संदेश देते हैं। पुलिस प्रशासन ने भी उनके सहयोग और संवेदनशीलता की प्रशंसा की है। आज के दौर में, जब रिश्ते स्वार्थ के तराजू पर तौले जाते हैं, वहां क्रांतिकारी शालू सैनी का यह कदम साबित करता है कि मानवता अभी जिंदा है और जब तक ऐसे लोग समाज में हैं, कोई भी लावारिस नहीं नहीं जाएगा उन्होंने जनता से अपील भी की है कि अंतिम संस्कार की सेवा में उनकी मदद जरूर करे ताकि हर मृतक को लगा नसीब हो सके संपर्क क्रांतिकारी शालू सैनी
- चरथावल (मुजफ्फरनगर)। थाना चरथावल क्षेत्र के ग्राम दधेडू कलां निवासी एक विवाहिता ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर पति, सास-ससुर व देवर समेत छह लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्या है मामला? पीड़िता जेबा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका विवाह 9 अप्रैल 2025 को ग्राम खेलपुर (थाना भगवानपुर, हरिद्वार) निवासी अजमल उर्फ आजम के साथ हुआ था। आरोप है कि विवाह में उसके मायके पक्ष ने लगभग 25 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज की मांग करते रहे। पीड़िता के अनुसार, उससे पांच लाख रुपये नकद और एक स्कॉर्पियो गाड़ी लाने का दबाव बनाया जा रहा था। मारपीट और गर्भ गिराने का आरोप पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। 5 नवंबर 2025 को उसके देवर ने कमरे में घुसकर उसके साथ मारपीट की और गला दबाने का प्रयास किया। शोर मचाने पर पति, ससुर और अन्य परिजन भी मौके पर पहुंच गए और उसे पीटा गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसे जबरन कार में बैठाकर गर्भ गिराने की नीयत से कहीं ले जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान उसके शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिन्हें देखकर आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गए और जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा मामले की गंभीरता को देखते हुए चरथावल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति अजमल, ससुर हुसैन, सास जैबी, देवर तारिक व शारिक तथा खाला फरहत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी सत्यनारायण दहिया ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और इसकी गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- मुजफ्फरनगर। गांव नरा में किसान यूनियन का एक नेता बिजली विभाग की टीम से अभद्रता करते हुए नजर आया। बताया जा रहा है कि नेता ने टीम को वहां से चले जाने की धमकी दी और कहा कि नहीं माने तो उन्हें बंद कर देगा। जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग की टीम गांव में चेकिंग अभियान और बकायेदारों से बिल जमा कराने पहुंची थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।।1
- मुजफ्फरनगर। गांव नरा में किसान यूनियन का एक नेता बिजली विभाग की टीम से अभद्रता करते हुए नजर आया। बताया जा रहा है कि नेता ने टीम को वहां से चले जाने की धमकी दी और कहा कि नहीं माने तो उन्हें बंद कर देगा। जानकारी के मुताबिक बिजली विभाग की टीम गांव में चेकिंग अभियान और बकायेदारों से बिल जमा कराने पहुंची थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।।1
- बिग न्यूज सीतापुर के एक मास्टरजी ने गर्लफ्रैंड पाल ली. बीबी को शक था सो बीबी ने मास्टरजी की रेकी शुरू की. मास्टरजी गर्लफ्रेंड के साथ बाजार में रंगेहाथ धरे गये. फिर बीच चौराहे पर मास्टरजी की बीबी ने पिटाई की. मास्टरजी की गर्लफ्रेंड भी मास्टरनी निकली है...*1
- -क्रांतिकारी शालू सैनी ने फिर निभाया बहन का फर्ज, अज्ञात शव की बहन बनकर दी सम्मानजनक अंतिम विदाई मुजफ्फरनगर। जनपद में मानवता की मिशाल बनने वाली “लावारिसों की वारिस” के नाम से पहचानी जाने वाली क्रांतिकारी शालू सैनी ने एक बार फिर अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर उसे सम्मानपूर्वक विदाई दी। थाना फुगाना क्षेत्र से पुलिस कर्मियों द्वारा सूचना मिलते ही शालू सैनी बिना देर किए मौके पर पहुंचीं और मृतक को अपना भाई मानते हुए पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया बताया गया कि थाना फुगाना पुलिस को एक अज्ञात शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पहचान न हो पाने के कारण शव लावारिस की श्रेणी में आ रहा था। ऐसे में पुलिस ने समाजसेवी शालू सैनी से संपर्क किया। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचीं और मृतक को अपना नाम देकर उसकी बहन बनकर अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां स्वयं संभालीं। श्मशान घाट पर उपस्थित लोगों की आंखें उस समय नम हो गईं जब शालू सैनी ने मृतक को भाई मानकर अंतिम विदाई दी। उन्होंने कहा कि “कोई भी इंसान इस दुनिया से बेनाम और बेसहारा न जाए, यही मेरा प्रयास है। जब तक सांस है, तब तक इस सेवा कार्य को जारी रखूंगी।” गौरतलब है कि शालू सैनी पिछले कई वर्षों से हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत लगभग सभी धर्मों के लावारिस व बेसहारा शवों का उनके धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करती आ रही हैं। ओर अब तक करीब 6000 से अधिक अंतिम संस्कार व अस्थि विसर्जन वो अपने हाथों से कर चुकी है समाज में जहां लोग अपने रिश्तों से मुंह मोड़ लेते हैं, वहीं क्रांतिकारी शालू सैनी जैसे लोग मानवता की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। पूरे देश में उनके इस सेवा भाव की सर्वत्र सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कार्य समाज को जोड़ने और इंसानियत को जीवित रखने का संदेश देते हैं। पुलिस प्रशासन ने भी उनके सहयोग और संवेदनशीलता की प्रशंसा की है। आज के दौर में, जब रिश्ते स्वार्थ के तराजू पर तौले जाते हैं, वहां क्रांतिकारी शालू सैनी का यह कदम साबित करता है कि मानवता अभी जिंदा है और जब तक ऐसे लोग समाज में हैं, कोई भी लावारिस नहीं नहीं जाएगा उन्होंने जनता से अपील भी की है कि अंतिम संस्कार की सेवा में उनकी मदद जरूर करे ताकि हर मृतक को लगा नसीब हो सके संपर्क क्रांतिकारी शालू सैनी3
- थाना सिविल लाइन क्षेत्र के महावीर चौक पर बंद मकान में चौकीदार का मिला शव मिलने से मचा हड़कंप मुज़फ्फरनगर थानां सिविल लाइन पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आगे की कार्यवाही में जुट गई1
- यह वीडियो वायरल पीलीभीत टाइगर रिजर्व का है यहां सैलानियों को बाघ के साथ शावक उछल कूद करतें नज़र आय! इसी तरह बहराइच के कतर्निया घाट रिजर्व में भी बाघों व तेन्दुवे की संख्या तेजी से बढ़ रही है!1
- मुजफ्फरनगर: थाना फुगाना और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 6 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों से बैंक खाते, सिम और दस्तावेज लेकर करीब 80 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, पैन-आधार कार्ड, चेकबुक, फिनो बैंक किट, कंप्यूटर सिस्टम, वाई-फाई राउटर और नकदी बरामद की है। जांच में सामने आया कि गिरोह के खिलाफ महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु और केरल समेत कई राज्यों में 100 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में की गई है, जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश जारी है।3