जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने "जिला मेधावी छात्र नीट-जेईई स्पॉन्सरशिप स्कीम" का शुभारंभ किया है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन प्रदान करना है, जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण राष्ट्रीय स्तर की नीट एवं जेईई परीक्षाओं की तैयारी में कठिनाई महसूस करते हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन ने फिजिक्स वाला फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत अनुभवी शिक्षकों द्वारा उच्च गुणवत्ता की कोचिंग, डिजिटल लर्निंग संसाधन और नियमित परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों से कक्षा 11वीं के लगभग 150 मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इन विद्यार्थियों के चयन के लिए 10वीं कक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करना अनिवार्य था, साथ ही उनके परिवार की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। चयनित विद्यार्थियों में से लगभग 50 प्रतिशत छात्र अंग्रेजी माध्यम के और 50 प्रतिशत छात्र हिंदी माध्यम के हैं। इन्हें विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा नीट एवं जेईई की विशेष डिजिटल तैयारी के साथ-साथ निःशुल्क अध्ययन सामग्री और करियर परामर्श की सुविधा भी मिलेगी। इस योजना के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन एक विशेष निगरानी समिति का गठन करेगा। इस योजना पर प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का खर्च आएगा, जिसकी पूर्ति जिला प्रशासन जनसहयोग और विभिन्न संस्थाओं के सीएसआर योगदान के माध्यम से करेगा। यह योजना जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनके सपनों को साकार करने का अवसर प्रदान करने के साथ ही, चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेगी।
जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने "जिला मेधावी छात्र नीट-जेईई स्पॉन्सरशिप स्कीम" का शुभारंभ किया है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन प्रदान करना है, जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण राष्ट्रीय स्तर की नीट एवं जेईई परीक्षाओं की तैयारी में कठिनाई महसूस करते हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन ने फिजिक्स वाला फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत अनुभवी शिक्षकों द्वारा उच्च गुणवत्ता की कोचिंग, डिजिटल लर्निंग संसाधन और नियमित परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों से कक्षा 11वीं के लगभग 150 मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इन विद्यार्थियों के चयन के लिए 10वीं कक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करना अनिवार्य था, साथ ही उनके परिवार की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। चयनित विद्यार्थियों में से लगभग 50 प्रतिशत छात्र अंग्रेजी माध्यम के और 50 प्रतिशत छात्र हिंदी माध्यम के हैं। इन्हें विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा नीट एवं जेईई की विशेष डिजिटल तैयारी के साथ-साथ निःशुल्क अध्ययन सामग्री और करियर परामर्श की सुविधा भी मिलेगी। इस योजना के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन एक विशेष निगरानी समिति का गठन करेगा। इस योजना पर प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का खर्च आएगा, जिसकी पूर्ति जिला प्रशासन जनसहयोग और विभिन्न संस्थाओं के सीएसआर योगदान के माध्यम से करेगा। यह योजना जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनके सपनों को साकार करने का अवसर प्रदान करने के साथ ही, चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेगी।
- जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने "जिला मेधावी छात्र नीट-जेईई स्पॉन्सरशिप स्कीम" का शुभारंभ किया है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन प्रदान करना है, जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण राष्ट्रीय स्तर की नीट एवं जेईई परीक्षाओं की तैयारी में कठिनाई महसूस करते हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन ने फिजिक्स वाला फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत अनुभवी शिक्षकों द्वारा उच्च गुणवत्ता की कोचिंग, डिजिटल लर्निंग संसाधन और नियमित परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों से कक्षा 11वीं के लगभग 150 मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इन विद्यार्थियों के चयन के लिए 10वीं कक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करना अनिवार्य था, साथ ही उनके परिवार की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। चयनित विद्यार्थियों में से लगभग 50 प्रतिशत छात्र अंग्रेजी माध्यम के और 50 प्रतिशत छात्र हिंदी माध्यम के हैं। इन्हें विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा नीट एवं जेईई की विशेष डिजिटल तैयारी के साथ-साथ निःशुल्क अध्ययन सामग्री और करियर परामर्श की सुविधा भी मिलेगी। इस योजना के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन एक विशेष निगरानी समिति का गठन करेगा। इस योजना पर प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का खर्च आएगा, जिसकी पूर्ति जिला प्रशासन जनसहयोग और विभिन्न संस्थाओं के सीएसआर योगदान के माध्यम से करेगा। यह योजना जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनके सपनों को साकार करने का अवसर प्रदान करने के साथ ही, चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेगी।1
- यदि आपके घर, स्कूल, अस्पताल या मंदिर के पास नियमों का उल्लंघन करते हुए कोई शराब की दुकान खोली गई है, तो उसे कानूनी रूप से बंद या स्थानांतरित करवाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट और आबकारी नियमों के अनुसार, ऐसी दुकानों के लिए एक तय दूरी का पालन करना अनिवार्य है। इस संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए वीडियो देखने, उसे सहेजने और अपने परिचितों के साथ साझा करने की सलाह दी गई है। ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण कानूनी जानकारियों के लिए @Legal_Baba को फॉलो करने का भी आह्वान किया गया है।1
- राजनीतिक दलों के भीतर पालेबंदी और टूट का सिलसिला जारी है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आगे कौन सा दल टूटेगा। यह स्थिति मध्य प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों के भीतर चल रहे घटनाक्रम की ओर इशारा करती है, जहां आंतरिक खींचतान और असंतोष के कारण कई दलों में बिखराव देखने को मिल रहा है।1
- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू अपने पांच दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास के तहत 18 जून को अल्प प्रवास के लिए इंदौर पहुँचीं। देवी अहिल्याबाई होल्कर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुबह 9:25 बजे राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई जनप्रतिनिधियों ने उनका आत्मीय स्वागत और अगवानी की। स्वागत के उपरांत, राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू वायुसेना के विशेष हेलीकॉप्टर से अपने निर्धारित कार्यक्रमों के लिए प्रस्थान कर गईं। उनके इस प्रवास के दौरान, राष्ट्रपति 19 जून को अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके बाद 20 जून को वे जबलपुर पहुँचेंगी। 21 जून को श्रीमती मुर्मू अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में सहभागिता करेंगी और फिर जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी। अपने प्रवास के अंतिम दिन, 22 जून को राष्ट्रपति कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण करने के पश्चात ग्वालियर पहुँचेंगी और वहाँ से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि सरकार आगामी विधानसभा सत्र में कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों को लेकर आ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को भी इसी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि बाबा महाकाल की कृपा से यह UCC विधेयक विधानसभा के इसी सत्र में पारित हो जाएगा।1
- खाद्य विभाग के एक अधिकारी, राहुल शर्मा, को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। यह कार्रवाई रिश्वत के मामले में हुई है।1
- हजरत नियाज़ अली (रे. आ) नक्शबंदी सरकार के आस्ताने पर अकीदतमंदों ने चादर और फूल पेश किए। इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री दिलीप राजपाल जी के साथ भाऊ पहलवान, रिजवान अंसारी, हाजी आरिफ खान जी, श्री महेश शर्मा जी, जानकीलाल पटेरिया और डॉ. अब्दुल गफ्फार खान भी मौजूद थे। अंतर्राष्ट्रीय “पद्म श्री” सूफी कव्वाल हाजी असलम साबरी जी ने भी सलाम कर अपनी हाजिरी दी और वतन की खुशहाली, भाईचारे, अमन-शांति तथा सद्भावना के लिए विशेष दुआ की।1
- इंदौर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनकच्छ के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई। यह परिवार इंदौर से भोपाल नई कार खरीदने जा रहा था, तभी उनकी कार दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।1