जनपद बहराइच के कैसरगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसेंडी चौराहा में स्थित शिक्षण संस्थानों के समीप संचालित मदिरा दुकान को हटाए जाने की मांग को लेकर आज दिनांक 13 फरवरी को अपराजिता समाजिक समिति द्वारा प्रोत्साहित नारी संघ की महिलाओं ने जिलाधिकारी महोदय को एक विस्तृत एवं संवेदनशील ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने जिला मुख्यालय पहुँचकर अपने आक्रोश, पीड़ा और सामाजिक चिंता को मुखर स्वर दिया। प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया कि परसेंडी चौराहा स्थित परिसर में प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल तथा राजकीय विद्यालय एक ही स्थान पर संचालित हैं, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों बालक-बालिकाएँ शिक्षा अर्जन हेतु उपस्थित होते हैं। ऐसे पवित्र शैक्षिक वातावरण से मात्र लगभग 88 मीटर की दूरी पर मदिरा दुकान का संचालन सामाजिक मर्यादा एवं नैतिक मूल्यों के प्रतिकूल है। नारी संघ की महिलाओं ने अवगत कराया कि संध्या एवं रात्रि के समय कुछ असामाजिक तत्व विद्यालय परिसर के समीप अथवा भीतर बैठकर मदिरापान करते हैं, जिससे न केवल शिक्षा का वातावरण दूषित होता है बल्कि विद्यालय की संपत्ति एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कई अवसरों पर परिसर में टूटी शराब की बोतलें, गंदगी एवं आपत्तिजनक वस्तुएँ भी पाई गईं, जो बच्चों के मानसिक एवं नैतिक विकास पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकती हैं। महिलाओं ने कहा कि जहाँ ज्ञान का दीप प्रज्वलित होता है, वहाँ नशे की अंधकारमय छाया का प्रवेश समाज के भविष्य के साथ अन्याय है। शिक्षा संस्थानों के आसपास मदिरा विक्रय पर प्रतिबंध केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का संकल्प होना चाहिए। महिलाओं की व्यथा सुनते हुए जिलाधिकारी महोदय ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया तथा तत्काल कार्रवाई हेतु संबंधित उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के अधिकारियों को तलब कर ठेका स्थानांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ कराने की बात कही। साथ ही उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश को विद्यालय परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु मुख्य द्वार/गेट लगवाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार का मामला जनपद में पहली बार संज्ञान में आया है, अतः इस पर त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। नारी संघ ने प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक समाधान की आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी अपने अधिकारों और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवाज उठाती रहेंगी।
जनपद बहराइच के कैसरगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसेंडी चौराहा में स्थित शिक्षण संस्थानों के समीप संचालित मदिरा दुकान को हटाए जाने की मांग को लेकर आज दिनांक 13 फरवरी को अपराजिता समाजिक समिति द्वारा प्रोत्साहित नारी संघ की महिलाओं ने जिलाधिकारी महोदय को एक विस्तृत एवं संवेदनशील ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने जिला मुख्यालय पहुँचकर अपने आक्रोश, पीड़ा और सामाजिक चिंता को मुखर स्वर दिया। प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया कि परसेंडी चौराहा स्थित परिसर में प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल तथा राजकीय विद्यालय एक ही स्थान पर संचालित हैं, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों बालक-बालिकाएँ शिक्षा अर्जन हेतु उपस्थित होते हैं। ऐसे पवित्र शैक्षिक वातावरण से मात्र लगभग 88 मीटर की दूरी पर मदिरा दुकान का संचालन सामाजिक मर्यादा एवं नैतिक मूल्यों के प्रतिकूल है। नारी संघ की महिलाओं ने अवगत कराया कि संध्या एवं रात्रि के समय कुछ असामाजिक तत्व विद्यालय परिसर के समीप अथवा भीतर बैठकर मदिरापान करते हैं, जिससे न केवल शिक्षा का वातावरण दूषित होता है बल्कि विद्यालय की संपत्ति एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कई अवसरों पर परिसर में टूटी शराब की बोतलें, गंदगी एवं आपत्तिजनक वस्तुएँ भी पाई गईं, जो बच्चों के मानसिक एवं नैतिक विकास पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकती हैं। महिलाओं ने कहा कि जहाँ ज्ञान का दीप प्रज्वलित होता है, वहाँ नशे की अंधकारमय छाया का प्रवेश समाज के भविष्य के साथ अन्याय है। शिक्षा संस्थानों के आसपास मदिरा विक्रय पर प्रतिबंध केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का संकल्प होना चाहिए। महिलाओं की व्यथा सुनते हुए जिलाधिकारी महोदय ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया तथा तत्काल कार्रवाई हेतु संबंधित उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के अधिकारियों को तलब कर ठेका स्थानांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ कराने की बात कही। साथ ही उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश को विद्यालय परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु मुख्य द्वार/गेट लगवाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार का मामला जनपद में पहली बार संज्ञान में आया है, अतः इस पर त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। नारी संघ ने प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक समाधान की आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी अपने अधिकारों और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवाज उठाती रहेंगी।
- जनपद बहराइच के कैसरगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसेंडी चौराहा में स्थित शिक्षण संस्थानों के समीप संचालित मदिरा दुकान को हटाए जाने की मांग को लेकर आज दिनांक 13 फरवरी को अपराजिता समाजिक समिति द्वारा प्रोत्साहित नारी संघ की महिलाओं ने जिलाधिकारी महोदय को एक विस्तृत एवं संवेदनशील ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने जिला मुख्यालय पहुँचकर अपने आक्रोश, पीड़ा और सामाजिक चिंता को मुखर स्वर दिया। प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया कि परसेंडी चौराहा स्थित परिसर में प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल तथा राजकीय विद्यालय एक ही स्थान पर संचालित हैं, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों बालक-बालिकाएँ शिक्षा अर्जन हेतु उपस्थित होते हैं। ऐसे पवित्र शैक्षिक वातावरण से मात्र लगभग 88 मीटर की दूरी पर मदिरा दुकान का संचालन सामाजिक मर्यादा एवं नैतिक मूल्यों के प्रतिकूल है। नारी संघ की महिलाओं ने अवगत कराया कि संध्या एवं रात्रि के समय कुछ असामाजिक तत्व विद्यालय परिसर के समीप अथवा भीतर बैठकर मदिरापान करते हैं, जिससे न केवल शिक्षा का वातावरण दूषित होता है बल्कि विद्यालय की संपत्ति एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कई अवसरों पर परिसर में टूटी शराब की बोतलें, गंदगी एवं आपत्तिजनक वस्तुएँ भी पाई गईं, जो बच्चों के मानसिक एवं नैतिक विकास पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकती हैं। महिलाओं ने कहा कि जहाँ ज्ञान का दीप प्रज्वलित होता है, वहाँ नशे की अंधकारमय छाया का प्रवेश समाज के भविष्य के साथ अन्याय है। शिक्षा संस्थानों के आसपास मदिरा विक्रय पर प्रतिबंध केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का संकल्प होना चाहिए। महिलाओं की व्यथा सुनते हुए जिलाधिकारी महोदय ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया तथा तत्काल कार्रवाई हेतु संबंधित उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के अधिकारियों को तलब कर ठेका स्थानांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ कराने की बात कही। साथ ही उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश को विद्यालय परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु मुख्य द्वार/गेट लगवाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार का मामला जनपद में पहली बार संज्ञान में आया है, अतः इस पर त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। नारी संघ ने प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक समाधान की आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी अपने अधिकारों और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवाज उठाती रहेंगी।1
- Post by SHIVAM SHING1
- बाराबंकी : मुख्तार अंसारी के करीबी शोएब किदवई उर्फ बाबी की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या। लखनऊ अयोध्या राजमार्ग से बाराबंकी शहर जाने वाले असेनी मोड़ पर पर हत्यारों ने 10 गोलियां मारीं।1
- Post by Israk khan1
- समाजसेवी भाजपा नेता दीपक सिंह भदौरिया जी पहुंचे अभिनव सिंह के सम्मान में रामसनेही घाट कोतवाली में हजारों भाईयों के साथ और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सनी सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरू सिंह जी भी मौजूद रहे...1
- Post by Omkar Verma1
- की,,,,हत्यारे पति-पत्नी गिरफ्तार, आला-कत्ल बरामद,,,,बहराइच के थाना दरगाह इलाबहराइच: युवक की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा,,,,खेत में बुलाकर युवक की हत्या की गई,,,,पति-पत्नी ने मिलकर युवक की हत्या की,,,,पत्नी पर गलत नजर रखने पर हत्याके का मामला....1
- कस्बा कैसरगंज स्थित इंडियन बैंक शाखा में इन दिनों अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है। क्षेत्र की पुरानी एवं प्रमुख बैंक शाखा होने के कारण यहां खाताधारकों की संख्या काफी अधिक है, लेकिन बढ़ती भीड़ के अनुपात में कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। इसका खामियाजा आम ग्राहकों को भुगतना पड़ रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्राहक नकद निकासी, जमा, पासबुक अपडेट और अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए पहुंचते हैं। सुबह से ही बैंक परिसर में लंबी कतारें लग जाती हैं। ग्राहकों को कई-कई घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ता है, फिर भी कई बार उनका कार्य समय पर नहीं हो पाता। मजबूरन कुछ लोग बिना भुगतान लिए ही वापस लौट जाते हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांगजन सबसे अधिक परेशान नजर आ रहे हैं। लंबे समय तक खड़े रहने से कई लोगों को चक्कर आने और तबीयत बिगड़ने की शिकायत भी सामने आई है। बावजूद इसके, बैंक प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त काउंटर या कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय नागरिकों और खाताधारकों ने बैंक प्रशासन से मांग की है कि ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए तथा व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। अब देखना यह है कि बैंक प्रबंधन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।1