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पाँच राज्यों के बिधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद प्रधानमंत्री एबं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की सुनिए
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पाँच राज्यों के बिधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद प्रधानमंत्री एबं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की सुनिए
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- पाँच राज्यों के बिधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद प्रधानमंत्री एबं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की सुनिए1
- जीत का ऐसा जोश कि पूरा दरभंगा शहर भगवा रंग में रंग गया! बंगाल चुनाव परिणामों में भाजपा के प्रदर्शन के बाद दरभंगा के लहेरियासराय टावर पर कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा है।" हर तरफ गूँजते 'जय श्री राम' और 'नरेंद्र मोदी जिंदाबाद' के नारों ने माहौल को उत्सव में बदल दिया है। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते ये कार्यकर्ता बंगाल में मिली जीत को एक ऐतिहासिक पल मान रहे हैं।" कार्यकर्ता एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगा रहे हैं। सिर्फ पुरुष ही नहीं, बल्कि महिला कार्यकर्ताओं ने भी इस जश्न में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अबीर और गुलाल से सराबोर चेहरों पर जीत की मुस्कान साफ देखी जा सकती है। लहेरियासराय का यह ऐतिहासिक टावर आज भाजपा की खुशियों का केंद्र बन गया है।" कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह जीत राष्ट्रवाद और विकास की जीत है। दरभंगा से लेकर बंगाल तक, आज हर भाजपाई के लिए जश्न की रात है।1
- दुबई में नौकरी फ्री खाना अच्छी सैलरी सपनों को पूरा करने का समय 7 और 9 मई को सीधे पहुंचे सैलरी से खुश नहीं है भारत में बेरोजगार है तो सुनहरा मौका मिथिला टेस्ट एवं ट्रेनिंग सेन्टर 9798671313 7870424300 पता- चिकन पॉइंट फर्स्ट फ्लोर, कल्पना सिनेमा के सामने, शिवधारा, दरभंगा, बिहार #dubaijob #dubaijobswithvisa #darbhanga #samstipur #madhubani #jaynagar #sitamarhi_bihar #jobopportunity1
- नगर निगम के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा बजरंग दल: मंदिर की भूमि पर स्लॉटर हाउस का विरोध दरभंगा।1
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- बंगाल सहित कई राज्यों में भाजपा की सरकार बनने की खुशी अब दरभंगा तक पहुंच गई है… लहेरियासराय टावर पर कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया… ढोल-नगाड़ों की गूंज, गुलाल की रंगत और मिठाइयों की मिठास… दरभंगा के लहेरियासराय टावर पर BJP कार्यकर्ता जीत के जश्न में डूबे नजर आए… कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी जताई, मिठाई खिलाई और जमकर आतिशबाजी भी की गई… इस दौरान सांसद गोपाल जी ठाकुर, विधायक मुरारी मोहन झा, पूर्व विधायक अमरनाथ गामी, जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी समेत कई नेता और कार्यकर्ता इस जश्न में शामिल हुए… जश्न की सबसे खास बात ये रही कि बंगाल की मशहूर झालमुरी का स्वाद भी दरभंगा में देखने को मिला… नेता और कार्यकर्ता झालमुरी स्टॉल पर जुटे और इस खास अंदाज़ में जीत का जश्न मनाया… तो बंगाल की जीत का रंग अब दरभंगा में भी साफ दिख रहा है… जहां जश्न में ढोल, गुलाल के साथ झालमुरी भी खास आकर्षण बनी रही…1
- केवटी प्रखंड मुख्यालय में नवनिर्मित भवन का दीवार गिरा। भ्रष्टाचार चरम पर।4
- मौत का पुल 'विक्रमशिला': क्या हम किसी बड़े नरसंहार का इंतज़ार कर रहे थे? 😡🛑 ✅ कल रात करीब 1 बजे भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा की लहरों में समा गया। सोचकर रूह कांप जाती है कि अगर यह घटना दिन के उजाले या शाम के व्यस्त समय में हुई होती, तो आज हम लाशें गिन रहे होते। सैकड़ों गाड़ियाँ और हजारों जिंदगियां पल भर में खत्म हो जातीं! 😱💔 ✅ विक्रमशिला सेतु न केवल भागलपुर बल्कि पूरे अंग क्षेत्र और सीमांचल की लाइफलाइन है। इस घटना ने सिस्टम की लापरवाही को उजागर किया है। सिस्टम की बेशर्मी की पराकाष्ठा देखिए: 📍 कुछ दिन पहले ही खबर आई थी कि पुल का पाया (Pillar) झुक रहा है, दरारें चौड़ी हो रही हैं। 📍 एक्सपेंशन जॉइंट्स के बीच का गैप चीख-चीख कर खतरे का संकेत दे रहा था। 📍 लेकिन प्रशासन की नींद नहीं टूटी। मौत के उस जर्जर रास्ते पर गाड़ियाँ सरपट दौड़ती रहीं। करोड़ों का खेल और जीरो मेंटेनेंस: इस पुल को बने करीब 25 साल हुए हैं। 2017 में इसके जीर्णोद्धार (Repairing) के नाम पर 16 करोड़ रुपए पानी की तरह बहाए गए। सवाल यह है कि वो पैसा गया कहाँ? क्या सिर्फ रंग-रोगन और लीपापोती ही मरम्मत है? 8-9 सालों से तकनीकी रूप से कोई ठोस मेंटेनेंस क्यों नहीं हुआ? अब सवाल है—जिम्मेदार कौन? 👇 ❓ क्या उन इंजीनियरों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने 'ऑल इज वेल' की रिपोर्ट दी? ❓ क्या उन ठेकेदारों की जवाबदेही तय होगी जिन्होंने भ्रष्टाचार की नींव पर पुल खड़ा किया? ❓ या फिर हर बार की तरह जांच के नाम पर फाइलें दबा दी जाएंगी? ✅ आज एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह 'चेतावनी' है। विक्रमशिला पुल का गिरना महज एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का प्रमाण है। जनता के टैक्स के करोड़ों रुपए गंगा में बह गए और बदले में हमें मिली सिर्फ 'मौत की दहशत'। ✅ जागिए प्रशासन! इससे पहले कि गंगा की लहरें बेगुनाहों के खून से लाल हो जाएं, जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।1